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(सीजी टॉकिज) रायपुर:- जम्मू-कश्मीर के दक्षिण कश्मीर स्थित कुलगाम में आतंकवादियों द्वारा किए गए कायराना हमले में सक्ती जिले के मालखरौदा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बुंदेली निवासी प्रवासी श्रमिक दीपक रात्रे (21 वर्ष) एवं सारंगढ़ बिलाईगढ़ निवासी भूपेन्द्र भैंना के निधन पर छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री एवं सक्ती जिले के प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
कैबिनेट मंत्री एवं सक्ती जिला प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने इस जघन्य एवं अमानवीय आतंकी घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना मानवता के विरुद्ध अपराध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार इस दुःख की घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता और मजबूती से खड़ी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी ने कुलगाम आतंकी हमले में दिवंगत दोनों श्रमिक दीपक रात्रे और भूपेंद्र भैना के परिजनों को 20–20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। यह सहायता राशि परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करेगी।
सक्ती जिला प्रभारी मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार राज्य सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर प्रशासन के साथ लगातार समन्वय स्थापित किया जा रहा है। पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक पहल की जा रही है। मंत्री गुरु साहेब ने कहा कि सुरक्षा एवं स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए दिवंगत अंतिम संस्कार जम्मू-कश्मीर में ही उनके परिजनों की उपस्थिति में किया गया।
ग्राम बुंदेली निवासी दीपक रात्रे लगभग एक वर्ष पूर्व अपने परिवार के साथ जम्मू-कश्मीर के एक ईंट-भट्ठे में मजदूरी करने गए थे। उनके साथ उनकी पत्नी एवं भाई भी वहीं कार्यरत थे। दीपक अपने पीछे पत्नी, एक मासूम बच्चे तथा परिजनों को छोड़ गए हैं। इस दुखद घटना से पूरे छत्तीसगढ़ में शोक की लहर है।
अंत में सक्ती जिला प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने दिवंगत दीपक रात्रे और भूपेन्द्र भैना की पुण्यात्मा की शांति के लिए परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा जी से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।

(सीजी टॉकिज) रायपुर/कुलगाम :- जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकवादियों ने एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार करते हुए छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की निर्मम हत्या कर दी। आतंकियों ने पहले मजदूरों की पहचान पूछी, नाम जानने के बाद हिंदू होने पर दोनों को अलग किया और बेहद करीब से ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं।
इस कायराना हमले में सक्ती जिले के दीपक रात्रे (24) और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के भूपेंद्र भैना (28) की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे छत्तीसगढ़ में शोक और आक्रोश का माहौल है, जबकि सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके की घेराबंदी कर बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, आतंकियों ने कुलगाम जिले के केलाम स्थित ईंट-भट्ठे पर पहुंचकर वहां काम कर रहे मजदूरों की पहचान पूछी। नाम और धर्म की पुष्टि करने के बाद उन्होंने दोनों हिंदू मजदूरों को समूह से अलग किया और नजदीक से गोलियां मार दीं। घटना को पहलगाम हमले की तर्ज पर अंजाम दिया गया माना जा रहा है। हमले के बाद पूरे इलाके को सुरक्षा बलों ने घेर लिया और आतंकियों की तलाश में अभियान शुरू कर दिया।
सक्ती जिले के बुंदेली गांव निवासी दीपक रात्रे करीब एक वर्ष पहले अपनी पत्नी और भाई के साथ मजदूरी के लिए जम्मू-कश्मीर गए थे। वे ईंट-भट्ठे पर काम कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। दीपक अपनी मां, दिव्यांग भाई, पत्नी और दो वर्षीय बेटे का इकलौता सहारा था।
वहीं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के छुईहा गांव निवासी भूपेंद्र भैना अपनी पत्नी के साथ तीन माह पहले मजदूरी करने कश्मीर पहुंचे थे। उनके परिवार में दो वर्षीय बेटा, बहन और दादी हैं। दोनों युवकों की मौत की खबर मिलते ही गांवों में मातम छा गया।
सूत्रों के मुताबिक, आतंकी हमला शुक्रवार रात करीब 8.30 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने 3 से 4 राउंड फायरिंग की आवाजें सुनीं। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि आतंकियों ने पहले से रेकी कर इस स्थान को चुना था। जांच एजेंसियों को हमले में एक स्थानीय और एक विदेशी आतंकी के शामिल होने का संदेह है। सुरक्षा एजेंसियां हर एंगल से जांच कर रही हैं।
घटना के तुरंत बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे। पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। आने-जाने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही है और आतंकियों की तलाश तेज कर दी गई है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने दोनों मृतकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। साथ ही जम्मू-कश्मीर सरकार से समन्वय के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने की बात भी कही, ताकि पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता मिल सके।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष से दोनों मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। उन्होंने इसे बेहद निंदनीय और अमानवीय घटना बताया।
उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, कैबिनेट मंत्री एवं सक्ती जिला प्रभारी मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज सहित कई नेताओं ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। सभी ने आतंकवाद की कड़ी निंदा करते हुए पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता देने और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की।
दीपक और भूपेंद्र रोजी-रोटी की तलाश में हजारों किलोमीटर दूर गए थे, लेकिन आतंकवाद की अंधी हिंसा ने दोनों परिवारों की खुशियां छीन लीं। एक परिवार का इकलौता कमाने वाला बेटा चला गया तो दूसरे परिवार का मासूम बेटा अपने पिता के साये से हमेशा के लिए वंचित हो गया। यह कायराना हमला पूरे छत्तीसगढ़ में शोक का माहौल है।

(सीजी टॉकिज) नवापारा :- रायपुर जिले के गोबरा नवापारा में एक व्यापारी का अपहरण और बंदूक की नोक पर 10 लाख रुपये की जबरन उगाही के मामले में नया मोड़ आया है। बताया जा रहा है कि पैसों के लेन-देन को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। व्यापारी ने आरोपी से पैसे लिए, जिसे वापस नहीं लौटा रहा था। इसी बात पर आरोपी गुस्से में आकर व्यापारी से मारपीट की थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया है। मामला गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र का है।
पुलिस के अनुसार, 20 जुलाई 2026 की शाम करीब 7.30 बजे तर्री रोड स्थित कैंटीन में शिकायतकर्ता मयंक छल्लानी और आरोपी गुलजार खान के बीच 10 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि इसी दौरान गुलजार खान ने अपने साथी अलीम खान के साथ मिलकर मयंक छल्लानी से अश्लील गाली-गलौज की, हाथ-मुक्कों से मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
घटना के बाद घायल मयंक छल्लानी का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोबरा नवापारा में प्राथमिक उपचार कराया गया। बाद में उसे रायपुर के मेकाहारा अस्पताल रेफर किया गया। घटना के दो दिन बाद 22 जुलाई को मयंक छल्लानी ने नवापारा थाने में लिखित शिकायत दी। शिकायत में मयंक छल्लानी ने आरोप लगाया था कि आरोपी गुलजार खान ने बंदूक की नोक पर उसे को जबरदस्ती अपनी स्कूटी पर बैठाया और उन्हें तर्री रोड स्थित कैंटीन के बेसमेंट में ले गया।
मयंक ने आरोप लगाया था कि आरोपी गुलजार ने उसके कान के पास बंदूक के निचले हिस्से से वार किया और उन्हें 15-20 थप्पड़ मारे गए। बदमाशों ने उनसे 10 लाख रुपये की मांग की और जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान उन्होंने इसका वीडियो भी बनाया। डर के मारे मयंक ने अपने परिचित से फोन पर संपर्क कर कर्ज के रूप में पैसे मांगे और पैसों का इंतजाम करवाया। आरोपियों ने उनके पर्स से 1500 रुपये भी निकाल लिए। इतना ही नहीं, उन्होंने साक्ष्य छिपाने के लिए मयंक के खून से सने कपड़े उतरवा कर नाले में फेंक दिया और नई शर्ट मंगा कर पहनाई।
मयंक ने आरोप लगाया कि पैसे मिलने के बाद जबरन एक वीडियो भी बनवाया गया, जिसमें उनसे यह कहलवाया गया कि यह पैसों का लेन-देन आपसी है और उनसे माफी भी मँगवाई गई, ताकि वे पुलिस के पास न जा सकें। मामले की शिकायत मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान, घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज तथा व्हाट्सएप चैट का परीक्षण किया। जांच में सामने आया कि मयंक छल्लानी और गुलजार खान पूर्व से परिचित थे। दोनों ने ग्राम बकली (राजिम) में जमीन खरीदकर अधिक कीमत पर बेचने की योजना बनाई थी। इस सौदे के लिए गुलजार खान ने 17 जून 2026 को मयंक छल्लानी को 10 लाख रुपये दिए थे। हालांकि जमीन का सौदा नहीं हो सका, जिसके बाद गुलजार खान अपनी रकम वापस मांग रहा था।
पुलिस के अनुसार, रकम वापस करने में टालमटोल के कारण दोनों पक्ष कैंटिन पहुंचे, जहां बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और मारपीट हो गई। घटना के बाद मयंक छल्लानी ने अपने परिचित महेश कंसारी से 10 लाख रुपये मंगवाकर अपने घर के पास गुलजार खान को वापस कर दिए। इस लेनदेन का वीडियो भी बनाया गया, जिसमें दोनों पक्षों ने आपसी रकम के लेनदेन के पूरा होने की बात कही।
शिकायत में मयंक छल्लानी ने अपने अपहरण, बंदूक की नोक पर 10 लाख रुपये की जबरन उगाही और अन्य गंभीर आरोप भी लगाए थे। लेकिन पुलिस जांच में इन आरोपों के समर्थन में कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिला। जांच में केवल गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी के आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए।
पुलिस ने आरोपी गुलजार खान और अलीम खान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 115(2), 351(2), 117(2) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है।

(सीजी टॉकिज) गरियाबंद:- गरियाबंद जिले में पिछले कई दिनों से ग्रामीणों और पालतू मवेशियों के लिए खतरा बने तेंदुआ को आखिरकार वन विभाग ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। ग्राम केरवाहारा और जोबा क्षेत्र में लगातार देखे जा रहे तेंदुए को विशेष रणनीति के तहत लगाए गए केज ट्रैप (पिंजरे) में सुरक्षित पकड़ लिया गया। इस सफलता के बाद पूरे क्षेत्र में राहत का माहौल है।
वन विभाग के अनुसार, पिछले कुछ समय से तेंदुए की गतिविधियां लगातार गांव के आसपास देखी जा रही थीं। इससे ग्रामीणों में भय का वातावरण था। तेंदुए द्वारा पहले पालतू मवेशियों पर हमले की घटनाएं भी सामने आई थीं, वहीं स्कूल और आबादी क्षेत्र के आसपास उसकी मौजूदगी की सूचना मिलने से मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका बढ़ गई थी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वनमंडलाधिकारी शशिगानंद के. (IFS), उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों और वन्यप्राणी चिकित्सकों की निगरानी में पूरे क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया गया। तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के साथ रणनीतिक स्थानों पर केज ट्रैप लगाए गए तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित लेपर्ड रेस्क्यू टीम को आवश्यक संसाधनों के साथ तैनात किया गया।
वन विभाग की लगातार निगरानी और सुनियोजित रणनीति आखिरकार सफल रही। शुक्रवार को तेंदुआ सुरक्षित रूप से केज ट्रैप में पहुंच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को सुरक्षित घेराबंदी कर तेंदुए की निगरानी शुरू कर दी। विभाग ने बताया कि रेस्क्यू अभियान के दौरान तेंदुए को किसी प्रकार की क्षति नहीं पहुंचाई गई।
पकड़े गए तेंदुए का तीन सदस्यीय पशु चिकित्सक दल द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। जांच में उसके शारीरिक स्वास्थ्य, किसी प्रकार की चोट या बीमारी तथा प्राकृतिक आवास में छोड़ने की उपयुक्तता का आकलन किया जाएगा। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर वन विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि तेंदुए को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें। यदि वन्यजीव से जुड़ी कोई भी सूचना मिले तो तत्काल निकटतम वन अमले को सूचित करें। विभाग ने कहा कि मानव और वन्यजीव, दोनों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से आवश्यक कार्रवाई लगातार की जा रही है।

(सीजी टॉकिज) फिंगेश्वर:- विद्यार्थियों की सुरक्षा, जागरूकता और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जुपिटर पब्लिक स्कूल, फिंगेश्वर में पुलिस विभाग द्वारा विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को गुड टच एवं बैड टच, साइबर अपराध से बचाव, शारीरिक एवं मानसिक उत्पीड़न की पहचान तथा सुरक्षित व्यवहार के बारे में सरल और प्रभावी तरीके से जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बच्चों को बताया कि यदि कोई व्यक्ति अनुचित व्यवहार करता है या किसी भी प्रकार का शारीरिक, मानसिक अथवा ऑनलाइन उत्पीड़न करता है, तो उसे छिपाने के बजाय तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक या पुलिस को इसकी जानकारी दें। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी समझाया कि समय पर शिकायत करना ही सुरक्षा का सबसे प्रभावी उपाय है।
साइबर सुरक्षा विषय पर अधिकारियों ने सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग, फर्जी लिंक, ओटीपी साझा करने, साइबर ठगी और डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के महत्वपूर्ण उपाय बताए। विद्यार्थियों को इंटरनेट का सुरक्षित, जिम्मेदारीपूर्ण और संयमित उपयोग करने की सलाह दी गई।
विद्यालय परिवार ने पुलिस विभाग के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास, जागरूकता और सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। विद्यालय प्रबंधन ने भविष्य में भी इस प्रकार के जन-जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की अपेक्षा व्यक्त की।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में विद्यालय प्रबंधन ने पुलिस विभाग की टीम का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

(सीजी टॉकिज) आरंग:- लगातार हो रही बारिश और बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण महानदी उफान पर है। अचानक बढ़े जलस्तर से रायपुर जिले के आरंग विकासखंड के निसदा गांव में बाढ़ का पानी घुस गया, जिससे गांव के कई हिस्से जलमग्न हो गए। इसी दौरान एक ही परिवार के 6 सदस्य अपने मकान में चारों ओर से पानी से घिरकर फंस गए। सूचना मिलते ही प्रशासन और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी को सकुशल बाहर निकाल लिया।
महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका को देखते हुए गांव के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक ने सुबह ही सतर्कता बरतते हुए बाढ़ प्रभावित होने वाले 12 मकानों से 42 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया था।
हालांकि सियाराम साहू और उनके परिवार को भी घर खाली करने की सलाह दी गई थी, लेकिन परिवार ने स्थिति को सामान्य समझते हुए घर छोड़ने से इनकार कर दिया। कुछ ही घंटों बाद जलस्तर तेजी से बढ़ा और उनका मकान पूरी तरह बाढ़ के पानी से घिर गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि परिवार के सदस्य घर से बाहर नहीं निकल सके।
घटना की सूचना मिलते ही आरंग एसडीएम अभिलाषा पैकरा, तहसीलदार बाबूलाल कुर्रे और थाना प्रभारी हरीश साहू टीम के साथ मौके पर पहुंचे। हालात की गंभीरता को देखते हुए तत्काल SDRF की विशेष रेस्क्यू टीम को बुलाया गया।
रेस्क्यू टीम ने तेज बहाव के बीच बोर्ट की मदद से साहसिक अभियान चलाया और भारी मशक्कत के बाद सियाराम साहू के परिवार के सभी 6 सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और रेस्क्यू टीम की सराहना की।
बचाव अभियान पूरा होने के बाद सभी छह लोगों को एहतियातन एम्बुलेंस के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आरंग भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉक्टरों के अनुसार सभी सदस्य पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भी प्रशासन और SDRF की टीमें नाव के जरिए निसदा सहित आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण कर रही हैं। प्रशासन ने महानदी के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे जलस्तर बढ़ने की स्थिति में किसी भी प्रकार का जोखिम न लें, प्रशासन की चेतावनी का पालन करें और समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।

(सीजी टॉकिज) राजिम :- क्षेत्र में हो रही निरंतर बारिश के कारण महानदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय विधायक रोहित साहू पूरी तरह से अलर्ट मोड पर नजर आ रहे हैं। बाढ़ की संभावित स्थिति से जन-जीवन को सुरक्षित रखने और क्षेत्र के विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से विधायक साहू ने जमीनी स्तर पर उतरकर गहन निरीक्षण किया।
उन्होंने संगम क्षेत्र का निरीक्षण एवं राहत व्यवस्था के निर्देश दिए। विधायक रोहित साहू ने महानदी के तटवर्ती क्षेत्रों का दौरा कर बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। संभावित प्राकृतिक आपदा से निपटने और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को त्वरित निर्देश दिए साथ ही जलस्तर पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय विधायक ने निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति में त्वरित राहत और सुरक्षित निकासी की पुख्ता व्यवस्था रखने को कहा तथा बाढ़ प्रभावित संभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक मुस्तैदी बनाए रखने पर जोर दिया।
बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के साथ-साथ विधायक ने नगर के धार्मिक स्थलों में चल रहे महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने नगर की आराध्य देवी मां शीतला मंदिर में चल रहे निर्माणाधीन विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण करते हुए कार्यों की गुणवत्ता, निर्माण की गति और तय समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने शीतला मंदिर तथा अन्य धार्मिक स्थानों पर चल रहे कार्यों के अतिरिक्त और जितनी भी कार्यों की आवश्यकताएं महसूस होंगी उनके लिए डीपीआर बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि इन निर्माणाधीन कार्यों के अतिरिक्त जो भी और कार्य होंगे उनके लिए भी तत्काल राशि की स्वीकृति की जाएगी। इसके साथ ही बाबा गरीबनाथ मंदिर के समीप नेताजी सुभाष चंद्र बोस चौक पर बन रहे उच्चस्तरीय डोम शेड के निर्माण कार्य का जायजा लिया और अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुरूप कार्य कराने को कहा।
इसके अलावा सोनतीर्थ घाट पर बन रहे सप्तऋषियों के प्रतिमा स्थल का भी निरीक्षण कर आसपास स्वच्छता बनाए रखने तथा निर्माण कार्य को द्रुतगति से पूरी करने की बात कही। इस दौरान वहां पर अव्यवस्थित रूप से फैले बिजली के तार को भी व्यवस्थित करने के लिए संबंधित विभाग के कर्मचारियों को बुलाकर तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और समयसीमा की विस्तृत जानकारी ली। विधायक ने अधिकारियों व ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी निर्माण कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरे होने चाहिए।
इस दौरान विधायक रोहित साहू ने कहा कि जनसुरक्षा, धार्मिक आस्था का सम्मान और हमारे पूरे नगर का सर्वांगीण विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। महानदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और किसी भी नागरिक को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। इसके साथ ही राजिम हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान है यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं तथा स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए माँ शीतला मंदिर और बाबा गरीबनाथ मंदिर का विकास हमारी प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
हमारी सरकार क्षेत्र के हर नागरिक की सुरक्षा और समृद्धि के लिए निरंतर समर्पित भाव से कार्य कर रही है। कुंभ नगरी राजिम को उनकी गरिमा के अनुरूप विकसित करने के लिए हम युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। आने वाले समय में राजिम की भव्यता को पूरा प्रदेश निहारने आएंगे और यहां के विकास को देखकर उनके मन भी संतुष्टि होगी। राजिम नगर विकास की नई इबारत लिखने की तैयार है।
इस अवसर पर राजिम नगरपालिका अध्यक्ष महेश यादव ने कहा कि विधायक रोहित साहू जी के कुशल नेतृत्व में राजिम नगर में सुरक्षा और विकास की एक नई मिसाल कायम हो रही है। महानदी के जलस्तर पर नगरपालिका की टीम और पूरा प्रशासनिक अमला 24 घंटे पैनी नज़र बनाए हुए है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत दल और बुनियादी सुविधाएं तैयार हैं। राजिम के तीर्थ स्थलों का यह सौंदर्यीकरण और विकास कार्य हमारे नगर के गौरव को बढ़ाएगा। हम विधायक जी तथा नगरवासियों की मंशा के अनुरूप निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करेंगे। नगर पालिका परिषद का हर एक पार्षद, सभापति,प्रतिनिधि और कर्मचारी दिन-रात जनसेवा में समर्पित है।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका के वरिष्ठ अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे जिसमें प्रमुख रूप से नगर पालिका राजिम के अध्यक्ष महेश यादव तहसीलदार डिम्पल ध्रुव,सीएमओ संतोष विश्वकर्मा,पीडब्लूडी एसडीओ मनीष साहू,जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि नेहरू साहू राजिम भक्तिन मंदिर समिति अध्यक्ष लाला साहू, नगर साहू संघ अध्यक्ष रामकुमार साहू, पार्षद कुलेश्वर साहू,भारत यादव, आकाश राजपूत, सुरेश पटेल,बलराम यादव, तुषार कदम, उत्तम निषाद, संजू साहू, ऋषि दुबे, संजू सोनकर, सुनील देवांगन भाजपा कार्यकर्ता एवं वरिष्ठ जन उपस्थित रहे। विधायक के इस दौरे से स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा और विकास कार्यों को लेकर विश्वास और उत्साह देखा गया।

(सीजी टॉकिज) फिंगेश्वर:- लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने विकास और जल निकासी व्यवस्था के दावों की हकीकत सामने ला दी है। फिंगेश्वर स्थित जनपद पंचायत कार्यालय, तहसील कार्यालय और मनरेगा कार्यालय के सामने बारिश का पानी इस कदर भर गया कि पूरा परिसर तालाब में तब्दील नजर आने लगा। सरकारी कार्यालयों के मुख्य प्रवेश मार्ग पर जलभराव होने से कर्मचारियों, अधिकारियों और दूर-दराज से आने वाले ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि बारिश थमने के बाद भी पानी की निकासी नहीं होने से घंटों तक जलभराव की स्थिति बनी रही। लोगों को पानी से होकर कार्यालय तक पहुंचना पड़ा, जिससे प्रशासन की तैयारियों और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में वर्षों से हो रहे अवैध अतिक्रमण और बिना अनुमति किए गए निर्माण कार्यों के कारण पानी निकासी के प्राकृतिक रास्ते बंद हो गए हैं। नतीजतन बारिश का पानी निकलने के बजाय सरकारी कार्यालयों के सामने ही जमा हो रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने, नालियों की सफाई कराने तथा अतिक्रमण और अवैध निर्माण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जनपद पंचायत, तहसील और मनरेगा जैसे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों के सामने ही जलभराव की स्थिति बनी हुई है, तो आम बस्तियों और ग्रामीण इलाकों में जल निकासी की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। भारी बारिश ने एक बार फिर विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का फर्क उजागर कर दिया है।

(सीजी टॉकिज) नवापारा :- रायपुर जिले के गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लखना (कोलियारी) में गुरुवार सुबह तालाब में एक युवती की लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार ग्राम लखना के ग्रामीणों ने गांव के तालाब में युवती का शव तैरता हुआ देखा। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते थाना प्रभारी जितेंद्र दुबे अपनी टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे और शव को तालाब से बाहर निकलवाने की कार्रवाई शुरू कराई। फिलहाल मृतका की पहचान नहीं हो सकी है।
आशंका जताई जा रही है कि युवती की हत्या करने के बाद उसके शव को सबूत मिटाने की नीयत से तालाब में फेंका गया हो। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच में जुट गई है। पुलिस ने बताया कि मृतका की उम्र लगभग 25 से 30 वर्ष के बीच है। युवती का रंग गोरा है। उसने मेहंदी रंग की कुर्ती, काले-सफेद छींटदार लेगिंग्स, नाक में फुल्ली, दोनों कानों में काले रंग की बालियां, दाहिने हाथ में मोली का धागा तथा तांबे का चूड़ा पहन रखा है। युवती की शिनाख्त के लिए सभी थानों और आसपास के गांव में सूचना दे दी गई है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को मृतका की पहचान के संबंध में कोई जानकारी हो तो वह तत्काल थाना गोबरा नवापारा या नजदीकी पुलिस थाने में सूचना देकर जांच में सहयोग कर सकता है।

(सीजी टॉकिज) फिंगेश्वर :- गरियाबंद जिले में लगातार हो रही बारिश से नदी और नाले उफान पर है। उफनती नदियों और नालों के बीच बुधवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक किसान नदी के तेज बहाव में बहने से मौत हो गई। ग्रामीणों ने काफी तलाश के बाद उनका शव खुटेरी गांव के पास नदी से बाहर निकाला। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब 7.30 बजे थनवार यादव सहसपुर नदी पार कर घुरसा रोड की ओर जा रहे थे। लगातार बारिश के कारण नदी में पानी का बहाव सामान्य से काफी अधिक था। नदी पार करने के दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे तेज धारा की चपेट में आकर बह गए।
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने तत्काल उनकी तलाश शुरू कर दी और आसपास के गांवों में भी सूचना दी गई। कुछ समय बाद खुटेरी गांव के पास ग्रामीणों ने नदी में एक शव बहते हुए देखा। गांव के युवाओं ने साहस का परिचय देते हुए पानी में उतरकर शव को बाहर निकाला। पहचान होने पर मृतक की शिनाख्त सहसपुर निवासी थनवार यादव के रूप में हुई। ग्रामीणों के अनुसार जब तक उन्हें बाहर निकाला गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
सूचना मिलते ही फिंगेश्वर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
इस दर्दनाक हादसे का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि ग्रामीण उफनते नाले को पार करने की कोशिश कर रहा है। मौके पर मौजूद लोग उसे लगातार रोकते रहे और तेज बहाव में न उतरने की चेतावनी देते रहे, लेकिन उसने किसी की बात नहीं मानी। जैसे ही वह नाले के बीच पहुंचा, तेज धारा ने उसका संतुलन बिगाड़ दिया और देखते ही देखते वह पानी के बहाव में बह गया।
इस हादसे के बाद क्षेत्र में शोक के साथ-साथ लोगों में नाराजगी भी है। चेतावनी के बावजूद थोड़ी सी लापरवाही एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए उजाड़ दी।
लगातार बारिश के कारण जिले की अधिकांश नदियां और नाले उफान पर हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि तेज बहाव वाले नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करें तथा आवश्यक होने पर सुरक्षित मार्ग का ही उपयोग करें। यह हादसा बरसात के मौसम में थोड़ी सी लापरवाही के गंभीर परिणामों की एक और दर्दनाक याद दिलाता है।