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सोनतीर्थ घाट के निर्माणाधीन संस्कार भवन का विधायक रोहित साहू ने किया निरीक्षण

(सीजी टॉकिज) राजिम :- राजिम के ऐतिहासिक सोनतीर्थ घाट पर निर्माणाधीन संस्कार भवन का राजिम विधायक रोहित साहू ने औचक निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुविधा से जुड़े इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।

मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश

विधायक रोहित साहू ने निर्माण स्थल पर उपयोग की जा रही सामग्री का निरीक्षण किया और अधिकारियों से कहा कि सभी कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप होने चाहिए। उन्होंने संस्कार भवन परिसर में पेयजल व्यवस्था, ड्रेनेज सिस्टम, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, स्नान स्थल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर विकसित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान विधायक ने कहा कि सोनतीर्थ घाट पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पिंडदान करने वाले परिवार और धार्मिक-सामाजिक आयोजनों में शामिल होने वाले लोग पहुंचते हैं। ऐसे में यहां बनने वाला संस्कार भवन सर्वसुविधायुक्त, विशाल और सुविधाजनक होना चाहिए, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि धर्मनगरी राजिम आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है।

गुणवत्ता से समझौता नहीं

उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि निर्माण कार्य में अनावश्यक देरी या गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बताया गया कि संस्कार भवन बनने के बाद प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पिंडदान और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी। अब तक अंतिम संस्कार के बाद होने वाली धार्मिक रस्मों और सामाजिक आयोजनों के लिए समुचित स्थान का अभाव था, जिसे यह भवन दूर करेगा।

निरीक्षण के दौरान नगरपालिका अध्यक्ष महेश यादव, उपाध्यक्ष पूर्णिमा चंद्राकर, पार्षद बलराम यादव, भारत यादव, आकाश राजपूत तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी संतोष विश्वकर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

डायल 112 की फुर्ती से बची युवक की जान, सड़क हादसे के बाद मिनटों में पहुंची पुलिस

(सीजी टॉकिज) गरियाबंद:- संकट की घड़ी में पुलिस की तत्परता एक बार फिर जीवनरक्षक साबित हुई। गरियाबंद जिले में डायल 112 की टीम ने सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल एक युवक को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचा ली। घटना छुरा थाना क्षेत्र का है। घटना के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है।

जानकारी के अनुसार, छुरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मुड़ागांव के पास एक मोटरसाइकिल चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने बिना देर किए डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।

समय पर उपचार मिलने से बची जान

डायल 112 वाहन में तैनात आरक्षक यशवंत त्रिवेन्द्र और वाहन चालक जागेश्वर निर्मलकर ने मौके पर पहुंचकर घायल की स्थिति का जायजा लिया। पुलिस जवानों ने बिना समय गंवाए घायल को सुरक्षित वाहन में बैठाया और सीधे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छुरा पहुंचाकर भर्ती कराया। समय पर उपचार मिलने से घायल की स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।

इस सराहनीय कार्य पर पुलिस अधीक्षक गरियाबंद ने डायल 112 टीम के आरक्षक यशवंत त्रिवेन्द्र और चालक जागेश्वर निर्मलकर की प्रशंसा करते हुए कहा कि पुलिस का पहला दायित्व नागरिकों की सुरक्षा और संकट के समय उनकी सहायता करना है। उन्होंने कहा कि जिले की डायल 112 टीम पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और मानवता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही है।

‘‘एक्के नम्बर सबो बर’’ की भावना के साथ संचालित डायल 112 सेवा नागरिकों के लिए हर प्रकार की आपात स्थिति में भरोसेमंद सहायता बनकर लगातार अपनी जिम्मेदारी निभा रही है।

भारत भ्रमण पर निकले गणेश निषाद के जज्बे को डॉ. रमन सिंह का सलाम, फोन कर बढ़ाया हौसला

(सीजी टॉकिज) राजिम:- छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने साइकिल से भारत भ्रमण पर निकले गरियाबंद जिले के ग्राम बोरसी निवासी गणेश निषाद से फोन पर बातचीत कर उनके साहस, संकल्प और राष्ट्रव्यापी जनजागरूकता अभियान की सराहना की। विधानसभा अध्यक्ष ने गणेश के जज्बे को नमन करते हुए कहा कि उनका यह प्रयास केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है।

हिमालय की वादियों से साइकिल यात्रा की शुरुआत

ग्राम बोरसी के युवा गणेश निषाद ने हिमालय की वादियों से अपनी अनूठी साइकिल यात्रा की शुरुआत की है। अयोध्या से होते हुए वे अब देश के विभिन्न राज्यों का भ्रमण कर रहे हैं। हजारों किलोमीटर लंबी इस यात्रा का उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, पर्यावरण संरक्षण, फिटनेस और सामाजिक जागरूकता के प्रति प्रेरित करना है। सीमित संसाधनों के बावजूद उनका यह अभियान लगातार लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।

फोन पर हुई आत्मीय बातचीत के दौरान डॉ. रमन सिंह ने गणेश निषाद से उनकी यात्रा के अनुभवों, अब तक तय किए गए मार्ग, सामने आई चुनौतियों और आगे की योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जब युवा डिजिटल दुनिया में अधिक समय व्यतीत कर रहे हैं, ऐसे समय में गणेश जैसी प्रेरणादायी यात्रा समाज के लिए सकारात्मक संदेश लेकर आई है।

युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति और समाज के प्रति समर्पण हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। उन्होंने विश्वास जताया कि गणेश निषाद की यह यात्रा देशभर के युवाओं को स्वास्थ्य, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना से जोड़ने का कार्य करेगी। उन्होंने गणेश को हर संभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

डॉ. रमन सिंह ने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे गणेश निषाद की इस प्रेरक यात्रा से जुड़ें, उनके अभियान को प्रोत्साहित करें और सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी यात्रा के साक्षी बनें। उनका कहना था कि ऐसे प्रयासों को समाज का व्यापक समर्थन मिलना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक युवा सकारात्मक अभियानों से प्रेरित हो सकें।

वहीं, विधानसभा अध्यक्ष से फोन पर मिली शुभकामनाओं और सम्मान से अभिभूत गणेश निषाद ने उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेतृत्व का प्रोत्साहन उनकी ऊर्जा को कई गुना बढ़ा देता है और इससे उन्हें अपने अभियान को और अधिक उत्साह के साथ आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिली है। गणेश ने विश्वास जताया कि वे अपनी यात्रा के माध्यम से स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश देश के हर कोने तक पहुंचाने का प्रयास जारी रखेंगे।

गुरु खुशवंत साहेब

कुलगाम आतंकी हमले के पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है साय सरकार : गुरु खुशवंत साहेब

(सीजी टॉकिज) रायपुर:- जम्मू-कश्मीर के दक्षिण कश्मीर स्थित कुलगाम में आतंकवादियों द्वारा किए गए कायराना हमले में सक्ती जिले के मालखरौदा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बुंदेली निवासी प्रवासी श्रमिक दीपक रात्रे (21 वर्ष) एवं सारंगढ़ बिलाईगढ़ निवासी भूपेन्द्र भैंना के निधन पर छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री एवं सक्ती जिले के प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

कैबिनेट मंत्री एवं सक्ती जिला प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने इस जघन्य एवं अमानवीय आतंकी घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना मानवता के विरुद्ध अपराध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार इस दुःख की घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता और मजबूती से खड़ी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी ने कुलगाम आतंकी हमले में दिवंगत दोनों श्रमिक दीपक रात्रे और भूपेंद्र भैना के परिजनों को 20–20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। यह सहायता राशि परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करेगी।

गुरु खुशवंत साहेबसक्ती जिला प्रभारी मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार राज्य सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर प्रशासन के साथ लगातार समन्वय स्थापित किया जा रहा है। पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक पहल की जा रही है। मंत्री गुरु साहेब ने कहा कि सुरक्षा एवं स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए दिवंगत अंतिम संस्कार जम्मू-कश्मीर में ही उनके परिजनों की उपस्थिति में किया गया।

ग्राम बुंदेली निवासी दीपक रात्रे लगभग एक वर्ष पूर्व अपने परिवार के साथ जम्मू-कश्मीर के एक ईंट-भट्ठे में मजदूरी करने गए थे। उनके साथ उनकी पत्नी एवं भाई भी वहीं कार्यरत थे। दीपक अपने पीछे पत्नी, एक मासूम बच्चे तथा परिजनों को छोड़ गए हैं। इस दुखद घटना से पूरे छत्तीसगढ़ में शोक की लहर है।

अंत में सक्ती जिला प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने दिवंगत दीपक रात्रे और भूपेन्द्र भैना की पुण्यात्मा की शांति के लिए परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा जी से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।

जम्मू-कश्मीर में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की हत्या: आतांकियों ने पहले नाम पूछा… फिर बरसा दी गोलियां

(सीजी टॉकिज) रायपुर/कुलगाम :- जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकवादियों ने एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार करते हुए छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की निर्मम हत्या कर दी। आतंकियों ने पहले मजदूरों की पहचान पूछी, नाम जानने के बाद हिंदू होने पर दोनों को अलग किया और बेहद करीब से ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं।

इस कायराना हमले में सक्ती जिले के दीपक रात्रे (24) और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के भूपेंद्र भैना (28) की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे छत्तीसगढ़ में शोक और आक्रोश का माहौल है, जबकि सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके की घेराबंदी कर बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

पहले नाम पूछा… फिर मौत के घाट उतार दिया

प्रारंभिक जांच के अनुसार, आतंकियों ने कुलगाम जिले के केलाम स्थित ईंट-भट्ठे पर पहुंचकर वहां काम कर रहे मजदूरों की पहचान पूछी। नाम और धर्म की पुष्टि करने के बाद उन्होंने दोनों हिंदू मजदूरों को समूह से अलग किया और नजदीक से गोलियां मार दीं। घटना को पहलगाम हमले की तर्ज पर अंजाम दिया गया माना जा रहा है। हमले के बाद पूरे इलाके को सुरक्षा बलों ने घेर लिया और आतंकियों की तलाश में अभियान शुरू कर दिया।सक्ती जिले के बुंदेली गांव निवासी दीपक रात्रे करीब एक वर्ष पहले अपनी पत्नी और भाई के साथ मजदूरी के लिए जम्मू-कश्मीर गए थे। वे ईंट-भट्ठे पर काम कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। दीपक अपनी मां, दिव्यांग भाई, पत्नी और दो वर्षीय बेटे का इकलौता सहारा था।

वहीं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के छुईहा गांव निवासी भूपेंद्र भैना अपनी पत्नी के साथ तीन माह पहले मजदूरी करने कश्मीर पहुंचे थे। उनके परिवार में दो वर्षीय बेटा, बहन और दादी हैं। दोनों युवकों की मौत की खबर मिलते ही गांवों में मातम छा गया।

सूत्रों के मुताबिक, आतंकी हमला शुक्रवार रात करीब 8.30 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने 3 से 4 राउंड फायरिंग की आवाजें सुनीं। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि आतंकियों ने पहले से रेकी कर इस स्थान को चुना था। जांच एजेंसियों को हमले में एक स्थानीय और एक विदेशी आतंकी के शामिल होने का संदेह है। सुरक्षा एजेंसियां हर एंगल से जांच कर रही हैं।

घटना के तुरंत बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे। पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। आने-जाने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही है और आतंकियों की तलाश तेज कर दी गई है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया 20-20 लाख की सहायता का ऐलान

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने दोनों मृतकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। साथ ही जम्मू-कश्मीर सरकार से समन्वय के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने की बात भी कही, ताकि पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता मिल सके।

जम्मू-कश्मीर सरकार भी देगी सहायता

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष से दोनों मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। उन्होंने इसे बेहद निंदनीय और अमानवीय घटना बताया।

नेताओं ने जताया शोक, आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का संदेश

उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, कैबिनेट मंत्री एवं सक्ती जिला प्रभारी मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज सहित कई नेताओं ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। सभी ने आतंकवाद की कड़ी निंदा करते हुए पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता देने और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की।

दीपक और भूपेंद्र रोजी-रोटी की तलाश में हजारों किलोमीटर दूर गए थे, लेकिन आतंकवाद की अंधी हिंसा ने दोनों परिवारों की खुशियां छीन लीं। एक परिवार का इकलौता कमाने वाला बेटा चला गया तो दूसरे परिवार का मासूम बेटा अपने पिता के साये से हमेशा के लिए वंचित हो गया। यह कायराना हमला पूरे छत्तीसगढ़ में शोक का माहौल है।

नवापारा में व्यापारी ने दर्ज कराई अपहरण और उगाही की शिकायत, जांच के बाद ये बात आई सामने, FIR दर्ज, आरोपी गिरफ्तार

(सीजी टॉकिज) नवापारा :- रायपुर जिले के गोबरा नवापारा में एक व्यापारी का अपहरण और बंदूक की नोक पर 10 लाख रुपये की जबरन उगाही के मामले में नया मोड़ आया है। बताया जा रहा है कि पैसों के लेन-देन को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। व्यापारी ने आरोपी से पैसे लिए, जिसे वापस नहीं लौटा रहा था। इसी बात पर आरोपी गुस्से में आकर व्यापारी से मारपीट की थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया है। मामला गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र का है।

पुलिस के अनुसार, 20 जुलाई 2026 की शाम करीब 7.30 बजे तर्री रोड स्थित कैंटीन में शिकायतकर्ता मयंक छल्लानी और आरोपी गुलजार खान के बीच 10 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि इसी दौरान गुलजार खान ने अपने साथी अलीम खान के साथ मिलकर मयंक छल्लानी से अश्लील गाली-गलौज की, हाथ-मुक्कों से मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।

घटना के बाद घायल मयंक छल्लानी का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोबरा नवापारा में प्राथमिक उपचार कराया गया। बाद में उसे रायपुर के मेकाहारा अस्पताल रेफर किया गया। घटना के दो दिन बाद 22 जुलाई को मयंक छल्लानी ने नवापारा थाने में लिखित शिकायत दी। शिकायत में मयंक छल्लानी ने आरोप लगाया था कि आरोपी गुलजार खान ने बंदूक की नोक पर उसे को जबरदस्ती अपनी स्कूटी पर बैठाया और उन्हें तर्री रोड स्थित कैंटीन के बेसमेंट में ले गया।

मयंक ने आरोप लगाया था कि आरोपी गुलजार ने उसके कान के पास बंदूक के निचले हिस्से से वार किया और उन्हें 15-20 थप्पड़ मारे गए। बदमाशों ने उनसे 10 लाख रुपये की मांग की और जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान उन्होंने इसका वीडियो भी बनाया। डर के मारे मयंक ने अपने परिचित से फोन पर संपर्क कर कर्ज के रूप में पैसे मांगे और पैसों का इंतजाम करवाया। आरोपियों ने उनके पर्स से 1500 रुपये भी निकाल लिए। इतना ही नहीं, उन्होंने साक्ष्य छिपाने के लिए मयंक के खून से सने कपड़े उतरवा कर नाले में फेंक दिया और नई शर्ट मंगा कर पहनाई।

मयंक ने आरोप लगाया कि पैसे मिलने के बाद जबरन एक वीडियो भी बनवाया गया, जिसमें उनसे यह कहलवाया गया कि यह पैसों का लेन-देन आपसी है और उनसे माफी भी मँगवाई गई, ताकि वे पुलिस के पास न जा सकें। मामले की शिकायत मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की।

जमीन खरीद के लिए दिए थे 10 लाख रुपये

जांच के दौरान पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान, घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज तथा व्हाट्सएप चैट का परीक्षण किया। जांच में सामने आया कि मयंक छल्लानी और गुलजार खान पूर्व से परिचित थे। दोनों ने ग्राम बकली (राजिम) में जमीन खरीदकर अधिक कीमत पर बेचने की योजना बनाई थी। इस सौदे के लिए गुलजार खान ने 17 जून 2026 को मयंक छल्लानी को 10 लाख रुपये दिए थे। हालांकि जमीन का सौदा नहीं हो सका, जिसके बाद गुलजार खान अपनी रकम वापस मांग रहा था।

पैसे लौटाने को लेकर बढ़ा विवाद

पुलिस के अनुसार, रकम वापस करने में टालमटोल के कारण दोनों पक्ष कैंटिन पहुंचे, जहां बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और मारपीट हो गई। घटना के बाद मयंक छल्लानी ने अपने परिचित महेश कंसारी से 10 लाख रुपये मंगवाकर अपने घर के पास गुलजार खान को वापस कर दिए। इस लेनदेन का वीडियो भी बनाया गया, जिसमें दोनों पक्षों ने आपसी रकम के लेनदेन के पूरा होने की बात कही।

अपहरण और उगाही के आरोप नहीं मिले सही

शिकायत में मयंक छल्लानी ने अपने अपहरण, बंदूक की नोक पर 10 लाख रुपये की जबरन उगाही और अन्य गंभीर आरोप भी लगाए थे। लेकिन पुलिस जांच में इन आरोपों के समर्थन में कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिला। जांच में केवल गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी के आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए।

FIR दर्ज, आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने आरोपी गुलजार खान और अलीम खान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 115(2), 351(2), 117(2) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है।

राजिम विधायक रोहित साहू ने लिया महानदी के बढ़ते जलस्तर का जायजा, विकास कार्यों का किया स्थल निरीक्षण

(सीजी टॉकिज) राजिम :- क्षेत्र में हो रही निरंतर बारिश के कारण महानदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय विधायक रोहित साहू पूरी तरह से अलर्ट मोड पर नजर आ रहे हैं। बाढ़ की संभावित स्थिति से जन-जीवन को सुरक्षित रखने और क्षेत्र के विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से विधायक साहू ने जमीनी स्तर पर उतरकर गहन निरीक्षण किया।

उन्होंने संगम क्षेत्र का निरीक्षण एवं राहत व्यवस्था के निर्देश दिए। विधायक रोहित साहू ने महानदी के तटवर्ती क्षेत्रों का दौरा कर बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। संभावित प्राकृतिक आपदा से निपटने और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को त्वरित निर्देश दिए साथ ही जलस्तर पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय विधायक ने निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति में त्वरित राहत और सुरक्षित निकासी की पुख्ता व्यवस्था रखने को कहा तथा बाढ़ प्रभावित संभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक मुस्तैदी बनाए रखने पर जोर दिया।

धार्मिक स्थलों पर चल रहे विकास कार्यों का लिया जायजा

बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के साथ-साथ विधायक ने नगर के धार्मिक स्थलों में चल रहे महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने नगर की आराध्य देवी मां शीतला मंदिर में चल रहे निर्माणाधीन विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण करते हुए कार्यों की गुणवत्ता, निर्माण की गति और तय समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने शीतला मंदिर तथा अन्य धार्मिक स्थानों पर चल रहे कार्यों के अतिरिक्त और जितनी भी कार्यों की आवश्यकताएं महसूस होंगी उनके लिए डीपीआर बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि इन निर्माणाधीन कार्यों के अतिरिक्त जो भी और कार्य होंगे उनके लिए भी तत्काल राशि की स्वीकृति की जाएगी। इसके साथ ही बाबा गरीबनाथ मंदिर के समीप नेताजी सुभाष चंद्र बोस चौक पर बन रहे उच्चस्तरीय डोम शेड के निर्माण कार्य का जायजा लिया और अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुरूप कार्य कराने को कहा।

इसके अलावा सोनतीर्थ घाट पर बन रहे सप्तऋषियों के प्रतिमा स्थल का भी निरीक्षण कर आसपास स्वच्छता बनाए रखने तथा निर्माण कार्य को द्रुतगति से पूरी करने की बात कही। इस दौरान वहां पर अव्यवस्थित रूप से फैले बिजली के तार को भी व्यवस्थित करने के लिए संबंधित विभाग के कर्मचारियों को बुलाकर तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और समयसीमा की विस्तृत जानकारी ली। विधायक ने अधिकारियों व ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी निर्माण कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरे होने चाहिए।

इस दौरान विधायक रोहित साहू ने कहा कि जनसुरक्षा, धार्मिक आस्था का सम्मान और हमारे पूरे नगर का सर्वांगीण विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। महानदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और किसी भी नागरिक को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। इसके साथ ही राजिम हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान है यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं तथा स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए माँ शीतला मंदिर और बाबा गरीबनाथ मंदिर का विकास हमारी प्रतिबद्धता का हिस्सा है।

हमारी सरकार क्षेत्र के हर नागरिक की सुरक्षा और समृद्धि के लिए निरंतर समर्पित भाव से कार्य कर रही है। कुंभ नगरी राजिम को उनकी गरिमा के अनुरूप विकसित करने के लिए हम युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। आने वाले समय में राजिम की भव्यता को पूरा प्रदेश निहारने आएंगे और यहां के विकास को देखकर उनके मन भी संतुष्टि होगी। राजिम नगर विकास की नई इबारत लिखने की तैयार है।

इस अवसर पर राजिम नगरपालिका अध्यक्ष महेश यादव ने कहा कि विधायक रोहित साहू जी के कुशल नेतृत्व में राजिम नगर में सुरक्षा और विकास की एक नई मिसाल कायम हो रही है। महानदी के जलस्तर पर नगरपालिका की टीम और पूरा प्रशासनिक अमला 24 घंटे पैनी नज़र बनाए हुए है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत दल और बुनियादी सुविधाएं तैयार हैं। ​राजिम के तीर्थ स्थलों का यह सौंदर्यीकरण और विकास कार्य हमारे नगर के गौरव को बढ़ाएगा। हम विधायक जी तथा नगरवासियों की मंशा के अनुरूप निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करेंगे। नगर पालिका परिषद का हर एक पार्षद, सभापति,प्रतिनिधि और कर्मचारी दिन-रात जनसेवा में समर्पित है।

निरीक्षण के दौरान स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका के वरिष्ठ अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे जिसमें प्रमुख रूप से नगर पालिका राजिम के अध्यक्ष महेश यादव तहसीलदार डिम्पल ध्रुव,सीएमओ संतोष विश्वकर्मा,पीडब्लूडी एसडीओ मनीष साहू,जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि नेहरू साहू राजिम भक्तिन मंदिर समिति अध्यक्ष लाला साहू, नगर साहू संघ अध्यक्ष रामकुमार साहू, पार्षद कुलेश्वर साहू,भारत यादव, आकाश राजपूत, सुरेश पटेल,बलराम यादव, तुषार कदम, उत्तम निषाद, संजू साहू, ऋषि दुबे, संजू सोनकर, सुनील देवांगन भाजपा कार्यकर्ता एवं वरिष्ठ जन उपस्थित रहे। विधायक के इस दौरे से स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा और विकास कार्यों को लेकर विश्वास और उत्साह देखा गया।

ब्रेकिंग: नदी पार करते बहा किसान, कुछ घंटे बाद मिला दूसरे गांव में मिला शव

(सीजी टॉकिज) फिंगेश्वर :- गरियाबंद जिले में लगातार हो रही बारिश से नदी और नाले उफान पर है। उफनती नदियों और नालों के बीच बुधवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक किसान नदी के तेज बहाव में बहने से मौत हो गई। ग्रामीणों ने काफी तलाश के बाद उनका शव खुटेरी गांव के पास नदी से बाहर निकाला। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।

जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब 7.30 बजे थनवार यादव सहसपुर नदी पार कर घुरसा रोड की ओर जा रहे थे। लगातार बारिश के कारण नदी में पानी का बहाव सामान्य से काफी अधिक था। नदी पार करने के दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे तेज धारा की चपेट में आकर बह गए।

घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने तत्काल उनकी तलाश शुरू कर दी और आसपास के गांवों में भी सूचना दी गई। कुछ समय बाद खुटेरी गांव के पास ग्रामीणों ने नदी में एक शव बहते हुए देखा। गांव के युवाओं ने साहस का परिचय देते हुए पानी में उतरकर शव को बाहर निकाला। पहचान होने पर मृतक की शिनाख्त सहसपुर निवासी थनवार यादव के रूप में हुई। ग्रामीणों के अनुसार जब तक उन्हें बाहर निकाला गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

सूचना मिलते ही फिंगेश्वर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

चेतावनी के बाद भी नहीं माना

इस दर्दनाक हादसे का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि ग्रामीण उफनते नाले को पार करने की कोशिश कर रहा है। मौके पर मौजूद लोग उसे लगातार रोकते रहे और तेज बहाव में न उतरने की चेतावनी देते रहे, लेकिन उसने किसी की बात नहीं मानी। जैसे ही वह नाले के बीच पहुंचा, तेज धारा ने उसका संतुलन बिगाड़ दिया और देखते ही देखते वह पानी के बहाव में बह गया।

इस हादसे के बाद क्षेत्र में शोक के साथ-साथ लोगों में नाराजगी भी है। चेतावनी के बावजूद थोड़ी सी लापरवाही एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए उजाड़ दी।

बारिश में जोखिम न लें – प्रशासन की अपील

लगातार बारिश के कारण जिले की अधिकांश नदियां और नाले उफान पर हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि तेज बहाव वाले नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करें तथा आवश्यक होने पर सुरक्षित मार्ग का ही उपयोग करें। यह हादसा बरसात के मौसम में थोड़ी सी लापरवाही के गंभीर परिणामों की एक और दर्दनाक याद दिलाता है।

मोबाइल पर अचानक गूंजा ‘‘Emergency Alert’’, तेज आवाज से घबराए लोग… फिर मैसेज पढ़कर मिली राहत

सोमवार शाम छत्तीसगढ़ के लाखों मोबाइल फोन पर अचानक तेज आवाज के साथ “Extremely Severe Alert” फ्लैश होते ही लोगों में कुछ पल के लिए दहशत का माहौल बन गया। कई लोग इसे किसी बड़ी आपदा या तकनीकी गड़बड़ी समझ बैठे। तेज अलार्म की आवाज सुनकर लोग घबरा गए और तुरंत अपने मोबाइल की स्क्रीन देखने लगे।

हालांकि कुछ ही क्षण बाद जब लोगों ने संदेश पढ़ा तो उन्हें राहत मिली कि यह भारत सरकार की आपदा चेतावनी प्रणाली के माध्यम से जारी किया गया मौसम संबंधी अलर्ट था। अलर्ट में स्पष्ट रूप से बताया गया था कि अगले तीन घंटे के भीतर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में तेज गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश और आंधी की संभावना है। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन संभावित खराब मौसम को देखते हुए सतर्क भी हो गए।

इन जिलों के लिए जारी हुआ अलर्ट

अलर्ट में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, कोरबा, रायगढ़, जशपुर, सरगुजा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मुंगेली, कबीरधाम, बेमेतरा और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई सहित कई जिलों में अगले तीन घंटे तक खराब मौसम की चेतावनी दी गई।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ अलर्ट

मोबाइल स्क्रीन पर आए इस अलर्ट के स्क्रीनशॉट और वीडियो कुछ ही मिनटों में व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) पर वायरल होने लगे। लोगों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए। किसी ने लिखा, अचानक इतनी तेज आवाज आई कि लगा फोन हैक हो गया, तो किसी ने कहा, पहली बार ऐसा अलर्ट आया, पहले डर लगा फिर समझ आया कि यह मौसम की चेतावनी है।

क्या है यह इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम?

यह अलर्ट सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक (Cell Broadcast Technology) के जरिए भेजा जाता है। इसमें किसी मोबाइल नंबर पर अलग-अलग संदेश भेजने की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि जिस क्षेत्र में खतरा होता है, वहां मौजूद सभी मोबाइल फोनों पर एक साथ चेतावनी पहुंच जाती है। यह सेवा प्राकृतिक आपदाओं, अत्यधिक वर्षा, आंधी, बिजली गिरने, चक्रवात, भूकंप जैसी आपात परिस्थितियों में लोगों को समय रहते सतर्क करने के लिए विकसित की गई है।

राजिम की करोड़ों की सड़क पर अनियमितताओं के आरोप: गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल, SDM से निष्पक्ष जांच और काम रोकने की मांग

(सीजी टॉकिज) राजिम :- राजिम नगर में नए मेला मैदान से लक्ष्मण झूला तक लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा कराए जा रहे निर्माणाधीन सड़क परियोजना को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। सड़क निर्माण की गुणवत्ता और कथित अनियमितताओं को लेकर पार्षद तुषार कदम राजिम की ओर से अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) राजिम को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने की मांग की गई है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निर्माण स्थल पर परियोजना से संबंधित अनिवार्य सूचना-पटल (डिस्प्ले बोर्ड) तक नहीं लगाया गया है, जिससे निर्माण एजेंसी, ठेकेदार, स्वीकृत लागत और कार्य अवधि जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां आम नागरिकों को उपलब्ध नहीं हो रही हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि इससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

आवेदन में यह भी दावा किया गया है कि संबंधित निर्माण कार्य के लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) से आवश्यक अनुमति नहीं ली गई है। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि पुरातत्व विभाग द्वारा संबंधित विभाग और ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है।

बारिश में नदी में बह रही मिट्टी का आरोप

शिकायत में कहा गया है कि वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले नदी किनारे बिना रिटेनिंग वॉल बनाए मिट्टी डाल दी गई, जिसके कारण बारिश के दौरान मिट्टी नदी में बह रही है। इससे न केवल पर्यावरणीय नुकसान होने की आशंका जताई गई है, बल्कि सरकारी धन के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया गया है।

मिट्टी की गुणवत्ता और भुगतान पर भी सवाल

ज्ञापन में विभिन्न समाचार माध्यमों में प्रकाशित खबरों का हवाला देते हुए निर्माण में उपयोग की गई मिट्टी की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए हैं। साथ ही यह दावा किया गया है कि निर्माण कार्य के नाम पर ठेकेदार को बड़ी राशि के भुगतान की सूचना भी मिली है।

ये की गईं प्रमुख मांगें

शिकायतकर्ता ने एसडीएम से मांग की है कि सक्षम तकनीकी अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, जांच पूरी होने तक आवश्यकता पड़ने पर निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए, दोषी अधिकारी एवं ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा ठेकेदार को किसी भी प्रकार का भुगतान न किए जाने की मांग है।