रायपुर ग्रामीण पुलिस ने बिरबिरा में हुए बुजुर्ग दंपति के दोहरे हत्याकांड का 48 घंटे में खुलासा कर दिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपनी मां की मौत का जिम्मेदार जादू-टोने को मानकर रंजिश रखता था। इसी रंजिश के चलते उसने पति-पत्नी की हत्या कर दी और मृतका के सोने-चांदी के जेवरात लेकर फरार हो गया। मामला रायपुर जिले के आरंग थाना क्षेत्र का है।
घर के अलग-अलग कमरों में मिले थे शव
जानकारी के अनुसार आरंग क्षेत्र के ग्राम बीरबिरा में 8 अक्टूबर को सदाशी राम साहू और उनकी पत्नी आसबती साहू का शव घर के अलग-अलग कमरों में खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला। मजदूरी की रकम देने पहुंचे पड़ोसी सालिकराम साहू ने दोनों के शव देखा था। दोनों के शरीर पर धारदार हथियार से हमले के निशान थे। सूचना मिलते ही पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वाड और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को भी बुलाया गया, जिन्होंने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए।
मां की मौत के शक में रची हत्या की साजिश
पुलिस ने 48 घंटे के भीतर वारदात का खुलासा करते हुए 22 वर्षीय आरोपी प्रमोद उर्फ रॉकी साहू को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी को संदेह था कि एक वर्ष पहले उसकी मां की मौत के पीछे जादू-टोना था और इसके लिए वह सदाशी राम और उनकी पत्नी आसबती साहू को जिम्मेदार मानता था।
इसी संदेह के चलते उसने 6 अक्टूबर की रात दंपति के घर में घुसकर टंगिया और हंसिया से हमला किया, जिससे दोनों की मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी ने मृतका के सोने-चांदी के जेवरात लूट लिए और मौके से फरार हो गया। पुलिस ने जांच के दौरान संदेह के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई और उसे गिरफ्तार कर लिया।
हथियार, खून लगी जींस और जेवरात बरामद
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार, खून लगी जींस और लूटे गए जेवरात बरामद किए हैं। पूछताछ और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले का खुलासा किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।







पुलिस के मुताबिक, 17 सितंबर को सुबह लगभग 9.35 बजे चंद्रप्रकाश वर्मा स्कूल पहुंचा था। इसके बाद वह निजी काम का बहाना बनाकर स्कूल से बाहर चला गया। बताया गया कि उसने घटना के दौरान मोबाइल का लोकेशन बंद रखा और हत्या के बाद दोपहर करीब 12.50 बजे स्कूल वापस लौटा। स्कूल लौटने पर आरोपी ने अपने मोबाइल से VSK ऐप में लॉगिन नहीं किया, बल्कि मोबाइल घर पर रह जाने की बात कहकर साथी शिक्षक के मोबाइल से उपस्थिति दर्ज की।
आरोपी के अनुसार, वह हर महीने ब्याज लेता था, लेकिन पिछले तीन महीनों से ब्याज का भुगतान नहीं मिला रहा था। इसी लेन-देन को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते 17 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे कुम्हारी स्कूल के बाहर पटवारी कार्यालय के पास दोनों की मुलाकात हुई। पैसे और ब्याज की वापसी को लेकर विवाद के बाद दोनों बनचरौदा के सुनसान इलाके की ओर चले गए। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने अपनी स्कूटी में रखे धारदार हथियार से मृतक के सिर के पीछे हमला किया। इसके बाद हथौड़े से सिर और चेहरे पर कई वार कर मौत के घाट उतार दिया।


थाना प्रभारी निरीक्षक नरेश साहू के मुताबिक, जांच में यह बात सामने आई है कि सरकारी शराब दुकान के कुछ कर्मचारी ही शराब को अवैध रूप से बिक्री के लिए बाहर ले जा रहे थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा अवैध शराब के इस कारोबार का संचालन किस स्तर तक हो रहा था।








