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राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत 10 वर्ष की आयु में लगाए जाने वाले टीडी (ज्मजंदने – क्पचीजीमतपं) टीके की लगातार अनुपलब्धता को लेकर गोबरा नवापारा निवासी मयूर मनियार ने नवापारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर पूरे मामले की जांच एवं जवाबदेही तय करने की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनकी 11 वर्षीय पुत्री दिव्यल मनियार को निर्धारित आयु में लगाया जाने वाला टीडी टीका अब तक नहीं लग पाया है। परिवार पिछले लगभग एक वर्ष से प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच रहा है, लेकिन हर बार यह कहकर वापस भेज दिया जाता है कि टीडी वैक्सीन उपलब्ध नहीं है तथा टीका लगवाने के लिए राजिम शासकीय अस्पताल जाने की सलाह दी जाती है।
शिकायत के अनुसार, 7 जुलाई 2026 को सुबह लगभग 11.50 बजे शिकायतकर्ता की पत्नी अपनी पुत्री को टीका लगवाने फिर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचीं, लेकिन इस बार भी वही कारण बताते हुए वापस भेज दिया गया कि टीडी वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।
शिकायत में कहा गया है कि टीडी वैक्सीन केवल बच्चों के लिए ही नहीं बल्कि गर्भवती महिलाओं के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण एवं अनिवार्य टीका है। ऐसे में यदि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय तक इसकी उपलब्धता नहीं रहती है तो यह गंभीर चिंता का विषय है और स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करता है।
शिकायतकर्ता ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी से टीडी वैक्सीन उपलब्धा, आपूर्ति और अन्य बिन्दुओं पर जानकारी मांगी है। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा सभी बिंदुओं पर लिखित रूप से जवाब उपलब्ध कराने की मांग की है।
इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवापारा के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. तेजेंद्र साहू ने शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में टीडी वैक्सीन उपलब्ध है। यदि कभी स्टॉक समाप्त भी हो जाता है तो तत्काल ब्लॉक कार्यालय अथवा जिला कार्यालय को सूचना देकर वैक्सीन मंगवा ली जाती है। अस्पताल में टीकाकरण व्यवस्था नियमित रूप से संचालित की जा रही है।

(सीजी टॉकिज) अभनपुर :- राजधानी रायपुर से लगे अभनपुर पुलिस को बाइक चोरी के मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक नाबालिग सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की पांच दुपहिया वाहन बरामद किए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कई चोरी की वारदातों का खुलासा किया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी शनिवार बाजार में खरीदारी के लिए आने वाले लोगों की खड़ी मोटरसाइकिलों को निशाना बनाते थे। बरामद पांच मोटरसाइकिलों में से चार अभनपुर के शनिवार बाजार से तथा एक बाइक राखी थाना क्षेत्र के ग्राम तर्रा से चोरी की गई थी। सभी आरोपी अभनपुर थाना क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं।
मामले का खुलासा नवा रायपुर सीएसपी तुलसी राम लेकाम ने किया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों आकाश और संदीप से पूछताछ के दौरान चोरी की पांच मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरोह ने जिले के अन्य थाना क्षेत्रों या आसपास के इलाकों में भी वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं।
फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही चोरी के अन्य मामलों से भी आरोपियों के संबंधों की जांच जारी है।

(सीजी टॉकिज) गरियाबंद :- मानसून की पहली तेज बारिश ने गरियाबंद जिले के नेशनल हाईवे पर हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खोल दी है। जिले के ग्राम श्यामनगर में पेट्रोल पंप के समीप नेशनल हाईवे की सड़क और उससे लगी नाली का बड़ा हिस्सा धंस गया है। लगातार बारिश के कारण सड़क किनारे तेज कटाव हो रहा है, जिससे हाईवे पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि यह मार्ग जिले के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, जहां दिन-रात भारी ट्रकों, बसों और छोटे वाहनों की आवाजाही बनी रहती है, लेकिन अब तक न तो क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत शुरू हुई है और न ही सुरक्षा के कोई पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो यह क्षतिग्रस्त सड़क किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
ग्रामीणों के अनुसार सड़क और नाली का निर्माण हाल के वर्षों में किया गया था, लेकिन निर्माण के दौरान गुणवत्ता का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया। पहली ही तेज बारिश में सड़क का किनारा धंसने लगा और नाली भी क्षतिग्रस्त हो गई। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि पहली बारिश में ही सड़क जवाब दे दे, तो यह संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई। उनका कहना है कि यदि निर्माण सही तरीके से किया गया होता और समय-समय पर रखरखाव होता, तो सड़क की यह स्थिति नहीं बनती। ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने और दोषी अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
यह नेशनल हाईवे क्षेत्रीय यातायात की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक, बसें, यात्री वाहन और दोपहिया वाहन गुजरते हैं। सड़क का किनारा धंस जाने से वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ गया है। विशेषकर रात के समय या तेज बारिश के दौरान स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि कोई भारी वाहन सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से की ओर चला गया तो बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
क्षतिग्रस्त सड़क के बावजूद मौके पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। न तो प्रभावी बैरिकेडिंग की गई है और न ही वाहन चालकों को सतर्क करने के लिए चेतावनी संकेत लगाए गए हैं।

गरियाबंद जिले में विगत दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश एवं मौसम विभाग द्वारा जारी रेड अलर्ट को देखते हुए राजिम विधायक रोहित साहू ने जिलेवासियों से विशेष सतर्कता बरतने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। लगातार हो रही वर्षा के कारण जिले के कई नदी-नाले उफान पर हैं तथा अनेक स्थानों पर जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी जान-माल की हानि का कारण बन सकती है।
विधायक रोहित साहू ने बताया कि उन्होंने दूरभाष के माध्यम से गरियाबंद कलेक्टर से चर्चा कर जिले में भारी वर्षा की स्थिति, बाढ़ प्रभावित गांवों, राहत एवं बचाव की तैयारियों तथा आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए जिले के सभी विद्यालयों के संबंध में आवश्यक निर्णय लेने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में आमजन अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचें। विशेषकर नदी-नालों, पुल-पुलियों, डूबान क्षेत्रों एवं जलभराव वाले स्थानों से पूरी तरह दूरी बनाए रखें। किसी भी स्थिति में उफनते नदी-नालों या पुल-पुलियों को पार करने का प्रयास न करें, क्योंकि तेज बहाव के कारण गंभीर दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपने बच्चों पर विशेष ध्यान रखने तथा उन्हें जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास जाने से रोकने की अपील की।
विधायक रोहित साहू ने कहा कि लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिरने एवं विद्युत तार क्षतिग्रस्त होने से विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा विषम परिस्थितियों में लगातार विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बारिश के बीच भी कर्मचारी पूरी निष्ठा और तत्परता के साथ मरम्मत कार्य में जुटे हुए हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि टूटे हुए विद्युत तारों, झुके हुए बिजली के खंभों अथवा विद्युत लाइन के संपर्क में आने का प्रयास न करें तथा ऐसी किसी भी स्थिति की तत्काल विद्युत विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन को सूचना दें, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। राहत एवं बचाव दलों को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किए जाएंगे।
अंत में विधायक रोहित साहू ने जिलेवासियों से संयम एवं सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। सभी नागरिक सतर्क रहें, सुरक्षित रहें तथा किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें। सभी के सहयोग और जागरूकता से संभावित जन-धन की हानि को रोका जा सकता है।

गरियाबंद जिले के नगर पंचायत कोपरा से रविवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां पानी से लबालब भरे घुरवा में डूबने से दो मासूम भाई-बहन की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना पांडुका थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के अनुसार नगर पंचायत कोपरा के तर्रा रोड निवासी बिसेलाल साहू के पोते योगेश साहू और पोती सुमन साहू बारिश थमने के बाद घर के बाहर खेल रहे थे। इसी दौरान दोनों बच्चे घर से लगे घुरवा गड्ढे के पास पहुंच गए। आशंका है कि फिसलकर दोनों करीब 10 से 12 फीट गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिर गए और बाहर नहीं निकल सके।
जब काफी समय तक दोनों बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिवार और ग्रामीणों ने आसपास उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान दोनों बच्चों का पता घर से सटे घुरवा गड्ढे में चला। ग्रामीणों ने तत्काल उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही पांडुका पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मामला डूबने से मौत का माना जा रहा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी।
घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में खुले और गहरे घुरवा गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे गड्ढों की घेराबंदी, चेतावनी बोर्ड लगाने और सुरक्षा के स्थायी इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग भी की गई है।

(सीजी टॉकिज) गरियाबंद :- मानसून की पहली झमाझम बारिश में एक ओर जहां किसानों के चेहरों पर मुस्कान दिख रही है, वहीं ग्रामीण अंचलों में बड़ी मुसीबत भी खड़ी कर दी। शनिवार आधी रात से हो रही मूसलाधार बारिश में कोसमबुड़ा-सारागांव होते हुए उड़ीसा सीमा को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित छोटे नाले की पुलिया तेज बहाव में बह गया। जिससे दर्जनों गांवों का आवागमन प्रभावित हो गया।
रविवार सुबह जब लोग रोजमर्रा के कामों के लिए निकले तो पुलिया टूटी मिली। कई वाहन बीच रास्ते से ही वापस लौट गए। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर लोगों को क्षतिग्रस्त हिस्से से दूर रहने की सलाह दी है।
क्षेत्र के किसान कई दिनों से मानसून की राह देख रहे थे। बारिश नहीं होने से खेतों की तैयारी और बुआई का काम पिछड़ रहा था। शनिवार को आखिरकार मानसून ने जोरदार दस्तक दी, लेकिन एक ही रात की तेज बारिश ने जनजीवन को भी अस्त-व्यस्त कर दिया। खेतों में पानी भरने से किसानों को राहत मिली, लेकिन सड़क मार्ग से छोटे पुलिया बहने जैसी घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार पूरी रात हुई तेज बारिश से नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव के दबाव में पुलिया का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर बह गया। सुबह तक सड़क पूरी तरह जलमग्न हो गया, जिससे आवागमन रोकना पड़ा।
पुलिया क्षतिग्रस्त होने से दुल्ला, सारागांव, नवापारा, कोसमी, चुरकीदादर सहित आसपास के दर्जनों गांवों का सीधा संपर्क प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों को अब बाजार, स्कूल, अस्पताल और सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने के लिए लंबा वैकल्पिक रास्ता तय करना पड़ेगा। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क उनके लिए जीवनरेखा से कम नहीं था। रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर कृषि उपज के परिवहन तक अधिकांश गतिविधियां इसी मार्ग पर निर्भर हैं।
बरसात के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच पहले ही कठिन होती है। ऐसे में पुलिया टूटने से आपातकालीन स्थिति में अस्पताल पहुंचाना बड़ी चुनौती बन सकता है। साथ ही कृषि उपज, दैनिक उपयोग की वस्तुओं और आवश्यक सामान की आपूर्ति भी प्रभावित होने की आशंका है।
शनिवार की रात से हो रही बारिश रविवार दोपहर तक जारी रहा। छुरा सहित गरियाबंद जिले के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। बारिश का यही सिलसिला जारी रहा तो अन्य पुल-पुलियों और संपर्क मार्गों पर भी खतरा बढ़ सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से क्षतिग्रस्त पुलिया का तत्काल निरीक्षण कर मरम्मत कार्य शुरू कराने तथा आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है।
गरियाबंद जिले के ग्राम बीजापाल स्थित बगनई नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से निर्माणाधीन पुल पर कार्य कर रहे 14 मजदूर फंस गए। लगातार बारिश के कारण नदी का बहाव इतना तेज हो गया कि मजदूरों के लिए बाहर निकलना असंभव हो गया। जान बचाने के लिए सभी मजदूर नदी किनारे एक पेड़ पर चढ़ गए और पूरी रात वहीं बिताई। फंसे मजदूरों में 10 पुरुष और 4 महिलाएं शामिल थीं।
रात में अंधेरा और तेज बहाव के कारण बचाव अभियान शुरू नहीं किया जा सका। सुबह होते ही गरियाबंद और महासमुंद जिला प्रशासन की संयुक्त रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद सभी मजदूरों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। समय रहते चलाए गए इस अभियान से एक बड़ा हादसा टल गया। प्रशासन ने लगातार हो रही बारिश को देखते हुए नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों और निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

(सीजी टॉकिज) गरियाबंद :- गरियाबंद-छुरा मार्ग पर यात्री बस ने मोपेड सवार को कुचला दिया। हादसा इतना भीषण था कि एक महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि मोपेड चला रहा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।
जानकारी के अनुसार, बागबाहरा क्षेत्र के भीखापाली निवासी महिला और एक पुरुष मोटरसाइकिल से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान गरियाबंद से खड़मा की ओर जा रही मां ट्रेवल्स की बस ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि महिला ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। घायल पुरुष को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
घटना की सूचना मिलते ही गरियाबंद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई शुरू की। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है तथा आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी मार्ग पर दो दिन पहले भी कार की टक्कर से एक व्यक्ति की मौत हुई थी। लगातार दूसरी जान जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों पर कोई नियंत्रण नहीं है और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं किए गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से दुर्घटनास्थल पर तत्काल स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेतक तथा अन्य सड़क सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है।

(सीजी टॉकिज) राजिम :- राजिम थाना क्षेत्र के ग्राम पितईबंद में शनिवार तड़के एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। युवक का शव उसके ही घर के सामने मिलने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। मृतक के शरीर पर लोहे की रॉड जैसे किसी भारी हथियार से वार किए जाने के निशान दिखाई देने के बाद हत्या की आशंका और गहरा गई है।
मृतक की पहचान उत्तम भारती के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात करीब 12 बजे की बताई जा रही है। परिजनों ने युवक को गंभीर हालत में तत्काल राजिम अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या युवक की हत्या कहीं और की गई और शव घर के सामने लाकर फेंका गया, या गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद वह किसी तरह अपने घर तक पहुंचा?
सूचना मिलते ही राजिम पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस ने मामले में चार संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल की बारीकी से जांच के लिए रवाना हो चुकी है।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारण और हत्या की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस हत्या सहित सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

(सीजी टॉकिज) गरियाबंद :- गरियाबंद जिले अंतर्गत नगर पंचायत कोपरा में शुक्रवार को कांग्रेस ने जनसमस्याओं को लेकर नगर पंचायत कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों और महिलाओं ने नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सीएमओ पर मनमानी, प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता, विकास कार्यों में भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई, जिसके चलते कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
प्रदर्शन से पहले कांग्रेस के नेतृत्व में आमसभा आयोजित की गई, जिसमें स्थानीय नेताओं ने नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। सभा के बाद सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, महिलाएं और ग्रामीण रैली निकालते हुए नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे और कार्यालय का घेराव कर धरना-प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर के नाम नगर पंचायत प्रशासन को 20 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना की लंबित किस्तों का भुगतान, विकास कार्यों में अनियमितताओं की जांच, पेयजल व्यवस्था में सुधार, नियमित सफाई, टैक्स वसूली में पारदर्शिता, प्लेसमेंट कर्मचारियों की नियुक्ति सहित विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की मांग की गई।
घेराव के दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘‘भाजपा सरकार मुर्दाबाद’’, ‘‘नगर पंचायत सीएमओ मुर्दाबाद’’ और ‘‘सीएमओ जवाब दो’’ जैसे नारों के साथ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने का प्रयास किया, जिससे कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। हालांकि स्थिति को देखते हुए पहले से तैनात पुलिस बल ने हालात को संभाल लिया और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत में आम जनता की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है और विकास कार्यों में भारी अनियमितताएं हो रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही, स्थानीय ग्रामीण, महिला कार्यकर्ता और कांग्रेस पदाधिकारी शामिल रहे, जिससे नगर पंचायत परिसर लंबे समय तक आंदोलन का केंद्र बना रहा।

रायपुर जिले के अभनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सकरी में गुरुवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां 17 वर्षीय किशोरी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में शोक का माहौल फैल गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार मृतिका की पहचान देविका (17 वर्ष) के रूप में हुई है। आत्महत्या का कारण अज्ञात है। घटना की सूचना मिलने पर अभनपुर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
फिलहाल किशोरी द्वारा आत्मघाती कदम उठाने के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस परिजनों एवं आसपास के लोगों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है। अभनपुर पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही आत्महत्या के कारणों का खुलासा हो सकेगा।