खाद संकट के खिलाफ किसानों का हुंकार, राजिम में ट्रैक्टर रैली निकालकर चक्काजाम

हजारों किसानों ने किया शक्ति प्रदर्शन, 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा; मांगें पूरी नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

(सीजी टॉकिज) राजिम:- गरियाबंद जिले में खाद संकट, महंगाई और किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेसियों द्वारा शुक्रवार को राजिम में बड़ा आंदोलन किया गया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी एवं भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में हजारों किसान ट्रैक्टरों और मोटरसाइकिलों के साथ सड़कों पर उतर आए। किसानों ने विशाल रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया और बाद में पंडित सुंदरलाल शर्मा चौक में चक्काजाम कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

कृषि उपज मंडी से शुरू हुई ट्रैक्टर रैली में किसानों का उत्साह देखते ही बन रहा था। कई किलोमीटर लंबा ट्रैक्टरों का काफिला नगर की प्रमुख सड़कों से होकर गुजरा। हाथों में झंडे और तख्तियां लिए किसान खाद की किल्लत, बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों, खाद की कालाबाजारी और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी जैसी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे। पूरे नगर में किसानों की आवाज गूंजती रही।

खाद के लिए भटक रहे किसान – अमितेश शुक्ल

प्रदर्शन का नेतृत्व छत्तीसगढ़ के प्रथम पंचायत मंत्री एवं पूर्व विधायक अमितेश शुक्ल ने किया। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बुवाई के महत्वपूर्ण समय में किसान खाद के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं, जबकि कालाबाजारी करने वाले खुलेआम लाभ कमा रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने में विफल रही है और किसान विरोधी नीतियों के कारण खेती लगातार घाटे का सौदा बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

10 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

रैली और प्रदर्शन के बाद किसानों एवं कांग्रेस नेताओं ने राजिम एसडीएम को 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज उपलब्ध कराने, कालाबाजारी पर रोक लगाने, कृषि संबंधी समस्याओं का तत्काल समाधान करने तथा किसानों को राहत देने की मांग की गई।

आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी

प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखचंद बेसरा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रूपेश साहू, किसान नेता तेजराम विद्रोही सहित बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि एवं कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को जिला स्तर से बढ़ाकर प्रदेशव्यापी स्वरूप दिया जाएगा।

चक्काजाम से प्रभावित रहा यातायात

पंडित सुंदरलाल शर्मा चौक में हुए चक्काजाम के कारण राजिम के प्रमुख मार्गों पर घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन एवं पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई थी। हालांकि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, लेकिन किसानों के तेवर सरकार के प्रति काफी आक्रामक नजर आए।

किसानों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि खाद संकट और कृषि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने दी विकास कार्यों की सौगात, लोधी समाज भवन परिसर में पेवर ब्लॉक कार्य का भूमिपूजन

मंत्री बोले- क्षेत्र के विकास में नहीं आने दी जाएगी फंड की कमी

(सीजी टॉकिज) आरंग :- क्षेत्रीय विकास और सामाजिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब ने वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी चौक स्थित श्री हरदेव लोधी समाज भवन परिसर में पेवर ब्लॉक निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

लोधी समाज द्वारा लंबे समय से समाज भवन परिसर के सौंदर्यीकरण एवं बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए पेवर ब्लॉक निर्माण की मांग की जा रही थी। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की पहल पर अब इस मांग को मूर्त रूप मिलने जा रहा है, जिससे भवन परिसर अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक बनेगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि समाज का विकास ही क्षेत्र के समग्र विकास का आधार है। उन्होंने कहा कि लोधी समाज की यह मांग सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक थी। राज्य सरकार सभी वर्गों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए विकास कार्यों को गति दे रही है तथा आरंग क्षेत्र के विकास में धनराशि की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि सामाजिक भवनों और सार्वजनिक परिसरों का विकास समाज को संगठित करने के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित करता है। सरकार का उद्देश्य हर समुदाय को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

कार्यक्रम के दौरान श्री हरदेव लोधी समाज के अध्यक्ष शैलेंद्र लोधी सहित समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने मंत्री गुरु खुशवंत साहेब का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पेवर ब्लॉक निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद समाज भवन परिसर में आयोजित होने वाले सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों में लोगों को बेहतर सुविधा मिलेगी।

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन, समाज अध्यक्ष शैलेंद्र लोधी, उपाध्यक्ष टुकेश्वर लोधी, सचिव संजय लोधी, कोषाध्यक्ष शांतिलाल लोधी, सलाहकार गजानंद लोधी एवं शत्रुहन लोधी, पार्षद नरेंद्र लोधी, संतोष लोधी, पुष्कर साहू, गोलू कंडरा, उमाकांत यादव, पार्षद प्रतिनिधि राकेश सोनकर, विक्रम परमार, राकेश शर्मा, तोषण साहू, वरिष्ठ भाजपा नेता कृष्ण कुमार भारद्वाज, नगर पालिका इंजीनियर हरीश मांझी सहित बड़ी संख्या में सामाजिक जन एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

निसदा में जनजागरूकता कार्यक्रम: जल संरक्षण और वृक्षारोपण को लेकर ग्रामीणों ने लिया संकल्प

(सीजी टॉकिज) :- रायपुर जिले के आरंग ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत निसदा में जल संरक्षण एवं संवर्धन अभियान के तहत जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत के सरपंच, पंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेते हुए जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

इस अवसर पर व्याख्याता एवं इको क्लब प्रभारी रामानंद ध्रुव ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई। शपथ के माध्यम से सभी ने जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने, जल स्रोतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने तथा जल की बर्बादी रोकने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री ध्रुव ने कहा कि जल जीवन का आधार है और भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों का संरक्षण करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों से जल संरक्षण के उपायों को अपनाने तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया।

ग्राम पंचायत निसदा के सरपंच मानसिंग निषाद ने ग्रामीणों से जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को जल बचाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने गांव स्तर पर जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इस संदेश को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य जल संकट के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और समाज को जल संरक्षण के महत्व से अवगत कराना था। आयोजन के दौरान ग्रामीणों ने जल संरक्षण एवं वृक्षारोपण को बढ़ावा देने का सामूहिक संकल्प लिया। इस अवसर पर कोमल साहू, खुमन, एस. कुमार, ओमप्रकाश साहू, संजीव यादव, दुर्गेश साहू, मोहन सिन्हा, शारदा निषाद, सूरज कनौजे, गोवर्धन सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित थे।

साय कैबिनेट के 7 बड़े फैसले, किसानों को मिलेगा 15 हजार रु. प्रति एकड़; बैठक में किसानों, परिवहन, खनन, ऊर्जा और PDS से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए

(सीजी टॉकिज) :- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

1. मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ (IPO) के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किए जाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई। इस महत्वपूर्ण निर्णय से आम नागरिकों और निवेशकों को कंपनी की विकास यात्रा में भागीदार बनने का अवसर मिलेगा तथा कंपनी की वित्तीय क्षमता और पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी। मंत्रिपरिषद् ने इस संबंध में आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण करने के लिए कंपनी के संचालक मंडल को अधिकृत किया है।

2. मंत्रिपरिषद् ने खरीफ-2026 से कृषक उन्नति योजना के नवीन स्वरूप को मंजूरी दी है। राज्य सरकार द्वारा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने तथा धान पर अत्यधिक निर्भरता कम करने के उद्देश्य से धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलें लेने वाले किसानों एवं दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी तथा कपास की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15,000 रुपये की आदान सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।

इस योजना का लाभ एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर दिया जाएगा। इस निर्णय से प्रदेश में दलहन-तिलहन एवं अन्य वैकल्पिक फसलों का रकबा बढ़ेगा, किसानों को बेहतर आय प्राप्त होगी साथ ही कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

3. मंत्रिपरिषद् ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में चना वितरण की निरंतरता बनाए रखने के लिए आवश्यक चना उपलब्ध कराने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

निर्णय के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को नेकडेक्स-ई-मार्केट (NeML) के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकतम 0.25 प्रतिशत या उससे कम सर्विस चार्ज पर चना क्रय करने की अनुमति दी गई है। साथ ही, वर्तमान व्यवस्था के तहत अप्रैल से जून 2026 तक तीन माह की अवधि वृद्धि का अनुमोदन भी किया गया है। इस निर्णय से खाद्य एवं पोषण सुरक्षा योजनाओं के तहत पात्र परिवारों को चना वितरण निर्बाध रूप से जारी रहेगा।

4. मंत्रिपरिषद् ने ‘योग’ विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। योग, आयुष प्रणाली का अभिन्न अंग है तथा योग शिक्षा, अनुसंधान और उससे संबंधित गतिविधियां राष्ट्रीय स्तर पर आयुष तंत्र के माध्यम से संचालित होती हैं। विषय की प्रकृति और प्रशासनिक समन्वय को ध्यान में रखते हुए इसे चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन किए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे योग से संबंधित शैक्षणिक, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान गतिविधियों का बेहतर समन्वय और प्रभावी संचालन सुनिश्चित हो सकेगा।

5. मंत्रिपरिषद् ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म (PSM) स्कीम के अंतर्गत डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) की सहमति भारत सरकार को प्रेषित करने की अनुमति प्रदान की है।

इस निर्णय से रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में स्वीकृत कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल, सुरक्षित और किफायती सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण कम करने, ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।

6. मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को आपसी सहमति से भूमि क्रय पर प्रदान की जा रही मुद्रांक शुल्क (स्टाम्प ड्यूटी) छूट की अवधि 31 मार्च 2028 तक बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय से प्राधिकरण को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में गति मिलेगी तथा नवा रायपुर अटल नगर के सुनियोजित विकास और आधारभूत संरचना के विस्तार को और अधिक मजबूती मिलेगी।

7. मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भण्डारण) नियम, 2009 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इस संशोधन के तहत खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में आरएफआईडी टैग एवं वाहन ट्रैकिंग प्रणाली को अनिवार्य किया जाएगा तथा खनिजों के ग्रेड निर्धारण और मात्रा आकलन के लिए आधुनिक तकनीक आधारित व्यवस्था लागू की जाएगी।

भण्डारण अनुज्ञापत्रधारियों से वसूल की जाने वाली भण्डारण शुल्क की राशि तथा सिक्योरिटी डिपॉजिट में वृद्धि की गई। इसके अतिरिक्त ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत लाईसेंस होल्डर को अतिरिक्त जमीन स्वीकृत किए जाने एवं दो भण्डारण लाईसेंसों को समामेलित (एकजाई) संबंधी प्रावधानों को लागू किया गया।

इस निर्णय से अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा, पारदर्शिता बढ़ेगी तथा राज्य के राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित होगी।

 

07 जून को प्रदेशभर में महावृक्षारोपण अभियान, हर परिवार लगाए एक पौधा – डॉ. नीरेन्द्र साहू

(सीजी टॉकिज) :- पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ द्वारा 07 जून को प्रदेशव्यापी महावृक्षारोपण अभियान संचालित किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेन्द्र साहू के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान के तहत समाज की सभी इकाइयों, परिक्षेत्रों, जिला समाजों, प्रकोष्ठों एवं प्रत्येक परिवार से कम से कम एक पौधा लगाने का आह्वान किया गया है।

मीडिया से चर्चा करते हुए डॉ. नीरेन्द्र साहू ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण असंतुलन और बढ़ता जल संकट मानव जीवन के समक्ष गंभीर चुनौती बनकर उभर रहे हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

प्रदेश साहू संघ ने समाजजनों से अपने-अपने क्षेत्रों में अधिकाधिक वृक्षारोपण करने तथा पौधारोपण की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा कर जन-जागरूकता बढ़ाने की अपील की है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस जनहितकारी अभियान से जुड़ सकें।

जल संरक्षण पर भी रहेगा विशेष फोकस

संघ द्वारा वृक्षारोपण के साथ-साथ जल संरक्षण को भी अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाया गया है। वर्षा ऋतु के आगमन से पूर्व घरों एवं आसपास सोख्ता निर्माण, वर्षा जल संचयन तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग को अपनाने का संदेश दिया गया है। संघ का मानना है कि जल संरक्षण केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के प्रति हमारी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है।

डॉ. नीरेन्द्र साहू ने समाज के सभी सदस्यों से अभियान में सक्रिय सहभागिता का आग्रह करते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार यदि कम से कम एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। यह जानकारी प्रदेश साहू संघ के आईटी सेल प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रभारी महामंत्री मनीष साहू ने दी।

गरियाबंद जिले को स्वास्थ्य क्षेत्र में मिली बड़ी सौगात, 26 नए उपस्वास्थ्य केंद्रों के लिए 7.41 करोड़ रुपए स्वीकृत

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले के ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए बड़ी सौगात मिली है। जिले के छुरा और मैनपुर विकासखंड में 26 नए उपस्वास्थ्य केंद्र भवनों के निर्माण हेतु 7 करोड़ 41 लाख 26 हजार रुपए की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस निर्णय से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।

इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए राजिम विधायक रोहित साहू ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल और वित्त मंत्री ओपी चौधरी का गरियाबंद जिले की जनता की ओर से धन्यवाद और आभार व्यक्त किया है। विधायक रोहित साहू ने कहा कि इन नए भवनों के निर्माण से ग्रामीण अंचल के लोगों को उनके घर के पास ही बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी तथा आमजनों को अब स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

इस बजटीय स्वीकृति के तहत गरियाबंद जिले के छुरा और मैनपुर विकासखंडों को समान रूप से बजट आवंटित किया गया है जिसमें छुरा विकासखंड के कुल 13 उपस्वास्थ्य केंद्रों क्रमशः पिपरछेड़ी, गायडबरी, मुड़ागांव, सिवनी, मुढ़ीपानी, सेम्हरा, कुटेना, तौरेंगा, घटकर्रा, अमलोर, द्वारतरा, बोड़राबांधा और कनेसर ग्राम पंचायत के लिए 3 करोड़ 70 लाख 63 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसके तहत प्रत्येक उपस्वास्थ्य केंद्र के भवन निर्माण पर 28.51 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे।

इसी प्रकार आदिवासी बाहुल्य विकासखंड मैनपुर के भी 13 स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 3 करोड़ 70 लाख 63 हजार रुपए की मंजूरी मिली है। यहाँ भी प्रत्येक केंद्र को 28.51 लाख रुपए का बजट मिलेगा। मैनपुर ब्लॉक के बिरीघाट, डेंडुपदर, ढोर्रा, गोलामाल, गुरुजीभाटा (अ), कांडेकेला, मैनपुर खुर्द, छिंदौला, भाठीगढ़, पदमपुर, घूमरापदर, खरीपथरा और सुकलीभाठा ग्राम पंचायत में नवीन उपस्वास्थ्य केंद्र का निर्माण किया जाएगा।

इस प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति के बाद गरियाबंद जिले के वनांचल क्षेत्रों में हर्ष का माहौल है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने इस सौगात के लिए साय सरकार और विधायक रोहित साहू के प्रति प्रसन्नता व्यक्त की है। अब भवनों का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने की भी उम्मीद है।

अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधा पहुँचाना हमारा लक्ष्य – रोहित साहू

इस अवसर पर विधायक रोहित साहू ने कहा कि इस स्वीकृति से वनांचल और दूरदराज के गांवों में रहने वाले गरीब और आदिवासी परिवारों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। प्रत्येक केंद्र को मिलने वाले 28.51 लाख रुपए से स्वास्थ्य सुविधाओं का स्तर सुधरेगा और डॉक्टरों व स्टाफ के लिए बेहतर माहौल तैयार होगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार अंत्योदय के संकल्प के साथ काम कर रही है, जहां समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना प्राथमिकता है। मैं इस संवेदनशीलता के लिए छग प्रदेश की सुशासन वाली सरकार का आभारी हूँ।

खाद-बीज संकट पर फूटा किसानों का गुस्सा, पांडुका चौक में धरने पर बैठे अन्नदाता, शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी

(सीजी टॉकिज) :- खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच खाद और बीज की कमी को लेकर किसानों का आक्रोश सड़कों पर उतर आया है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में किसान पाण्डुका के चारोधाम चौक में धरने पर बैठ गए और शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने आरोप लगाया कि खेती का समय शुरू हो चुका है, लेकिन उन्हें पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, जिससे बोनी प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि सहकारी समितियों और बिक्री केंद्रों में खाद-बीज की उपलब्धता बेहद कम है। कई किसानों को घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। ऐसे में खेती-किसानी पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

खाद-बीज दो, किसान बचाओ के लगे नारे

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध कराने की मांग की। किसानों का कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

मौके पर पहुंची पुलिस

धरने और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पाण्डुका पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति पर नजर बनाए रखी। फिलहाल प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी है, लेकिन किसानों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

खेती के सीजन में संकट से बढ़ी चिंता

खरीफ फसलों की बुवाई का समय नजदीक होने के कारण किसान समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि समय पर व्यवस्था नहीं हुई तो उत्पादन प्रभावित होगा और इसका सीधा असर उनकी आय पर पड़ेगा।

न पानी, न छांव…. 45 डिग्री की आग में झोंके जा रहे मजदूर! नौतपा की भीषण गर्मी में काम करने को मजबूर है महिलाएं…

 (सीजी टॉकिज) :- नौतपा की भीषण गर्मी में जहां लोग दोपहर के समय घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं, वहीं नवापारा-अभनपुर मार्ग पर महिला मजदूरों को झुलसाती धूप में काम करने पर मजबूर किया जा रहा है। लगभग 44-45 डिग्री तापमान और तेज लू के बीच महिलाएं सड़क पर पसीना बहाती नजर आ रही हैं, लेकिन निर्माण स्थल पर न पीने के पानी की समुचित व्यवस्था है और न ही छांव या आराम की कोई सुविधा।

निर्माण स्थल की तस्वीरें मजदूरों की बदहाली और ठेकेदार की लापरवाही की कहानी खुद बयां कर रही हैं। दोपहर की तपती धूप में महिलाएं लगाने में जुटी हुई हैं। मजदूरों का कहना है कि उन्हें लगातार घंटों तक काम कराया जा रहा है, लेकिन गर्मी से बचाव के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है।

सवालों के घेरे में ठेकेदार

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार केवल काम जल्द पूरा कराने के दबाव में मजदूरों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को पूरी तरह नजरअंदाज कर रहा है। भीषण गर्मी में यदि किसी मजदूर, खासकर महिला मजदूर की तबीयत बिगड़ती है या कोई बड़ा हादसा हो जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?

पहले भी जा चुकी है एक नाबालिग मजदूर की जान

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र में महानदी किनारे चल रहे तटबंध निर्माण कार्य के दौरान एक 16 वर्षीय नाबालिग मजदूर हर्ष साहू की मौत हो गई थी। बताया गया था कि भीषण गर्मी में काम करते समय अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। उस मामले में भी निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, मेडिकल सुविधा और मजदूरों के लिए जरूरी इंतजाम नहीं होने के आरोप लगे थे।
इतना ही नहीं, नाबालिग से मजदूरी कराने को लेकर भी ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।

मजदूरों की जिंदगी से खिलवाड़?

अब अभनपुर क्षेत्र में फिर उसी तरह का लापरवाह रवैया देखने को मिल रहा है। नौतपा की जानलेवा गर्मी में खुले आसमान के नीचे महिलाओं से काम कराया जाना मजदूरों की जिंदगी से सीधा खिलवाड़ माना जा रहा है।

कुकदा डैम में बड़ा हादसा: पिकनिक मनाने पहुंचे युवक-युवती की डूबने से मौत

कुकदा डैम में बड़ा हादसा: पिकनिक मनाने पहुंचे युवक-युवती की डूबने से मौत

(सीजी टॉकीज गरियाबंद) :  गरियाबंद जिले के पाण्डुका थाना क्षेत्र अंतर्गत कुकदा पिकअप वियर (डैम) में आज दर्दनाक हादसा हो गया। रायपुर से पिकनिक मनाने पहुंचे एक युवक और युवती की डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों नहाने के दौरान गहरे पानी में चले गए, जिससे यह हादसा हुआ। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

मिली जानकारी के अनुसार, रायपुर के शंकर नगर इलाके से चार लोग कार में सवार होकर कुकदा डैम घूमने और पिकनिक मनाने पहुंचे थे। इसी दौरान युवक और युवती डैम में नहाने उतरे, लेकिन पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगने के कारण दोनों डूब गए। मौके पर मौजूद उनके दो अन्य सहयोगियों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।

हादसे में मृत युवती की पहचान 22 वर्षीय सिंपी सक्सेना के रूप में हुई है, जबकि युवक की पहचान 30 वर्षीय पीयूष मंडल के रूप में की गई है। घटना की सूचना मिलते ही पाण्डुका पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों के शवों को बाहर निकाला गया।

एसडीओपी निशा सिन्हा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में नहाने के दौरान गहराई में चले जाने से डूबने की बात सामने आई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कुकदा डैम में पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। हर साल यहां पिकनिक मनाने आने वाले लोग थोड़ी सी लापरवाही के कारण अपनी जान गंवा बैठते हैं। इसके बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से लगातार हादसे सामने आ रहे हैं।

घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि डैम और पिकनिक स्पॉट पर नहाने के दौरान विशेष सावधानी बरतें और गहरे पानी में जाने से बचें।

छत्तीसगढ़ में आयुर्वेद को मिलेगा नया संबल, अधिकारियों की मांगों पर सरकार सकारात्मक, प्रांतीय प्रतिनिधि सम्मेलन का हुआ आयोजन

स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के साथ शामिल हुए राजिम विधायक रोहित साहू

राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ आयुर्वेद अधिकारी संघ के प्रांतीय प्रतिनिधि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल शामिल हुए। कार्यक्रम में राजिम विधायक रोहित साहू, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा एवं अभनपुर विधायक इंद्रकुमार साहू भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

सम्मेलन के दौरान प्रदेश में आयुर्वेद चिकित्सा प्रणाली को और अधिक सुदृढ़, आधुनिक, प्रभावी एवं व्यापक बनाने को लेकर अतिथियों एवं संघ के पदाधिकारियों के मध्य विस्तृत एवं सकारात्मक चर्चा हुई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजिम विधायक रोहित साहू ने आयुर्वेद के महत्व पर विशेष प्रकाश डालते हुए कहा कि आयुर्वेद विश्व की सबसे प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों में से एक है। यह रोगों के उपचार का माध्यम होने के साथ ही हम भारतीयों की जीवनचर्या में रची बसी एक समृद्ध जीवनपद्धति है। हमारे पूर्वजों द्वारा संरक्षित यह ज्ञान आज वैश्विक स्तर पर नई पहचान प्राप्त कर रहा है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आयुर्वेद की प्रासंगिकता निरंतर बढ़ रही है तथा छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक इस प्राचीन चिकित्सा पद्धति का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। विधायक रोहित साहू ने विशेष रूप से अपने गृह जिले गरियाबंद में कार्यरत आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें विशेष प्रोत्साहन प्रदान करने की बात कही।

उन्होंने कहा कि दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत आयुर्वेद चिकित्सक सीमित संसाधनों के बीच जनसेवा का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं जो अत्यंत प्रशंसनीय है।सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ में आयुर्वेद चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करना एवं आयुर्वेद अधिकारियों की समस्याओं एवं सुझावों पर गंभीरता से विचार करना था।

सम्मेलन में आयुर्वेद चिकित्सा प्रणाली को नई तकनीकों एवं आधुनिक अनुसंधान से जोड़ने, ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में संचालित आयुर्वेद औषधालयों की स्थिति सुधारने तथा दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने संघ की विभिन्न मांगों एवं सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना तथा आश्वस्त किया कि राज्य सरकार आयुर्वेद एवं आयुष विभाग के विकास हेतु हरसंभव कदम उठाएगी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ आयुर्वेद अधिकारी संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ. गदाधर पांडा ने आयुर्वेद संविदा चिकित्सा अधिकारियों के नियमितीकरण एवं वेतन वृद्धि तथा नियमित आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों के लिए 4 स्तरीय वेतनमान की मांग प्रमुखता से रखी।

इस पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं सभी विधायकों ने माननीय मुख्यमंत्री से चर्चा कर समस्याओं के समाधान हेतु सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया। सम्मेलन में प्रदेशभर से आए छत्तीसगढ़ आयुर्वेद अधिकारी संघ के प्रांतीय प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। स्वास्थ्य मंत्री एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति तथा उनके सकारात्मक रुख के लिए संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।