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दीपों की रोशनी, वैदिक मंत्रों की गूंज और आरु साहू के गीतों से जगमगाया राजिम का त्रिवेणी संगम; विधायक रोहित साहू सहित जनप्रतिनिधियों और हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में जल संरक्षण का दिया संदेश

(सीजी टॉकिज) राजिम:- आस्था के दीप जले, वैदिक मंत्रों की गूंज उठी और महानदी के तट पर छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति की मधुर धुनों ने समां बांध दिया। राजिम के पावन त्रिवेणी संगम पर शुक्रवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित भव्य महानदी गंगा आरती एवं सांस्कृतिक संध्या ने धार्मिक आस्था, पर्यावरण संरक्षण और लोक परंपराओं का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। सात पुरोहितों ने विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महानदी मैया की आरती संपन्न कराई, वहीं सुप्रसिद्ध युवा लोक कलाकार आरु साहू की छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में राजिम विधायक रोहित साहू सहित जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने सहभागिता कर नदी संरक्षण एवं जल संवर्धन का संकल्प दोहराया।

सात पुरोहितों की आरती से भक्तिमय हुआ महानदी तट

शाम ढलते ही त्रिवेणी संगम का वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंग गया। महानदी तट पर दीपों की आभा, धूप और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात पुरोहितों ने पारंपरिक विधि-विधान से गंगा आरती की। श्रद्धालुओं ने महानदी मैया की आरती में सहभागिता कर क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य धार्मिक आयोजन के साथ-साथ नदियों की स्वच्छता, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना भी रहा। कार्यक्रम से पहले नदी तट एवं घाट क्षेत्र की साफ-सफाई की गई, जिससे स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी जन-जन तक पहुंचा।

रोहित साहू ने कहा—आने वाली पीढ़ियों के लिए जल बचाना जरूरी

कार्यक्रम में राजिम विधायक रोहित साहू ने जल संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि जल जीवन का आधार है और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल स्रोतों को सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए विकास के साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को भी आवश्यक बताया।

विधायक ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए केवल भौतिक विकास पर्याप्त नहीं है, बल्कि नदियों, तालाबों और अन्य जल स्रोतों को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखना भी जरूरी है। इसके लिए जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। सेवा संकल्प अभियान जैसी पहल समाज को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने और लोगों को सामूहिक रूप से जल संरक्षण के लिए प्रेरित करने का कार्य करती है।

उन्होंने महानदी के धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए नदी एवं घाटों को स्वच्छ बनाए रखने की अपील की।

आरु साहू के छत्तीसगढ़ी गीतों पर झूमे दर्शक

गंगा आरती के बाद आयोजित सांस्कृतिक संध्या में छत्तीसगढ़ की युवा लोक कलाकार आरु साहू ने अपनी टीम के साथ आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। उनके भक्तिमय छत्तीसगढ़ी लोकगीतों ने कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों का मन मोह लिया। लोक संगीत, भक्ति और छत्तीसगढ़ी संस्कृति से सजी प्रस्तुतियों के दौरान घाट पर उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला।

सांस्कृतिक संध्या ने स्थानीय लोक परंपराओं और छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया। महानदी तट पर धार्मिक आस्था और लोक संस्कृति का यह संगम कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ भंडार गृह निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप, नगर पालिका राजिम अध्यक्ष महेश यादव, नगर पंचायत कोपरा अध्यक्ष रूपनारायण साहू, पूर्व विधायक संतोष उपाध्याय, जनपद उपाध्यक्ष सतीश यादव, सभापति शिवांगी चतुर्वेदी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्वेता शर्मा, वरिष्ठ नागरिक अनिल चंद्राकर एवं आशीष शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

प्रशासनिक अधिकारियों में कलेक्टर रणबीर शर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर, अपर कलेक्टर ऋषा ठाकुर, जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता एस.के. बर्मन और एसडीएम विशाल महाराणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हुए।

स्वच्छ महानदी और संरक्षित जल का संकल्प

सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि नदियों का संरक्षण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। घाटों पर कचरा नहीं फैलाना, प्लास्टिक का उपयोग कम करना, जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाना और स्वच्छता बनाए रखना जैसे छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव की नींव बन सकते हैं।

महानदी तट पर आयोजित भव्य आरती और सांस्कृतिक संध्या ने धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण तथा जनभागीदारी की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। दीपों से जगमगाते त्रिवेणी संगम पर आयोजित यह कार्यक्रम स्वच्छ नदी, संरक्षित जल और समृद्ध लोक संस्कृति के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।

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