चौबेबांधा स्थित पैरी नदी में अवैध रेत उत्खनन: खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग ने मारा छापा, चैन माउंटेन मशीन जब्त

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। कलेक्टर बीएस उइके के निर्देश पर राजिम तहसील अंतर्गत ग्राम चौबेबांधा स्थित पैरी नदी क्षेत्र में खनिज विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध उत्खनन में लगी एक चैन माउंटेन मशीन जब्त की है।

जानकारी के अनुसार, पैरी नदी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायत के बाद 20 मई 2026 को संयुक्त टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर जांच की गई। जांच के दौरान नदी क्षेत्र में अवैध उत्खनन करते हुए एक चैन माउंटेन मशीन पाई गई। संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मशीन को जब्त कर लिया। जब्त वाहन को सुरक्षा की दृष्टि से थाना पांडुका की अभिरक्षा में रखा गया है।

प्रशासन ने बताया कि अवैध उत्खनन में शामिल वाहन संचालकों के खिलाफ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 तथा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए टास्क फोर्स समिति लगातार निगरानी रख रही है और आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

जंगली सुअर का शिकार, 2 शिकारी गिरफ्तार, 4 फरार; मौके से पिकअप वाहन और हथियार जब्त

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले के आरक्षित वन क्षेत्र में वन्यप्राणी के अवैध शिकार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वन विभाग की टीम ने वनगश्त के दौरान 6 शिकारीयों को जंगली सुअर का शिकार करते रंगे हाथों पकड़ लिया। हालांकि मौके का फायदा उठाकर 4 आरोपी फरार हो गए, जबकि 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्य वन संरक्षक मणिवासगण एस. के नेतृत्व तथा विकास कुमार चंद्राकर एवं वनमंडलाधिकारी गरियाबंद के निर्देशानुसार 22 मई 2026 को सुबह लगभग 9 बजे परिसर रक्षी बासीन की टीम आरक्षित वन टेका क्रमांक 468 एवं 694 में नियमित गश्त पर निकली थी। इसी दौरान सुरक्षा श्रमिकों के साथ पहुंची टीम ने देखा कि 6 आरोपी अपने पालतू कुत्तों की मदद से एक नर जंगली सुअर को घेरकर उसका शिकार कर रहे थे।

बताया जा रहा है कि शिकारी कुत्तों ने जंगली सुअर पर बुरी तरह हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वन अमले ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को दबोच लिया, जबकि चार आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए।

मौके से वन विभाग ने मृत जंगली सुअर का शव, शिकार में प्रयुक्त लाठियां तथा छोटा हाथी पिकअप वाहन क्रमांक सीजी 04 एनएच 0150 जब्त किया। घटनास्थल पर पंचनामा एवं जप्तीनामा तैयार कर पी.ओ.आर. क्रमांक 19346/20 दिनांक 22/05/2026 दर्ज किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

1. भुनेश्वर देवार पिता रमेश देवार, निवासी तर्रा, तहसील राजिम, थाना पाण्डुका, जिला गरियाबंद
2. कृष्णा देवार पिता भूपेन्द्र देवार, निवासी तर्रा, तहसील राजिम, थाना पाण्डुका, जिला गरियाबंद

दोनों आरोपियों को भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39, 50, 51 एवं 52 के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर गरियाबंद जेल भेज दिया गया है। फरार 4 आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। इस पूरी कार्रवाई में वनक्षेत्रपाल फिंगेश्वर बद्रीनाथ ध्रुव, उपवनक्षेत्रपाल नरोत्तम साहू, मनीष कुमार वर्मा, वनरक्षक टोमन लाल साहू तथा सुरक्षा श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

गरियाबंद पुलिस हुई हाईटेक: राजिम से रवाना हुईं डायल-112 की 8 नई गाड़ियां, अब मिनटों में पहुंचेगी पुलिस

विधायक रोहित साहू ने दिखाई हरी झंडी, बोले- “जनता की सुरक्षा अब और मजबूत”

(सीजी टॉकिज) :- विधायक रोहित साहू ने मंगलवार को गरियाबंद जिले की सुरक्षा व्यवस्था को नई ताकत देते हुए डायल-112 की 8 आधुनिक पुलिस वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। राजिम बस स्टैंड में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी के बीच इन हाईटेक वाहनों को जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के लिए रवाना किया गया।

कार्यक्रम में पूर्व सांसद चंदू लाल साहू, पूर्व राजिम विधायक संतोष उपाध्याय, राजिम पालिका अध्यक्ष महेश यादव, गरियाबंद कलेक्टर बी.एस. उइके, पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरेन्द्र पटेल तथा एसडीओपी निशा सिन्हा सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

नई डायल-112 गाड़ियों को थाना गरियाबंद, पाण्डुका, राजिम, फिंगेश्वर, छुरा, मैनपुर, अमलीपदर और देवभोग क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा। पुलिस विभाग के अनुसार इन वाहनों के जुड़ने से आपातकालीन सेवा “इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम” पहले से अधिक तेज और प्रभावी होगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक रोहित साहू ने कहा कि आधुनिक डायल-112 वाहनों के शामिल होने से जिले की कानून व्यवस्था और मजबूत होगी। अब किसी भी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच सकेगी। उन्होंने कहा कि जिले के आठ थाना क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी और पुलिस पेट्रोलिंग और अधिक सक्रिय रहेगी।

बताया गया कि सभी वाहन जीपीएस सिस्टम और आधुनिक संचार उपकरणों से लैस हैं। कंट्रोल रूम से सीधे सबसे नजदीकी वाहन को लोकेशन भेजी जाएगी, जिससे पीड़ितों को तत्काल सहायता मिल सकेगी। इससे सड़क दुर्घटना, अपराध, घरेलू हिंसा, आगजनी और अन्य आपात स्थितियों में पुलिस की प्रतिक्रिया समय में बड़ा सुधार आएगा।

कलेक्टर बी.एस. उइके और एसपी नीरज चंद्राकर ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी आपात स्थिति में बिना घबराए तुरंत 112 नंबर डायल करें। गरियाबंद पुलिस हर परिस्थिति में जनता की सुरक्षा और सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

नई डायल-112 गाड़ियों के सड़क पर उतरते ही जिले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों में भरोसा और उत्साह बढ़ गया है। अब शहर से लेकर दूरस्थ ग्रामीण इलाकों तक पुलिस की पहुंच और भी तेज हो जाएगी।

नगरीय निकायों में शुरू होगा महा सर्वे, वर्षों से काबिज पात्र परिवारों को मिलेगा मालिकाना हक और स्थायी पट्टा

गरीब और पात्र परिवार शासन की योजनाओं से न रहें वंचित : रोहित साहू

(सीजी टॉकिज) :- छत्तीसगढ़ शासन की मंशानुरूप गरियाबंद जिले के सभी नगरीय निकाय क्षेत्रों में निवासरत गरीब और भूमिहीन परिवारों को उनका हक दिलाने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव एवं राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा का आभार व्यक्त करते हुए राजिम विधायक रोहित साहू ने आवश्यक पहल की सराहना की है। शासन की जनहितकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के संकल्प के साथ विधायक साहू ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि शासन की मंशा बेहद स्पष्ट है कि कोई भी गरीब, श्रमिक और वास्तविक रूप से पात्र परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए सभी नगरीय निकायों में नगर के सभी वार्डों में एक व्यापक और पारदर्शी सर्वे अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है, जिसके तहत पात्र परिवारों को नियमानुसार स्थायी पट्टा प्रदान किया जाएगा।

विधायक रोहित साहू ने योजना की तकनीकी बारीकियों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य शासन द्वारा आवासहीन व्यक्ति पट्टा अधिकार अधिनियम 2023 एवं इसके तहत बनाए गए नियमों के अनुसार ही नगरीय क्षेत्रों में निवासरत पात्र परिवारों को स्थायी पट्टा देने की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से प्रारंभ की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सर्वे का कार्य पूरी पारदर्शिता, संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ किया जाए ताकि वास्तविक रूप से जरूरतमंद और गरीब परिवारों को इस योजना का सीधा लाभ मिल सके।

वार्डों में घर-घर जाकर सर्वे करेगी टीम, विधायक ने की सहयोग की अपील

विधायक रोहित साहू ने नगर पालिका/नगर पंचायत प्रशासन को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि सभी नगरीय निकायों के सभी 15 वार्डों में घर-घर जाकर सर्वे किया जाए और बिना किसी भेदभाव के पात्र हितग्राहियों की एक प्रमाणिक सूची तैयार की जाए। इसके साथ ही उन्होंने आम नागरिकों और वार्ड वासियों से भी एक विशेष अपील की है कि जब सर्वे टीम आपके घर पहुँचे तो उन्हें पूरी और सही जानकारी उपलब्ध कराएं।योजना का लाभ उठाने के लिए निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने आवश्यक आवेदन और दस्तावेज निकाय कार्यालय में प्रस्तुत करें।साथ ही वार्ड पार्षदो को भी पत्र भेजकर सहयोग करने अपील किया गया है।

क्या हैं पात्रता की शर्तें और नियम?

शासन के नियमानुसार, स्थायी पट्टा केवल उन्हीं हितग्राहियों को आवंटित किया जाएगा जो पात्रता की सभी शर्तों को पूरा करते हों। इसके लिए नगर पालिका क्षेत्र में 600 वर्गफीट तथा अन्य निकाय क्षेत्रों में 800 वर्गफीट शासकीय भूमि पर 20 अगस्त 2017 के पूर्व से निवासरत परिवार इस योजना के लिए पात्र माने जाएंगे।

वैध दस्तावेज मिलने से समाज की मुख्यधारा से जुड़ेंगे गरीब

रोहित साहू ने छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि हमारी सरकार गरीब, श्रमिक, किसान और हर जरूरतमंद वर्ग के आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। यह पट्टा वितरण योजना भी इसी दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।

उन्होंने आगे कहा कि नगर के कई परिवार ऐसे हैं जो पीढ़ियों या वर्षों से शासकीय भूमि पर मकान बनाकर रह रहे हैं। लेकिन वैध दस्तावेज अर्थात पट्टा न होने के कारण उन्हें न तो प्रधानमंत्री आवास मिल पा रहा है न बैंकों से लोन मिल पाता है और न ही वे अन्य सरकारी विकास योजनाओं का लाभ ले पाते हैं। अब शासन उन्हें नियमानुसार पट्टा सौंपकर न सिर्फ उनका मालिकाना हक तय करेगा बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से भी जोड़ेगा। विधायक रोहित साहू के इस कड़े रुख और जनहितैषी पहल से नगर के हजारों जरूरतमंद परिवारों में खुशी की लहर है। इस योजना के सफल क्रियान्वयन से असंख्य परिवारों को सिर छिपाने के लिए स्थायी जमीन की सुरक्षा मिलेगी और उनका सामाजिक और आर्थिक जीवन स्तर भी सुदृढ़ होगा।

राजिम विधायक रोहित साहू ने पेश की मानवता की मिसाल, बिंद्रानवागढ़ विधानसभा बेहराडीह मैनपुर के कमार जनजाति के मासूम के इलाज की ली जिम्मेदारी, डीकेएस अस्पताल में होगा सफल ऑपरेशन

राजिम विधायक रोहित साहू ने पेश की मानवता की मिसाल, बिंद्रानवागढ़ विधानसभा बेहराडीह मैनपुर के कमार जनजाति के मासूम के इलाज की ली जिम्मेदारी, डीकेएस अस्पताल में होगा सफल ऑपरेशन

 (सीजी टॉकीज)गरियाबंद/राजिम :- राजनीति जब सेवा का माध्यम बनती है तो वह समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में उजियारा लेकर आती है। कुछ ऐसी ही संवेदनशीलता राजिम विधायक रोहित साहू ने पेश की है। गरियाबंद जिले के बिंद्रानवागढ़ विधानसभा विकासखण्ड मैनपुर के ग्राम पंचायत बोईरगांव के आश्रित ग्राम बेहराडीह के रहने वाले विशेष पिछड़ी कमार जनजाति के तीन वर्षीय मासूम युवराज नेताम के उपचार हेतु विधायक रोहित साहू सामने आए हैं। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले कमार जनजाति का यह मासूम जन्म से ही एनोरेक्टल मालफॉर्मेशन अर्थात मलद्वार न होने की गंभीर और जटिल बीमारी से ग्रसित हैं। पिछले तीन वर्षों से उसके गरीब माता-पिता इलाज के लिए दर-दर भटक रहे थे। आर्थिक तंगी और जानकारी के अभाव में बच्चे की तकलीफ बढ़ती जा रही थी। विभिन्न समाचार पत्रों एवं भाजपा कार्यकर्त्ता व जनप्रतिनिधि के माध्यम से जैसे ही यह मामला राजिम विधायक रोहित साहू के संज्ञान में आया उन्होंने तत्काल सक्रियता दिखाई।जिला कलेक्टर एवं स्वास्थ अधिकारी से चार्चा कर बच्चे को तत्काल रायपुर लाने के लिएनिर्देशित किया।विधायक के विशेष प्रयासों से बच्चे को तत्काल राजधानी रायपुर के प्रतिष्ठित डीकेएस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। विधायक ने स्वयं अस्पताल पहुंचकर बच्चे का हालचाल जाना और डॉक्टरों की टीम से चर्चा कर उपचार की बारीकियों के विषय में चर्चा की। अस्पताल प्रबंधन और विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार युवराज का कल एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन किया जाएगा। विधायक ने डॉक्टरों को त्वरित उपचार के निर्देश दिए हैं ताकि इलाज में किसी भी प्रकार का विलंब न हो और बच्चे को समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

इस दौरान विधायक रोहित साहू ने कहा कि सेवा ही मेरे जीवन का मूलमंत्र रहा है। राजिम विधानसभा क्षेत्र के साथ ही गरियाबंद जिले का हर नागरिक मेरा परिवार है। जब मुझे नन्हे युवराज की बीमारी और उसके परिवार के संघर्ष के बारे में पता चला तो मेरा मन द्रवित हो उठा। विशेष पिछड़ी कमार जनजाति के लोग हमारे प्रदेश की धरोहर हैं और यदि उनके बच्चों को इलाज के लिए भटकना पड़े तो यह हमारे लिए चिंता का विषय है। हमारी सुशासन की सरकार अंत्योदय के सिद्धांत पर काम कर रही है जिसके तहत समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और सुविधा पहुँचाना हमारा प्रथम दायित्व है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने विशेष पिछड़ी जनजाति समाज के लिए पीएम जनमन योजना के तहत अनेकों सौगातें दी है उन्हीं की प्रेरणा से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि धन के अभाव में किसी भी गरीब का इलाज न रुके। युवराज नेताम इस प्रदेश का भविष्य है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि कल उसका ऑपरेशन पूरी तरह सफल हो और वह जल्द ही अपनी मुस्कान बिखेर सके। मैं उसके माता-पिता को विश्वास दिलाता हूँ कि इस लड़ाई में वे अकेले नहीं हैं, हम और यह सरकार उनके साथ खड़ी है।”

अफवाहों से बचें, जिले में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता : कलेक्टर भगवान सिंह उइके

अफवाहों से बचें, जिले में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता : कलेक्टर भगवान सिंह उइके

(सीजी टॉकीज) गरियाबंद: जिले में पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी भगवान सिंह उइके ने जिलेवासियों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि जिले में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस (एलपीजी) की पर्याप्त उपलब्धता है तथा आम लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।

कलेक्टर ने कहा कि कुछ स्थानों पर अफवाहों के कारण लोग बड़ी संख्या में पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों में पहुंच रहे हैं, जिससे अनावश्यक भीड़ की स्थिति बन रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें और केवल आवश्यकता अनुसार ही ईंधन एवं गैस का क्रय करें।

जिले के सभी एसडीएम को कलेक्टर ने निर्देशित भी किया है कि आवश्यकतानुसार अपने अपने क्षेत्र के सभी पेट्रोल पंपों में कार्यपालिक दंडाधिकारियों की ड्यूटी भी लगाए।

जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। पेट्रोल पंपों एवं गैस एजेंसियों में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का साथ दें। किसी भी प्रकार की सूचना या संदेश की सत्यता प्रशासन के अधिकृत माध्यमों से ही जांचें और अफवाह फैलाने से बचें।

जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भ्रामक जानकारी फैलाकर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है।

गरियाबंद में पेट्रोल-डीजल वितरण को लेकर कलेक्टर का बड़ा आदेश

गरियाबंद में पेट्रोल-डीजल वितरण को लेकर कलेक्टर का बड़ा आदेश

 

(सीजी टॉकीज) गरियाबंद : गरियाबंद सहित पूरे जिले में पेट्रोल-डीजल की कमी और पेट्रोल पंपों में लग रही लंबी कतारों को देखते हुए भगवान सिंह उइके ने आवश्यक आदेश जारी किया है। आदेश के तहत अब दोपहिया वाहनों में अधिकतम 300 रुपये तथा चारपहिया वाहनों में 1000 रुपये तक ही पेट्रोल देने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में पेट्रोल पंप संचालकों को ड्रम, जेरीकेन और बोतलों में पेट्रोल-डीजल देने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन कर ड्रम, जेरीकेन या बोतलों में ईंधन देने वाले पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन के अनुसार जिले में पेट्रोल-डीजल की आंशिक जमाखोरी और कालाबाजारी की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि आम लोगों को आसानी से ईंधन उपलब्ध हो सके और अनावश्यक संग्रहण पर रोक लगाई जा सके।

वहीं आदेश जारी होने के बाद पेट्रोल पंपों में निगरानी भी बढ़ा दी गई है और प्रशासनिक अमला लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

सुशासन तिहार में बच्चों से कराई गई व्यवस्था, आयोजन पर उठे सवाल

(सीजी टॉकीज) गरियाबंद : सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘सुशासन तिहार’ में ही व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले के ग्राम पोखरा में आयोजित समाधान शिविर के दौरान मुख्य मंच के सामने नाबालिग बच्चे नाश्ता और शरबत परोसते नजर आए।

कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री, विधायक, कलेक्टर सहित कई अधिकारी मौजूद थे, लेकिन बच्चों से कराए जा रहे काम पर किसी का ध्यान नहीं गया।

सुशासन तिहार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का समाधान करना और शासन की योजनाओं को जनता तक पहुंचाना बताया जाता है। लेकिन जिस आयोजन में समस्याओं के समाधान का दावा किया जा रहा था, वहीं बच्चों से काम कराए जाने की तस्वीरें सामने आने के बाद व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन बच्चों के हाथों में पढ़ाई और भविष्य की जिम्मेदारी होनी चाहिए, उन्हें आयोजन की व्यवस्थाओं में लगा दिया गया। मंच के सामने बच्चे लगातार अतिथियों और लोगों को शरबत व नाश्ता परोसते दिखाई दिए। इससे कार्यक्रम की तैयारियों और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

लोगों का कहना है कि प्रशासन अक्सर नियमों और जिम्मेदारियों की बात करता है, लेकिन सरकारी आयोजन में ही बच्चों से काम कराया जाना सुशासन के दावों की पोल खोलता नजर आया। अब चर्चा इस बात की है कि क्या इस मामले में जिम्मेदार अधिकारी कोई संज्ञान लेते हैं या मामला केवल चर्चा तक सीमित रह जाएगा।

खड़े ट्रैक्टर में लगी भीषण आग, शॉर्ट सर्किट से धूं-धूं कर जला इंजन

(सीजी टॉकिज) राजिम:- कौंदकेरा-भैसतरा मार्ग पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सड़क किनारे खड़े एक ट्रैक्टर में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते ट्रैक्टर आग का गोला बन गया और कुछ ही मिनटों में पूरा वाहन जलकर खाक हो गया।

जानकारी के अनुसार ट्रैक्टर की बैटरी में शॉर्ट सर्किट होने से इंजन में आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि चालक को संभलने तक का मौका नहीं मिला। हालांकि चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत ट्रैक्टर से कूदकर अपनी जान बचा ली।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहले इंजन से धुआं उठता दिखाई दिया, फिर अचानक तेज लपटें निकलने लगीं। आग की ऊंची लपटें और काला धुआं देखकर आसपास के लोग घबरा गए। कुछ ही देर में मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक ट्रैक्टर पूरी तरह जल चुका था।

बताया जा रहा है कि इन दिनों क्षेत्र में रबी सीजन की धान कटाई का कार्य चल रहा है। इसी दौरान ट्रैक्टर सड़क किनारे खड़ा था, तभी अचानक बैटरी शॉर्ट होने से हादसा हो गया। गनीमत रही कि इस भीषण आगजनी में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन ट्रैक्टर मालिक को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। घटना के बाद इलाके में काफी देर तक दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

विकसित कृषि संकल्प अभियान: कृषि विभाग ने किसानों को बताए उन्नत खेती और सरकारी योजनाओं के फायदे

(सीजी टॉकिज) :- राजिम से लगे ग्राम पंचायत कोमा में विकसित कृषि संकल्प अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती की जानकारी देकर कृषि को अधिक लाभकारी, टिकाऊ एवं जल संरक्षण आधारित बनाना है।

कार्यक्रम में खरीफ फसलों में संतुलित उर्वरक उपयोग, बीजोपचार, हरी खाद, नील हरित शैवाल, नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग, फसलों में कीट एवं बीमारियों के नियंत्रण के उपायों सहित विभिन्न कृषि तकनीकों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

कृषि अधिकारियों द्वारा किसानों को फसल चक्र अपनाने के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि लगातार एक ही फसल लेने से भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है, जबकि फसल चक्र अपनाने से मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहती है तथा उत्पादन लागत में कमी आती है। किसानों को धान की पारंपरिक खेती के साथ-साथ कम पानी में तैयार होने वाली वैकल्पिक फसलों जैसे रागी, सरसों एवं गेहूं की खेती को अपनाने हेतु प्रेरित किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि बदलते मौसम एवं जल संरक्षण की आवश्यकता को देखते हुए अल्प पानी वाली फसलें भविष्य की खेती के लिए अधिक उपयोगी सिद्ध होंगी। कार्यक्रम में एग्रीस्टेक एवं पीएम किसान योजना में नवीन पंजीयन की प्रक्रिया की भी जानकारी किसानों को प्रदान की गई। साथ ही कृषि, उद्यानिकी एवं मत्स्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों से योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने का आग्रह किया गया। समसामयिक कृषि विषयों पर किसानों एवं विभागीय अधिकारियों के बीच चर्चा भी हुई।

कार्यक्रम में सहायक संचालक कृषि एच.एस. तिग्गा, सहायक संचालक कृषि अनिल कौशिक, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के.आर. वर्मा, कृषि विकास अधिकारी एन.के. कश्यप, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी हरिशंकर सुमेर, हरीश कुमार पाण्डेय, सुश्री श्वेता साहू सहित विभागीय कर्मचारीगण, जनप्रतिनिधिगण एवं ग्राम पंचायत कोमा के कृषक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।