CGTalkies

CGTalkies News

जुपिटर पब्लिक स्कूल में पुलिस की पाठशाला: ‘गुड टच-बैड टच’ से लेकर साइबर सुरक्षा तक बच्चों को किया जागरूक

(सीजी टॉकिज) फिंगेश्वर:- विद्यार्थियों की सुरक्षा, जागरूकता और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जुपिटर पब्लिक स्कूल, फिंगेश्वर में पुलिस विभाग द्वारा विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को गुड टच एवं बैड टच, साइबर अपराध से बचाव, शारीरिक एवं मानसिक उत्पीड़न की पहचान तथा सुरक्षित व्यवहार के बारे में सरल और प्रभावी तरीके से जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बच्चों को बताया कि यदि कोई व्यक्ति अनुचित व्यवहार करता है या किसी भी प्रकार का शारीरिक, मानसिक अथवा ऑनलाइन उत्पीड़न करता है, तो उसे छिपाने के बजाय तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक या पुलिस को इसकी जानकारी दें। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी समझाया कि समय पर शिकायत करना ही सुरक्षा का सबसे प्रभावी उपाय है।

साइबर सुरक्षा विषय पर अधिकारियों ने सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग, फर्जी लिंक, ओटीपी साझा करने, साइबर ठगी और डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के महत्वपूर्ण उपाय बताए। विद्यार्थियों को इंटरनेट का सुरक्षित, जिम्मेदारीपूर्ण और संयमित उपयोग करने की सलाह दी गई।

विद्यालय परिवार ने पुलिस विभाग के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास, जागरूकता और सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। विद्यालय प्रबंधन ने भविष्य में भी इस प्रकार के जन-जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की अपेक्षा व्यक्त की।

कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में विद्यालय प्रबंधन ने पुलिस विभाग की टीम का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

महानदी के बढ़ते जलस्तर से निसदा में बाढ़: घर में फंसे एक ही परिवार के 6 लोगों को SDRF ने सुरक्षित निकाला

(सीजी टॉकिज) आरंग:- लगातार हो रही बारिश और बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण महानदी उफान पर है। अचानक बढ़े जलस्तर से रायपुर जिले के आरंग विकासखंड के निसदा गांव में बाढ़ का पानी घुस गया, जिससे गांव के कई हिस्से जलमग्न हो गए। इसी दौरान एक ही परिवार के 6 सदस्य अपने मकान में चारों ओर से पानी से घिरकर फंस गए। सूचना मिलते ही प्रशासन और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी को सकुशल बाहर निकाल लिया।

महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका को देखते हुए गांव के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक ने सुबह ही सतर्कता बरतते हुए बाढ़ प्रभावित होने वाले 12 मकानों से 42 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया था।

हालांकि सियाराम साहू और उनके परिवार को भी घर खाली करने की सलाह दी गई थी, लेकिन परिवार ने स्थिति को सामान्य समझते हुए घर छोड़ने से इनकार कर दिया। कुछ ही घंटों बाद जलस्तर तेजी से बढ़ा और उनका मकान पूरी तरह बाढ़ के पानी से घिर गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि परिवार के सदस्य घर से बाहर नहीं निकल सके।

SDRF ने चलाया रेस्क्यू अभियान

घटना की सूचना मिलते ही आरंग एसडीएम अभिलाषा पैकरा, तहसीलदार बाबूलाल कुर्रे और थाना प्रभारी हरीश साहू टीम के साथ मौके पर पहुंचे। हालात की गंभीरता को देखते हुए तत्काल SDRF की विशेष रेस्क्यू टीम को बुलाया गया।

रेस्क्यू टीम ने तेज बहाव के बीच बोर्ट की मदद से साहसिक अभियान चलाया और भारी मशक्कत के बाद सियाराम साहू के परिवार के सभी 6 सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और रेस्क्यू टीम की सराहना की।

बचाव अभियान पूरा होने के बाद सभी छह लोगों को एहतियातन एम्बुलेंस के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आरंग भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉक्टरों के अनुसार सभी सदस्य पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी

रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भी प्रशासन और SDRF की टीमें नाव के जरिए निसदा सहित आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण कर रही हैं। प्रशासन ने महानदी के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे जलस्तर बढ़ने की स्थिति में किसी भी प्रकार का जोखिम न लें, प्रशासन की चेतावनी का पालन करें और समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।

राजिम विधायक रोहित साहू ने लिया महानदी के बढ़ते जलस्तर का जायजा, विकास कार्यों का किया स्थल निरीक्षण

(सीजी टॉकिज) राजिम :- क्षेत्र में हो रही निरंतर बारिश के कारण महानदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय विधायक रोहित साहू पूरी तरह से अलर्ट मोड पर नजर आ रहे हैं। बाढ़ की संभावित स्थिति से जन-जीवन को सुरक्षित रखने और क्षेत्र के विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से विधायक साहू ने जमीनी स्तर पर उतरकर गहन निरीक्षण किया।

उन्होंने संगम क्षेत्र का निरीक्षण एवं राहत व्यवस्था के निर्देश दिए। विधायक रोहित साहू ने महानदी के तटवर्ती क्षेत्रों का दौरा कर बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। संभावित प्राकृतिक आपदा से निपटने और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को त्वरित निर्देश दिए साथ ही जलस्तर पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय विधायक ने निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति में त्वरित राहत और सुरक्षित निकासी की पुख्ता व्यवस्था रखने को कहा तथा बाढ़ प्रभावित संभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक मुस्तैदी बनाए रखने पर जोर दिया।

धार्मिक स्थलों पर चल रहे विकास कार्यों का लिया जायजा

बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के साथ-साथ विधायक ने नगर के धार्मिक स्थलों में चल रहे महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने नगर की आराध्य देवी मां शीतला मंदिर में चल रहे निर्माणाधीन विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण करते हुए कार्यों की गुणवत्ता, निर्माण की गति और तय समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने शीतला मंदिर तथा अन्य धार्मिक स्थानों पर चल रहे कार्यों के अतिरिक्त और जितनी भी कार्यों की आवश्यकताएं महसूस होंगी उनके लिए डीपीआर बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि इन निर्माणाधीन कार्यों के अतिरिक्त जो भी और कार्य होंगे उनके लिए भी तत्काल राशि की स्वीकृति की जाएगी। इसके साथ ही बाबा गरीबनाथ मंदिर के समीप नेताजी सुभाष चंद्र बोस चौक पर बन रहे उच्चस्तरीय डोम शेड के निर्माण कार्य का जायजा लिया और अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुरूप कार्य कराने को कहा।

इसके अलावा सोनतीर्थ घाट पर बन रहे सप्तऋषियों के प्रतिमा स्थल का भी निरीक्षण कर आसपास स्वच्छता बनाए रखने तथा निर्माण कार्य को द्रुतगति से पूरी करने की बात कही। इस दौरान वहां पर अव्यवस्थित रूप से फैले बिजली के तार को भी व्यवस्थित करने के लिए संबंधित विभाग के कर्मचारियों को बुलाकर तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और समयसीमा की विस्तृत जानकारी ली। विधायक ने अधिकारियों व ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी निर्माण कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरे होने चाहिए।

इस दौरान विधायक रोहित साहू ने कहा कि जनसुरक्षा, धार्मिक आस्था का सम्मान और हमारे पूरे नगर का सर्वांगीण विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। महानदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और किसी भी नागरिक को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। इसके साथ ही राजिम हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान है यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं तथा स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए माँ शीतला मंदिर और बाबा गरीबनाथ मंदिर का विकास हमारी प्रतिबद्धता का हिस्सा है।

हमारी सरकार क्षेत्र के हर नागरिक की सुरक्षा और समृद्धि के लिए निरंतर समर्पित भाव से कार्य कर रही है। कुंभ नगरी राजिम को उनकी गरिमा के अनुरूप विकसित करने के लिए हम युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। आने वाले समय में राजिम की भव्यता को पूरा प्रदेश निहारने आएंगे और यहां के विकास को देखकर उनके मन भी संतुष्टि होगी। राजिम नगर विकास की नई इबारत लिखने की तैयार है।

इस अवसर पर राजिम नगरपालिका अध्यक्ष महेश यादव ने कहा कि विधायक रोहित साहू जी के कुशल नेतृत्व में राजिम नगर में सुरक्षा और विकास की एक नई मिसाल कायम हो रही है। महानदी के जलस्तर पर नगरपालिका की टीम और पूरा प्रशासनिक अमला 24 घंटे पैनी नज़र बनाए हुए है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत दल और बुनियादी सुविधाएं तैयार हैं। ​राजिम के तीर्थ स्थलों का यह सौंदर्यीकरण और विकास कार्य हमारे नगर के गौरव को बढ़ाएगा। हम विधायक जी तथा नगरवासियों की मंशा के अनुरूप निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करेंगे। नगर पालिका परिषद का हर एक पार्षद, सभापति,प्रतिनिधि और कर्मचारी दिन-रात जनसेवा में समर्पित है।

निरीक्षण के दौरान स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका के वरिष्ठ अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे जिसमें प्रमुख रूप से नगर पालिका राजिम के अध्यक्ष महेश यादव तहसीलदार डिम्पल ध्रुव,सीएमओ संतोष विश्वकर्मा,पीडब्लूडी एसडीओ मनीष साहू,जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि नेहरू साहू राजिम भक्तिन मंदिर समिति अध्यक्ष लाला साहू, नगर साहू संघ अध्यक्ष रामकुमार साहू, पार्षद कुलेश्वर साहू,भारत यादव, आकाश राजपूत, सुरेश पटेल,बलराम यादव, तुषार कदम, उत्तम निषाद, संजू साहू, ऋषि दुबे, संजू सोनकर, सुनील देवांगन भाजपा कार्यकर्ता एवं वरिष्ठ जन उपस्थित रहे। विधायक के इस दौरे से स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा और विकास कार्यों को लेकर विश्वास और उत्साह देखा गया।

फिंगेश्वर में जनपद-तहसील कार्यालय बने तालाब, जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल

(सीजी टॉकिज) फिंगेश्वर:- लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने विकास और जल निकासी व्यवस्था के दावों की हकीकत सामने ला दी है। फिंगेश्वर स्थित जनपद पंचायत कार्यालय, तहसील कार्यालय और मनरेगा कार्यालय के सामने बारिश का पानी इस कदर भर गया कि पूरा परिसर तालाब में तब्दील नजर आने लगा। सरकारी कार्यालयों के मुख्य प्रवेश मार्ग पर जलभराव होने से कर्मचारियों, अधिकारियों और दूर-दराज से आने वाले ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सरकारी कार्यालयों में घुसा बारिश का पानीबताया जा रहा है कि बारिश थमने के बाद भी पानी की निकासी नहीं होने से घंटों तक जलभराव की स्थिति बनी रही। लोगों को पानी से होकर कार्यालय तक पहुंचना पड़ा, जिससे प्रशासन की तैयारियों और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

अतिक्रमण और अवैध निर्माण बने वजह?

सरकारी कार्यालयों में घुसा बारिश का पानीस्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में वर्षों से हो रहे अवैध अतिक्रमण और बिना अनुमति किए गए निर्माण कार्यों के कारण पानी निकासी के प्राकृतिक रास्ते बंद हो गए हैं। नतीजतन बारिश का पानी निकलने के बजाय सरकारी कार्यालयों के सामने ही जमा हो रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने, नालियों की सफाई कराने तथा अतिक्रमण और अवैध निर्माण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

सरकारी दफ्तर ही जलमग्न, तो आम जनता का क्या हाल?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जनपद पंचायत, तहसील और मनरेगा जैसे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों के सामने ही जलभराव की स्थिति बनी हुई है, तो आम बस्तियों और ग्रामीण इलाकों में जल निकासी की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। भारी बारिश ने एक बार फिर विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का फर्क उजागर कर दिया है।

ब्रेकिंगः तालाब में तैरती मिली अज्ञात युवती की लाश, हत्या कर शव फेंके जाने की आशंका

(सीजी टॉकिज) नवापारा :- रायपुर जिले के गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लखना (कोलियारी) में गुरुवार सुबह तालाब में एक युवती की लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।

जानकारी के अनुसार ग्राम लखना के ग्रामीणों ने गांव के तालाब में युवती का शव तैरता हुआ देखा। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते थाना प्रभारी जितेंद्र दुबे अपनी टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे और शव को तालाब से बाहर निकलवाने की कार्रवाई शुरू कराई। फिलहाल मृतका की पहचान नहीं हो सकी है।

आशंका जताई जा रही है कि युवती की हत्या करने के बाद उसके शव को सबूत मिटाने की नीयत से तालाब में फेंका गया हो। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच में जुट गई है। पुलिस ने बताया कि मृतका की उम्र लगभग 25 से 30 वर्ष के बीच है। युवती का रंग गोरा है। उसने मेहंदी रंग की कुर्ती, काले-सफेद छींटदार लेगिंग्स, नाक में फुल्ली, दोनों कानों में काले रंग की बालियां, दाहिने हाथ में मोली का धागा तथा तांबे का चूड़ा पहन रखा है। युवती की शिनाख्त के लिए सभी थानों और आसपास के गांव में सूचना दे दी गई है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को मृतका की पहचान के संबंध में कोई जानकारी हो तो वह तत्काल थाना गोबरा नवापारा या नजदीकी पुलिस थाने में सूचना देकर जांच में सहयोग कर सकता है।

 

ब्रेकिंग: नदी पार करते बहा किसान, कुछ घंटे बाद मिला दूसरे गांव में मिला शव

(सीजी टॉकिज) फिंगेश्वर :- गरियाबंद जिले में लगातार हो रही बारिश से नदी और नाले उफान पर है। उफनती नदियों और नालों के बीच बुधवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक किसान नदी के तेज बहाव में बहने से मौत हो गई। ग्रामीणों ने काफी तलाश के बाद उनका शव खुटेरी गांव के पास नदी से बाहर निकाला। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।

जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब 7.30 बजे थनवार यादव सहसपुर नदी पार कर घुरसा रोड की ओर जा रहे थे। लगातार बारिश के कारण नदी में पानी का बहाव सामान्य से काफी अधिक था। नदी पार करने के दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे तेज धारा की चपेट में आकर बह गए।

घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने तत्काल उनकी तलाश शुरू कर दी और आसपास के गांवों में भी सूचना दी गई। कुछ समय बाद खुटेरी गांव के पास ग्रामीणों ने नदी में एक शव बहते हुए देखा। गांव के युवाओं ने साहस का परिचय देते हुए पानी में उतरकर शव को बाहर निकाला। पहचान होने पर मृतक की शिनाख्त सहसपुर निवासी थनवार यादव के रूप में हुई। ग्रामीणों के अनुसार जब तक उन्हें बाहर निकाला गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

सूचना मिलते ही फिंगेश्वर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

चेतावनी के बाद भी नहीं माना

इस दर्दनाक हादसे का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि ग्रामीण उफनते नाले को पार करने की कोशिश कर रहा है। मौके पर मौजूद लोग उसे लगातार रोकते रहे और तेज बहाव में न उतरने की चेतावनी देते रहे, लेकिन उसने किसी की बात नहीं मानी। जैसे ही वह नाले के बीच पहुंचा, तेज धारा ने उसका संतुलन बिगाड़ दिया और देखते ही देखते वह पानी के बहाव में बह गया।

इस हादसे के बाद क्षेत्र में शोक के साथ-साथ लोगों में नाराजगी भी है। चेतावनी के बावजूद थोड़ी सी लापरवाही एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए उजाड़ दी।

बारिश में जोखिम न लें – प्रशासन की अपील

लगातार बारिश के कारण जिले की अधिकांश नदियां और नाले उफान पर हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि तेज बहाव वाले नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करें तथा आवश्यक होने पर सुरक्षित मार्ग का ही उपयोग करें। यह हादसा बरसात के मौसम में थोड़ी सी लापरवाही के गंभीर परिणामों की एक और दर्दनाक याद दिलाता है।

Gariaband Court

गरियाबंद जिले में चाकू की नोक पर नाबालिग से दुष्कर्म: आरोपी को 20 साल सजा और 23 हजार जुर्माना

(सीजी टॉकिज) गरियाबंद :-  गरियाबंद जिले में नाबालिग बालिका के साथ मारपीट, जान से मारने की धमकी देकर दुष्कर्म करने के मामले में फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (पॉक्सो एवं बलात्कार प्रकरण) गरियाबंद ने आरोपी धर्मेन्द्र उर्फ रामा ठाकुर (21 वर्ष) को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 23 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती गंगा पटेल ने उपलब्ध साक्ष्यों, पीड़िता के बयान, चिकित्सा रिपोर्ट और अन्य गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषसिद्ध पाया।

19 मई 2025 की घटना

विशेष लोक अभियोजक हरि नारायण त्रिवेदी ने बताया कि पीड़िता ने थाना में दर्ज रिपोर्ट में कहा था कि 19 मई 2025 की शाम वह अकेली नाले की ओर गई थी। इसी दौरान आरोपी धर्मेन्द्र उर्फ रामा ठाकुर ने उसकी गर्दन पर चाकू टिकाकर मारपीट की, जान से मारने की धमकी दी और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया।

घटना की जानकारी पीड़िता ने घर पहुंचकर परिजनों को दी, जिसके बाद थाना इंदागांव में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। विवेचना पूर्ण होने के बाद उप पुलिस अधीक्षक गरिमा दादर, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस विकास पाटले तथा उप निरीक्षक जितेन्द्र कुमार विजयवार ने न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष ने मामले को सिद्ध करने के लिए 14 साक्षियों के बयान न्यायालय में प्रस्तुत किए।

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों को विश्वसनीय मानते हुए आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 4(1) के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 15 हजार अर्थदंड, बीएनएस की धारा 351(3) के तहत 5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5 हजार अर्थदंड तथा धारा 115(2) के तहत 1 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 3 हजार अर्थदंड से दंडित किया गया है।

गुरु रविदास के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएगी भाजपा, 207 दिन चलेगा ‘समरसता संकल्प अभियान’

(सीजी टॉकिज) अभनपुर :-  भारतीय जनता पार्टी संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर 29 जुलाई 2026 (गुरु पूर्णिमा) से 20 फरवरी 2027 (रविदास जयंती) तक देशव्यापी ‘समरसता संकल्प अभियान’ चलाएगी। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने राजिम में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि अभियान के तहत राष्ट्रीय से लेकर ग्राम स्तर तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर गुरु रविदास महाराज के समता, सामाजिक न्याय, सद्भाव और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।

प्रेसवार्ता में राजिम विधायक रोहित साहू, पूर्व विधायक संतोष उपाध्याय, भाजपा जिला अध्यक्ष अनिल चंद्राकर, पूर्व जिला अध्यक्ष रामकुमार साहू, जिला महामंत्री चंद्रशेखर साहू, जिला मंत्री सुरेंद्र सोंटेके, जिला प्रवक्ता पारस ठाकुर तथा मंडल अध्यक्ष रिकेश साहू सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

समरसता दीप महोत्सव से होगा शुभारंभ 

अमित चिमनानी ने कहा कि अभियान की शुरुआत ‘समरसता दीप महोत्सव’ से होगी, जबकि इसके अंतर्गत समरसता यात्रा, संत संपर्क, कलश वंदन और छात्रावास संपर्क जैसे कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज किसी एक समाज के संत नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के महान पथप्रदर्शक, समाज सुधारक और आध्यात्मिक चिंतक हैं। उन्होंने अपने जीवन के माध्यम से जातिगत भेदभाव, ऊँच-नीच और सामाजिक विषमताओं के विरुद्ध आवाज़ उठाई तथा समानता, आत्मसम्मान और भाईचारे का संदेश दिया। उनका “बेगमपुरा” का दर्शन ऐसे समाज की कल्पना प्रस्तुत करता है, जहाँ किसी प्रकार का दुख, अन्याय, भेदभाव या शोषण न हो।

उन्होंने कहा कि फ्रांसीसी क्रांति और अब्राहम लिंकन के स्वतंत्रता संबंधी विचारों से सदियों पहले ही गुरु रविदास महाराज ने समानता और समरसता का संदेश देकर समाज को नई दिशा दी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मूल में भी गुरु रविदास महाराज के विचारों की प्रेरणा दिखाई देती है।

दीप महोत्सव, समरसता यात्रा और संत संपर्क होंगे अभियान का हिस्सा

प्रदेश प्रवक्ता ने बताया कि अभियान का शुभारंभ 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर “समरसता दीप महोत्सव” के साथ होगा।देशभर के मंदिरों में दीप प्रज्ज्वलित कर सामाजिक समरसता का संदेश दिया जाएगा। इसके साथ ही कलश वंदन अभियान, संत संपर्क अभियान, गुरु रविदास महाराज समरसता यात्रा, छात्रावास संपर्क अभियान तथा विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वाराणसी स्थित श्री गुरु रविदास महाराज की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर की पवित्र मिट्टी से भरे कलश देशभर के प्रदेश, जिला, मंडल एवं ग्राम स्तर तक पहुँचाए जाएंगे।

5 अक्टूबर से निकलेगी समरसता यात्रा

उन्होंने बताया कि 5 अक्टूबर से 5 नवंबर तक डेरा सचखंड बल्लां (जालंधर) से जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर (वाराणसी) तक “गुरु रविदास महाराज समरसता यात्रा” निकाली जाएगी। यात्रा के दौरान संत सम्मेलन, समरसता गोष्ठियाँ, भजन-कीर्तन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से लाखों लोगों को सामाजिक समरसता के इस अभियान से जोड़ा जाएगा।

अमित चिमनानी ने कहा कि यह अभियान केवल कार्यक्रमों की श्रृंखला नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सामाजिक न्याय, राष्ट्रीय एकता और विकसित भारत के निर्माण का एक व्यापक जनआंदोलन है। उन्होंने सभी संत-महात्माओं, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं तथा समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।

मोबाइल पर अचानक गूंजा ‘‘Emergency Alert’’, तेज आवाज से घबराए लोग… फिर मैसेज पढ़कर मिली राहत

सोमवार शाम छत्तीसगढ़ के लाखों मोबाइल फोन पर अचानक तेज आवाज के साथ “Extremely Severe Alert” फ्लैश होते ही लोगों में कुछ पल के लिए दहशत का माहौल बन गया। कई लोग इसे किसी बड़ी आपदा या तकनीकी गड़बड़ी समझ बैठे। तेज अलार्म की आवाज सुनकर लोग घबरा गए और तुरंत अपने मोबाइल की स्क्रीन देखने लगे।

हालांकि कुछ ही क्षण बाद जब लोगों ने संदेश पढ़ा तो उन्हें राहत मिली कि यह भारत सरकार की आपदा चेतावनी प्रणाली के माध्यम से जारी किया गया मौसम संबंधी अलर्ट था। अलर्ट में स्पष्ट रूप से बताया गया था कि अगले तीन घंटे के भीतर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में तेज गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश और आंधी की संभावना है। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन संभावित खराब मौसम को देखते हुए सतर्क भी हो गए।

इन जिलों के लिए जारी हुआ अलर्ट

अलर्ट में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, कोरबा, रायगढ़, जशपुर, सरगुजा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मुंगेली, कबीरधाम, बेमेतरा और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई सहित कई जिलों में अगले तीन घंटे तक खराब मौसम की चेतावनी दी गई।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ अलर्ट

मोबाइल स्क्रीन पर आए इस अलर्ट के स्क्रीनशॉट और वीडियो कुछ ही मिनटों में व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) पर वायरल होने लगे। लोगों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए। किसी ने लिखा, अचानक इतनी तेज आवाज आई कि लगा फोन हैक हो गया, तो किसी ने कहा, पहली बार ऐसा अलर्ट आया, पहले डर लगा फिर समझ आया कि यह मौसम की चेतावनी है।

क्या है यह इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम?

यह अलर्ट सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक (Cell Broadcast Technology) के जरिए भेजा जाता है। इसमें किसी मोबाइल नंबर पर अलग-अलग संदेश भेजने की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि जिस क्षेत्र में खतरा होता है, वहां मौजूद सभी मोबाइल फोनों पर एक साथ चेतावनी पहुंच जाती है। यह सेवा प्राकृतिक आपदाओं, अत्यधिक वर्षा, आंधी, बिजली गिरने, चक्रवात, भूकंप जैसी आपात परिस्थितियों में लोगों को समय रहते सतर्क करने के लिए विकसित की गई है।

अभनपुर-राजिम मार्ग पर कार-बाइक की भिड़ंत, चार लोग घायल

(सीजी टॉकिज) अभनपुर :-  अभनपुर-राजिम मार्ग पर एक सड़क हादसा सामने आया है, जहां कार और बाइक के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में एक महिला और एक बच्चे समेत कुल चार लोग घायल हो गए। टक्कर इतनी तेज थी कि हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। घटना अभनपुर थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के अनुसार अभनपुर के कठिया मोड के पास यह हादसा हुआ है। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल घायलों की मदद की और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में शामिल बच्चे को गंभीर चोट आने की जानकारी है, जिसका अस्पताल में उपचार जारी है। वहीं अन्य घायलों का भी इलाज किया जा रहा है।

सड़क हादसे की सूचना मिलते ही अभनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेने के साथ ही हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। कार और बाइक के बीच टक्कर किन परिस्थितियों में हुई, फिलहाल इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।