सीएमओ पर मनमानी और भ्रष्टाचार के आरोप, पीएम आवास से लेकर पेयजल-सफाई तक उठाए सवाल; पुलिस से हुई धक्का-मुक्की
(सीजी टॉकिज) गरियाबंद :- गरियाबंद जिले अंतर्गत नगर पंचायत कोपरा में शुक्रवार को कांग्रेस ने जनसमस्याओं को लेकर नगर पंचायत कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों और महिलाओं ने नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सीएमओ पर मनमानी, प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता, विकास कार्यों में भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई, जिसके चलते कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
प्रदर्शन से पहले कांग्रेस के नेतृत्व में आमसभा आयोजित की गई, जिसमें स्थानीय नेताओं ने नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। सभा के बाद सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, महिलाएं और ग्रामीण रैली निकालते हुए नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे और कार्यालय का घेराव कर धरना-प्रदर्शन किया।
20 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर के नाम नगर पंचायत प्रशासन को 20 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना की लंबित किस्तों का भुगतान, विकास कार्यों में अनियमितताओं की जांच, पेयजल व्यवस्था में सुधार, नियमित सफाई, टैक्स वसूली में पारदर्शिता, प्लेसमेंट कर्मचारियों की नियुक्ति सहित विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की मांग की गई।
घेराव के दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘‘भाजपा सरकार मुर्दाबाद’’, ‘‘नगर पंचायत सीएमओ मुर्दाबाद’’ और ‘‘सीएमओ जवाब दो’’ जैसे नारों के साथ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने का प्रयास किया, जिससे कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। हालांकि स्थिति को देखते हुए पहले से तैनात पुलिस बल ने हालात को संभाल लिया और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत में आम जनता की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है और विकास कार्यों में भारी अनियमितताएं हो रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही, स्थानीय ग्रामीण, महिला कार्यकर्ता और कांग्रेस पदाधिकारी शामिल रहे, जिससे नगर पंचायत परिसर लंबे समय तक आंदोलन का केंद्र बना रहा।



ग्रामीणों का आरोप है कि रेत माफिया गांव के निस्तारी तालाब को पाटकर वहां बड़े पैमाने पर अवैध रेत का भंडारण कर रहे हैं। ग्राम पंचायत की ओर से लगातार शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन संबंधित विभागों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि चक्काजाम समाप्त होने के कुछ समय बाद अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों ने सरपंच पति को घेरकर मारपीट की। बीच-बचाव करने पहुंचीं महिला सरपंच कमलेश्वरी संतोष जलक्षत्री को भी चोटें आईं। घटना के बाद डरे-सहमे सरपंच अपने पति और परिवार के साथ आरंग थाना पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई है।
मारपीट की घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज किए जा रहे हैं तथा घटना में शामिल आरोपियों की पहचान कर उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। वहीं अवैध रेत उत्खनन और भंडारण से जुड़े आरोपों की भी जांच की जा रही है।





पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए चारों धाम चौक पर बैरिकेडिंग कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रुपेश साहू सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद भी कार्यकर्ता सड़क पर बैठकर नारेबाजी करते रहे।
ग्राम बिरोदा निवासी पोषण साहू खोरपा स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में बैंक मित्र के पद पर कार्यरत हैं। 1 जून की शाम करीब 4.40 बजे पोषण बैंक से छुट्टी होने के बाद अपने निजी खाते से 2 लाख रुपये निकाले और रकम को अपने पिट्ठू बैग में रखकर मोटरसाइकिल से गांव लौट रहे थे।
अभनपुर पुलिस ने अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति बेल्ट के आधार पर मृतक की पहचान कर सके या उसके संबंध में कोई जानकारी रखता हो, तो तत्काल थाना अभनपुर से संपर्क करे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिला मुख्यालय होने के कारण गरियाबंद में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा रोजगार और व्यवसाय के सिलसिले में बड़ी संख्या में बाहरी लोग निवास करते हैं। ऐसे में उनकी पृष्ठभूमि और गतिविधियों की जानकारी रखना सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक है। अभियान के दौरान पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी जुटाई और उनके मूल निवास क्षेत्र के थानों से आपराधिक रिकॉर्ड मंगाने की प्रक्रिया भी शुरू की है। आदतन अपराधियों और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
सत्यापन अभियान के दौरान मकान मालिकों को किराएदारों की जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराने संबंधी दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही उन्हें समाधान ऐप के बारे में जानकारी देकर ऑनलाइन माध्यम से किराएदार सत्यापन कराने के लिए प्रेरित किया गया।


