(सीजी टॉकिज) गरियाबंद :- गरियाबंद-छुरा मार्ग पर यात्री बस ने मोपेड सवार को कुचला दिया। हादसा इतना भीषण था कि एक महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि मोपेड चला रहा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।
जानकारी के अनुसार, बागबाहरा क्षेत्र के भीखापाली निवासी महिला और एक पुरुष मोटरसाइकिल से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान गरियाबंद से खड़मा की ओर जा रही मां ट्रेवल्स की बस ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि महिला ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। घायल पुरुष को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
घटना की सूचना मिलते ही गरियाबंद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई शुरू की। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है तथा आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
दो दिन में दूसरी मौत
घटना के बाद स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी मार्ग पर दो दिन पहले भी कार की टक्कर से एक व्यक्ति की मौत हुई थी। लगातार दूसरी जान जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों पर कोई नियंत्रण नहीं है और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं किए गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से दुर्घटनास्थल पर तत्काल स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेतक तथा अन्य सड़क सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है।



सूचना मिलते ही राजिम पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस ने मामले में चार संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल की बारीकी से जांच के लिए रवाना हो चुकी है।
प्रदर्शन से पहले कांग्रेस के नेतृत्व में आमसभा आयोजित की गई, जिसमें स्थानीय नेताओं ने नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। सभा के बाद सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, महिलाएं और ग्रामीण रैली निकालते हुए नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे और कार्यालय का घेराव कर धरना-प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर के नाम नगर पंचायत प्रशासन को 20 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना की लंबित किस्तों का भुगतान, विकास कार्यों में अनियमितताओं की जांच, पेयजल व्यवस्था में सुधार, नियमित सफाई, टैक्स वसूली में पारदर्शिता, प्लेसमेंट कर्मचारियों की नियुक्ति सहित विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की मांग की गई।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत में आम जनता की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है और विकास कार्यों में भारी अनियमितताएं हो रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही, स्थानीय ग्रामीण, महिला कार्यकर्ता और कांग्रेस पदाधिकारी शामिल रहे, जिससे नगर पंचायत परिसर लंबे समय तक आंदोलन का केंद्र बना रहा।
ग्रामीणों का आरोप है कि रेत माफिया गांव के निस्तारी तालाब को पाटकर वहां बड़े पैमाने पर अवैध रेत का भंडारण कर रहे हैं। ग्राम पंचायत की ओर से लगातार शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन संबंधित विभागों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि चक्काजाम समाप्त होने के कुछ समय बाद अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों ने सरपंच पति को घेरकर मारपीट की। बीच-बचाव करने पहुंचीं महिला सरपंच कमलेश्वरी संतोष जलक्षत्री को भी चोटें आईं। घटना के बाद डरे-सहमे सरपंच अपने पति और परिवार के साथ आरंग थाना पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई है।
मारपीट की घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज किए जा रहे हैं तथा घटना में शामिल आरोपियों की पहचान कर उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। वहीं अवैध रेत उत्खनन और भंडारण से जुड़े आरोपों की भी जांच की जा रही है।





पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए चारों धाम चौक पर बैरिकेडिंग कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रुपेश साहू सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद भी कार्यकर्ता सड़क पर बैठकर नारेबाजी करते रहे।
ग्राम बिरोदा निवासी पोषण साहू खोरपा स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में बैंक मित्र के पद पर कार्यरत हैं। 1 जून की शाम करीब 4.40 बजे पोषण बैंक से छुट्टी होने के बाद अपने निजी खाते से 2 लाख रुपये निकाले और रकम को अपने पिट्ठू बैग में रखकर मोटरसाइकिल से गांव लौट रहे थे।


