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अभनपुर के सोनेसिली में स्कूल भवन नहीं, जर्जर कमरों में पढ़ने को मजबूर बच्चे; पालकों और ग्रामीणों ने की तालाबंदी, मूकदर्शक बने शिक्षक

(सीजी टॉकिज) अभनपुर :- एक ओर सरकार सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर रायपुर जिले के अभनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनेसिली की तस्वीर इन दावों पर खोखला साबित कर रही है। गांव में वर्षों बाद भी स्थायी स्कूल भवन का निर्माण नहीं हो सका है। जर्जर भवन और कक्षाओं की भारी कमी के बीच बच्चों को जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।

इसी समस्या से नाराज पालकों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। उन्होंने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला जड़कर जोरदार प्रदर्शन किया और ‘‘नया स्कूल भवन दो’’ के नारे लगाए।

बरसात में खतरा, गर्मी में परेशानी

ग्रामीणों का कहना है कि प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय एक ही परिसर में दो पालियों में संचालित हो रहे हैं। दोनों भवन बेहद जर्जर हैं और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लगातार बारिश से भवनों की हालत और खराब हो गई है। वर्तमान में विद्यार्थियों की संख्या के मुकाबले पर्याप्त कक्षाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिससे बच्चे दो अतिरिक्त कमरों में किसी तरह पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

कई बार ज्ञापन, लेकिन नहीं मिली राहत

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्कूल भवन निर्माण की मांग को लेकर कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन आज तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। वर्षों से केवल आश्वासन मिल रहे हैं, जबकि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा दोनों खतरे में हैं।

प्रदर्शन के दौरान शिक्षक स्कूल परिसर के बाहर मूकदर्शक बने रहे। हाथों में तख्तियां लिए ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि जब तक नए भवन की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

ग्रामीणों की दो टूक चेतावनी

ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की जान जोखिम में डालकर पढ़ाई नहीं कराई जा सकती। यदि जल्द नया स्कूल भवन स्वीकृत नहीं हुआ और निर्माण शुरू नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

नगर पंचायत कोपरा को 20.35 करोड़ की जल आवर्धन योजना की सौगात, हर घर पहुंचेगा शुद्ध पेयजल; राज्य सरकार ने दी प्रशासकीय स्वीकृति

(सीजी टॉकिज) राजिम :- राजिम विधानसभा क्षेत्र के नगर पंचायत कोपरा के निवासियों को राज्य सरकार ने बड़ी सौगात दी है। नगर में लंबे समय से चली आ रही पेयजल की समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए राज्य शासन ने जल आवर्धन योजना के तहत 20 करोड़ 35 लाख रुपए की राशि को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है।

इस बहुप्रतीक्षित योजना की मंजूरी मिलते ही पूरे नगर में हर्ष का माहौल है। इस योजना के धरातल पर उतरने से नगर पंचायत कोपरा के हर घर में नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचेगा और गर्मी के दिनों में होने वाली पानी की किल्लत पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। इस बड़ी सौगात के लिए क्षेत्रीय विधायक  रोहित साहू और नगर पंचायत अध्यक्ष रूपनारायण साहू ने प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

बता दे कि कुछ माह पूर्व प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन विकास विभाग के भारसाधक मंत्री अरुण साव विभिन्न विकास कार्यों तथा नवनिर्मित अटल परिसर के लोकार्पण समारोह में नगर पंचायत कोपरा पहुंचे थे, तब क्षेत्रीय विधायक रोहित साहू ने नगरवासियों की मांग पर इस जल आवर्धन योजना की स्वीकृति के लिए उपमुख्यमंत्री अरुण साव से विशेष आग्रह किया था जिसकी घोषणा उपमुख्यमंत्री ने मंच से ही की थी, जो आज फलीभूत हुई है।

बुनियादी सुविधा हर नागरिक का अधिकार

इस स्वीकृति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राजिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक रोहित साहू ने कहा कि नगर पंचायत कोपरा में स्वच्छ पेयजल की सुचारू व्यवस्था क्षेत्र की जनता की प्रमुख मांग थी। आज मुझे यह बताते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि हमारी सरकार ने कोपरा के लिए 20 करोड़ 35 लाख रुपए की जल आवर्धन योजना को स्वीकृति दे दी है। इस ऐतिहासिक सौगात के लिए मैं प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव का सहृदय आभार और धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ।

हमारी सरकार विकास और सुशासन के मूलमंत्र पर काम कर रही है। पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा हर नागरिक का अधिकार है और यह योजना हमारे इसी संकल्प को पूरा करेगी। क्षेत्र का चहुंमुखी विकास और जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बहुत जल्द इस योजना का भूमिपूजन कर कार्य प्रारंभ किया जाएगा ताकि नगरवासियों को जल्द से जल्द इसका सीधा लाभ मिल सके।

नगर पंचायत अध्यक्ष ने जताया आभार 

नगर पंचायत कोपरा के अध्यक्ष रूपनारायण साहू ने कहा कि यह कोपरा नगर पंचायत के इतिहास का एक स्वर्णिम दिन है। पानी की समस्या हमारे नगर की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक थी, जिसे आज हमारी सरकार ने दूर कर दिया है। 20 करोड़ 35 लाख रुपए की यह बड़ी स्वीकृति हमारे नगर के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

उन्होंने कहा कि नगर पंचायत कोपरा के सभी सम्मानीय नागरिकों की ओर से, मैं माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव और विशेष रूप से हमारे कर्मठ विधायक रोहित साहू जी का कोटि-कोटि आभार व्यक्त करता हूँ। विधायक जी के अथक प्रयासों और निरंतर मार्गदर्शन के बिना यह संभव नहीं था। इस योजना के पूर्ण होने से हमारी माताओं और बहनों को पानी के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और हर घर में शुद्ध जल उपलब्ध होगा। हम सुनिश्चित करेंगे कि इस योजना का कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से और तय समय-सीमा में पूरा हो।

जल आवर्धन योजना के तहत अब नगर में नई टंकियों का निर्माण, पाइपलाइन का विस्तार और जल शुद्धिकरण संयंत्र की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। प्रशासनिक औपचारिकताएं पूर्ण होते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसके बाद नगर में युद्ध स्तर पर कार्य आरंभ होने की उम्मीद है।

राजिम: 24 करोड़ की सड़क निर्माण में तालाब की मिट्टी का इस्तेमाल, पहली बारिश में खुली गुणवत्ता की पोल

(सीजी टॉकिज) राजिम:- धर्मनगरी राजिम में पुराने मेला स्थल को नए मेला स्थल से जोड़ने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा लगभग 24 करोड़ रुपये की लागत से 3 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन निर्माण कार्य के शुरुआती चरण में ही सड़क की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

निर्माण के प्रथम चरण में सड़क के लिए सेलेक्टेड सॉइल (Selected Soil) से अर्थवर्क किया गया। आरोप है कि इसके लिए राजिम के शीतला तालाब से निकाली गई मिट्टी का उपयोग किया गया, जबकि वर्षों तक पानी में डूबी रहने वाली मिट्टी तकनीकी मानकों के अनुसार सेलेक्टेड सॉइल की श्रेणी में नहीं आती।

पहली ही बारिश में निर्माणाधीन सड़क की परतों का कटाव दिखाई देने लगा है, संगम स्थल के पास नदी तट पर किए गए अर्थवर्क में पानी के बहाव से मिट्टी बहने लगी, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, निर्माणाधीन सड़क के किनारे स्थित शीतला तालाब का नगर पालिका गहरीकरण कराना चाहती थी, लेकिन इसके लिए किसी सरकारी मद में राशि उपलब्ध नहीं थी, ऐसे में आरोप है, कि सड़क निर्माण ठेकेदार को तालाब से मिट्टी लेने की अनुमति देने के बदले दो पचरी (रैंप) निर्माण कराने का समझौता किया गया।

मिट्टी निकालने के दौरान तालाब को 20 फीट से अधिक गहरा कर दिया गया, आरोप है, कि इस पूरी प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई, परिणामस्वरूप एक ओर तालाब का गहरीकरण हो गया, वहीं दूसरी ओर सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर इसका प्रतिकूल असर दिखाई देने लगा है।

इस मामले में नगर पालिका के CMO संतोष विश्वकर्मा ने इसे जनप्रतिनिधियों के निर्णय का हवाला दिया, जबकि पीडब्ल्यूडी के जिम्मेदार अधिकारी दफ्तर से नदारद नजर आए, अब निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के पालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

पारागांव श्मशान घाट पर मिली महिला की लाश, दूसरे युवक के साथ देख प्रेमी ने मार डाला, आरोपी गिरफ्तार

(सीजी टॉकिज) आरंग :- रायपुर जिले के आरंग थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पारागांव स्थित श्मशान घाट के पास महानदी किनारे महिला की लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए मृतका के प्रेमी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने चरित्र शंका के चलते पहले महिला की बेरहमी से हत्या की और फिर साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को महानदी किनारे श्मशान घाट के पास फेंककर फरार हो गया था।

जानकारी के अनुसार 13 जुलाई 2026 को महानदी तट पर रूकमणी सोनवानी का शव बरामद हुआ था। शव के जांघ, कूल्हे, हाथ और पैरों पर गंभीर चोटों के निशान मिले थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की गई। जांच में पता चला कि मृतका का पिछले छह-सात वर्षों से पंजाब निवासी एवं वर्तमान में महासमुंद जिले के पिथौरा थाना क्षेत्र के ग्राम मुढीपार में रहने वाले सोनू सरदार उर्फ अवतार सिंह के साथ प्रेम संबंध था।

पुलिस जांच के मुताबिक, 12 जुलाई की रात करीब 9.30 बजे सोनू सरदार ने रूकमणी को किसी अन्य पुरुष के साथ देख लिया। इससे वह भड़क गया और चरित्र पर संदेह करते हुए पहले गाली-गलौज की, फिर धारदार कड़े तथा हाथ-मुक्कों से हमला कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी शव को पारागांव स्थित महानदी तट के श्मशान घाट के पास फेंककर फरार हो गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आरोपी को रायपुर से हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया है। 15 जुलाई 2026 को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल रायपुर भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की विवेचना जारी है।

रायपुर-आरंग मार्ग पर भीषण हादसा: डायल 112, यात्री बस और कंटेनर में जोरदार भिड़ंत, बाल-बाल बचे लोग

(सीजी टॉकिज) :- नेशनल हाईवे 53 (NH-53) पर मंदिर हसौद पुलिस थाना के ठीक सामने आज एक भीषण त्रिकोणीय सड़क दुर्घटना हो गई। तेज गति से आ रहे एक भारी कंटेनर, रायपुर जा रही यात्री बस और पुलिस की पेट्रोलिंग वाहन डायल 112 के बीच हुई इस जबरदस्त टक्कर में तीनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत रही कि इस बड़े हादसे में किसी भी यात्री या पुलिसकर्मी को गंभीर चोट नहीं आई और एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया।

मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस की आपातकालीन सेवा ‘डायल 112’ की टीम पलौद मोड़ की तरफ से नियमित पेट्रोलिंग पूरी कर वापस मंदिर हसौद थाने लौट रही थी। जैसे ही डायल 112 का वाहन थाने के सामने हाईवे से अंदर मुड़ने लगा, तभी पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार बड़े कंटेनर ने पुलिस वाहन को जोरदार टक्कर मार दी।

कंटेनर की रफ्तार इतनी तेज थी कि चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया। इसी दौरान, कंटेनर के ठीक पीछे चल रही ‘किरण’ ट्रेवल्स की यात्री बस (क्रमांक CG 06 HB 9519) भी अनियंत्रित होकर कंटेनर के पिछले हिस्से से जा टकराई।

वाहनों के उड़े परखच्चे, मची चीख-पुकार

टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा है। डायल 112 की गाड़ी का अगला और साइड का हिस्सा पूरी तरह पिचक गया है और इंजन को भारी क्षति पहुंची है। किरण बस का सामने का हिस्सा (फ्रंट बंपर और विंडशील्ड) बुरी तरह टूट गया। हादसे के वक्त बस में यात्री सवार थे, जिससे अचानक हुए झटके के कारण बस के भीतर कुछ समय के लिए चीख-पुकार मच गई। कंटेनर का पिछला दरवाजा और बॉडी भी इस टक्कर में क्षतिग्रस्त हो गए।

नेशनल हाईवे पर लगा लंबा जाम, पुलिस ने संभाला मोर्चा

हादसा थाना के ठीक सामने होने के कारण मंदिर हसौद पुलिस तुरंत हरकत में आई। दुर्घटना के फौरन बाद व्यस्त नेशनल हाईवे 53 पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। थाना प्रभारी और पुलिस बल ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। सभी वाहनों से यात्रियों और चालकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद पुलिस ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को बीच सड़क से हटाकर किनारे किया और तत्परता दिखाते हुए यातायात व्यवस्था को दोबारा सुचारू रूप से दुरुस्त कराया।

पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाया जा रहा है। हाईवे पर सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर पुलिस ने एक बार फिर वाहन चालकों से संयम बरतने की अपील की है।

ब्रेकिंग: जोगीडीपा जलाशय में मिला ग्रामीण का शव, मछली पकड़ने के दौरान डूबने की आशंका

(सीजी टॉकिज) राजिम:- गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जोगीडीपा स्थित जलाशय में मंगलवार शाम एक ग्रामीण का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान ग्राम जोगीडीपा निवासी निगम साहू (52 वर्ष) के रूप में हुई है। प्रथम दृष्टया मामला मछली पकड़ने के दौरान डूबने की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब 5 बजे ग्रामीणों ने जलाशय में एक शव पानी पर तैरता हुआ देखा। इसकी सूचना मृतक के भाई प्रकाश साहू ने तत्काल फिंगेश्वर थाना और ग्राम सरपंच को दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी जयप्रकाश नेताम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।

पानी में मिला मछली जाली

पुलिस जांच के दौरान मृतक के आसपास पानी में मछली पकड़ने की जाली फैली हुई मिली, जबकि उनके गले में एक थैला भी लटका हुआ था। इन परिस्थितियों के आधार पर प्रारंभिक तौर पर यह आशंका जताई जा रही है कि मछली पकड़ने के दौरान किसी कारणवश उनका संतुलन बिगड़ गया और वे जलाशय में डूब गए। हालांकि पुलिस अन्य सभी संभावित पहलुओं की भी जांच कर रही है।

पुलिस ने रात करीब 8 बजे शव को जलाशय से बाहर निकलवाकर पंचनामा कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए फिंगेश्वर चीरघर भेज दिया गया। थाना प्रभारी जयप्रकाश नेताम ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई की गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि की जाएगी। फिलहाल मामले की विवेचना जारी है।

राजिम नगर पंचायत को मिला नगरपालिका का दर्जा, राजपत्र में आदेश प्रकाशित

विधायक रोहित साहू ने मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री का जताया आभार

(सीजी टॉकिज) राजिम:- धर्मनगरी राजिम के इतिहास में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। राजिम वासियों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राजिम नगर पंचायत को नगरपालिका का दर्जा दे दिया गया है। इस संबंध में आधिकारिक आदेश छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित कर दिया गया है। इस राजपत्र प्रकाशन के साथ ही अब राजिम नगरपालिका परिषद आधिकारिक रूप से अस्तित्व में आ गई है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद संपूर्ण राजिम नगर में उत्सव का माहौल है। स्थानीय निवासियों, जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया।

विधायक रोहित साहू ने जताया आभार

राजिम विधानसभा के विधायक रोहित साहू ने इस बड़ी सौगात के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव का राजिम नगरवासियों की ओर से आभार जताया। विधायक साहू ने कहा कि यह निर्णय राजिम के चहुंमुखी विकास में मील का पत्थर साबित होगा। आज का दिन हम सभी राजिम वासियों के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक है।

राजिम को नगरपालिका का दर्जा मिलना हमारे नगर के विकास को एक नई उड़ान देने की शुरुआत है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार सबका साथ सबका विकास के संकल्पों के साथ विकास की नई इबारत लिखी है, राजिम को नगरपालिका का दर्जा मिलना भाजपा की सरकार में ही संभव है। प्रदेश सरकार के ऐसे लोकहितकारी निर्णय से आज नई सौगात मिली है। मैं राजिम की जनता की ओर से माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी और उपमुख्यमंत्री व नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव जी का कोटि-कोटि धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने हमारी इस जनभावना को समझा और इसे धरातल पर उतारा।

अब राजिम में बुनियादी सुविधाओं, सड़कों, स्वच्छता और अधोसंरचना का तेजी से विस्तार होगा। बजट का दायरा बढ़ेगा, जिससे हम राजिम को एक आधुनिक और सुविधायुक्त शहर के रूप में विकसित कर सकेंगे। राजिम नगरपालिका अध्यक्ष महेश यादव ने कहा राजिम नगर पंचायत का नगरपालिका में तब्दील होना हमारे लिए एक नए युग की शुरुआत है। मैं इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रदेश सरकार और हमारे सजग विधायक रोहित साहू जी का विशेष आभार व्यक्त करता हूं जिनके निरंतर प्रयासों से यह सपना सच हुआ है।

अब हमारी जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है। नगरपालिका बनने से शहर के विकास के लिए अधिक फंड और संसाधन उपलब्ध होंगे। हम सब मिलकर राजिम को स्वच्छता, जन-सुविधाओं और नागरिक सेवाओं के मामले में भी प्रदेश की सर्वश्रेष्ठ नगरपालिका बनाने के लिए संकल्पित हैं। मैं राजिम की जनता को इस नई शुरुआत की बधाई देता हूँ।

नगरपालिका बनने से सुविधाओं का होगा विस्तार

नगरपालिका बनने से केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न शहरी विकास योजनाओं के तहत मिलने वाले बजट में भारी बढ़ोतरी होगी। साफ-सफाई, जल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट्स और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीक और अधिक अमला उपलब्ध होगा। नगरपालिका में उन्नयन होने से नए उद्योगों, व्यवसायों और पर्यटन विकास को गति मिलेगी जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही प्रशासनिक अमले में बढ़ोतरी होने से आम जनता विभिन्न कार्य अधिक तेजी और पारदर्शिता से पूरे होंगे।

अभनपुर: ग्राम बेंद्री में बोरी में मिली युवक की लाश, सिर कुचलकर हत्या की आशंका

(सीजी टॉकिज) अभनपुर :- रायपुर जिले के ग्राम बेंद्री में एक अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जांच में युवक की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। मामला राखी थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने नहर के पास स्थित खेत में एक युवक का शव पड़ा देखा, जिसके बाद तत्काल इसकी सूचना राखी पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। शव के पास हत्या में इस्तेमाल किया गया एक बड़ा पत्थर भी बरामद हुआ है, जिसे पुलिस ने साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है।

पुलिस का मानना है कि अज्ञात आरोपियों ने पहले युवक की हत्या की और बाद में शव को नहर किनारे खेत में लाकर फेंक दिया। हालांकि, हत्या किन परिस्थितियों में और किस कारण से की गई, इसका खुलासा अभी नहीं हो सका है।

फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा आसपास के थानों से गुमशुदगी की जानकारी जुटाई जा रही है।

राखी पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। मामले की जांच जारी है।

राजिम को मिला नगर पालिका का दर्जा, राज्य सरकार ने जारी की अधिसूचना

(सीजी टॉकिज) राजिम:- छत्तीसगढ़ की धार्मिक एवं ऐतिहासिक नगरी राजिम के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य शासन ने लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए राजिम नगर पंचायत का नगर पालिका के रूप में उन्नयन कर दिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही राजिम अब आधिकारिक रूप से नगर पालिका बन गया है। शासन के इस फैसले से क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है।

जारी अधिसूचना के अनुसार, वर्तमान राजिम नगर पंचायत की सीमाएं ही नई नगर पालिका की सीमाएं होंगी। नगर पालिका का दर्जा मिलने के बाद राजिम को अधिक वित्तीय संसाधन, प्रशासनिक अधिकार और शहरी विकास योजनाओं का व्यापक लाभ मिलेगा, जिससे शहर के समग्र विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य शासन के इस निर्णय से राजिम के सुनियोजित शहरी विकास को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने बताया कि नगर पालिका बनने के बाद सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, उद्यान, सामुदायिक भवन सहित विभिन्न आधारभूत सुविधाओं के विकास में तेजी आएगी। साथ ही राज्य और केंद्र सरकार की शहरी योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी ढंग से नागरिकों तक पहुंच सकेगा।

राजिम क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और नागरिक लंबे समय से नगर पंचायत को नगर पालिका का दर्जा देने की मांग कर रहे थे। शहर की लगातार बढ़ती आबादी, धार्मिक महत्व और पर्यटन गतिविधियों को देखते हुए यह मांग लगातार उठाई जा रही थी। अब शासन की अधिसूचना जारी होने के साथ ही वर्षों पुरानी यह मांग पूरी हो गई है।

छत्तीसगढ़ के श्प्रयागराजश् के नाम से प्रसिद्ध राजिम अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए देशभर में जाना जाता है। यहां प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले राजिम कुंभ कल्प में लाखों श्रद्धालु देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचते हैं। नगर पालिका बनने के बाद धार्मिक पर्यटन, शहरी अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं के विस्तार में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।

नगर पालिका का दर्जा मिलने से शहर को आधारभूत सुविधाओं के लिए अधिक बजट उपलब्ध होगा। सड़क, पेयजल, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, सौंदर्यीकरण और अन्य विकास कार्यों को गति मिलेगी। साथ ही नए विकास कार्यों की स्वीकृति और क्रियान्वयन भी पहले की तुलना में अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।

राज्य शासन के इस निर्णय का स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने स्वागत करते हुए इसे राजिम के विकास के लिए ऐतिहासिक कदम बताया है।

सरगी नाला में मिला अज्ञात युवक का सड़ा-गला शव, इलाके में फैली सनसनी

(सीजी टॉकिज) फिंगेश्वर:- गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर थाना क्षेत्र में मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब सरगी नाला एनीकट इंटकवेल के पास पानी में एक अज्ञात युवक का सड़ी-गली अवस्था में शव तैरता हुआ मिला। शव मिलने की सूचना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही फिंगेश्वर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाकर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, सरगी नाला के पास अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे कुछ लोगों की नजर पानी में तैर रहे शव पर पड़ी। शव की स्थिति देखकर उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही फिंगेश्वर थाना प्रभारी जय प्रकाश नेताम पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे। स्थानीय लोगों की सहायता से शव को पानी से बाहर निकालकर पुलिस ने अपने कब्जे में लिया।

शव की नहीं हुई पहचान

पुलिस के अनुसार शव काफी सड़ी-गली अवस्था में था, जिससे आशंका जताई जा रही है कि युवक की मौत कई दिन पहले हुई होगी। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के थाना क्षेत्रों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों का मिलान कर शव की शिनाख्त करने का प्रयास कर रही है। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर पुलिस ने आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि युवक की मौत दुर्घटना, आत्महत्या या किसी अन्य कारण से हुई है। फिंगेश्वर पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। वहीं शव की पहचान और घटना की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच लगातार जारी है।