
Breaking News











(सीजी टॉकिज) आरंग :- रायपुर जिले के आरंग थाना क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से एक ग्रामीण की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक मछली पकड़कर घर लौट रहा था, तभी तेज बारिश के बीच अचानक गिरी बिजली ने उसकी जान ले ली। घटना के बाद क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।
बताया जा रहा है कि परसदा निवासी संतराम यादव (55 वर्ष) नजदीकी नहर में मछली पकड़ने गए थे। मछली पकड़ने के बाद वे घर लौट रहे थे, तभी मौसम अचानक बिगड़ गया। तेज बारिश और गरज-चमक के बीच आकाशीय बिजली सीधे उनके ऊपर गिर गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
सूचना पर आरंग थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। वहीं संतराम यादव की असामयिक मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्राम परसदा में भी शोक की लहर दौड़ गई है।
मौसम विभाग ने बारिश के मौसम में सतर्क रहने अपनी है। बारिश के दौरान खुले मैदान, नहर, तालाब, खेत या पेड़ों के नीचे रुकने से बचने की सलह दी है। गरज-चमक होने पर सुरक्षित भवन में शरण लेना ही सबसे सुरक्षित उपाय माना जाता है।

(सीजी टॉकिज) राजिम :- क्षेत्र के ग्राम पंचायत बासीन में 30 लाख रुपए की स्वीकृत राशि से बनने वाले भव्य महतारी सदन का भूमिपूजन विधायक रोहित साहू के मुख्य आतिथ्य में पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं।मुख्य अतिथि रोहित साहू ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ प्रस्तावित निर्माण स्थल का बारीकी से अवलोकन किया।
उन्होंने निर्माण कार्य को समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने की बात को दोहराया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि महतारी सदन का निर्माण हमारी माताओं और बहनों के लिए का एक प्रमुख केंद्र बनेगा। इसकी गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इस दौरान विधायक रोहित साहू ने कहा कि आज का दिन हमारी माताओं और बहनों के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण दिन है।
ग्राम पंचायत बासीन में 30 लाख रुपए की लागत से बनने वाला यह महतारी सदन ग्रामीण महिलाओं के स्वाभिमान, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का केंद्र बनेगा। अक्सर गांवों में हमारी माताओं-बहनों को सामाजिक बैठकों, महिला स्व सहायता समूह की गतिविधियों, सांस्कृतिक आयोजनों या किसी भी महत्वपूर्ण चर्चा के लिए एक सुरक्षित और व्यवस्थित स्थान की कमी खलती थी। यह महतारी सदन उस कमी को पूरी तरह दूर करेगा। यहाँ हमारी बहनें संगठित होकर नए कौशल सीख सकेंगी और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगी।
हमारी सरकार और मेरा संकल्प क्षेत्र के हर गाँव तक विकास की रोशनी पहुंचाना है। बासीन का विकास मेरी प्राथमिकताओं में सर्वोपरि है और आने वाले दिनों में यहाँ विकास के कई और बड़े कार्य देखने को मिलेंगे।
इस महतारी सदन के बन जाने से ग्राम पंचायत बासीन और आसपास की महिलाओं को विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों के लिए एक सर्वसुविधायुक्त मंच मिलेगा। यहाँ महिलाएं स्व सहायता समूहों की बैठकें आयोजित कर सकेंगी साथ ही विभिन्न कौशल विकास व स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ उठा सकेंगी इसके अलावा सामाजिक एवं सांस्कृतिक उत्सवों का आयोजन सुचारू रूप से कर पाएँगी। लंबे समय से गाँव में महिलाओं के लिए एक व्यवस्थित भवन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। 30 लाख रुपए की राशि राशि से बनने वाले इस आधुनिक सदन की सौगात मिलने पर बासीन के ग्रामीणों, विशेषकर महिला शक्ति ने रोहित साहू का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने अतिथियों का आत्मीय स्वागत भी किया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि रामविशाल ओगरे, रोशन डहरिया जनपद सदस्य, सहकारी समिति अध्यक्ष गोपचंद बैनर्जी,शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष कुंदन सेन,दिनेश साहू बूथ अध्यक्ष, पूर्व जनपद सदस्य प्रतिनिधि ओमप्रकाश रात्रे, पालेश्वर साहू, डॉ रोशन सार्वा,दिनेश साहू, लक्ष्मीकांत साहू, एवन,सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में माताएं-बहनें उपस्थित थीं।

(सीजी टॉकिज) राजिम :- फिंगेश्वर के स्थानीय विश्राम गृह में मंगलवार को विकासखंड सरपंच संघ की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में राजिम विधायक रोहित साहू शामिल हुए। इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष इंद्राणी नेहरू साहू भी उपस्थित रहीं। बैठक में विकासखंड की ग्राम पंचायतों से जुड़े विकास कार्यों, बुनियादी सुविधाओं, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक के दौरान सरपंचों ने अपने-अपने ग्राम पंचायतों की समस्याओं, आवश्यकताओं और विकास संबंधी सुझावों को विधायक के समक्ष रखा। विधायक रोहित साहू ने सभी पंचायत प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए उनकी प्राथमिकताओं और जमीनी स्तर पर आने वाली चुनौतियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सभी जनप्रतिनिधियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
विधायक ने ग्रामीण विकास में सरपंचों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि गांवों का विकास ही विधानसभा और प्रदेश के समग्र विकास का आधार है। उन्होंने कहा मेरे राजनीतिक जीवन की शुरुआत भी सरपंच पद से हुई है और मैं स्वयं सरपंच संघ का अध्यक्ष रह चुका हूं। इसलिए सरपंचों की व्यावहारिक समस्याओं और चुनौतियों को भलीभांति समझता हूं। शासन की योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में सरपंचों की भूमिका सबसे अहम होती है।
बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों और शासकीय विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों की गति बढ़ाने का संकल्प लिया गया। पेयजल, सड़क, बिजली और स्वच्छता जैसे बुनियादी मुद्दों के त्वरित समाधान पर भी विशेष चर्चा हुई।
बैठक में सरपंच संघ अध्यक्ष हरीश साहू ने विकासखंड की पंचायतों की समस्याओं और मांगों को विधायक के समक्ष रखा। इस पर विधायक रोहित साहू ने समस्याओं के शीघ्र निराकरण का आश्वासन देते हुए सरपंच संघ की मांग पर ब्लॉक मुख्यालय फिंगेश्वर स्थित सरपंच सदन के जीर्णाेद्धार की घोषणा की। उन्होंने बताया कि भवन में कुर्सी, टेबल, पेयजल सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे सरपंचों को बैठक एवं अन्य गतिविधियों के लिए बेहतर वातावरण मिल सके।
बैठक में सरपंच संघ अध्यक्ष हरीश साहू, महिला उपाध्यक्ष राधिका यादव एवं अमिता यादव, पुरुष उपाध्यक्ष सूरदेव साहू एवं दुलीचंद ओंडे, सचिव तामेश्वर पटेल, कोषाध्यक्ष डिगेश्वर साहू, मीडिया प्रभारी थानेश्वर साहू एवं देवेंद्र वर्मा सहित संघ के पदाधिकारी, संरक्षक, सलाहकार और विकासखंड की विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

(सीजी टॉकिज) रायपुर :- छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार ने लंबे इंतजार के बाद विभिन्न निगम, मंडल, आयोग एवं बोर्ड में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं। जारी सूची के अनुसार 13 निगम, मंडल, आयोग और बोर्ड में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों सहित कुल 24 नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। आदेश के अनुसार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के रूप में डॉ. श्रीमती ममता साहू को दायित्व सौंपा गया है।
छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर गौरीशंकर श्रीवास तथा सदस्य पद पर देवशरण सेन की नियुक्ति की गई है। छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग में रामलाल चौहान को अध्यक्ष, वेदराम मनहरे को उपाध्यक्ष तथा सौरभसिंह जागृत, दुर्गा महेश्वर और दयावंत धर बांधे को सदस्य नियुक्त किया गया है। इसी तरह छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर आनंद निषाद तथा सदस्य पद पर नेतराम निषाद की नियुक्ति हुई है।
छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मण्डल, रायपुर के अध्यक्ष राजेश कुमार राजपूत बनाए गए हैं, जबकि सुमन मुथा को सदस्य नियुक्त किया गया है। शाकम्भरी बोर्ड की कमान राजेन्द्र नायक को सौंपी गई है। बोर्ड में बसंत पटेल, प्रेमलाल पटेल, संतोष पटेल और प्रेम पटेल को सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष पद पर सुधीर गौतम, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य के रूप में मनमथ नाथ शर्मा तथा छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम के सदस्य पद पर प्रसन्ना अवस्थी की नियुक्ति की गई है।
सरकार ने रायपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद पर डॉ. जे.पी. शर्मा, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के उपाध्यक्ष किशोर महानंद, गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष आनंद कुमार तिवारी (राजीव लोचन दास महाराज) तथा छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष पद पर मंगल दास ठाकुर को जिम्मेदारी सौंपी गई है।


राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत 10 वर्ष की आयु में लगाए जाने वाले टीडी (ज्मजंदने – क्पचीजीमतपं) टीके की लगातार अनुपलब्धता को लेकर गोबरा नवापारा निवासी मयूर मनियार ने नवापारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर पूरे मामले की जांच एवं जवाबदेही तय करने की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनकी 11 वर्षीय पुत्री दिव्यल मनियार को निर्धारित आयु में लगाया जाने वाला टीडी टीका अब तक नहीं लग पाया है। परिवार पिछले लगभग एक वर्ष से प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच रहा है, लेकिन हर बार यह कहकर वापस भेज दिया जाता है कि टीडी वैक्सीन उपलब्ध नहीं है तथा टीका लगवाने के लिए राजिम शासकीय अस्पताल जाने की सलाह दी जाती है।
शिकायत के अनुसार, 7 जुलाई 2026 को सुबह लगभग 11.50 बजे शिकायतकर्ता की पत्नी अपनी पुत्री को टीका लगवाने फिर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचीं, लेकिन इस बार भी वही कारण बताते हुए वापस भेज दिया गया कि टीडी वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।
शिकायत में कहा गया है कि टीडी वैक्सीन केवल बच्चों के लिए ही नहीं बल्कि गर्भवती महिलाओं के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण एवं अनिवार्य टीका है। ऐसे में यदि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय तक इसकी उपलब्धता नहीं रहती है तो यह गंभीर चिंता का विषय है और स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करता है।
शिकायतकर्ता ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी से टीडी वैक्सीन उपलब्धा, आपूर्ति और अन्य बिन्दुओं पर जानकारी मांगी है। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा सभी बिंदुओं पर लिखित रूप से जवाब उपलब्ध कराने की मांग की है।
इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवापारा के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. तेजेंद्र साहू ने शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में टीडी वैक्सीन उपलब्ध है। यदि कभी स्टॉक समाप्त भी हो जाता है तो तत्काल ब्लॉक कार्यालय अथवा जिला कार्यालय को सूचना देकर वैक्सीन मंगवा ली जाती है। अस्पताल में टीकाकरण व्यवस्था नियमित रूप से संचालित की जा रही है।

(सीजी टॉकिज) अभनपुर :- राजधानी रायपुर से लगे अभनपुर पुलिस को बाइक चोरी के मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक नाबालिग सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की पांच दुपहिया वाहन बरामद किए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कई चोरी की वारदातों का खुलासा किया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी शनिवार बाजार में खरीदारी के लिए आने वाले लोगों की खड़ी मोटरसाइकिलों को निशाना बनाते थे। बरामद पांच मोटरसाइकिलों में से चार अभनपुर के शनिवार बाजार से तथा एक बाइक राखी थाना क्षेत्र के ग्राम तर्रा से चोरी की गई थी। सभी आरोपी अभनपुर थाना क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं।
मामले का खुलासा नवा रायपुर सीएसपी तुलसी राम लेकाम ने किया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों आकाश और संदीप से पूछताछ के दौरान चोरी की पांच मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरोह ने जिले के अन्य थाना क्षेत्रों या आसपास के इलाकों में भी वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं।
फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही चोरी के अन्य मामलों से भी आरोपियों के संबंधों की जांच जारी है।

(सीजी टॉकिज) गरियाबंद :- मानसून की पहली तेज बारिश ने गरियाबंद जिले के नेशनल हाईवे पर हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खोल दी है। जिले के ग्राम श्यामनगर में पेट्रोल पंप के समीप नेशनल हाईवे की सड़क और उससे लगी नाली का बड़ा हिस्सा धंस गया है। लगातार बारिश के कारण सड़क किनारे तेज कटाव हो रहा है, जिससे हाईवे पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि यह मार्ग जिले के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, जहां दिन-रात भारी ट्रकों, बसों और छोटे वाहनों की आवाजाही बनी रहती है, लेकिन अब तक न तो क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत शुरू हुई है और न ही सुरक्षा के कोई पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो यह क्षतिग्रस्त सड़क किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
ग्रामीणों के अनुसार सड़क और नाली का निर्माण हाल के वर्षों में किया गया था, लेकिन निर्माण के दौरान गुणवत्ता का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया। पहली ही तेज बारिश में सड़क का किनारा धंसने लगा और नाली भी क्षतिग्रस्त हो गई। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि पहली बारिश में ही सड़क जवाब दे दे, तो यह संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई। उनका कहना है कि यदि निर्माण सही तरीके से किया गया होता और समय-समय पर रखरखाव होता, तो सड़क की यह स्थिति नहीं बनती। ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने और दोषी अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
यह नेशनल हाईवे क्षेत्रीय यातायात की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक, बसें, यात्री वाहन और दोपहिया वाहन गुजरते हैं। सड़क का किनारा धंस जाने से वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ गया है। विशेषकर रात के समय या तेज बारिश के दौरान स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि कोई भारी वाहन सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से की ओर चला गया तो बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
क्षतिग्रस्त सड़क के बावजूद मौके पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। न तो प्रभावी बैरिकेडिंग की गई है और न ही वाहन चालकों को सतर्क करने के लिए चेतावनी संकेत लगाए गए हैं।

गरियाबंद जिले में विगत दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश एवं मौसम विभाग द्वारा जारी रेड अलर्ट को देखते हुए राजिम विधायक रोहित साहू ने जिलेवासियों से विशेष सतर्कता बरतने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। लगातार हो रही वर्षा के कारण जिले के कई नदी-नाले उफान पर हैं तथा अनेक स्थानों पर जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी जान-माल की हानि का कारण बन सकती है।
विधायक रोहित साहू ने बताया कि उन्होंने दूरभाष के माध्यम से गरियाबंद कलेक्टर से चर्चा कर जिले में भारी वर्षा की स्थिति, बाढ़ प्रभावित गांवों, राहत एवं बचाव की तैयारियों तथा आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए जिले के सभी विद्यालयों के संबंध में आवश्यक निर्णय लेने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में आमजन अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचें। विशेषकर नदी-नालों, पुल-पुलियों, डूबान क्षेत्रों एवं जलभराव वाले स्थानों से पूरी तरह दूरी बनाए रखें। किसी भी स्थिति में उफनते नदी-नालों या पुल-पुलियों को पार करने का प्रयास न करें, क्योंकि तेज बहाव के कारण गंभीर दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपने बच्चों पर विशेष ध्यान रखने तथा उन्हें जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास जाने से रोकने की अपील की।
विधायक रोहित साहू ने कहा कि लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिरने एवं विद्युत तार क्षतिग्रस्त होने से विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा विषम परिस्थितियों में लगातार विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बारिश के बीच भी कर्मचारी पूरी निष्ठा और तत्परता के साथ मरम्मत कार्य में जुटे हुए हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि टूटे हुए विद्युत तारों, झुके हुए बिजली के खंभों अथवा विद्युत लाइन के संपर्क में आने का प्रयास न करें तथा ऐसी किसी भी स्थिति की तत्काल विद्युत विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन को सूचना दें, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। राहत एवं बचाव दलों को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किए जाएंगे।
अंत में विधायक रोहित साहू ने जिलेवासियों से संयम एवं सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। सभी नागरिक सतर्क रहें, सुरक्षित रहें तथा किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें। सभी के सहयोग और जागरूकता से संभावित जन-धन की हानि को रोका जा सकता है।

गरियाबंद जिले के नगर पंचायत कोपरा से रविवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां पानी से लबालब भरे घुरवा में डूबने से दो मासूम भाई-बहन की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना पांडुका थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के अनुसार नगर पंचायत कोपरा के तर्रा रोड निवासी बिसेलाल साहू के पोते योगेश साहू और पोती सुमन साहू बारिश थमने के बाद घर के बाहर खेल रहे थे। इसी दौरान दोनों बच्चे घर से लगे घुरवा गड्ढे के पास पहुंच गए। आशंका है कि फिसलकर दोनों करीब 10 से 12 फीट गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिर गए और बाहर नहीं निकल सके।
जब काफी समय तक दोनों बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिवार और ग्रामीणों ने आसपास उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान दोनों बच्चों का पता घर से सटे घुरवा गड्ढे में चला। ग्रामीणों ने तत्काल उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही पांडुका पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मामला डूबने से मौत का माना जा रहा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी।
घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में खुले और गहरे घुरवा गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे गड्ढों की घेराबंदी, चेतावनी बोर्ड लगाने और सुरक्षा के स्थायी इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग भी की गई है।

(सीजी टॉकिज) गरियाबंद :- मानसून की पहली झमाझम बारिश में एक ओर जहां किसानों के चेहरों पर मुस्कान दिख रही है, वहीं ग्रामीण अंचलों में बड़ी मुसीबत भी खड़ी कर दी। शनिवार आधी रात से हो रही मूसलाधार बारिश में कोसमबुड़ा-सारागांव होते हुए उड़ीसा सीमा को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित छोटे नाले की पुलिया तेज बहाव में बह गया। जिससे दर्जनों गांवों का आवागमन प्रभावित हो गया।
रविवार सुबह जब लोग रोजमर्रा के कामों के लिए निकले तो पुलिया टूटी मिली। कई वाहन बीच रास्ते से ही वापस लौट गए। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर लोगों को क्षतिग्रस्त हिस्से से दूर रहने की सलाह दी है।
क्षेत्र के किसान कई दिनों से मानसून की राह देख रहे थे। बारिश नहीं होने से खेतों की तैयारी और बुआई का काम पिछड़ रहा था। शनिवार को आखिरकार मानसून ने जोरदार दस्तक दी, लेकिन एक ही रात की तेज बारिश ने जनजीवन को भी अस्त-व्यस्त कर दिया। खेतों में पानी भरने से किसानों को राहत मिली, लेकिन सड़क मार्ग से छोटे पुलिया बहने जैसी घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार पूरी रात हुई तेज बारिश से नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव के दबाव में पुलिया का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर बह गया। सुबह तक सड़क पूरी तरह जलमग्न हो गया, जिससे आवागमन रोकना पड़ा।
पुलिया क्षतिग्रस्त होने से दुल्ला, सारागांव, नवापारा, कोसमी, चुरकीदादर सहित आसपास के दर्जनों गांवों का सीधा संपर्क प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों को अब बाजार, स्कूल, अस्पताल और सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने के लिए लंबा वैकल्पिक रास्ता तय करना पड़ेगा। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क उनके लिए जीवनरेखा से कम नहीं था। रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर कृषि उपज के परिवहन तक अधिकांश गतिविधियां इसी मार्ग पर निर्भर हैं।
बरसात के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच पहले ही कठिन होती है। ऐसे में पुलिया टूटने से आपातकालीन स्थिति में अस्पताल पहुंचाना बड़ी चुनौती बन सकता है। साथ ही कृषि उपज, दैनिक उपयोग की वस्तुओं और आवश्यक सामान की आपूर्ति भी प्रभावित होने की आशंका है।
शनिवार की रात से हो रही बारिश रविवार दोपहर तक जारी रहा। छुरा सहित गरियाबंद जिले के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। बारिश का यही सिलसिला जारी रहा तो अन्य पुल-पुलियों और संपर्क मार्गों पर भी खतरा बढ़ सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से क्षतिग्रस्त पुलिया का तत्काल निरीक्षण कर मरम्मत कार्य शुरू कराने तथा आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है।
गरियाबंद जिले के ग्राम बीजापाल स्थित बगनई नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से निर्माणाधीन पुल पर कार्य कर रहे 14 मजदूर फंस गए। लगातार बारिश के कारण नदी का बहाव इतना तेज हो गया कि मजदूरों के लिए बाहर निकलना असंभव हो गया। जान बचाने के लिए सभी मजदूर नदी किनारे एक पेड़ पर चढ़ गए और पूरी रात वहीं बिताई। फंसे मजदूरों में 10 पुरुष और 4 महिलाएं शामिल थीं।
रात में अंधेरा और तेज बहाव के कारण बचाव अभियान शुरू नहीं किया जा सका। सुबह होते ही गरियाबंद और महासमुंद जिला प्रशासन की संयुक्त रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद सभी मजदूरों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। समय रहते चलाए गए इस अभियान से एक बड़ा हादसा टल गया। प्रशासन ने लगातार हो रही बारिश को देखते हुए नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों और निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।