कलेक्टर, एसपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने विद्यार्थियों को दिए करियर निर्माण और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के गुर
(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिला प्रशासन के तत्वावधान में जिला मुख्यालय स्थित ऑक्शन हॉल में बेरोजगार युवक-युवतियों तथा स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय भव्य करियर काउंसलिंग सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को करियर निर्माण, लक्ष्य निर्धारण और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर बी.एस. उईके, पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर, वनमंडलाधिकारी शशिगानंद, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरुण जैन, अपर कलेक्टर ऋषा ठाकुर, डीएसपी गरिमा दादर तथा अन्य अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। सेमिनार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं युवा शामिल हुए।
सफलता के लिए लक्ष्य और समय प्रबंधन जरूरी – कलेक्टर
कलेक्टर बीएस उइके ने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए सबसे पहले अपनी रुचि को पहचाने कि वो किस फिल्ड में जाना चाहते है। इसके लिए उन्हें स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए आधारभूत ज्ञान से शुरू होती है, इसलिए विद्यार्थियों को एनसीईआरटी की पुस्तकों का नियमित अध्ययन करना चाहिए।
इसके साथ ही प्रतिदिन समाचार पत्र पढ़ने, समसामयिक घटनाओं की जानकारी रखने तथा लेख और संपादकीय पढ़ने की आदत डालने को कहा। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रीलिम्स, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की तैयारी के विभिन्न चरणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक परीक्षा की प्रकृति अलग होती है, इसलिए उसकी तैयारी भी योजनाबद्ध तरीके से करनी चाहिए।
अनुशासन और आत्मविश्वास सफलता की कुंजी – एसपी
पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए अनुशासन, धैर्य और निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने पुलिस सेवा और सिविल सर्विसेज में करियर बनाने के इच्छुक विद्यार्थियों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत रहने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि असफलता किसी भी यात्रा का अंत नहीं होती, बल्कि यह सफलता की ओर बढ़ने का एक महत्वपूर्ण अनुभव है। असफलताओं से सीख लेकर और अधिक मेहनत के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता – प्रखर चंद्राकर
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर अध्ययन, अनुशासन और कड़ी मेहनत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने बेसिक्स मजबूत करने तथा नियमित अभ्यास के माध्यम से आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में पढ़ने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में भी जानकारी दी गई। एआई तकनीक का उपयोग अध्ययन सामग्री तैयार करने, विषयों को बेहतर ढंग से समझने, अभ्यास प्रश्नों के समाधान खोजने तथा अपनी कमजोरियों की पहचान कर तैयारी को और प्रभावी बनाने में किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीक का सकारात्मक और रचनात्मक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
सेमिनार में उपस्थित अन्य अधिकारियों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को करियर चयन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, आत्मविश्वास बढ़ाने और सकारात्मक सोच विकसित करने के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। अधिकारियों ने युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का संदेश दिया।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुसार करियर चुनने तथा समय का सदुपयोग करने की जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए यह अकादमी एक बेहतर अवसर प्रदान करेगा। जिसका अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने तकनीक और एआई का सकारात्मक उपयोग करते हुए निरंतर सीखने की आदत विकसित करने पर जोर दिया। साथ ही विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और लगन के साथ अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया।
खुला संवाद बना आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम के अंतिम चरण में आयोजित ओपन सेशन विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस दौरान छात्रों ने अधिकारियों से सीधे संवाद कर अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं। विद्यार्थियों ने तनाव प्रबंधन, पढ़ाई की रणनीति, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू करने का सही समय तथा सफलता के लिए आवश्यक गुणों जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे।
अधिकारियों ने सरल, व्यावहारिक और प्रेरणादायक उदाहरणों के माध्यम से छात्रों की शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे उनके भविष्य निर्माण के लिए उपयोगी बताया। सेमिनार में जिले के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और प्रशिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही।
22 जून से प्रारंभ होगी अकादमी
जिला प्रशासन द्वारा गरियाबंद, मैनपुर, देवभोग और फिंगेश्वर विकासखंड में रेस रत्नगर्भा अकादमी फॉर कॉम्पिटिटिव एग्जाम की शुरुआत की जा रही है। अकादमी की नियमित कक्षाएं 22 जून 2026 से प्रारंभ होंगी, जहां विद्यार्थियों को एआई आधारित आधुनिक शिक्षण प्रणाली के माध्यम से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। इस दौरान जिला पंचायत के उप संचालक श्रीमती पदमिनी हरदेल एवं कार्यक्रम का संचालन डीपीएम श्री पतंजल मिश्रा ने किया।












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