ग्राम बलरामपुर में भव्य श्री राम-जानकी मंदिर निर्माण के साथ प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव, पूरे गांव में उमड़ा आस्था का सैलाब

ग्राम बलरामपुर में भव्य श्री राम-जानकी मंदिर निर्माण के साथ प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव, पूरे गांव में उमड़ा आस्था का सैलाब

पंडित प्रमोद शर्मा के सानिध्य में पूरे विधि विधान से हो रहा है राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 

(सीजी टॉकीज) फिंगेश्वर/राजिम : ग्राम बलरामपुर में इन दिनों धार्मिक आस्था और भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिल रहा है। यहां भव्य श्री राम-जानकी मंदिर का निर्माण और उसके प्राण प्रतिष्ठा का कार्य पूर्णता की ओर है, जिसके साथ ही पूरे ग्रामवासी मिलकर राम दरबार की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा का पावन आयोजन कर रहे हैं। इस धार्मिक अनुष्ठान को आचार्य पंडित प्रमोद शर्मा जी के सान्निध्य में विधि-विधानपूर्वक संपन्न कराया जा रहा है।

मंदिर स्थापना के इस महोत्सव के दौरान पूरे गांव में उत्साह का वातावरण बना हुआ है। विशेष रूप से शुक्रवार शाम भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, माता जानकी एवं हनुमान जी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें भगवान की प्रतिमाएं पूरे ग्राम भ्रमण पर निकलीं। इस दौरान हर घर के आंगन में पहुंचकर भगवान ने ग्रामवासियों को आशीर्वाद प्रदान किया।

ग्रामवासियों ने भी पूरे श्रद्धा भाव से भगवान का स्वागत किया। घर-घर के सामने आकर्षक रंगोलियां सजाई गईं और दीप प्रज्वलित कर भगवान की अगवानी की गई। इस शोभायात्रा में बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और युवा—सभी वर्ग के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिससे पूरा गांव भक्ति में सराबोर नजर आया।

मंदिर स्थापना के साथ ही यहां मानस गान सम्मेलन का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें दूर-दराज से आई रामायण मंडलियां राम कथा का सुंदर गुणगान कर रही हैं। भक्ति संगीत और कथा के माध्यम से वातावरण पूरी तरह से राममय हो गया है।

कार्यक्रम के अंतिम दिवस मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में दुग्धारी मठ रायपुर के महंत रामसुंदर दास जी महाराज एवं सिरकट्टी आश्रम के संत गोवर्धन शरण व्यास जी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

वहीं क्षेत्रीय विधायक रोहित साहू के पश्चिम बंगाल प्रवास पर होने के कारण उनके प्रतिनिधि के रूप में राजू साहू एवं जगदीश यादव कार्यक्रम में शामिल होंगे।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में श्री राम-जानकी मंदिर समिति के सदस्य भुनेश्वर साहू, लेखराम साहू, तुकाराम साहू, देवचरण साहू, दीना राम साहू, पकलु राम साहू, महेंद्र साहू, जागेश्वर साहू सहित ग्रामीण अध्यक्ष धीरज शर्मा, सरपंच प्रतिनिधि मनोज यदु, ग्रामीण सचिव गिरीश साहू, डिप्टी सेक्रेटरी छत्तीसगढ़ मंत्रालय घनश्याम साहू, कमल भारती, डोमन भारती, शत्रुघन साहू और समस्त ग्रामवासी तन-मन-धन से जुटे हुए हैं।

यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि ग्रामवासियों की एकता, सहयोग और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण का भी सुंदर उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।

फिंगेश्वर में धूमधाम से मनाया गया भगवान परशुराम जन्मोत्सव, सत्यनारायण कथा का हुआ आयोजन

फिंगेश्वर में धूमधाम से मनाया गया भगवान परशुराम जन्मोत्सव, सत्यनारायण कथा का हुआ आयोजन

(सीजी टॉकीज) फिंगेश्वर : फिंगेश्वर स्थित छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज भवन में अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज फिंगेश्वर के द्वारा भगवान परशुराम जी का जन्मोत्सव अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में धार्मिक वातावरण बना रहा और समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए कार्यक्रम को सफल बनाया।

 

कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना और मंगलाचरण के साथ हुई। भगवान परशुराम जी की प्रतिमा को आकर्षक रूप से सजाया गया, जहांपर समाज के लोगों ने पुष्प अर्पित कर व प्रणाम कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके पश्चात भगवान सत्यनारायण जी की कथा का आयोजन पूरे विधि विधान के साथ किया गया। श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर अपने जीवन में सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।

 

कार्यक्रम में महिला, पुरुष और बच्चों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। समाज के वरिष्ठजनों ने भगवान परशुराम जी के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों को अपनाने का संदेश दिया।

 

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष महेश दीवान, शरद चतुर्वेदी,रामकृष्ण तिवारी, पुरुषोत्तम चतुर्वेदी, नवनीत चतुर्वेदी, भूपेंद्र दीवान, संतोष चतुर्वेदी, अनिल शर्मा,सुशील शर्मा, सनकादिक चौबे, जयेश शुक्ला, दीपक शुक्ला, सतीश शर्मा, महेंद्र तिवारी, रामस्वरूप तिवारी, कृष्णा तिवारी, दादू महराज, मनीष तिवारी, अमन शर्मा, वात्सल्य दीवान, सत्यम चतुर्वेदी, प्रसन्न चतुर्वेदी सहित समाज के कई प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दिया।पूरे आयोजन के दौरान सामाजिक एकता, धार्मिक आस्था और परंपरा का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। यह आयोजन समाज में भाईचारे और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया।