(सीजी टॉकिज) गरियाबंद:- सड़क पर बेसहारा घूमने वाले मवेशियों की सुरक्षा और रात के समय होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से मेसर्स सुभाष कुमार अग्रवाल कंपनी ने सराहनीय पहल शुरू की है। कंपनी की ओर से सड़क पर घूमने वाले मवेशियों के गले में रेडियम पट्टी लगाई जा रही है, ताकि रात में वाहन चालकों को दूर से ही मवेशियों की मौजूदगी दिखाई दे सके।
रात के अंधेरे में जब किसी वाहन की हेडलाइट की रोशनी मवेशियों पर पड़ेगी, तो उनके गले में लगी रेडियम पट्टी रोशनी को रिफ्लेक्ट करेगी। इससे वाहन चालकों को सड़क पर मवेशियों की मौजूदगी का पहले ही पता चल सकेगा और वे समय रहते वाहन की गति नियंत्रित कर सकेंगे। इससे दुर्घटनाओं की आशंका कम करने में मदद मिल सकती है।
मवेशियों के साथ वाहन चालकों की सुरक्षा का भी प्रयास
कंपनी की इस पहल को जनहित, सड़क सुरक्षा और गौधन संरक्षण से जुड़ा प्रयास माना जा रहा है। सड़क पर अचानक मवेशियों के आ जाने से अक्सर वाहन चालकों के लिए भी दुर्घटना का खतरा पैदा होता है। ऐसे में रेडियम पट्टी मवेशियों को रात में अधिक दृश्य बनाने का एक सरल उपाय है। कंपनी का कहना है कि सड़क और विकास कार्यों के साथ-साथ सड़क पर चलने वाले लोगों और बेजुबान जीवों की सुरक्षा के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी निभाना भी जरूरी है।
कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी रहे मौजूद
इस पहल के दौरान प्रोजेक्ट मैनेजर अमन कुमार दुबे, वरिष्ठ स्ट्रक्चर इंजीनियर पुष्पराज पटेल, एचआर एडमिन अमित दुबे, स्ट्रक्चर इंजीनियर सतेंद्र पटेल, लैब प्रभारी मुकेश यादव, स्ट्रक्चर इंजीनियर प्रियांशु मिश्रा एवं स्टोर प्रभारी विकाश पटेल सहित कंपनी के कर्मचारी मौजूद रहे।





जानकारी के अनुसार, ग्राम टेका निवासी राजकुमार भारद्वाज का शव 27 सितंबर को उसके घर की खिड़की में फांसी के फंदे पर लटका मिला था। घटना के बाद पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। वहीं, मृतक के परिजनों ने शुरू से ही मौत को आत्महत्या मानने से इनकार किया और हत्या की आशंका जताई।
मृतक के परिजनों ने गांव के पांच लोगों पर राजकुमार के साथ मारपीट करने और उसकी हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। परिजनों का आरोप है कि मारपीट के दौरान राजकुमार की मौत हुई और बाद में घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फांसी पर लटकाया गया।
शुक्रवार को सतनामी समाज के लोग बड़ी संख्या में राजिम थाना पहुंचे और थाना के सामने बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी राजिम के फॉरेस्ट नाका से थाने तक पैदल मार्च निकाला उसके बाद थाने का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राजकुमार की मौत की निष्पक्ष जांच हो और जिन पांच लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनके खिलाफ FIR दर्ज कर तत्काल कार्रवाई की जाए।




वहीं राजिम पुलिस की ओर से पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट और बिसरा रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई का आश्वासन दी गई है। फिलहाल मामले में पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। राज कुमार की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।







