(सीजी टॉकिज) पाण्डुका :- गरियाबंद जिले के पाण्डुका थाना क्षेत्र में एक पत्रकार की घर के सामने खड़ी कार में मध्य रात्रि आग लगने से हड़कंप मच गया। घटना 7 सितंबर की देर रात की बताई जा रही है। आग इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह जलकर क्षतिग्रस्त हो गई।
जानकारी के अनुसार, पत्रकार हेमंत कुमार तिवारी की कार रोज की तरह उनके घर के सामने टीन शेड के नीचे खड़ी थी। रात करीब 12 बजे अचानक कार के सेंसर से सायरन जैसी आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर हेमंत तिवारी उठे और बाहर आकर देखा तो कार धधक रही थी। उन्होंने तत्काल घटना की जानकारी पाण्डुका थाना प्रभारी चिंताराम देशमुख को दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ने पुलिस टीम को मौके पर भेजा। पुलिस जवानों और आसपास के लोगों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया।
फायर ब्रिगेड को भी दी गई सूचना
आग की गंभीर स्थिति को देखते हुए गरियाबंद फायर ब्रिगेड को भी सूचना दी गई। फायर ब्रिगेड की टीम मौके के लिए रवाना हो गई और मालगांव तक पहुंच चुकी थी। इसी दौरान स्थानीय स्तर पर आग पर काबू पाने की सूचना मिलने के बाद दमकल वाहन को वापस भेज दिया गया। घर में मौजूद बोर मशीन के पानी और पड़ोसियों की मदद से आग पर काबू पाया गया। हालांकि तब तक कार काफी हद तक जल चुकी थी।
आग लगने का कारण अज्ञात
फिलहाल कार में आग कैसे लगी, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। घटना के बाद पाण्डुका पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आग दुर्घटनावश लगी या किसी ने जानबूझकर वाहन को निशाना बनाया, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
लंबे समय से पत्रकारिता कर रहे हैं हेमंत तिवारी
हेमंत कुमार तिवारी ग्राम पंचायत तौरेंगा के मौलीपारा में रहते हैं और पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। स्थानीय स्तर पर वे विभिन्न जनसमस्याओं, कथित गड़बड़ियों और ज्वलंत मुद्दों से जुड़ी खबरें प्रकाशित करते रहे हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों में चर्चा का माहौल है। ग्रामीण क्षेत्र में घर के सामने खड़े वाहन में इस तरह आग लगने की घटना को लेकर लोग चिंतित हैं।
पुलिस अब घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आगजनी के वास्तविक कारण और इसके पीछे किसी व्यक्ति की भूमिका का खुलासा हो सकेगा।














पुलिस के मुताबिक 4 सितंबर 2026 की रात करीब 10 बजे वेदप्रकाश ध्रुव उर्फ धुनु और छबी जांगड़े उर्फ धोंधी शराब लेकर मानिकचौरी रेलवे फाटक के पास कृष्णा डेलीनीड्स के आसपास पहुंचे। दोनों ने वहां शराब का सेवन किया। इसके बाद खर्च के लिए पैसे नहीं होने पर दोनों ने राहगीरों को लूटने की योजना बनाई। रात करीब 1 बजे दोनों मोटरसाइकिल से अभनपुर की ओर रवाना हुए। रास्ते में उन्हें एक व्यक्ति मोटरसाइकिल से आता दिखाई दिया। आरोपियों ने पेट्रोल खत्म होने का बहाना बनाकर उसे रोकने की कोशिश की।
पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त धारदार चाकू सहित अन्य सामग्री बरामद कर जब्त की गई। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
पुलिस के अनुसार घटना का मुख्य आरोपी नाबालिग है, जिसके विरुद्ध पूर्व में छह गंभीर अपराधों में संलिप्तता पाई गई है। वह किशोर न्याय बोर्ड से जमानत के बाद बाल संप्रेक्षण गृह से बाहर आया था। इस मामले में गिरफ्तार वेदप्रकाश ध्रुव उर्फ धुनु के खिलाफ पूर्व में चोरी, लूट और हत्या का मामला दर्ज है। जबकि छबी जांगड़े उर्फ धोंधी के विरुद्ध भी पूर्व में मारपीट के 3, लूट और हत्या के मामले दर्ज हैं।


घटना रात की होने के कारण पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं। देवाराम साहू वहां कैसे पहुंचे? उनकी मौत किस परिस्थिति में हुई? क्या वे किसी हादसे का शिकार हुए या किसी ने उन्हें निशाना बनाया? घटनास्थल के पास ही मृतक की बाइक बरामद होने की बात भी सामने आई है। मृतक के शरीर पर मिले चोट के निशानों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।



