राजिम विधायक रोहित साहू ने पेश की मानवता की मिसाल, बिंद्रानवागढ़ विधानसभा बेहराडीह मैनपुर के कमार जनजाति के मासूम के इलाज की ली जिम्मेदारी, डीकेएस अस्पताल में होगा सफल ऑपरेशन

राजिम विधायक रोहित साहू ने पेश की मानवता की मिसाल, बिंद्रानवागढ़ विधानसभा बेहराडीह मैनपुर के कमार जनजाति के मासूम के इलाज की ली जिम्मेदारी, डीकेएस अस्पताल में होगा सफल ऑपरेशन

 (सीजी टॉकीज)गरियाबंद/राजिम :- राजनीति जब सेवा का माध्यम बनती है तो वह समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में उजियारा लेकर आती है। कुछ ऐसी ही संवेदनशीलता राजिम विधायक रोहित साहू ने पेश की है। गरियाबंद जिले के बिंद्रानवागढ़ विधानसभा विकासखण्ड मैनपुर के ग्राम पंचायत बोईरगांव के आश्रित ग्राम बेहराडीह के रहने वाले विशेष पिछड़ी कमार जनजाति के तीन वर्षीय मासूम युवराज नेताम के उपचार हेतु विधायक रोहित साहू सामने आए हैं। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले कमार जनजाति का यह मासूम जन्म से ही एनोरेक्टल मालफॉर्मेशन अर्थात मलद्वार न होने की गंभीर और जटिल बीमारी से ग्रसित हैं। पिछले तीन वर्षों से उसके गरीब माता-पिता इलाज के लिए दर-दर भटक रहे थे। आर्थिक तंगी और जानकारी के अभाव में बच्चे की तकलीफ बढ़ती जा रही थी। विभिन्न समाचार पत्रों एवं भाजपा कार्यकर्त्ता व जनप्रतिनिधि के माध्यम से जैसे ही यह मामला राजिम विधायक रोहित साहू के संज्ञान में आया उन्होंने तत्काल सक्रियता दिखाई।जिला कलेक्टर एवं स्वास्थ अधिकारी से चार्चा कर बच्चे को तत्काल रायपुर लाने के लिएनिर्देशित किया।विधायक के विशेष प्रयासों से बच्चे को तत्काल राजधानी रायपुर के प्रतिष्ठित डीकेएस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। विधायक ने स्वयं अस्पताल पहुंचकर बच्चे का हालचाल जाना और डॉक्टरों की टीम से चर्चा कर उपचार की बारीकियों के विषय में चर्चा की। अस्पताल प्रबंधन और विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार युवराज का कल एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन किया जाएगा। विधायक ने डॉक्टरों को त्वरित उपचार के निर्देश दिए हैं ताकि इलाज में किसी भी प्रकार का विलंब न हो और बच्चे को समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

इस दौरान विधायक रोहित साहू ने कहा कि सेवा ही मेरे जीवन का मूलमंत्र रहा है। राजिम विधानसभा क्षेत्र के साथ ही गरियाबंद जिले का हर नागरिक मेरा परिवार है। जब मुझे नन्हे युवराज की बीमारी और उसके परिवार के संघर्ष के बारे में पता चला तो मेरा मन द्रवित हो उठा। विशेष पिछड़ी कमार जनजाति के लोग हमारे प्रदेश की धरोहर हैं और यदि उनके बच्चों को इलाज के लिए भटकना पड़े तो यह हमारे लिए चिंता का विषय है। हमारी सुशासन की सरकार अंत्योदय के सिद्धांत पर काम कर रही है जिसके तहत समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और सुविधा पहुँचाना हमारा प्रथम दायित्व है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने विशेष पिछड़ी जनजाति समाज के लिए पीएम जनमन योजना के तहत अनेकों सौगातें दी है उन्हीं की प्रेरणा से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि धन के अभाव में किसी भी गरीब का इलाज न रुके। युवराज नेताम इस प्रदेश का भविष्य है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि कल उसका ऑपरेशन पूरी तरह सफल हो और वह जल्द ही अपनी मुस्कान बिखेर सके। मैं उसके माता-पिता को विश्वास दिलाता हूँ कि इस लड़ाई में वे अकेले नहीं हैं, हम और यह सरकार उनके साथ खड़ी है।”

अफवाहों से बचें, जिले में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता : कलेक्टर भगवान सिंह उइके

अफवाहों से बचें, जिले में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता : कलेक्टर भगवान सिंह उइके

(सीजी टॉकीज) गरियाबंद: जिले में पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी भगवान सिंह उइके ने जिलेवासियों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि जिले में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस (एलपीजी) की पर्याप्त उपलब्धता है तथा आम लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।

कलेक्टर ने कहा कि कुछ स्थानों पर अफवाहों के कारण लोग बड़ी संख्या में पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों में पहुंच रहे हैं, जिससे अनावश्यक भीड़ की स्थिति बन रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें और केवल आवश्यकता अनुसार ही ईंधन एवं गैस का क्रय करें।

जिले के सभी एसडीएम को कलेक्टर ने निर्देशित भी किया है कि आवश्यकतानुसार अपने अपने क्षेत्र के सभी पेट्रोल पंपों में कार्यपालिक दंडाधिकारियों की ड्यूटी भी लगाए।

जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। पेट्रोल पंपों एवं गैस एजेंसियों में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का साथ दें। किसी भी प्रकार की सूचना या संदेश की सत्यता प्रशासन के अधिकृत माध्यमों से ही जांचें और अफवाह फैलाने से बचें।

जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भ्रामक जानकारी फैलाकर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है।

गरियाबंद में पेट्रोल-डीजल वितरण को लेकर कलेक्टर का बड़ा आदेश

गरियाबंद में पेट्रोल-डीजल वितरण को लेकर कलेक्टर का बड़ा आदेश

 

(सीजी टॉकीज) गरियाबंद : गरियाबंद सहित पूरे जिले में पेट्रोल-डीजल की कमी और पेट्रोल पंपों में लग रही लंबी कतारों को देखते हुए भगवान सिंह उइके ने आवश्यक आदेश जारी किया है। आदेश के तहत अब दोपहिया वाहनों में अधिकतम 300 रुपये तथा चारपहिया वाहनों में 1000 रुपये तक ही पेट्रोल देने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में पेट्रोल पंप संचालकों को ड्रम, जेरीकेन और बोतलों में पेट्रोल-डीजल देने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन कर ड्रम, जेरीकेन या बोतलों में ईंधन देने वाले पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन के अनुसार जिले में पेट्रोल-डीजल की आंशिक जमाखोरी और कालाबाजारी की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि आम लोगों को आसानी से ईंधन उपलब्ध हो सके और अनावश्यक संग्रहण पर रोक लगाई जा सके।

वहीं आदेश जारी होने के बाद पेट्रोल पंपों में निगरानी भी बढ़ा दी गई है और प्रशासनिक अमला लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

नाले में मिली ग्रामीण की लाश, रातभर तलाश के बाद सुबह मिला शव, इलाके में फैली सनसनी

(सीजी टॉकिज) :- अभनपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब शराब दुकान और अभनपुर के बीच स्थित नाले में एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ। शव के पास बाइक भी मिली है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि बाइक का बैलेंस बिगड़ने से व्यक्ति नाले में जा गिरा और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

मृतक की पहचान गिरोला गांव निवासी गंगादीन साहू (57 वर्ष) पिता स्वर्गीय सुखाऊ साहू के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि गंगादीन गुरुवार रात से घर नहीं लौटे थे, जिसके बाद परिजन और ग्रामीण उनकी तलाश कर रहे थे। शुक्रवार सुबह लोगों ने नाले के भीतर एक बाइक और शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी।

सूचना मिलते ही अभनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नाले से बाहर निकलवाया। घटनास्थल का मुआयना करने के बाद पुलिस ने प्रारंभिक जांच में बाइक अनियंत्रित होकर नाले में गिरने की आशंका जताई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह महज हादसा है या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी है। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मर्ग कामय कर मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पेट्रोल-डीजल संकट की अफवाह: अभनपुर, नवापारा और गरियाबंद समेत कई जिलों में पंपों पर भारी भीड़, पुलिस बल तैनात

(सीजी टॉकीज) :- पश्चिम एशिया में बढ़ते ईरान-इजरायल तनाव और संभावित ईंधन संकट की अफवाहों का असर अब छत्तीसगढ़ में भी दिखाई देने लगा है। राजधानी रायपुर के अलावा जिले से लगे अभनपुर, गोबरा नवापारा और गरियाबंद सहित कई जिलों में पेट्रोल-डीजल को लेकर लोगों में अचानक घबराहट बढ़ गई। गुरुवार को पेट्रोल पंपों पर सुबह से देर रात तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। हालात ऐसे बन गए कि कई जगह पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

अभनपुर क्षेत्र में स्थिति सबसे अधिक तनावपूर्ण नजर आई। यहां अम्बे फ्यूल्स पेट्रोल पंप सहित कई पंपों पर सैकड़ों वाहन चालक लाइन में खड़े दिखाई दिए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मी स्वयं पंपों पर पहुंचकर व्यवस्था संभालते नजर आए। वाहन चालकों को लाइन में लगाकर क्रमवार पेट्रोल दिलाया गया।

वहीं ग्राम गोतीयारडीह स्थित पेट्रोल पंप में पेट्रोल भरवाने को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश देकर मामला शांत कराया। बढ़ती भीड़ को देखते हुए कई पेट्रोल पंप संचालकों ने दो लीटर से अधिक पेट्रोल देने पर अस्थायी रोक लगा दी है।

वाहन चालकों का आरोप है कि कुछ पेट्रोल पंपों में ईंधन उपलब्ध होने के बावजूद “स्टॉक खत्म” होने की बात कहकर पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जा रहा है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कई लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के साथ अतिरिक्त ईंधन भी जमा करने की कोशिश करते नजर आए। स्थिति को देखते हुए कई पंप संचालकों ने सुरक्षा कारणों से केन, डिब्बों और ड्रम में पेट्रोल-डीजल देने पर रोक लगा दी है।

गोबरा नवापारा के भी पेट्रोल पंपों में भीड़ नजर आई। यहां दो पेट्रोल पंप बंद होने के कारण बस स्टैण्ड स्थिति छल्लानी पेट्रोल पंप में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ को देखते हुए पंप संचालक द्वारा प्रत्येक बाइक पर सिर्फ 100 रुपए का पेट्रोल दिया गया।

राजधानी रायपुर में भी पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों को देखते हुए कलेक्टर ने पेट्रोल पंप एसोसिएशन और तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों की बैठक ली। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और किसी भी प्रकार की घबराहट की जरूरत नहीं है।

अधिकारियों के अनुसार, अफवाहों के चलते लोग सामान्य से अधिक ईंधन भरवा रहे हैं। जहां पहले लोग 1-2 लीटर पेट्रोल डलवाते थे, वहीं अब वाहन चालक फुल टैंक करा रहे हैं, जिससे पंपों पर असामान्य भीड़ बढ़ गई है।

प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए डिपो से 24 घंटे पेट्रोल सप्लाई की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले टैंकरों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक ही एंट्री की अनुमति थी।

गरियाबंद, बिलासपुर, बालोद, धमतरी, गुरुर और बस्तर संभाग के जगदलपुर सहित कई जिलों में भी यही स्थिति देखने को मिली। जगदलपुर में सामान्य दिनों की तुलना में पेट्रोल-डीजल की बिक्री दोगुनी से अधिक दर्ज की गई। कई पंपों पर एक ही दिन में साढ़े चार हजार लीटर से ज्यादा ईंधन बिकने की जानकारी सामने आई है।

कई स्थानों पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की कतारें मुख्य सड़क तक पहुंच गईं। घंटों इंतजार के बावजूद लोग लाइन छोड़ने को तैयार नहीं थे। भीड़ को संभालने में पंप कर्मचारियों और पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी।

दंपती और दो बच्चों की निर्मम हत्या, गांव में पसरा मातम और दहशत

(सीजी टॉकिज) जांजगीर-चांपा:- छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में एक ही परिवार के चार लोगों की बेरहमी से हत्या किए जाने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के ग्राम भवंतरा में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात धारदार हथियार से हमला कर बुजुर्ग दंपती और उनके नाती-नातिन को मौत के घाट उतार दिया गया। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और मातम का माहौल है।

मिली जानकारी के अनुसार, भवंतरा गांव निवासी 70 वर्षीय मेदनी प्रसाद कश्यप अपनी पत्नी शांति बाई, नाती पीताम्बर कश्यप और नातिन कुमारी मोगरा के साथ निर्माणाधीन मकान में खाट पर सो रहे थे। देर रात अज्ञात हमलावरों ने सोते समय चारों पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में चारों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

घटना का खुलासा गुरुवार सुबह उस समय हुआ, जब निर्माण कार्य के लिए पहुंचे एक मिस्त्री ने चारों को खून से लथपथ हालत में खाट पर पड़ा देखा। इसके बाद गांव में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही सरपंच राजाराम कश्यप ने पुलिस को खबर दी, जिसके बाद पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे।

प्रारंभिक जांच में पैतृक संपत्ति और जमीन विवाद को हत्या की बड़ी वजह माना जा रहा है। पुलिस को शक है कि वारदात को अंजाम परिवार से जुड़े लोगों ने ही दिया है। मामले में पड़ोस के एक संदेही रिश्तेदार को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) और डॉग स्क्वायड की टीम को मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हत्या के हर एंगल से जांच शुरू कर दी है।

एएसपी निवेदिता दास और एएसपी उमेश कश्यप ने बताया कि हत्या सोते समय धारदार हथियार से की गई है। पुलिस को जल्द आरोपियों तक पहुंचने की उम्मीद है।

एक ही परिवार के चार लोगों की सामूहिक हत्या से पूरे भवंतरा गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है। लोग इस घटना को जिले की सबसे भयावह वारदातों में से एक बता रहे हैं।

शादी के 5 महीने बाद नवविवाहिता की मौत, कमरे में फंदे पर लटका मिला शव, मायके पक्ष बोला- “बेटी की हत्या कर लटकाया गया”

(सीजी टॉकिज) :- धमतरी जिले में शादी के महज पांच महीने बाद नवविवाहिता की संदिग्ध मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। फांसी पर झूलता शव मिलने के बाद मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। न्याय की मांग को लेकर सोमवार को परिजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। मामला अर्जुनी थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के अनुसार मृतका कामेश्वरी साहू की शादी करीब पांच महीने पहले परसतराई निवासी मुनेश के साथ हुई थी। मृतका के चाचा भोजराम साहू ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही दामाद उनकी भतीजी के साथ मारपीट करता था और उसे प्रताड़ित किया जाता था।

परिजनों के मुताबिक 9 मई को मृतका के ससुर ने फोन कर जानकारी दी कि कामेश्वरी ने आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलने पर जब परिवार के लोग ससुराल पहुंचे और कमरे का दरवाजा तोड़ा, तब उन्हें पूरा घटनाक्रम संदिग्ध लगा। परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी हत्या कर शव को फांसी पर लटका दिया गया।

मृतका के परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस ने पहले कहा था कि पोस्टमार्टम अगले दिन यानी 10 मई को कराया जाएगा, जिसके बाद उन्हें घर भेज दिया गया। लेकिन बाद में बिना सूचना दिए पोस्टमार्टम करा लिया गया और शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। इससे परिजनों में नाराजगी और बढ़ गई है।

सोमवार को परिजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इधर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि मामला अर्जुनी थाना क्षेत्र का है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। वहीं दूसरी ओर ससुराल पक्ष ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खुद को निर्दाेष बताया है। फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की जांच में जुटी हुई है।

घड़े-बाल्टी लेकर हाईवे जाम: पानी संकट पर महिलाओं का फूटा गुस्सा, प्रशासन के आश्वासन के बाद खुला जाम

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले के पाण्डुका क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत पोंड में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट ने विकराल रूप ले लिया है। वर्षों से पानी की समस्या झेल रहे ग्रामीणों का सब्र आखिरकार टूट गया और डोंगरीपारा की सैकड़ों महिलाएं सड़क पर उतर आईं। महिलाओं ने घरों से बाल्टी, घड़े और बर्तन लेकर नेशनल हाईवे पर करीब एक घंटे तक चक्काजाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि ग्राम पंचायत पोंड और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग हर साल पानी संकट का स्थायी समाधान करने के दावे करते हैं, लेकिन स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। लोगों का कहना है कि “आज-कल समस्या हल होगी” कहकर केवल आश्वासन दिया जाता रहा, जबकि गांव में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है।

प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र किया जाएगा। महिलाओं ने बताया कि डोंगरीपारा में दर्जनों बोर खनन कराए गए, लेकिन एक भी सफल नहीं हुआ। वहीं लाखों रुपए की लागत से बनी पानी टंकी भी सूखी पड़ी है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को सुझाव देते हुए कहा कि कुकदा डैम से पाइपलाइन के जरिए पानी की व्यवस्था की जाए, तभी क्षेत्र की गंभीर जल समस्या का समाधान संभव है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि जल संसाधन विभाग द्वारा कुछ समय पहले निस्तारी के लिए पानी छोड़ा गया था, लेकिन वह कई गांवों के तालाबों तक पहुंच ही नहीं पाया और हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह गया।

चक्काजाम की सूचना मिलते ही जिला पंचायत सीईओ और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि गांव में तत्काल तीन नए बोर खनन की अनुमति दी गई है। इसके बाद करीब एक घंटे बाद महिलाओं ने आंदोलन समाप्त कर सड़क से जाम हटाया।

इधर, छुरा जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष कुलेश्वर सोनवानी ने भी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि “मैं खुद सत्ताधारी दल का जनप्रतिनिधि हूं, लेकिन अधिकारी हमारी तक नहीं सुन रहे हैं। कई बार जल संसाधन विभाग से पानी छोड़ने की मांग की गई, लेकिन आज तक कई गांवों के तालाबों तक पानी नहीं पहुंचा। जब जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुनी जा रही, तो आम जनता की समस्या कौन सुनेगा?” उन्होंने लापरवाह अधिकारियों को हटाकर संवेदनशील अधिकारियों की नियुक्ति की मांग की।

ट्रक ने बाइक सवार को कुचला, दो दोस्तों की दर्दनाक मौत

(सीजी टॉकिज) :- रायगढ़ जिले के पुसौर थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को कुचल दिया। हादसे में दोनों युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आगे की कार्रवाई में जुट गई।

मिली जानकारी के अनुसार चंद्रपुर की ओर से आ रहे ट्रक क्रमांक सीजी 13 एलए 1157 के चालक ने लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए सामने से आ रही बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार महेश निषाद और सोनू माली ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रक की रफ्तार काफी तेज थी और बाइक सवार युवकों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। बताया जा रहा है कि दोनों युवक रायगढ़ से अपने गांव लौट रहे थे। जैसे ही वे ग्राम तेतला के पास पहुंचे, सामने से आ रहे ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद कुछ देर तक मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा।

घटना की सूचना मिलते ही पुसौर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने ट्रक जब्त कर लिया है तथा दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर आगे की जांच की जा रही है।

विवाहिता की संदिग्ध मौत: मायके पक्ष ने जताई हत्या की आशंका

(सीजी टॉकिज) :- बिलासपुर जिले के बेलगहना चौकी क्षेत्र में एक विवाहिता की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उनकी बेटी को प्रताड़ित किया जाता था और उसकी मौत सामान्य नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या हो सकती है। परिजनों ने पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी और न्यायिक अधिकारियों की मौजूदगी में जांच कराने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार मृतका दीक्षा कुशवाहा उर्फ पुनीता की शादी दिलीप कुशवाहा के साथ हुई थी। दोनों बेलगहना चौकी क्षेत्र के अंतर्गत खोंगसरा में रहते थे। बताया जा रहा है कि 9 मई 2026 को अचानक दीक्षा की मौत की खबर उसके मायके पक्ष को दी गई। सूचना मिलते ही मृतका के भाई राजेश पटेल समेत परिजन ससुराल पहुंचे, जहां उन्हें बताया गया कि दीक्षा की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी और उसे सिम्स अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

हालांकि परिजनों ने ससुराल पक्ष की इस कहानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि दीक्षा के शरीर की स्थिति और घटनास्थल की परिस्थितियां सामान्य मौत की ओर इशारा नहीं करतीं। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही दीक्षा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। उन्होंने दावा किया कि मौत से पहले दीक्षा ने अपने भाई को फोन कर अपनी परेशानी बताई थी। इतना ही नहीं, पिछले दो दिनों से उसका मोबाइल भी बंद आ रहा था, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ गई थी।

मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि ससुराल पक्ष ने पहले बातचीत कराने से इनकार किया और कुछ देर बाद अचानक “पलंग से गिरकर मौत” होने की जानकारी दी। इसी वजह से परिवार को पूरे घटनाक्रम में गहरी साजिश की आशंका है। परिजनों का कहना है कि दीक्षा को जहर देकर या अन्य किसी तरीके से मौत के घाट उतारा गया हो सकता है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मृतका के परिजनों ने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और स्वास्थ्य विभाग से शिकायत की है। उन्होंने मांग की है कि पोस्टमार्टम डॉक्टरों की टीम द्वारा न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कराया जाए तथा पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की जाए, ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी या तथ्य छिपाने की संभावना न रहे।

इधर, पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस मायके पक्ष और ससुराल पक्ष से पूछताछ कर रही है।