(सीजी टॉकिज) अभनपुर :- अभनपुर पुलिस ने लूट की वारदातों का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बैंक मित्र और चॉइस सेंटर के कर्मचारियों को निशाना बनाकर लाखों रुपये के लूट की वारदात को अंजाम दिया था। गिरोह का मास्टरमाइंड सरपंच का छोटा भाई निकला, जो पहले भी कई आपराधिक मामलों में जेल जा चुका है। मामला रायपुर जिले के अभनपुर थाना क्षेत्र का है।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने अभनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम हसदा और सारखी में दो अलग-अलग वारदातों को अंजाम देते हुए करीब 3 लाख 50 हजार रुपये लूट लिए थे। गिरोह के सदस्य पहले अपने शिकार की पूरी रेकी करते थे और फिर सुनसान जगह पर रोककर चेहरे पर मिर्च पाउडर फेंकते हुए चाकू दिखाकर नकदी लूट लेते थे।
बैंक मित्र से लूटे 2 लाख
ग्राम बिरोदा निवासी पोषण साहू खोरपा स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में बैंक मित्र के पद पर कार्यरत हैं। 1 जून की शाम करीब 4.40 बजे पोषण बैंक से छुट्टी होने के बाद अपने निजी खाते से 2 लाख रुपये निकाले और रकम को अपने पिट्ठू बैग में रखकर मोटरसाइकिल से गांव लौट रहे थे।
इस दौरान ग्राम सारखी और बिरोदा के बीच स्थित पुलिया के पास आरोपियों ने जेब से मिर्च पाउडर निकालकर उनके चेहरे पर फेंकने का प्रयास किया, जबकि दूसरे ने चाकू जैसी वस्तु निकालकर डराया-धमकाया। अकेला होने के कारण वह विरोध नहीं कर सके। इसके बाद आरोपी उनके बैग में रखे 2 लाख रुपये नकद, करीब 10 हजार रुपये कीमत का ओप्पो मोबाइल फोन और दुकान की चाबी लूटकर फरार हो गए।
बैंक से ही करते थे रेकी
मामले की शिकायत के बाद अभनपुर पुलिस ने बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में सामने आया कि आरोपी बैंक और चॉइस सेंटरों के आसपास नजर रखते थे। जैसे ही कोई बैंक मित्र या कर्मचारी बड़ी रकम लेकर निकलता, उसका पीछा शुरू कर देते थे। सुनसान स्थान मिलते ही मिर्च पाउडर और चाकू के दम पर लूट की वारदात को अंजाम देते थे।
पुलिस को आशंका थी कि आरोपियों ने बैंक परिसर से ही पोषण साहू की गतिविधियों पर नजर रखी थी और रकम निकालते ही उनका पीछा शुरू कर दिया था। इसी एंगल पर जांच आगे बढ़ाई गई, जिसके बाद पूरा गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
सरपंच का भाई निकला गिरोह का सरगना
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह का मुख्य आरोपी पिंटू उर्फ देशबंधु है, जो ग्राम पंचायत सारखी के सरपंच का छोटा भाई है। आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी लंबा है। उसके खिलाफ आबकारी, मारपीट, धोखाधड़ी सहित कई मामले दर्ज हैं और वह पहले भी जेल जा चुका है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो दोपहिया वाहन, चार मोबाइल फोन, दो धारदार चाकू तथा लूट की रकम में से 70 हजार रुपये नकद बरामद कर जब्त किए हैं। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। आरोपियों से पूछताछ में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।



अभनपुर पुलिस ने अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति बेल्ट के आधार पर मृतक की पहचान कर सके या उसके संबंध में कोई जानकारी रखता हो, तो तत्काल थाना अभनपुर से संपर्क करे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिला मुख्यालय होने के कारण गरियाबंद में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा रोजगार और व्यवसाय के सिलसिले में बड़ी संख्या में बाहरी लोग निवास करते हैं। ऐसे में उनकी पृष्ठभूमि और गतिविधियों की जानकारी रखना सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक है। अभियान के दौरान पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी जुटाई और उनके मूल निवास क्षेत्र के थानों से आपराधिक रिकॉर्ड मंगाने की प्रक्रिया भी शुरू की है। आदतन अपराधियों और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
सत्यापन अभियान के दौरान मकान मालिकों को किराएदारों की जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराने संबंधी दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही उन्हें समाधान ऐप के बारे में जानकारी देकर ऑनलाइन माध्यम से किराएदार सत्यापन कराने के लिए प्रेरित किया गया।




प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार अवैध उत्खनन और परिवहन में संलिप्त लोगों की पहचान कर आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध अवधि के दौरान किसी भी प्रकार का रेत उत्खनन या परिवहन नियमों के विरुद्ध है और ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

संयुक्त टीम ने मौके से लगभग 15 मीटर कमर्शियल कॉर्डेक्स वायर, करीब 1.5 किलोग्राम गन पाउडर, जिलेटिन रॉड, एक कुकर आईईडी (लगभग 4 किलोग्राम), एक टिफिन आईईडी (लगभग 5 किलोग्राम), 6 बीजीएल राउंड, एक एयर गन, एक इंटरसेप्टर, एक इंसास मैगजीन, दवाइयां तथा दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की।
बरामद IED बम और अन्य विस्फोटक सामग्री को गंभीर खतरे को देखते हुए बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) द्वारा मौके पर ही नियंत्रित विस्फोट के जरिए सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया गया। इससे क्षेत्र में संभावित बड़े खतरे को टाल दिया गया।
पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए अनुशासन, धैर्य और निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने पुलिस सेवा और सिविल सर्विसेज में करियर बनाने के इच्छुक विद्यार्थियों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत रहने की सलाह दी।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में आयोजित ओपन सेशन विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस दौरान छात्रों ने अधिकारियों से सीधे संवाद कर अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं। विद्यार्थियों ने तनाव प्रबंधन, पढ़ाई की रणनीति, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू करने का सही समय तथा सफलता के लिए आवश्यक गुणों जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे।


