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विवाहित महिला को भेजे अश्लील और धमकी मैसेज, केस वापस लेने बनाया दबाव, जानिए पूरा मामला

(सीजी टॉकिज) अभनपुर :- दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा के मामले में न्यायालय में चल रहे विवाद के बीच एक विवाहिता को व्हाट्सएप पर अश्लील संदेश भेजकर धमकाने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर अभनपुर थाना पुलिस ने अज्ञात मोबाइल नंबर धारकों के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

दहेज प्रताड़ना केस वापस लेने का दबाव

जानकारी के अनुसार, अभनपुर की रहने वाली पीड़िता थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उसने बताया कि उनकी शादी 16 मई 2019 को सामाजिक रीति-रिवाज से सुनील साहू निवासी ग्राम भखारा के साथ हुई थी। विवाह के कुछ समय बाद से पति एवं ससुराल पक्ष के लोग कथित रूप से दहेज की मांग को लेकर उन्हें प्रताड़ित करने लगे। लगातार हो रही प्रताड़ना से परेशान होकर उन्होंने अपने पति तथा ससुराल पक्ष के खिलाफ घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया, जिसकी सुनवाई वर्तमान में कुरूद न्यायालय में चल रही है।

शिकायत के अनुसार, वर्ष 2021 से वह अपने मायके अभनपुर में रह रही हैं। इसी बीच 19 जून 2026 को उनके मोबाइल पर दो अज्ञात नंबरों से व्हाट्सएप के माध्यम से लगातार अश्लील और आपत्तिजनक संदेश भेजे गए। साथ ही अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें धमकाया गया। पीड़िता का कहना है कि जब उन्होंने मैसेज भेजने वाले की पहचान पूछी तो सामने वाले ने अपना नाम पायल साहू बताया। चूंकि उनके पति, सास, ससुर और ननदों के खिलाफ पहले से न्यायालय में मामला लंबित है, इसलिए उन्हें आशंका है कि यह संदेश उनकी ननद द्वारा ही भेजे गए हैं।

FIR दर्ज, जांच में जुटी पुलिस

पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर अभनपुर थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज कर मोबाइल नंबरों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस व्हाट्सएप चैट, कॉल डिटेल (CDR) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर संदेश भेजने वाले की पहचान करने में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

अभनपुर में क्षत-विक्षत शव मिलने से सनसनी, लाश की नहीं हो पाई पहचान; पुलिस ने जारी की बेल्ट की तस्वीर

(सीजी टॉकिज) अभनपुर :- रायपुर जिले के अभनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम उल्बा में एक अज्ञात युवक का क्षत-विक्षत शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। गांव के बाहर सुनसान इलाके में खेत किनारे मिली लाश की हालत इतनी खराब है कि पुलिस अब तक मृतक की पहचान नहीं कर सकी है। घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है, जबकि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच में जुटी हुई है।

जानकारी के अनुसार रविवार दोपहर ग्रामीणों ने खेत के पास एक शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही अभनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में शव करीब दो से तीन दिन पुराना बताया जा रहा है। लंबे समय तक खुले स्थान पर पड़े रहने के कारण शव पूरी तरह क्षत-विक्षत हो चुका है, जिससे पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया है।

पहचान बनी सबसे बड़ी चुनौती

पुलिस के अनुसार मृतक के पास कोई ऐसा दस्तावेज नहीं मिला है, जिससे उसकी शिनाख्त हो सके। आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की जानकारी खंगाली जा रही है। वहीं मृतक की पहचान के लिए पुलिस ने उसकी बेल्ट पर बने मोनो (चिन्ह) की तस्वीर सार्वजनिक की है और लोगों से सहयोग मांगा है।

अभनपुर पुलिस ने अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति बेल्ट के आधार पर मृतक की पहचान कर सके या उसके संबंध में कोई जानकारी रखता हो, तो तत्काल थाना अभनपुर से संपर्क करे।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल हत्या या अन्य किसी अपराध की पुष्टि नहीं हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए रायपुर भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

जिला साहू संघ रायपुर ग्रामीण का चुनाव संपन्न, विधायक इंद्रकुमार साहू के पैनल का रहा दबदबा; हिरामण साहू बने जिला ग्रामीण अध्यक्ष

(सीजी टॉकिज) :- जिला साहू संघ रायपुर ग्रामीण के चुनाव शांतिपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चुनाव परिणामों में विधायक इंद्रकुमार साहू समर्थित पैनल का जबरदस्त दबदबा देखने को मिला। पैनल के सभी प्रमुख प्रत्याशियों ने शानदार जीत दर्ज कर संगठन में अपनी मजबूत पकड़ बनाई है।

हिरामण साहू बने जिला ग्रामीण अध्यक्ष

चुनाव में ग्रामीण जिलाध्यक्ष पद के लिए मुकाबले में हिरामण साहू ने 115 मत प्राप्त कर शानदार जीत हासिल की। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी विमल साहू को 85 तथा नंदकुमार साहू को 36 मत मिले। इसी प्रकार उपाध्यक्ष (पुरुष) पद पर तोषण साहू ने 136 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। उनके प्रतिद्वंदी शंकरलाल साहू को 74 तथा जीधन साहू को 26 मत मिले। वहीं उपाध्यक्ष (महिला) पद के लिए हुए चुनाव में धनमती साहू को 103 मत प्राप्त कर विजयी हुई। जबकि अन्य प्रत्याशियों जीतूरानी 79 और अनसुईया को 55 मत मिले। 2 मत निरस्त घोषित किए गए।

संगठन सचिव (पुरूष) पद पर योगेश साहू ने 112 मत हासिल कर जीत दर्ज की। निकटतम प्रतिद्वंद्वी मालिकराम को 73 तथा राकेश को 49 मत प्राप्त हुए। 3 मत निरस्त हुए। संगठन सचिव (महिला) पद पर सरस्वती साहू ने 107 मत हासिल कर जीत दर्ज की। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी पुष्पा साहू को 101 तथा तिजिया साहू को 24 मत प्राप्त हुए। 7 मत निरस्त हुए।

समर्थकों में खुशी की लहर

चुनाव परिणाम घोषित होते ही समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। विजयी प्रत्याशियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया तथा एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत का जश्न मनाया गया। समाज के वरिष्ठजनों ने नव निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए संगठन को और अधिक मजबूत बनाने की अपेक्षा व्यक्त की।

समाजहित को प्राथमिकता देना आवश्यक

इस अवसर पर विधायक इंद्रकुमार साहू ने सभी विजयी प्रत्याशियों को बधाई देते हुए कहा कि साहू समाज हमेशा से सामाजिक एकता, शिक्षा और संगठनात्मक मजबूती के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार-जीत से ऊपर उठकर समाजहित को प्राथमिकता देना आवश्यक है। उन्होंने कहा, यह जीत किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि पूरे साहू समाज की जीत है।

समाज के सभी वरिष्ठजनों, मातृशक्ति, युवाओं और मतदाताओं ने जिस विश्वास के साथ नए नेतृत्व को जिम्मेदारी सौंपी है, वह समाज के विकास और संगठन की मजबूती के लिए मील का पत्थर साबित होगी। विधायक साहू ने नव निर्वाचित पदाधिकारियों से समाज में शिक्षा, सामाजिक समरसता, युवा नेतृत्व और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी मिलकर संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे और समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे।

चुनाव प्रक्रिया में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। परिणाम घोषित होने के बाद विजयी प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने समाज की एकजुटता बनाए रखते हुए संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया।

खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई: रातभर चले अभियान में 11 हाइवा वाहन जब्त, वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर कार्रवाई

(सीजी टॉकिज) :- अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत खनिज विभाग ने शुक्रवार रात बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 हाइवा वाहनों को जब्त किया है। रातभर चली इस कार्रवाई में 10 हाइवा रेत एवं 1 हाइवा गिट्टी का अवैध परिवहन करते हुए पकड़े गए। कार्रवाई से अवैध खनिज कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार रायपुर कलेक्टर के निर्देश पर तथा उप संचालक खनिज प्रशासन राजेश मालवे के आदेशानुसार सहायक खनिज अधिकारी उमेश भार्गव के मार्गदर्शन में खनिज विभाग की टीम ने विभिन्न मार्गों पर सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान कई संदिग्ध हाइवा वाहनों को रोककर दस्तावेजों की जांच की गई।

जांच के दौरान पकड़े गए वाहनों के चालकों के पास खनिज परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज, रॉयल्टी पर्ची अथवा परिवहन अनुमति पत्र नहीं पाया गया। इसके बाद विभाग ने सभी वाहनों को जब्त कर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए आरंग एवं गिधपुरी थाना के सुपुर्द कर दिया। खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे।

इस कार्रवाई में खनिज निरीक्षक प्रिया सिन्हा, सुपरवाइजर सुनील दत्त शर्मा, सिपाही संतोष पवार तथा सैनिक लुकेश वर्मा, जितेंद्र वर्मा, दयाराम साहू एवं लीलेश्वर मानिकपुरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

खनिज माफियाओं पर रातभर चला कार्रवाई: 8 हाइवा जब्त, रेत-बोल्डर से लदे 8 हाइवा जब्त

 (सीजी टॉकिज) :- अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत खनिज विभाग ने रातभर कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम ने अवैध रूप से रेत और बोल्डर का परिवहन कर रहे कुल 8 हाइवा वाहनों को जब्त किया है। इस कार्रवाई से अवैध खनिज कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार उप संचालक खनि प्रशासन राजेश मालवे एवं सहायक खनि अधिकारी उमेश भार्गव के मार्गदर्शन में विशेष जांच अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान नारी और धमतरी क्षेत्र से रेत लोड कर परिवहन कर रहे 6 हाइवा तथा तुमगांव क्षेत्र से बोल्डर लेकर आ रहे 2 हाइवा को रोककर जांच की गई।

जांच के दौरान संबंधित वाहन चालकों से खनिज परिवहन के दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन वे वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके। दस्तावेजों के अभाव में सभी वाहनों को अवैध परिवहन की श्रेणी में मानते हुए जब्त कर लिया गया। खनिज विभाग की टीम ने जब्त किए गए वाहनों को आवश्यक कार्रवाई के बाद उपरवारा थाना और माना थाना की सुपुर्दगी में सौंप दिया है। अब प्रकरण में खनिज नियमों के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ रातभर चली इस कार्रवाई से खनिज माफियाओं में खलबली मच गई। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जिले में अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस विशेष अभियान में सुपरवाइजर सुनील दत्त शर्मा, लुकेश वर्मा, अज्जू मानिकपुरी और दयाराम साहू ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आरंग रेलवे ट्रैक पर मिला शिक्षक का शव, आत्महत्या की आशंका; देर रात तक ट्रैक पर पड़ा रहा शव

 (सीजी टॉकिज) :- रायपुर जिले के आरंग रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार शाम एक सरकारी स्कूल के शिक्षक का शव रेलवे ट्रैक पर क्षत-विक्षत हालत में मिला। घटना की खबर फैलते ही स्टेशन परिसर में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान आशीष बघेल (41 वर्ष) के रूप में हुई है, जो अकोली (कला) स्थित शासकीय विद्यालय में शिक्षक थे। बताया जा रहा है कि शाम करीब 7.30 बजे वे ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

शिक्षक की मौत की खबर मिलते ही परिजन बदहवास हालत में रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक साथी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंच गए। अचानक हुई इस घटना से शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

मानसिक तनाव की आशंका

प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक आशीष बघेल पिछले कुछ समय से पारिवारिक कारणों को लेकर तनाव में थे। हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

घटना के बाद रेलवे ट्रैक पर शव पड़े रहने को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिली। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार देर रात करीब 11.30 बजे रेलवे पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद शव को ट्रैक से हटाकर कब्जे में लिया गया। इस दौरान परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ा। फिलहाल पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

मामूली विवाद में युवक की हत्या, महानदी किनारे रेत में दफनाया शव, पार्षद समेत 4 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर जिले के मंदिर हसौद इलाके में मामूली विवाद में पार्षद ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपियों ने पहले युवक को कार में अगवा किया, फिर महासमुंद ले जाकर बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी और शव को महानदी किनारे रेत में दफनाकर सबूत मिटाने की कोशिश की। मामले में पुलिस ने पार्षद समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

शराब पार्टी के दौरान शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार रायपुर जिले के मंदिर हसौद अंतर्गत ग्राम नकटी निवासी भुवनेश्वर यादव 22 मई से लापता था। वह मोनेट कंपनी में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। परिजनों ने मंदिर हसौद थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि घटना वाले दिन मंदिर हसौद शराब भट्ठी के पास भुवनेश्वर कुछ लोगों के साथ शराब पी रहा था। इसी दौरान पानी को लेकर उसका विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर भुवनेश्वर और निर्दलीय पार्षद गोलू रात्रे के बीच गाली-गलौज भी हुई।

पीट-पीटकर ले ली जान

बताया जा रहा है कि विवाद के बाद गोलू रात्रे अपने साथियों अमित सिंह राजपूत और हेमचंद बंजारे के साथ भुवनेश्वर को जबरन कार में बैठाकर महासमुंद जिले के महानदी किनारे ले गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि महानदी किनारे तीनों आरोपियों ने भुवनेश्वर के साथ बेरहमी से मारपीट की। पिटाई में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

हत्या के बाद आरोपी घबरा गए और सबूत मिटाने की साजिश रच डाली। आरोपियों ने नांदगांव निवासी अपने एक रिश्तेदार की मदद से महानदी किनारे टापूनुमा स्थान पर गड्ढा खोदकर शव को रेत में दफना दिया।

जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि घटना की शाम भुवनेश्वर ने अपनी पत्नी से फोन पर बात की थी। इस दौरान उसने पार्षद गोलू रात्रे से भी पत्नी की बातचीत करवाई थी। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। टेक्निकल जांच में मृतक का आखिरी लोकेशन मंदिर हसौद क्षेत्र में मिला। पुलिस को जानकारी मिली कि वह आखिरी बार गोलू रात्रे और उसके साथियों के साथ शराब पीते देखा गया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, जहां पूरा राज खुल गया।

खुदाई कर निकाला गया शव

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम महासमुंद पहुंची और नांदगांव घाट के पास बताए गए स्थान पर खुदाई करवाई गई। वहां से भुवनेश्वर यादव का शव बरामद किया गया। मामले में महासमुंद पुलिस ने बीएनएस की धारा 103, 238 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई

मंदिर हसौद थाना प्रभारी आशीष यादव ने बताया कि गुमशुदगी की जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर आरोपियों तक पहुंचा गया। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की बात कबूल कर ली। फिलहाल पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई कर रही है।

रेत माफियाओं पर खनिज विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई: 1 मशीन समेत 28 वाहन जब्त

(सीजी टॉकिज) :- रायपुर जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा अभियान छेड़ दिया है। खनिज विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई से रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में चलाए गए सघन जांच अभियान के दौरान विभाग ने 1 एक्सकवेटर मशीन सहित 28 वाहनों को जब्त कर बड़ी कार्रवाई की है।

मंदिर हसौद में देर रात छापा, 20 वाहन पकड़े

खनिज विभाग की टीम ने मंदिर हसौद और खरोरा थाना क्षेत्र में दबिश देकर अवैध खनिज परिवहन का बड़ा खुलासा किया। छापेमारी के दौरान 01 एक्सकवेटर मशीन, 02 कोयला लदे वाहन, 08 रेत से भरे वाहन, 03 मुरूम लदे वाहन और 06 चूनापत्थर परिवहन करते वाहन समेत कुल 20 वाहनों को जब्त किया गया।

जांच में सामने आया कि सभी वाहन बिना वैध अनुमति के खनिजों का उत्खनन और परिवहन कर रहे थे। खनिज अधिनियम 1957 के तहत कार्रवाई करते हुए विभाग ने सभी वाहनों को जब्त कर वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सुबह 4 बजे से अभनपुर में चला सर्च ऑपरेशन

इधर अभनपुर क्षेत्र में भी खनिज विभाग ने तड़के सुबह 4 बजे से सघन चेकिंग अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान 8 हाइवा वाहन अवैध खनिज परिवहन करते पकड़े गए। इनमें 5 हाइवा रेत, 2 हाइवा मुरूम और 1 हाइवा गिट्टी परिवहन करते पाए गए। सभी वाहनों को जब्त कर उपरवारा चौकी के सुपुर्द कर दिया गया।

रेत माफियाओं पर प्रशासन सख्त

कार्रवाई में जिला खनिज अधिकारी उमेश भार्गव, उप संचालक राजेश मालवे, खनिज निरीक्षक प्रवीण नेताम, प्रीति सिन्हा सहित विभागीय टीम मौजूद रही।
उप संचालक राजेश मालवे ने बताया कि अवैध उत्खनन की सूचना मिलते ही विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर दबिश दी। जब्त वाहनों पर नियमानुसार प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

कलेक्टर के सख्त निर्देश, लगातार होगी कार्रवाई

रायपुर कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने सभी एसडीएम और खनिज अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में अवैध खनन और परिवहन पर लगातार निगरानी रखी जाए और सूचना मिलते ही तत्काल कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई से अवैध खनन कारोबारियों में भारी बेचौनी देखी जा रही है।

 

युवक पर चाकू से हमला कर लूटपाट, बदमाशों ने नवापारा में की शराब पार्टी, तीन आरोपी गिरफ्तार

(सीजी टॉकिज) :- रायपुर जिले के आरंग थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े युवक पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर मोबाइल और नकदी लूटने वाले तीन आरोपियों को नवापारा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए थे और बाद में गोबरा नवापारा स्थित शराब भट्टी के पास बैठकर शराब पार्टी कर रहे थे। इसी दौरान नवापारा पुलिस की नजर उन पर पड़ी और पूरी वारदात का खुलासा हो गया। पकड़े गए आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है।

मिली जानकारी के अनुसार ग्राम मोखला चंद्रप्रकाश डहरिया अपने 5 वर्षीय बेटे के साथ 15 मई 2026 की सुबह बाइक से ससुराल ग्राम तूता गया था। दोपहर करीब 3 बजे जब वह वापस लौट रहा था, तभी सोनपैरी भांठा के नहर पार मोखला मार्ग पर बाइक सवार तीन बदमाशों ने उसका रास्ता रोक लिया।

बताया जा रहा है कि तीनों आरोपियों ने चेहरे पर स्कार्फ बांध रखा था। बदमाशों ने पहले युवक को घेरा और फिर पीछे बैठे आरोपी ने चाकू निकालकर ताबड़तोड़ वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल युवक सड़क पर गिर पड़ा। इसके बाद आरोपी 2 हजार रुपए नकद और मोबाइल लूटकर फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और घायल चंद्रप्रकाश को निजी अस्पताल आरंग में भर्ती कराया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरंग पुलिस ने तत्काल टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।

इधर, थाना गोबरा नवापारा प्रभारी दीपेश जायसवाल के नेतृत्व में संध्या पेट्रोलिंग के दौरान नवापारा शराब भट्टी के आसपास तीन युवक शराब पीते मिले। पुलिस ने जब उनकी तलाशी ली तो उनके पास से संदिग्ध सामान बरामद हुआ। कड़ाई से पूछताछ करने पर तीनों ने आरंग क्षेत्र में लूट और चाकूबाजी की वारदात कबूल कर ली। पुलिस ने आरोपी मुकेश नागरची उर्फ कुमकुम (20) निवासी शीतलापारा नयापारा, कुलेश्वर ध्रुव (22) निवासी भाठापारा पारागांव थाना गोबरा नवापारा तथा एक नाबालिग को हिरासत में लिया।

आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त चाकू, मोटरसाइकिल, लूटी गई नकदी और मोबाइल बरामद कर लिया गया है। तीनों आरोपियों को 17 मई 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें केंद्रीय जेल रायपुर भेज दिया गया। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

पेट्रोल-डीजल संकट की अफवाह: अभनपुर, नवापारा और गरियाबंद समेत कई जिलों में पंपों पर भारी भीड़, पुलिस बल तैनात

(सीजी टॉकीज) :- पश्चिम एशिया में बढ़ते ईरान-इजरायल तनाव और संभावित ईंधन संकट की अफवाहों का असर अब छत्तीसगढ़ में भी दिखाई देने लगा है। राजधानी रायपुर के अलावा जिले से लगे अभनपुर, गोबरा नवापारा और गरियाबंद सहित कई जिलों में पेट्रोल-डीजल को लेकर लोगों में अचानक घबराहट बढ़ गई। गुरुवार को पेट्रोल पंपों पर सुबह से देर रात तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। हालात ऐसे बन गए कि कई जगह पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

अभनपुर क्षेत्र में स्थिति सबसे अधिक तनावपूर्ण नजर आई। यहां अम्बे फ्यूल्स पेट्रोल पंप सहित कई पंपों पर सैकड़ों वाहन चालक लाइन में खड़े दिखाई दिए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मी स्वयं पंपों पर पहुंचकर व्यवस्था संभालते नजर आए। वाहन चालकों को लाइन में लगाकर क्रमवार पेट्रोल दिलाया गया।

वहीं ग्राम गोतीयारडीह स्थित पेट्रोल पंप में पेट्रोल भरवाने को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश देकर मामला शांत कराया। बढ़ती भीड़ को देखते हुए कई पेट्रोल पंप संचालकों ने दो लीटर से अधिक पेट्रोल देने पर अस्थायी रोक लगा दी है।

वाहन चालकों का आरोप है कि कुछ पेट्रोल पंपों में ईंधन उपलब्ध होने के बावजूद “स्टॉक खत्म” होने की बात कहकर पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जा रहा है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कई लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के साथ अतिरिक्त ईंधन भी जमा करने की कोशिश करते नजर आए। स्थिति को देखते हुए कई पंप संचालकों ने सुरक्षा कारणों से केन, डिब्बों और ड्रम में पेट्रोल-डीजल देने पर रोक लगा दी है।

गोबरा नवापारा के भी पेट्रोल पंपों में भीड़ नजर आई। यहां दो पेट्रोल पंप बंद होने के कारण बस स्टैण्ड स्थिति छल्लानी पेट्रोल पंप में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ को देखते हुए पंप संचालक द्वारा प्रत्येक बाइक पर सिर्फ 100 रुपए का पेट्रोल दिया गया।

राजधानी रायपुर में भी पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों को देखते हुए कलेक्टर ने पेट्रोल पंप एसोसिएशन और तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों की बैठक ली। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और किसी भी प्रकार की घबराहट की जरूरत नहीं है।

अधिकारियों के अनुसार, अफवाहों के चलते लोग सामान्य से अधिक ईंधन भरवा रहे हैं। जहां पहले लोग 1-2 लीटर पेट्रोल डलवाते थे, वहीं अब वाहन चालक फुल टैंक करा रहे हैं, जिससे पंपों पर असामान्य भीड़ बढ़ गई है।

प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए डिपो से 24 घंटे पेट्रोल सप्लाई की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले टैंकरों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक ही एंट्री की अनुमति थी।

गरियाबंद, बिलासपुर, बालोद, धमतरी, गुरुर और बस्तर संभाग के जगदलपुर सहित कई जिलों में भी यही स्थिति देखने को मिली। जगदलपुर में सामान्य दिनों की तुलना में पेट्रोल-डीजल की बिक्री दोगुनी से अधिक दर्ज की गई। कई पंपों पर एक ही दिन में साढ़े चार हजार लीटर से ज्यादा ईंधन बिकने की जानकारी सामने आई है।

कई स्थानों पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की कतारें मुख्य सड़क तक पहुंच गईं। घंटों इंतजार के बावजूद लोग लाइन छोड़ने को तैयार नहीं थे। भीड़ को संभालने में पंप कर्मचारियों और पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी।