नौकरी दिलाने के नाम पर गरियाबंद अपर कलेक्टर पर करोड़ों की ठगी का आरोप, कार्रवाई नहीं होने पर 70 से अधिक युवाओं ने दी आत्महत्या की चेतावनी

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले में पदस्थ एक अपर कलेक्टर पर नौकरी लगाने के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले को लेकर क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। पीड़ित बेरोजगार युवाओं का दावा है कि सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे लाखों रुपए लिए गए, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी न नौकरी मिली और न ही पैसा वापस हुआ।

सूत्रों के अनुसार, करीब 70 से 80 बेरोजगार युवाओं से लगभग 4 करोड़ रुपए की ठगी की गई है। आरोप है कि गरियाबंद में पदस्थ अपर कलेक्टर नवीन भगत और उसके कथित सहयोगी भागवत पट्टा ने युवाओं को सरकारी नौकरी लगाने का भरोसा दिलाकर रकम ली।

जमीन बेचकर और गहने गिरवी रखकर दिए पैसे

पीड़ित युवाओं ने बताया कि नौकरी की उम्मीद में कई लोगों ने अपनी जमीन तक बेच दी, जबकि कुछ ने घर के गहने गिरवी रखकर रुपए जुटाए। युवाओं का आरोप है कि पैसा लेने के बाद उन्हें लगातार आश्वासन दिया जाता रहा और पिछले तीन साल से वे दर-दर भटक रहे हैं।

“सीएम हाउस तक पहुंच” बताकर जमाता था धौंस!

पीड़ितों का आरोप है कि अपर कलेक्टर नवीन भगत खुद को “ऊंची पहुंच” वाला अधिकारी बताता था और सीएम हाउस तक संपर्क होने का धौंस देकर भरोसा दिलाता था। इसी भरोसे में आकर बेरोजगार युवाओं ने बड़ी रकम दे दी।

थाने में शिकायत की तैयारी

मामले को लेकर अब पीड़ित युवक खुलकर सामने आ गए हैं। बताया जा रहा है कि सभी युवक अपर कलेक्टर नवीन भगत और उसके कथित सहयोगी भागवत पट्टा के खिलाफ फिंगेश्वर थाना में शिकायत देने की तैयारी कर रहे हैं। इसके साथ ही पीड़ितों ने मुख्यमंत्री से भी पैसा वापस दिलाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की गुहार लगाई है।

पीड़ित युवाओं का कहना है कि वे “सुशासन तिहार” के दौरान भी इस मामले की शिकायत दर्ज कराएंगे ताकि उन्हें न्याय मिल सके।

आत्महत्या की चेतावनी से मचा हड़कंप

पीड़ित युवाओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द पैसा वापस नहीं मिला और आरोपी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे कलेक्टर कार्यालय के सामने सामूहिक आत्महत्या करने को मजबूर होंगे। इस चेतावनी के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। हालांकि मामले में अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

चौबेबांधा स्थित पैरी नदी में अवैध रेत उत्खनन: खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग ने मारा छापा, चैन माउंटेन मशीन जब्त

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। कलेक्टर बीएस उइके के निर्देश पर राजिम तहसील अंतर्गत ग्राम चौबेबांधा स्थित पैरी नदी क्षेत्र में खनिज विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध उत्खनन में लगी एक चैन माउंटेन मशीन जब्त की है।

जानकारी के अनुसार, पैरी नदी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायत के बाद 20 मई 2026 को संयुक्त टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर जांच की गई। जांच के दौरान नदी क्षेत्र में अवैध उत्खनन करते हुए एक चैन माउंटेन मशीन पाई गई। संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मशीन को जब्त कर लिया। जब्त वाहन को सुरक्षा की दृष्टि से थाना पांडुका की अभिरक्षा में रखा गया है।

प्रशासन ने बताया कि अवैध उत्खनन में शामिल वाहन संचालकों के खिलाफ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 तथा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए टास्क फोर्स समिति लगातार निगरानी रख रही है और आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

नवापारा में अस्पताल के बाहर खड़ी बाइक की चोरी, एक महीने बाद आरोपी गिरफ्तार

(सीजी टॉकिज) :- नवापारा पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी की बाइक बरामद कर ली है। आरोपी चोरी की बाइक को छिपाकर रखता था और बीच-बीच में उसका इस्तेमाल भी कर रहा था।

जानकारी के अनुसार ग्राम परसट्ठी निवासी योगेश्वर साहू (27 वर्ष) ने नवापारा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें प्रार्थी ने बताया कि वह 21 अप्रैल 2026 की रात करीब 8.30 बजे अपने पिता का इलाज कराने संजीवनी अस्पताल नवापारा आया था। उसने अपनी एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी 04 एलजी 3920 अस्पताल के सामने खड़ी की थी। इलाज के बाद बाहर निकलने पर बाइक वहां से गायब मिली। किसी अज्ञात चोर ने मोटरसाइकिल चोरी कर ली थी।

शिकायत के बाद पुलिस ने धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान 21 मई 2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि अशोक यादव नाम का युवक एक संदिग्ध मोटरसाइकिल छिपाकर रखा है और बीच-बीच में उसे चला रहा है। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया।

पूछताछ में आरोपी ने बाइक चोरी करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी की एचएफ डीलक्स बाइक बरामद कर ली। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

जंगली सुअर का शिकार, 2 शिकारी गिरफ्तार, 4 फरार; मौके से पिकअप वाहन और हथियार जब्त

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले के आरक्षित वन क्षेत्र में वन्यप्राणी के अवैध शिकार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वन विभाग की टीम ने वनगश्त के दौरान 6 शिकारीयों को जंगली सुअर का शिकार करते रंगे हाथों पकड़ लिया। हालांकि मौके का फायदा उठाकर 4 आरोपी फरार हो गए, जबकि 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्य वन संरक्षक मणिवासगण एस. के नेतृत्व तथा विकास कुमार चंद्राकर एवं वनमंडलाधिकारी गरियाबंद के निर्देशानुसार 22 मई 2026 को सुबह लगभग 9 बजे परिसर रक्षी बासीन की टीम आरक्षित वन टेका क्रमांक 468 एवं 694 में नियमित गश्त पर निकली थी। इसी दौरान सुरक्षा श्रमिकों के साथ पहुंची टीम ने देखा कि 6 आरोपी अपने पालतू कुत्तों की मदद से एक नर जंगली सुअर को घेरकर उसका शिकार कर रहे थे।

बताया जा रहा है कि शिकारी कुत्तों ने जंगली सुअर पर बुरी तरह हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वन अमले ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को दबोच लिया, जबकि चार आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए।

मौके से वन विभाग ने मृत जंगली सुअर का शव, शिकार में प्रयुक्त लाठियां तथा छोटा हाथी पिकअप वाहन क्रमांक सीजी 04 एनएच 0150 जब्त किया। घटनास्थल पर पंचनामा एवं जप्तीनामा तैयार कर पी.ओ.आर. क्रमांक 19346/20 दिनांक 22/05/2026 दर्ज किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

1. भुनेश्वर देवार पिता रमेश देवार, निवासी तर्रा, तहसील राजिम, थाना पाण्डुका, जिला गरियाबंद
2. कृष्णा देवार पिता भूपेन्द्र देवार, निवासी तर्रा, तहसील राजिम, थाना पाण्डुका, जिला गरियाबंद

दोनों आरोपियों को भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39, 50, 51 एवं 52 के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर गरियाबंद जेल भेज दिया गया है। फरार 4 आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। इस पूरी कार्रवाई में वनक्षेत्रपाल फिंगेश्वर बद्रीनाथ ध्रुव, उपवनक्षेत्रपाल नरोत्तम साहू, मनीष कुमार वर्मा, वनरक्षक टोमन लाल साहू तथा सुरक्षा श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

शादीशुदा प्रेमी जोड़े ने खाया जहर, महिला की मौत, युवक की हालत गंभीर; अफेयर खुलासा होने के कारण आत्महत्या की आशंका

(सीजी टॉकिज) :- रायपुर जिले के अभनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पचेड़ा में शादीशुदा प्रेमी जोड़े द्वारा जहर सेवन करने का मामला सामने आया है। घटना में महिला की मौत हो गई, जबकि युवक की हालत गंभीर बनी हुई है। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान शारदा भारती (38 वर्ष) के रूप में हुई है, जबकि गंभीर रूप से घायल युवक की पहचान शिव कुमार कुर्रे (45 वर्ष) के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि दोनों शादीशुदा थे और लंबे समय से उनके बीच प्रेम संबंध चल रहा था। दोनों ने गांव के पास जहरीला पदार्थ सेवन किया। हालत बिगड़ने पर आसपास के लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। वहीं पुरुष की हालत गंभीर बनी हुई है।

घटना के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों के मुताबिक दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। आशंका है कि संबंधों के खुलासे के बाद दोनों मानसिक तनाव में थे। हालांकि आत्मघाती कदम उठाने की असली वजह क्या थी, इसका खुलासा अभी नहीं हो सका है। मौके पर पहुंची अभनपुर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। 

भीषण गर्मी में बिजली कटौती से जनता बेहाल, रात में घंटों गुल रहती है बिजली, ग्रामीणों में भारी आक्रोश, कोपरा विद्युत कार्यालय में शराबखोरी के आरोप

कार्यालय परिसर में मिलीं खाली शराब की बोतलें, कचरे के ढेर में फेंके गए इंसुलेटर

(सीजी टॉकिज) :- भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती से जहां नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के लोग परेशान हैं, वहीं कोपरा स्थित विद्युत वितरण कार्यालय की बदहाल व्यवस्था ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कार्यालय परिसर में शराब की खाली बोतलें, डिस्पोजल, प्लास्टिक कचरा और टूटे-फूटे इंसुलेटर पड़े मिलने से लोगों में भारी नाराजगी है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग के कर्मचारी शाम होते ही शराबखोरी में मस्त हो जाते हैं, जिसका सीधा असर विद्युत व्यवस्था पर पड़ रहा है। रात के समय यदि किसी इलाके की बिजली बंद हो जाए तो शिकायत के बाद भी घंटों तक सप्लाई बहाल नहीं हो पाती। कई बार तो पूरी रात अंधेरे में गुजर जाती है और सुबह तक भी सुधार कार्य पूरा नहीं हो पाता।

भीषण गर्मी में बार-बार बिजली गुल होने से छोटे बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं। लगातार कटौती के कारण इन्वर्टर भी जवाब देने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दिनों लगातार बाधित बिजली आपूर्ति के चलते किसानों की फसलें भी प्रभावित हुई हैं।

कार्यालय परिसर की तस्वीरें विभाग की लापरवाही की पोल खोल रही हैं। परिसर में जगह-जगह शराब की खाली शीशियां, प्लास्टिक बोतलें, सूखे पत्तों का ढेर और बिजली उपकरण बिखरे पड़े दिखाई दे रहे हैं। सरकारी कार्यालय की ऐसी स्थिति को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कार्यालय को “श्मशान और शराबखाना” बना दिया गया है।

सख्त कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कर दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही कार्यालय परिसर की नियमित साफ-सफाई, निर्बाध विद्युत आपूर्ति और कर्मचारियों की ड्यूटी के दौरान निगरानी सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।

आंधी-तूफान के दौरान ही होती बिजली प्रभावित-JE

इस मामले में कोपरा के जेई रविशंकर पटेल ने कहा कि “आंधी-तूफान के दौरान ही बिजली प्रभावित होती है, बाकी समय सप्लाई सामान्य रहती है।” वहीं कार्यालय परिसर में मिली खाली शराब की बोतलों के संबंध में उन्होंने जानकारी नहीं होने की बात कही।

नवापारा बिजली ऑफिस में चोरों का धावा: लाखों के सुरक्षा उपकरण पार, विभाग में मचा हड़ंकप

(सीजी टॉकिज) :- नवापारा क्षेत्र में पारागांव स्थित बिजली विभाग के उपसंभाग कार्यालय में अज्ञात चोरों ने धावा बोलते हुए लाखों के विद्युत उपकरणों पर हाथ साफ कर दिया। चोर खिड़की के रास्ते कार्यालय के भीतर घुसे और कॉपर पट्टी, कॉपर वायर सहित बड़ी मात्रा में विद्युत सामग्री चोरी कर फरार हो गए। मामले में थाना गोबरा नवापारा में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है।

मिली जानकारी के अनुसार पारागांव स्थित छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड कार्यालय में पदस्थ सहायक यंत्री धर्मेंद्र साहू ने नवापारा थाने चोरी की शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उसने बताया कि अज्ञात चोर कार्यालय के पीछे लगे एग्जॉस्ट फैन वाली खिड़की के रास्ते अंदर घुसे थे। इसके बाद चोरों ने कार्यालय में रखे विद्युत सुरक्षा उपकरणों जिसमें 08 नग डिस्चार्ज रॉड में लगे कॉपर पट्टी और कॉपर वायर, 50 नग किट-कैट फ्यूज सेट, 325 नग लग्स, 17 नग मेल-फीमेल कांटेक्ट तथा करीब 7 किलोग्राम फ्यूज वायर चोरी कर ले गए।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। सरकारी कार्यालय में हुई इस चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

श्री संकल्प मिशन हॉस्पिटल का लाइसेंस निलंबित, जांच में मिली गंभीर अनियमितताएं, गरियाबंद कलेक्टर ने जारी किया आदेश

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले के छुरा स्थित श्री संकल्प छत्तीसगढ़ मिशन हॉस्पिटल पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल का लाइसेंस 30 दिनों के लिए निलंबित कर दिया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेश के बाद स्वास्थ्य महकमे और निजी अस्पतालों में हड़कंप मच गया है। जांच में अस्पताल संचालन में गंभीर अनियमितताएं, बिना अनुमति सेवाओं का संचालन और मरीजों के उपचार रिकॉर्ड में भारी विसंगतियां सामने आने की बात कही गई है।

जानकारी के अनुसार हरदी रोड छुरा स्थित श्री संकल्प छत्तीसगढ़ मिशन हॉस्पिटल को लेकर पूर्व में लगातार शिकायतें और समाचार प्रकाशित हुए थे। एक समाचार में “आदिवासी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा सवाल, नौ दिनों तक चलता रहा झूठा इलाज” शीर्षक से मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया था। इसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय द्वारा जांच टीम गठित कर अस्पताल की जांच कराई गई।

जांच टीम की रिपोर्ट में अस्पताल प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगे।

आदेश में सामने आए ये बड़े बिंदु

  • जांच में पाया गया कि अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन का संचालन बिना आवश्यक पंजीयन एवं बिना अधिकृत डॉक्टर की अनुमति के किया जा रहा था।
  • अस्पताल में बिना स्त्री रोग विशेषज्ञ की वैधानिक अनुमति के 24×7 सामान्य एवं सिजेरियन डिलीवरी कराई जा रही थी।
  • मरीजों के उपचार संबंधी रिकॉर्ड और अस्पताल प्रबंधन द्वारा दिए गए जवाब में गंभीर विसंगतियां मिलीं।
  • जांच टीम ने अस्पताल प्रबंधन का जवाब असंतोषजनक माना।
  • प्रशासन ने माना कि अस्पताल संचालन में नियमों का गंभीर उल्लंघन हुआ है, जिससे मरीजों की जान को खतरा उत्पन्न हो सकता था।
  • छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापना अनुज्ञापन अधिनियम 2010 एवं नियम 2013 के तहत कार्रवाई की गई।
  • जारी आदेश के अनुसार अस्पताल का अनुज्ञा पत्र तत्काल प्रभाव से 30 दिनों के लिए निलंबित किया गया है।

आदेश में कहा गया है कि अस्पताल में संचालित सेवाओं में नियमों का गंभीर उल्लंघन पाया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

गौरतलब है कि श्री संकल्प मिशन हॉस्पिटल को लेकर पहले भी कई बार विवाद और शिकायतें सामने आ चुकी हैं। अब लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

तेज रफ्तार हाईवा ने बाइक सवार 3 युवकों को कुचला, मौके पर दर्दनाक मौत; पहले मवेशी से टकराई बाइक, फिर रेत से भरे हाईवा ने रौंदा

(सीजी टॉकिज) :- राजिम-अभनपुर मार्ग पर मंगलवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। रेत से भरे तेज रफ्तार हाईवा ने बाइक सवार तीन युवकों को कुचल दिया, जिससे तीनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। घटना रायपुर जिले के अभनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गातापार स्थित ठाकुर दुकान के पास की बताई जा रही है।

मृतकों की पहचान डोमन टंडन, अंकित बंजारे और राजा ओगरे के रूप में हुई है। तीनों युवक एक ही बाइक पर सवार होकर कहीं जा रहे थे।

जानकारी के मुताबिक छोटे उरला निवासी डोमन टंडन रायपुर से काम कर मंगलवार रात घर लौटा था। कुछ देर बाद उसने परिवार वालों से दोस्तों और धुमाल पार्टी वालों से मिलने जाने की बात कही और रात करीब 8:30 बजे बाइक से घर से निकला। उसके साथ अंकित बंजारे और राजा ओगरे भी मौजूद थे।

बताया जा रहा है कि जैसे ही तीनों युवक ग्राम गातापार स्थित ठाकुर दुकान के पास पहुंचे, उनकी बाइक अचानक सड़क पर आए मवेशी से टकरा गई। टक्कर के बाद तीनों युवक सड़क पर गिर पड़े। इसी दौरान राजिम की ओर से तेज रफ्तार में आ रहे रेत से भरे हाईवा क्रमांक CG07 CX 8758 ने तीनों को बेरहमी से रौंद दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सड़क पर खून बिखर गया और आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।

गोबरा नवापारा में अवैध उत्खनन और भंडारण पर खनिज विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई, 2 पोकलेन जब्त, कई भंडारणकर्ताओं को नोटिस जारी

(सीजी टॉकिज) :- नवापारा क्षेत्र में रेत के अवैध कारोबार पर खनिज विभाग ने बड़ा प्रहार करते हुए ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम ने 18 और 19 मई को गोबरा नवापारा क्षेत्र में सघन जांच अभियान चलाया, जिसमें अवैध उत्खनन और बिना अनुमति रेत भंडारण के कई मामलों का खुलासा हुआ।

खनिज विभाग की कार्रवाई से रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया। जांच के दौरान ग्राम लखना स्थित रेत खदान में स्वीकृत क्षेत्र के बाहर और पर्यावरणीय नियमों का खुला उल्लंघन करते हुए भारी मशीनों से रेत उत्खनन किया जाना पाया गया। मौके पर दो चेन माउंटेड पोकलेन मशीनें अवैध उत्खनन में लगी मिलीं।

सहायक खनिज अधिकारी, खनि निरीक्षक और विभागीय अमले ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों पोकलेन मशीनों को मौके पर ही जब्त कर सीलबंद कर दिया। साथ ही अवैध उत्खनन का कार्य तत्काल बंद करा दिया गया।

उप संचालक खनिज राजेश मालवे ने बताया कि जिले में रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ नियमों के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

बिना अनुमति रेत डंप करने वालों पर भी शिकंजा

कार्रवाई के दौरान तहसील गोबरा नवापारा के ग्राम नवागांव, जौंदा, जौंदी और डगनिया में भी अवैध रेत भंडारण के मामले सामने आए। जांच में पाया गया कि महानदी से रेत लाकर कई लोगों द्वारा बिना वैध अनुमति के बड़े पैमाने पर रेत का भंडारण किया गया था।

खनिज विभाग ने अनिल कुमार साहू, गोविंद साहू, ईश्वर पटेल, प्रताप सेन, त्रिलोकी साहू, अजय साहू और मनीष ठाकुर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से जमा पूरी रेत जब्त कर ली है। साथ ही सभी संबंधित भंडारणकर्ताओं को छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के तहत नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।