(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले में पदस्थ एक अपर कलेक्टर पर नौकरी लगाने के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले को लेकर क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। पीड़ित बेरोजगार युवाओं का दावा है कि सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे लाखों रुपए लिए गए, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी न नौकरी मिली और न ही पैसा वापस हुआ।
सूत्रों के अनुसार, करीब 70 से 80 बेरोजगार युवाओं से लगभग 4 करोड़ रुपए की ठगी की गई है। आरोप है कि गरियाबंद में पदस्थ अपर कलेक्टर नवीन भगत और उसके कथित सहयोगी भागवत पट्टा ने युवाओं को सरकारी नौकरी लगाने का भरोसा दिलाकर रकम ली।
जमीन बेचकर और गहने गिरवी रखकर दिए पैसे
पीड़ित युवाओं ने बताया कि नौकरी की उम्मीद में कई लोगों ने अपनी जमीन तक बेच दी, जबकि कुछ ने घर के गहने गिरवी रखकर रुपए जुटाए। युवाओं का आरोप है कि पैसा लेने के बाद उन्हें लगातार आश्वासन दिया जाता रहा और पिछले तीन साल से वे दर-दर भटक रहे हैं।
“सीएम हाउस तक पहुंच” बताकर जमाता था धौंस!
पीड़ितों का आरोप है कि अपर कलेक्टर नवीन भगत खुद को “ऊंची पहुंच” वाला अधिकारी बताता था और सीएम हाउस तक संपर्क होने का धौंस देकर भरोसा दिलाता था। इसी भरोसे में आकर बेरोजगार युवाओं ने बड़ी रकम दे दी।
थाने में शिकायत की तैयारी
मामले को लेकर अब पीड़ित युवक खुलकर सामने आ गए हैं। बताया जा रहा है कि सभी युवक अपर कलेक्टर नवीन भगत और उसके कथित सहयोगी भागवत पट्टा के खिलाफ फिंगेश्वर थाना में शिकायत देने की तैयारी कर रहे हैं। इसके साथ ही पीड़ितों ने मुख्यमंत्री से भी पैसा वापस दिलाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की गुहार लगाई है।
पीड़ित युवाओं का कहना है कि वे “सुशासन तिहार” के दौरान भी इस मामले की शिकायत दर्ज कराएंगे ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
आत्महत्या की चेतावनी से मचा हड़कंप
पीड़ित युवाओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द पैसा वापस नहीं मिला और आरोपी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे कलेक्टर कार्यालय के सामने सामूहिक आत्महत्या करने को मजबूर होंगे। इस चेतावनी के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। हालांकि मामले में अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।





जानकारी के मुताबिक छोटे उरला निवासी डोमन टंडन रायपुर से काम कर मंगलवार रात घर लौटा था। कुछ देर बाद उसने परिवार वालों से दोस्तों और धुमाल पार्टी वालों से मिलने जाने की बात कही और रात करीब 8:30 बजे बाइक से घर से निकला। उसके साथ अंकित बंजारे और राजा ओगरे भी मौजूद थे।









अगली सुबह आरोपी आराधना को तुमीडीह जंगल ले गया। वहां प्यार का झांसा देकर जंगल के भीतर ले जाकर पहले उसका गला दबाया। बेसुध होने के बाद पत्थर से सिर और चेहरे पर कई वार किए और फिर चाकू से गला रेत दिया। हत्या के बाद आरोपी ने शव के कपड़े उतार दिए, उसे पत्थरों से दबाया और सैंडल दूर फेंक दिए।
