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ब्रेकिंग: नदी पार करते बहा किसान, कुछ घंटे बाद मिला दूसरे गांव में मिला शव

(सीजी टॉकिज) फिंगेश्वर :- गरियाबंद जिले में लगातार हो रही बारिश से नदी और नाले उफान पर है। उफनती नदियों और नालों के बीच बुधवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक किसान नदी के तेज बहाव में बहने से मौत हो गई। ग्रामीणों ने काफी तलाश के बाद उनका शव खुटेरी गांव के पास नदी से बाहर निकाला। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।

जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब 7.30 बजे थनवार यादव सहसपुर नदी पार कर घुरसा रोड की ओर जा रहे थे। लगातार बारिश के कारण नदी में पानी का बहाव सामान्य से काफी अधिक था। नदी पार करने के दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे तेज धारा की चपेट में आकर बह गए।

घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने तत्काल उनकी तलाश शुरू कर दी और आसपास के गांवों में भी सूचना दी गई। कुछ समय बाद खुटेरी गांव के पास ग्रामीणों ने नदी में एक शव बहते हुए देखा। गांव के युवाओं ने साहस का परिचय देते हुए पानी में उतरकर शव को बाहर निकाला। पहचान होने पर मृतक की शिनाख्त सहसपुर निवासी थनवार यादव के रूप में हुई। ग्रामीणों के अनुसार जब तक उन्हें बाहर निकाला गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

सूचना मिलते ही फिंगेश्वर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

चेतावनी के बाद भी नहीं माना

इस दर्दनाक हादसे का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि ग्रामीण उफनते नाले को पार करने की कोशिश कर रहा है। मौके पर मौजूद लोग उसे लगातार रोकते रहे और तेज बहाव में न उतरने की चेतावनी देते रहे, लेकिन उसने किसी की बात नहीं मानी। जैसे ही वह नाले के बीच पहुंचा, तेज धारा ने उसका संतुलन बिगाड़ दिया और देखते ही देखते वह पानी के बहाव में बह गया।

इस हादसे के बाद क्षेत्र में शोक के साथ-साथ लोगों में नाराजगी भी है। चेतावनी के बावजूद थोड़ी सी लापरवाही एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए उजाड़ दी।

बारिश में जोखिम न लें – प्रशासन की अपील

लगातार बारिश के कारण जिले की अधिकांश नदियां और नाले उफान पर हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि तेज बहाव वाले नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करें तथा आवश्यक होने पर सुरक्षित मार्ग का ही उपयोग करें। यह हादसा बरसात के मौसम में थोड़ी सी लापरवाही के गंभीर परिणामों की एक और दर्दनाक याद दिलाता है।

मोबाइल पर अचानक गूंजा ‘‘Emergency Alert’’, तेज आवाज से घबराए लोग… फिर मैसेज पढ़कर मिली राहत

सोमवार शाम छत्तीसगढ़ के लाखों मोबाइल फोन पर अचानक तेज आवाज के साथ “Extremely Severe Alert” फ्लैश होते ही लोगों में कुछ पल के लिए दहशत का माहौल बन गया। कई लोग इसे किसी बड़ी आपदा या तकनीकी गड़बड़ी समझ बैठे। तेज अलार्म की आवाज सुनकर लोग घबरा गए और तुरंत अपने मोबाइल की स्क्रीन देखने लगे।

हालांकि कुछ ही क्षण बाद जब लोगों ने संदेश पढ़ा तो उन्हें राहत मिली कि यह भारत सरकार की आपदा चेतावनी प्रणाली के माध्यम से जारी किया गया मौसम संबंधी अलर्ट था। अलर्ट में स्पष्ट रूप से बताया गया था कि अगले तीन घंटे के भीतर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में तेज गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश और आंधी की संभावना है। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन संभावित खराब मौसम को देखते हुए सतर्क भी हो गए।

इन जिलों के लिए जारी हुआ अलर्ट

अलर्ट में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, कोरबा, रायगढ़, जशपुर, सरगुजा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मुंगेली, कबीरधाम, बेमेतरा और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई सहित कई जिलों में अगले तीन घंटे तक खराब मौसम की चेतावनी दी गई।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ अलर्ट

मोबाइल स्क्रीन पर आए इस अलर्ट के स्क्रीनशॉट और वीडियो कुछ ही मिनटों में व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) पर वायरल होने लगे। लोगों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए। किसी ने लिखा, अचानक इतनी तेज आवाज आई कि लगा फोन हैक हो गया, तो किसी ने कहा, पहली बार ऐसा अलर्ट आया, पहले डर लगा फिर समझ आया कि यह मौसम की चेतावनी है।

क्या है यह इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम?

यह अलर्ट सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक (Cell Broadcast Technology) के जरिए भेजा जाता है। इसमें किसी मोबाइल नंबर पर अलग-अलग संदेश भेजने की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि जिस क्षेत्र में खतरा होता है, वहां मौजूद सभी मोबाइल फोनों पर एक साथ चेतावनी पहुंच जाती है। यह सेवा प्राकृतिक आपदाओं, अत्यधिक वर्षा, आंधी, बिजली गिरने, चक्रवात, भूकंप जैसी आपात परिस्थितियों में लोगों को समय रहते सतर्क करने के लिए विकसित की गई है।

राजिम की करोड़ों की सड़क पर अनियमितताओं के आरोप: गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल, SDM से निष्पक्ष जांच और काम रोकने की मांग

(सीजी टॉकिज) राजिम :- राजिम नगर में नए मेला मैदान से लक्ष्मण झूला तक लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा कराए जा रहे निर्माणाधीन सड़क परियोजना को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। सड़क निर्माण की गुणवत्ता और कथित अनियमितताओं को लेकर पार्षद तुषार कदम राजिम की ओर से अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) राजिम को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने की मांग की गई है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निर्माण स्थल पर परियोजना से संबंधित अनिवार्य सूचना-पटल (डिस्प्ले बोर्ड) तक नहीं लगाया गया है, जिससे निर्माण एजेंसी, ठेकेदार, स्वीकृत लागत और कार्य अवधि जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां आम नागरिकों को उपलब्ध नहीं हो रही हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि इससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

आवेदन में यह भी दावा किया गया है कि संबंधित निर्माण कार्य के लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) से आवश्यक अनुमति नहीं ली गई है। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि पुरातत्व विभाग द्वारा संबंधित विभाग और ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है।

बारिश में नदी में बह रही मिट्टी का आरोप

शिकायत में कहा गया है कि वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले नदी किनारे बिना रिटेनिंग वॉल बनाए मिट्टी डाल दी गई, जिसके कारण बारिश के दौरान मिट्टी नदी में बह रही है। इससे न केवल पर्यावरणीय नुकसान होने की आशंका जताई गई है, बल्कि सरकारी धन के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया गया है।

मिट्टी की गुणवत्ता और भुगतान पर भी सवाल

ज्ञापन में विभिन्न समाचार माध्यमों में प्रकाशित खबरों का हवाला देते हुए निर्माण में उपयोग की गई मिट्टी की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए हैं। साथ ही यह दावा किया गया है कि निर्माण कार्य के नाम पर ठेकेदार को बड़ी राशि के भुगतान की सूचना भी मिली है।

ये की गईं प्रमुख मांगें

शिकायतकर्ता ने एसडीएम से मांग की है कि सक्षम तकनीकी अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, जांच पूरी होने तक आवश्यकता पड़ने पर निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए, दोषी अधिकारी एवं ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा ठेकेदार को किसी भी प्रकार का भुगतान न किए जाने की मांग है।

नगर पंचायत कोपरा को 20.35 करोड़ की जल आवर्धन योजना की सौगात, हर घर पहुंचेगा शुद्ध पेयजल; राज्य सरकार ने दी प्रशासकीय स्वीकृति

(सीजी टॉकिज) राजिम :- राजिम विधानसभा क्षेत्र के नगर पंचायत कोपरा के निवासियों को राज्य सरकार ने बड़ी सौगात दी है। नगर में लंबे समय से चली आ रही पेयजल की समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए राज्य शासन ने जल आवर्धन योजना के तहत 20 करोड़ 35 लाख रुपए की राशि को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है।

इस बहुप्रतीक्षित योजना की मंजूरी मिलते ही पूरे नगर में हर्ष का माहौल है। इस योजना के धरातल पर उतरने से नगर पंचायत कोपरा के हर घर में नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचेगा और गर्मी के दिनों में होने वाली पानी की किल्लत पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। इस बड़ी सौगात के लिए क्षेत्रीय विधायक  रोहित साहू और नगर पंचायत अध्यक्ष रूपनारायण साहू ने प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

बता दे कि कुछ माह पूर्व प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन विकास विभाग के भारसाधक मंत्री अरुण साव विभिन्न विकास कार्यों तथा नवनिर्मित अटल परिसर के लोकार्पण समारोह में नगर पंचायत कोपरा पहुंचे थे, तब क्षेत्रीय विधायक रोहित साहू ने नगरवासियों की मांग पर इस जल आवर्धन योजना की स्वीकृति के लिए उपमुख्यमंत्री अरुण साव से विशेष आग्रह किया था जिसकी घोषणा उपमुख्यमंत्री ने मंच से ही की थी, जो आज फलीभूत हुई है।

बुनियादी सुविधा हर नागरिक का अधिकार

इस स्वीकृति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राजिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक रोहित साहू ने कहा कि नगर पंचायत कोपरा में स्वच्छ पेयजल की सुचारू व्यवस्था क्षेत्र की जनता की प्रमुख मांग थी। आज मुझे यह बताते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि हमारी सरकार ने कोपरा के लिए 20 करोड़ 35 लाख रुपए की जल आवर्धन योजना को स्वीकृति दे दी है। इस ऐतिहासिक सौगात के लिए मैं प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव का सहृदय आभार और धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ।

हमारी सरकार विकास और सुशासन के मूलमंत्र पर काम कर रही है। पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा हर नागरिक का अधिकार है और यह योजना हमारे इसी संकल्प को पूरा करेगी। क्षेत्र का चहुंमुखी विकास और जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बहुत जल्द इस योजना का भूमिपूजन कर कार्य प्रारंभ किया जाएगा ताकि नगरवासियों को जल्द से जल्द इसका सीधा लाभ मिल सके।

नगर पंचायत अध्यक्ष ने जताया आभार 

नगर पंचायत कोपरा के अध्यक्ष रूपनारायण साहू ने कहा कि यह कोपरा नगर पंचायत के इतिहास का एक स्वर्णिम दिन है। पानी की समस्या हमारे नगर की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक थी, जिसे आज हमारी सरकार ने दूर कर दिया है। 20 करोड़ 35 लाख रुपए की यह बड़ी स्वीकृति हमारे नगर के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

उन्होंने कहा कि नगर पंचायत कोपरा के सभी सम्मानीय नागरिकों की ओर से, मैं माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव और विशेष रूप से हमारे कर्मठ विधायक रोहित साहू जी का कोटि-कोटि आभार व्यक्त करता हूँ। विधायक जी के अथक प्रयासों और निरंतर मार्गदर्शन के बिना यह संभव नहीं था। इस योजना के पूर्ण होने से हमारी माताओं और बहनों को पानी के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और हर घर में शुद्ध जल उपलब्ध होगा। हम सुनिश्चित करेंगे कि इस योजना का कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से और तय समय-सीमा में पूरा हो।

जल आवर्धन योजना के तहत अब नगर में नई टंकियों का निर्माण, पाइपलाइन का विस्तार और जल शुद्धिकरण संयंत्र की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। प्रशासनिक औपचारिकताएं पूर्ण होते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसके बाद नगर में युद्ध स्तर पर कार्य आरंभ होने की उम्मीद है।

अभनपुर: ग्राम बेंद्री में बोरी में मिली युवक की लाश, सिर कुचलकर हत्या की आशंका

(सीजी टॉकिज) अभनपुर :- रायपुर जिले के ग्राम बेंद्री में एक अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जांच में युवक की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। मामला राखी थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने नहर के पास स्थित खेत में एक युवक का शव पड़ा देखा, जिसके बाद तत्काल इसकी सूचना राखी पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। शव के पास हत्या में इस्तेमाल किया गया एक बड़ा पत्थर भी बरामद हुआ है, जिसे पुलिस ने साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है।

पुलिस का मानना है कि अज्ञात आरोपियों ने पहले युवक की हत्या की और बाद में शव को नहर किनारे खेत में लाकर फेंक दिया। हालांकि, हत्या किन परिस्थितियों में और किस कारण से की गई, इसका खुलासा अभी नहीं हो सका है।

फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा आसपास के थानों से गुमशुदगी की जानकारी जुटाई जा रही है।

राखी पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। मामले की जांच जारी है।

गरियाबंद के चिंगरापगार में युवकों की गुंडागर्दी! एंट्री रोकने पर विवाद, ग्रामीणों से मारपीट का आरोप, FIR दर्ज

(सीजी टॉकीज) गरियाबंद :- जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चिंगरापगार जलप्रपात में रविवार को पार्किंग और प्रवेश को लेकर युवकों का हंगमा देखने को मिला। दुर्ग जिले से आए युवकों और स्थानीय समिति के सदस्यों के बीच हुई कहासुनी मारपीट तक पहुंच गई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने युवकों के वाहन में जमकर तोड़फोड़ कर दी। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों से भी कुछ युवकों की तीखी बहस हुई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पांच युवकों को हिरासत में लेकर एक वाहन जब्त कर लिया है। पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

जबरन प्रवेश की कोशिश से भड़का विवाद

जानकारी के अनुसार, चिंगरापगार पर्यटन स्थल में सुरक्षा और व्यवस्थागत कारणों से प्रत्येक रविवार दोपहर 3 बजे के बाद पर्यटकों का प्रवेश बंद कर दिया जाता है। इसके बावजूद दुर्ग से कार में पहुंचे कुछ युवक निर्धारित समय के बाद भी अंदर जाने की जिद पर अड़ गए। प्रवेश एवं पार्किंग व्यवस्था संभाल रही स्थानीय समिति के सदस्यों ने जब उन्हें रोका तो दोनों पक्षों के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई और देखते ही देखते मामला हाथापाई में बदल गया।

पाइप और हाथ-मुक्कों से हमला करने का आरोप

प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों का आरोप है कि बाहर से आए युवकों ने समिति के सदस्यों के साथ पाइप तथा हाथ-मुक्कों से मारपीट की। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। इससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया तथा गुस्साए लोगों ने विवाद में शामिल युवकों के एक वाहन में जमकर तोड़फोड़ कर दी।

हम भाजपा कार्यकर्ता हैं, किसी से डरते नहीं वीडियो वायरल

घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक युवक खुद को भाजपा कार्यकर्ता बताते हुए कहता सुनाई दे रहा है ‘‘हम भाजपा कार्यकर्ता हैं, हम किसी से डरते नहीं हैं। जो भी होगा, हम देख लेंगे।’’ वीडियो में कुछ युवक पुलिसकर्मियों से बहस करते हुए भी दिखाई दे रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि युवक भाजपा का नाम लेकर पुलिस और स्थानीय लोगों पर दबाव बनाने तथा राजनीतिक प्रभाव दिखाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

पुलिस से भी बहस, पांच युवक हिरासत में

स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही गरियाबंद पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के अनुसार कुछ युवक पुलिसकर्मियों से भी उलझ गए और कथित तौर पर धमकी भरे अंदाज में बातचीत करने लगे। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पांच युवकों को हिरासत में लेकर गरियाबंद थाने पहुंचाया। विवाद में शामिल एक वाहन भी जब्त किया गया है। गरियाबंद पुलिस ने कार सवार 4-5 युवकों के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 191(2), 296, 351(3) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

महानदी में नहाने के दौरान युवक लापता, पुलिस और स्थानीय लोग तलाश में जुटे

(सीजी टॉकीज) नवापारा-राजिम:- नवापारा में शनिवार दोपहर महानदी में डूबने से एक युवक की मौत हो गई। दो मासूम बच्चों की जान बचाने के लिए नदी में कूदे एक युवक की तेज बहाव में डूबने से मौत की आशंका है। यह पूरी घटना उसकी पत्नी की आंखों के सामने हुई। देखते ही देखते युवक नदी की लहरों में समा गया। घटना के बाद नेहरू घाट पर अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही गोबरा नवापारा पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और घंटों तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन देर शाम तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका।

महानदी में डूबा युवकजानकारी के अनुसार, इंदिरा मार्केट निवासी प्रदीप कश्यप (लगभग 35 वर्ष) शनिवार दोपहर करीब 2.45 बजे अपनी पत्नी मंगला कश्यप और एक मासूम बच्चे के साथ महानदी के नेहरू घाट के पास नहाने पहुंचे थे। प्रदीप नदी में स्नान कर रहे थे, जबकि उनकी पत्नी घाट पर कपड़े धो रही थीं। इसी दौरान नदी में नहा रहे दो अन्य मासूम बच्चे अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। बच्चों को बचाने के लिए प्रदीप कश्यप और एक अन्य युवक बिना देर किए नदी में कूद पड़े। दोनों ने जान जोखिम में डालकर बच्चों तक पहुंचने का प्रयास किया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दूसरे युवक ने किसी तरह दोनों बच्चों को सुरक्षित किनारे तक पहुंचा दिया, लेकिन प्रदीप कश्यप तेज बहाव की चपेट में आ गए। कुछ ही पलों में वे गहरे पानी में समा गए और फिर दिखाई नहीं दिए।

घटना के बाद पत्नी मंगला कश्यप बदहवास हो गईं। उन्होंने आसपास मौजूद लोगों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन तब तक प्रदीप गहराई में डूब चुका था। घटना के बाद घाट पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय युवकों ने बिना समय गंवाए नदी में उतरकर अपने स्तर पर तलाश शुरू कर दी, लेकिन प्रदीप का कोई पता नहीं चल सका।

पुलिस और SDRF ने संभाला मोर्चा

महानदी में डूबा युवकघटना की सूचना मिलते ही गोबरा नवापारा पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल एसडीआरएफ को सूचना दी गई। करीब शाम 4 बजे एसडीआरएफ की टीम विशेष उपकरणों, ऑक्सीजन मास्क और मोटर बोट के साथ मौके पर पहुंची और सघन रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। करीब तीन घंटे तक टीम ने नदी के कई हिस्सों में गहन खोजबीन की। गोताखोरों ने गहरे पानी में उतरकर तलाशी ली और बोट के जरिए बहाव वाले क्षेत्र का निरीक्षण किया, लेकिन देर शाम तक युवक का कोई सुराग नहीं मिला।

अंधेरा और तेज बहाव बना बाधा

शाम ढलने के साथ नदी में बढ़ते अंधेरे और जल प्रवाह के कारण एसडीआरएफ को रेस्क्यू अभियान अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि रविवार सुबह फिर से व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा और युवक की तलाश जारी रहेगी।

नगर पालिका अध्यक्ष पहुंचीं, परिवार को बंधाया ढांढस

महानदी में डूबा युवकघटना की जानकारी मिलते ही नगर पालिका अध्यक्ष ओम कुमारी साहू भी नेहरू घाट पहुंचीं। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और हरसंभव प्रशासनिक सहायता का भरोसा दिलाया। इस दौरान पुलिस, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में नगरवासी घटनास्थल पर मौजूद रहे।

सुशासन, विकास और जनकल्याण ही हमारी सरकार की पहचान है – मुख्यमंत्री साय

(सीजी टॉकिज) आरंग :- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को आरंग विधानसभा क्षेत्र के नगर पंचायत समोदा में आयोजित कार्यक्रम में 128 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के विकास को नई गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।

ग्राम रीवा में 4 करोड़ रुपये के स्टॉप डैम निर्माण की घोषणा

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम पंचायत रीवा में लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉप डैम निर्माण, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय समोदा में अहाता निर्माण, नगर पंचायत समोदा के पंचायत भवन में प्रथम तल निर्माण तथा ग्राम तुलसी के हाई स्कूल को हायर सेकेंडरी विद्यालय में उन्नयन की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय समोदा में लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में हुए शामिलमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन, विकास और जनकल्याण ही हमारी सरकार की पहचान है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि ‘‘मोदी की गारंटी, यानी गारंटी पूरा होने की गारंटी’’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि हमारी सरकार की कार्यशैली और जनविश्वास का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने 18 लाख गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए हैं, जिनमें से 10 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जा रहा है तथा महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 28 किश्तों में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी सोच के साथ बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही आधारित प्रशासन स्थापित करने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। भ्रष्टाचार और अपराध के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के साथ नागरिक सेवाओं को अधिक सरल और सुलभ बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद, बीज एवं कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। नागरिकों की सुविधा के लिए सेवा सेतु के माध्यम से 520 से अधिक शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के जरिए शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सहकारिता, महिला सशक्तिकरण और जनकल्याण सरकार की प्राथमिकताओं में हैं। उन्होंने नागरिकों से शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आग्रह करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना की अवधि तीन माह के लिए बढ़ा दी गई है। पात्र उपभोक्ता ष्मोर बिजलीष् मोबाइल एप अथवा वेबसाइट के माध्यम से सितंबर तक पंजीयन कर योजना का लाभ ले सकते हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय समोदा में लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में हुए शामिलकार्यक्रम में कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आरंग विधानसभा क्षेत्र को अब तक 858 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में विकास और सुशासन की नई दिशा स्थापित हुई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय समोदा में लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में हुए शामिलमुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’’ अभियान के अंतर्गत आंवला का पौधारोपण किया। उन्होंने सरस्वती साइकिल योजना के तहत कक्षा 9 की छात्राओं को साइकिल वितरित की तथा जिला प्रशासन के मिशन उत्कर्ष के अंतर्गत उत्कृष्ट विद्यार्थियों को सम्मानित किया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा, छत्तीसगढ़ औषधीय पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

महतारी सदन का विधायक रोहित साहू ने किया भूमिपूजन, बासीन में 30 लाख रुपए की लागत से बनेगा भवन, महिलाओं के सशक्तिकरण को मिलेगा नया केंद्र

(सीजी टॉकिज) राजिम :- क्षेत्र के ग्राम पंचायत बासीन में 30 लाख रुपए की स्वीकृत राशि से बनने वाले भव्य महतारी सदन का भूमिपूजन विधायक रोहित साहू के मुख्य आतिथ्य में पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं।मुख्य अतिथि रोहित साहू ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ प्रस्तावित निर्माण स्थल का बारीकी से अवलोकन किया।

उन्होंने निर्माण कार्य को समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने की बात को दोहराया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि महतारी सदन का निर्माण हमारी माताओं और बहनों के लिए का एक प्रमुख केंद्र बनेगा। इसकी गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इस दौरान विधायक रोहित साहू ने कहा कि आज का दिन हमारी माताओं और बहनों के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण दिन है।

ग्राम पंचायत बासीन में 30 लाख रुपए की लागत से बनने वाला यह महतारी सदन ग्रामीण महिलाओं के स्वाभिमान, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का केंद्र बनेगा। अक्सर गांवों में हमारी माताओं-बहनों को सामाजिक बैठकों, महिला स्व सहायता समूह की गतिविधियों, सांस्कृतिक आयोजनों या किसी भी महत्वपूर्ण चर्चा के लिए एक सुरक्षित और व्यवस्थित स्थान की कमी खलती थी। यह महतारी सदन उस कमी को पूरी तरह दूर करेगा। यहाँ हमारी बहनें संगठित होकर नए कौशल सीख सकेंगी और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगी।

हमारी सरकार और मेरा संकल्प क्षेत्र के हर गाँव तक विकास की रोशनी पहुंचाना है। बासीन का विकास मेरी प्राथमिकताओं में सर्वोपरि है और आने वाले दिनों में यहाँ विकास के कई और बड़े कार्य देखने को मिलेंगे।

इस महतारी सदन के बन जाने से ग्राम पंचायत बासीन और आसपास की महिलाओं को विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों के लिए एक सर्वसुविधायुक्त मंच मिलेगा। यहाँ महिलाएं स्व सहायता समूहों की बैठकें आयोजित कर सकेंगी साथ ही विभिन्न कौशल विकास व स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ उठा सकेंगी इसके अलावा सामाजिक एवं सांस्कृतिक उत्सवों का आयोजन सुचारू रूप से कर पाएँगी। लंबे समय से गाँव में महिलाओं के लिए एक व्यवस्थित भवन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। 30 लाख रुपए की राशि राशि से बनने वाले इस आधुनिक सदन की सौगात मिलने पर बासीन के ग्रामीणों, विशेषकर महिला शक्ति ने रोहित साहू का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने अतिथियों का आत्मीय स्वागत भी किया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि रामविशाल ओगरे, रोशन डहरिया जनपद सदस्य, सहकारी समिति अध्यक्ष गोपचंद बैनर्जी,शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष कुंदन सेन,दिनेश साहू बूथ अध्यक्ष, पूर्व जनपद सदस्य प्रतिनिधि ओमप्रकाश रात्रे, पालेश्वर साहू, डॉ रोशन सार्वा,दिनेश साहू, लक्ष्मीकांत साहू, एवन,सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में माताएं-बहनें उपस्थित थीं।

निगम-मंडलों, आयोग में नियुक्तियां: राज्य सरकार ने जारी किए आदेश, बोर्ड-आयोगों को मिले नए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य

(सीजी टॉकिज) रायपुर :- छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार ने लंबे इंतजार के बाद विभिन्न निगम, मंडल, आयोग एवं बोर्ड में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं। जारी सूची के अनुसार 13 निगम, मंडल, आयोग और बोर्ड में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों सहित कुल 24 नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। आदेश के अनुसार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के रूप में डॉ. श्रीमती ममता साहू को दायित्व सौंपा गया है।

आदेश में 24 नेताओं के नाम शामिल

छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर गौरीशंकर श्रीवास तथा सदस्य पद पर देवशरण सेन की नियुक्ति की गई है। छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग में रामलाल चौहान को अध्यक्ष, वेदराम मनहरे को उपाध्यक्ष तथा सौरभसिंह जागृत, दुर्गा महेश्वर और दयावंत धर बांधे को सदस्य नियुक्त किया गया है। इसी तरह छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर आनंद निषाद तथा सदस्य पद पर नेतराम निषाद की नियुक्ति हुई है।

छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मण्डल, रायपुर के अध्यक्ष राजेश कुमार राजपूत बनाए गए हैं, जबकि सुमन मुथा को सदस्य नियुक्त किया गया है। शाकम्भरी बोर्ड की कमान राजेन्द्र नायक को सौंपी गई है। बोर्ड में बसंत पटेल, प्रेमलाल पटेल, संतोष पटेल और प्रेम पटेल को सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष पद पर सुधीर गौतम, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य के रूप में मनमथ नाथ शर्मा तथा छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम के सदस्य पद पर प्रसन्ना अवस्थी की नियुक्ति की गई है।

सरकार ने रायपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद पर डॉ. जे.पी. शर्मा, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के उपाध्यक्ष किशोर महानंद, गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष आनंद कुमार तिवारी (राजीव लोचन दास महाराज) तथा छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष पद पर मंगल दास ठाकुर को जिम्मेदारी सौंपी गई है।