(सीजी टॉकिज) राजिम :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर राजिम के पवित्र त्रिवेणी संगम में गुरुवार को श्रद्धा, आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। ‘25 वर्ष सेवा संकल्प’ अभियान के अंतर्गत आयोजित ‘एक दिया आशीर्वाद का’ कार्यक्रम में त्रिवेणी संगम के घाट पर 21 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए गए। हजारों दीपों की रोशनी से पूरा घाट जगमगा उठा और संगम का नजारा बेहद मनोहारी दिखाई दिया।
कार्यक्रम के दौरान विधिवत गंगा आरती का आयोजन भी किया गया। आरती के समय घाट पर भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, अधिकारी-कर्मचारी एवं स्थानीय नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए।
श्रद्धालुओं और उपस्थित लोगों ने दीप प्रज्ज्वलित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। त्रिवेणी संगम में हजारों दीपों के एक साथ प्रज्ज्वलित होने से घाट का दृश्य आकर्षण का केंद्र बना रहा। जानकारी के अनुसार राजिम विधानसभा क्षेत्र में 6 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए गए। वहीं पूरे गरियाबंद जिले में करीब 10 लाख दीप जलाकर अभियान को सफल बनाया गया।
विधायक रोहित साहू ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं
इस अवसर पर राजिम विधायक रोहित साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर विकास और प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम में राजिम विधायक रोहित साहू, नगर पालिका अध्यक्ष महेश यादव, उपाध्यक्ष पूर्णिमा चंद्राकर, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष रामकुमार साहू, भाजपा नेता श्याम अग्रवाल, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष सतीश यादव, नगर पालिका सभापति तुषार कदम, एसडीएम विशाल महाराणा समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नगर व क्षेत्रवासी शामिल हुए।



मृतक की पहचान शिवकुमार चंद्राकर के रूप में हुई है, जो शासकीय विद्यालय कुम्हारी में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। वे डंगनिया (चंपारण) के निवासी बताए जा रहे हैं। शिवकुमार चंद्राकर किसान नेता रुपन चंद्राकर के भतीजे थे। उनका शव महानदी के तट पर बनचरौदा के पास खून से लथपथ अवस्था में मिला। घटना की जानकारी सामने आते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई।










थाना प्रभारी निरीक्षक नरेश साहू के मुताबिक, जांच में यह बात सामने आई है कि सरकारी शराब दुकान के कुछ कर्मचारी ही शराब को अवैध रूप से बिक्री के लिए बाहर ले जा रहे थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा अवैध शराब के इस कारोबार का संचालन किस स्तर तक हो रहा था।



