अभनपुर में बैंक मित्र से 2 लाख की लूट, आंखों में मिर्च पाउडर झोंका, चाकू दिखाकर लूटे रकम

(सीजी टॉकिज) :- रायपुर जिले के अभनपुर थाना क्षेत्र में बैंक मित्र से दिनदहाड़े 2 लाख रुपये की लूट की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। बदमाशों ने पूरी घटना को फिल्मी अंदाज में अंजाम देते हुए पहले पीड़ित को रोकने की कोशिश की, फिर आंखों में मिर्च पाउडर झोंककर चाकू जैसी वस्तु से धमकाया और नकदी से भरा बैग, मोबाइल फोन तथा चाबी लूटकर फरार हो गए।

जानकारी के अनुसार ग्राम बिरोदा निवासी पोषण साहू खोरपा स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में बैंक मित्र के पद पर कार्यरत हैं। सोमवार शाम करीब 4.40 बजे बैंक से छुट्टी होने के बाद उन्होंने अपने निजी खाते से 2 लाख रुपये निकाले और रकम को अपने पिट्ठू बैग में रखकर मोटरसाइकिल से गांव लौट रहे थे।

बताया जा रहा है कि ग्राम सारखी और बिरोदा के बीच स्थित पुलिया के पास दो युवक पहले से घात लगाए बैठे थे। जैसे ही पोषण साहू वहां पहुंचे, दोनों युवक काले रंग की होंडा साइन मोटरसाइकिल पर सवार होकर उनके पीछे लग गए और कुछ दूरी पर जाकर उनकी बाइक के सामने अपनी मोटरसाइकिल अड़ा दी।

पीड़ित के मुताबिक, एक आरोपी ने जेब से मिर्च पाउडर निकालकर उनके चेहरे पर फेंकने का प्रयास किया, जबकि दूसरे ने चाकू जैसी वस्तु निकालकर डराया-धमकाया। अकेला होने के कारण वह विरोध नहीं कर सके। इसके बाद आरोपी उनके बैग में रखे 2 लाख रुपये नकद, करीब 10 हजार रुपये कीमत का ओप्पो मोबाइल फोन और दुकान की चाबी लूटकर फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलने के बाद अभनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरोपी बैंक परिसर से ही पोषण साहू की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। नकदी निकालने के बाद जैसे ही वे गांव के लिए रवाना हुए, बदमाशों ने उनका पीछा किया और सुनसान स्थान पर वारदात को अंजाम दे दिया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही घटना स्थल तक जाने वाले मार्गों पर लगे कैमरों की भी जांच की जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान और उनके भागने के रास्ते का पता लगाया जा सके। पुलिस ने आसपास के ग्रामीणों से भी पूछताछ शुरू कर दी है। घटना के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है।

गरियाबंद दवा विक्रेता संघ चुनाव: परिवर्तन पैनल की शानदार जीत, अध्यक्ष पद पर अश्वनी सिंह ठाकुर ने मारी बाजी

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिला दवा विक्रेता संघ के वर्ष 2026-29 कार्यकाल के लिए हुए बहुप्रतीक्षित चुनाव में परिवर्तन पैनल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत के साथ जीत दर्ज की है। चुनाव में परिवर्तन पैनल और एकता पैनल के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, जिसके चलते मतगणना के अंतिम दौर तक परिणामों को लेकर उत्सुकता बनी रही।

जिला दवा विक्रेता संघ के इस चुनाव में कुल 264 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनाव परिणामों में परिवर्तन पैनल ने 7 में से 6 प्रमुख पदों पर कब्जा जमाकर संगठन में अपना दबदबा स्थापित किया। वहीं एकता पैनल को केवल एक पद पर सफलता मिली।

सबसे चर्चित मुकाबला अध्यक्ष पद का रहा, जहां परिवर्तन पैनल के अश्वनी सिंह ठाकुर ने एकता पैनल के अरुण कुमार मिश्रा को पराजित कर जीत हासिल की। अश्वनी सिंह ठाकुर को 143 वोट प्राप्त हुए, जबकि अरुण कुमार मिश्रा को 121 वोट मिले। इस प्रकार अश्वनी सिंह ठाकुर ने 22 मतों के अंतर से जीत दर्ज कर अध्यक्ष पद अपने नाम किया।

इसके अलावा सचिव पद पर परिवर्तन पैनल के अनिल चंद्राकर ने 146 वोट प्राप्त कर जीत हासिल की, जबकि एकता पैनल के राजेन्द्र साहू को 118 वोट मिले। उपाध्यक्ष पद पर दिनेश सिन्हा ने 147 वोटों के साथ जीत दर्ज की। कोषाध्यक्ष पद पर गुहाराम सोनकर को सर्वाधिक 150 वोट मिले और उन्होंने शानदार जीत हासिल की। संगठन सचिव पद पर रुद्र देव वर्मा को 139 वोट मिले और वे विजयी रहे। जनसंपर्क अधिकारी (PRO) पद पर चेतन मेघवानी ने 149 वोट प्राप्त कर जीत दर्ज की।

वहीं सह सचिव पद पर मुकाबला उलट गया, जहां परिवर्तन पैनल के दिलीप साहू को 127 वोट मिले, जबकि एकता पैनल के ललित साहू ने 137 वोट हासिल कर जीत दर्ज की और एकता पैनल की इकलौती सीट बचाई।

परिणाम घोषित होते ही परिवर्तन पैनल के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। विजयी प्रत्याशियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया तथा समर्थकों ने मिठाइयां बांटकर और आतिशबाजी कर अपनी खुशी जाहिर की। पूरे जिले के दवा विक्रेताओं ने नए नेतृत्व से संगठन को मजबूत बनाने और व्यापारियों की समस्याओं के समाधान की उम्मीद जताई है।

नवनिर्वाचित अध्यक्ष अश्वनी सिंह ठाकुर ने जीत के बाद सभी दवा विक्रेताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह जीत किसी व्यक्ति विशेष की नहीं बल्कि पूरे दवा विक्रेता समाज की जीत है। उन्होंने आश्वासन दिया कि संघ के हितों की रक्षा, दवा व्यापारियों की समस्याओं के निराकरण और संगठन को नई दिशा देने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य किया जाएगा।

दूसरी ओर अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अरुण कुमार मिश्रा ने भी चुनाव परिणामों का सम्मान करते हुए विजयी टीम को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दवा विक्रेताओं के हित सर्वोपरि हैं और संगठन की मजबूती के लिए सभी को मिलकर कार्य करना चाहिए।

गरियाबंद जिला दवा विक्रेता संघ के इतिहास में परिवर्तन पैनल की यह जीत एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखी जा रही है। अब सभी की नजरें नई टीम के कार्यकाल और उनके द्वारा किए जाने वाले विकासात्मक कार्यों पर टिकी हुई हैं।

गाय के साथ अमानवीय कृत्य, कार्रवाई की मांग को लेकर आक्रोशित हिंदू संगठन ने थाने में सौंपा ज्ञापन

 (सीजी टॉकिज) :-रायपुर जिले के गोबरा नवापारा में गाय के साथ अमानवीय कृत्य मामला सामने आया है। घटना के बाद हिंदू संगठनों एवं गौभक्तों में भारी आक्रोश व्याप्त है। मामले को गंभीर बताते हुए विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर आरोपी के खिलाफ तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार 31 मई 2026 की रात लगभग 1 बजे गोबरा नवापारा स्थित काली मंदिर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में एक व्यक्ति की संदिग्ध गतिविधियां सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है। आरोप है कि फुटेज में दिखाई दे रही हरकतें गौवंश के प्रति क्रूरता और अमानवीय व्यवहार हैं। इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में लोगों में रोष फैल गया है।

ज्ञापन में कहा गया है कि गौवंश भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में गौवंश के साथ किसी भी प्रकार का क्रूर और आपत्तिजनक व्यवहार न केवल पशु क्रूरता का मामला है, बल्कि समाज की धार्मिक एवं सांस्कृतिक भावनाओं को भी आहत करने वाला कृत्य है।

हिंदू संगठनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर संबंधित व्यक्ति की शीघ्र पहचान कर उसके खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर कड़ी कार्रवाई की जाए। पुलिस ने मामले की जांच करने और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। वहीं सीसीटीवी फुटेज में कैद संदिग्ध युवक की पहचान की जा रही है।

गरियाबंद जिले को स्वास्थ्य क्षेत्र में मिली बड़ी सौगात, 26 नए उपस्वास्थ्य केंद्रों के लिए 7.41 करोड़ रुपए स्वीकृत

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले के ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए बड़ी सौगात मिली है। जिले के छुरा और मैनपुर विकासखंड में 26 नए उपस्वास्थ्य केंद्र भवनों के निर्माण हेतु 7 करोड़ 41 लाख 26 हजार रुपए की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस निर्णय से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।

इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए राजिम विधायक रोहित साहू ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल और वित्त मंत्री ओपी चौधरी का गरियाबंद जिले की जनता की ओर से धन्यवाद और आभार व्यक्त किया है। विधायक रोहित साहू ने कहा कि इन नए भवनों के निर्माण से ग्रामीण अंचल के लोगों को उनके घर के पास ही बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी तथा आमजनों को अब स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

इस बजटीय स्वीकृति के तहत गरियाबंद जिले के छुरा और मैनपुर विकासखंडों को समान रूप से बजट आवंटित किया गया है जिसमें छुरा विकासखंड के कुल 13 उपस्वास्थ्य केंद्रों क्रमशः पिपरछेड़ी, गायडबरी, मुड़ागांव, सिवनी, मुढ़ीपानी, सेम्हरा, कुटेना, तौरेंगा, घटकर्रा, अमलोर, द्वारतरा, बोड़राबांधा और कनेसर ग्राम पंचायत के लिए 3 करोड़ 70 लाख 63 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसके तहत प्रत्येक उपस्वास्थ्य केंद्र के भवन निर्माण पर 28.51 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे।

इसी प्रकार आदिवासी बाहुल्य विकासखंड मैनपुर के भी 13 स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 3 करोड़ 70 लाख 63 हजार रुपए की मंजूरी मिली है। यहाँ भी प्रत्येक केंद्र को 28.51 लाख रुपए का बजट मिलेगा। मैनपुर ब्लॉक के बिरीघाट, डेंडुपदर, ढोर्रा, गोलामाल, गुरुजीभाटा (अ), कांडेकेला, मैनपुर खुर्द, छिंदौला, भाठीगढ़, पदमपुर, घूमरापदर, खरीपथरा और सुकलीभाठा ग्राम पंचायत में नवीन उपस्वास्थ्य केंद्र का निर्माण किया जाएगा।

इस प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति के बाद गरियाबंद जिले के वनांचल क्षेत्रों में हर्ष का माहौल है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने इस सौगात के लिए साय सरकार और विधायक रोहित साहू के प्रति प्रसन्नता व्यक्त की है। अब भवनों का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने की भी उम्मीद है।

अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधा पहुँचाना हमारा लक्ष्य – रोहित साहू

इस अवसर पर विधायक रोहित साहू ने कहा कि इस स्वीकृति से वनांचल और दूरदराज के गांवों में रहने वाले गरीब और आदिवासी परिवारों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। प्रत्येक केंद्र को मिलने वाले 28.51 लाख रुपए से स्वास्थ्य सुविधाओं का स्तर सुधरेगा और डॉक्टरों व स्टाफ के लिए बेहतर माहौल तैयार होगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार अंत्योदय के संकल्प के साथ काम कर रही है, जहां समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना प्राथमिकता है। मैं इस संवेदनशीलता के लिए छग प्रदेश की सुशासन वाली सरकार का आभारी हूँ।

खनिज माफियाओं पर रातभर चला कार्रवाई: 8 हाइवा जब्त, रेत-बोल्डर से लदे 8 हाइवा जब्त

 (सीजी टॉकिज) :- अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत खनिज विभाग ने रातभर कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम ने अवैध रूप से रेत और बोल्डर का परिवहन कर रहे कुल 8 हाइवा वाहनों को जब्त किया है। इस कार्रवाई से अवैध खनिज कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार उप संचालक खनि प्रशासन राजेश मालवे एवं सहायक खनि अधिकारी उमेश भार्गव के मार्गदर्शन में विशेष जांच अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान नारी और धमतरी क्षेत्र से रेत लोड कर परिवहन कर रहे 6 हाइवा तथा तुमगांव क्षेत्र से बोल्डर लेकर आ रहे 2 हाइवा को रोककर जांच की गई।

जांच के दौरान संबंधित वाहन चालकों से खनिज परिवहन के दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन वे वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके। दस्तावेजों के अभाव में सभी वाहनों को अवैध परिवहन की श्रेणी में मानते हुए जब्त कर लिया गया। खनिज विभाग की टीम ने जब्त किए गए वाहनों को आवश्यक कार्रवाई के बाद उपरवारा थाना और माना थाना की सुपुर्दगी में सौंप दिया है। अब प्रकरण में खनिज नियमों के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ रातभर चली इस कार्रवाई से खनिज माफियाओं में खलबली मच गई। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जिले में अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस विशेष अभियान में सुपरवाइजर सुनील दत्त शर्मा, लुकेश वर्मा, अज्जू मानिकपुरी और दयाराम साहू ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

महिष ढाबा पर पुलिस की रेड: अवैध शराब कारोबार का भंडाफोड़, लल्ला सोनवानी समेत 5 गिरफ्तार, शहर में निकाला जुलूस

25 हजार से अधिक नकदी, दर्जनों शराब की बोतलें, चाकू और मोबाइल जब्त

 (सीजी टॉकिज) :- रायपुर ग्रामीण पुलिस ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम कुर्रा स्थित महिष ढाबा पर छापेमारी कर अवैध शराब बिक्री के नेटवर्क का खुलासा किया है। कार्रवाई में ढाबा संचालक टूम्मन उर्फ लल्ला सोनवानी सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में शराब, नगदी, धारदार चाकू और मोबाइल फोन जब्त किए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार थाना गोबरा नवापारा क्षेत्र में स्थित महिष ढाबा में अवैध शराब बिक्री की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रायपुर (ग्रामीण) श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, एसडीओपी नवा रायपुर, थाना गोबरा नवापारा और एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट की संयुक्त टीम गठित कर दबिश दी गई।

रेड के दौरान पुलिस ने पाया कि ढाबा संचालक टूम्मन उर्फ लल्ला सोनवानी और उसके सहयोगी ग्राहकों को अवैध रूप से शराब बेच रहे थे। इतना ही नहीं, शराब पीने के लिए बैठने और सेवन करने की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही थीं। तलाशी के दौरान पुलिस ने 44 अध्धी देशी मसाला शराब, 1 पौवा देशी मसाला शराब बरामद की। इसके अलावा बिक्री से प्राप्त 25,060 रुपये नकद, एक धारदार बटनदार चाकू तथा घटना से जुड़े 5 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ढाबा संचालक से शराब बिक्री और बरामद हथियार के संबंध में वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। आरोप है कि उसने कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम को लगातार गुमराह करने का प्रयास भी किया।

दर्ज हुआ मामला

पुलिस ने आरोपियों टूम्मन उर्फ लल्ला सोनवानी (30 वर्ष), भरत डहरिया (20 वर्ष), विक्की कुर्रे (30 वर्ष), धीरज बघेल (26 वर्ष), अजय साहू (48 वर्ष) के विरुद्ध धारा 34(2), 36(क) आबकारी अधिनियम, 25 आर्म्स एक्ट तथा 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत वैधानिक कार्रवाई की है।

आरोपियों का निकाला गया जुलूस

पुलिस ने गिरफ्तार किए गए सभी पांच आरोपियों का नगर में जुलूस निकालकर कानून का संदेश दिया। पुलिस सुरक्षा के बीच आरोपियों को सार्वजनिक रूप से घुमाया गया, जिससे क्षेत्र में अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के बीच हड़कंप मच गया।

थाना प्रभारी भी निलंबित

छापेमारी के दौरान तत्कालीन थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल की गतिविधियां संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक रायपुर (ग्रामीण) श्वेता श्रीवास्तव सिंह ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। जारी आदेश के अनुसार कार्रवाई के दौरान निरीक्षक जायसवाल को मुख्य आरोपी टूम्मन उर्फ लल्ला सोनवानी के साथ एकांत में बातचीत करते देखा गया था, जिसे गंभीरता से लेते हुए उनके आचरण को संदेहास्पद माना गया।

साथ ही क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रख पाने को भी निलंबन का आधार बनाया गया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और पूरे मामले की जांच जारी है।

खाद-बीज संकट पर फूटा किसानों का गुस्सा, पांडुका चौक में धरने पर बैठे अन्नदाता, शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी

(सीजी टॉकिज) :- खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच खाद और बीज की कमी को लेकर किसानों का आक्रोश सड़कों पर उतर आया है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में किसान पाण्डुका के चारोधाम चौक में धरने पर बैठ गए और शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने आरोप लगाया कि खेती का समय शुरू हो चुका है, लेकिन उन्हें पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, जिससे बोनी प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि सहकारी समितियों और बिक्री केंद्रों में खाद-बीज की उपलब्धता बेहद कम है। कई किसानों को घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। ऐसे में खेती-किसानी पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

खाद-बीज दो, किसान बचाओ के लगे नारे

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध कराने की मांग की। किसानों का कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

मौके पर पहुंची पुलिस

धरने और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पाण्डुका पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति पर नजर बनाए रखी। फिलहाल प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी है, लेकिन किसानों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

खेती के सीजन में संकट से बढ़ी चिंता

खरीफ फसलों की बुवाई का समय नजदीक होने के कारण किसान समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि समय पर व्यवस्था नहीं हुई तो उत्पादन प्रभावित होगा और इसका सीधा असर उनकी आय पर पड़ेगा।

आरंग रेलवे ट्रैक पर मिला शिक्षक का शव, आत्महत्या की आशंका; देर रात तक ट्रैक पर पड़ा रहा शव

 (सीजी टॉकिज) :- रायपुर जिले के आरंग रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार शाम एक सरकारी स्कूल के शिक्षक का शव रेलवे ट्रैक पर क्षत-विक्षत हालत में मिला। घटना की खबर फैलते ही स्टेशन परिसर में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान आशीष बघेल (41 वर्ष) के रूप में हुई है, जो अकोली (कला) स्थित शासकीय विद्यालय में शिक्षक थे। बताया जा रहा है कि शाम करीब 7.30 बजे वे ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

शिक्षक की मौत की खबर मिलते ही परिजन बदहवास हालत में रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक साथी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंच गए। अचानक हुई इस घटना से शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

मानसिक तनाव की आशंका

प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक आशीष बघेल पिछले कुछ समय से पारिवारिक कारणों को लेकर तनाव में थे। हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

घटना के बाद रेलवे ट्रैक पर शव पड़े रहने को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिली। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार देर रात करीब 11.30 बजे रेलवे पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद शव को ट्रैक से हटाकर कब्जे में लिया गया। इस दौरान परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ा। फिलहाल पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

नवापारा में ‘लल्ला कनेक्शन’ पर गिरी गाज! थाना प्रभारी निलंबित, अवैध शराब पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

नवापारा में लंबे समय से फल-फूल रहे अवैध शराब कारोबार के बीच शुक्रवार को पुलिस विभाग में बड़ी कार्रवाई हुई है। अवैध शराब बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने में विफल रहने और कार्रवाई के दौरान संदिग्ध आचरण प्रदर्शित करने के आरोप में गोबरा नवापारा थाना प्रभारी निरीक्षक दीपेश जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिंह द्वारा आदेश जारी किया गया है।

आदेश के अनुसार, गोबरा नवापारा क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। थाना प्रभारी को इस पर सख्त नियंत्रण के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र में अवैध कारोबार जारी रहा। मामला तब और गंभीर हो गया जब 29 मई की देर रात एसीसीयू रायपुर की देहात टीम ने नवापारा के चर्चित अवैध शराब कारोबारी लल्ला सोनवानी के ठिकाने पर दबिश देकर अवैध शराब बिक्री का खुलासा किया।

आरोपी से एकांत में बातचीत ने बढ़ाया संदेह

सूचना मिलने पर थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल भी मौके पर पहुंचे थे, लेकिन कार्रवाई के दौरान उन्हें आरोपी लल्ला सोनवानी के साथ एकांत में बातचीत करते हुए पाया गया। पुलिस विभाग ने इसे संदिग्ध और अनुशासनहीन आचरण माना। आदेश में उल्लेख है कि थाना प्रभारी ने अवैध शराब कारोबार पर नियंत्रण स्थापित करने में असफलता दिखाई और मौके पर उनका व्यवहार भी संदेहास्पद पाया गया। इसी आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस अधीक्षक कार्यालय रायपुर (ग्रामीण) से संबद्ध कर दिया गया।

कौन है लल्ला सोनवानी?

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, लल्ला सोनवानी गोबरा नवापारा के पार्षद सभापति केकती सोनवानी का बेटा है। लल्ला का नाम लंबे समय से अवैध शराब कारोबार से जुड़ता रहा है। उसके खिलाफ कई शिकायतें पुलिस अधिकारियों तक पहुंच चुकी थीं। क्षेत्र में वह एक सक्रिय बदमाश के रूप में भी चर्चित रहा है और उसके विरुद्ध पूर्व में जिला बदर की कार्रवाई भी की जा चुकी है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस की इस कार्रवाई से संदेश जरूर गया है, लेकिन अवैध कारोबार के कथित संरक्षकों और मुख्य संचालकों तक कार्रवाई पहुंचे बिना समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। अब प्रशासन को अवैध शराब, गांजा और सट्टे के पूरे नेटवर्क पर निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए।

न पानी, न छांव…. 45 डिग्री की आग में झोंके जा रहे मजदूर! नौतपा की भीषण गर्मी में काम करने को मजबूर है महिलाएं…

 (सीजी टॉकिज) :- नौतपा की भीषण गर्मी में जहां लोग दोपहर के समय घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं, वहीं नवापारा-अभनपुर मार्ग पर महिला मजदूरों को झुलसाती धूप में काम करने पर मजबूर किया जा रहा है। लगभग 44-45 डिग्री तापमान और तेज लू के बीच महिलाएं सड़क पर पसीना बहाती नजर आ रही हैं, लेकिन निर्माण स्थल पर न पीने के पानी की समुचित व्यवस्था है और न ही छांव या आराम की कोई सुविधा।

निर्माण स्थल की तस्वीरें मजदूरों की बदहाली और ठेकेदार की लापरवाही की कहानी खुद बयां कर रही हैं। दोपहर की तपती धूप में महिलाएं लगाने में जुटी हुई हैं। मजदूरों का कहना है कि उन्हें लगातार घंटों तक काम कराया जा रहा है, लेकिन गर्मी से बचाव के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है।

सवालों के घेरे में ठेकेदार

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार केवल काम जल्द पूरा कराने के दबाव में मजदूरों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को पूरी तरह नजरअंदाज कर रहा है। भीषण गर्मी में यदि किसी मजदूर, खासकर महिला मजदूर की तबीयत बिगड़ती है या कोई बड़ा हादसा हो जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?

पहले भी जा चुकी है एक नाबालिग मजदूर की जान

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र में महानदी किनारे चल रहे तटबंध निर्माण कार्य के दौरान एक 16 वर्षीय नाबालिग मजदूर हर्ष साहू की मौत हो गई थी। बताया गया था कि भीषण गर्मी में काम करते समय अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। उस मामले में भी निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, मेडिकल सुविधा और मजदूरों के लिए जरूरी इंतजाम नहीं होने के आरोप लगे थे।
इतना ही नहीं, नाबालिग से मजदूरी कराने को लेकर भी ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।

मजदूरों की जिंदगी से खिलवाड़?

अब अभनपुर क्षेत्र में फिर उसी तरह का लापरवाह रवैया देखने को मिल रहा है। नौतपा की जानलेवा गर्मी में खुले आसमान के नीचे महिलाओं से काम कराया जाना मजदूरों की जिंदगी से सीधा खिलवाड़ माना जा रहा है।