(सीजी टॉकिज) आरंग:- लगातार हो रही बारिश और बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण महानदी उफान पर है। अचानक बढ़े जलस्तर से रायपुर जिले के आरंग विकासखंड के निसदा गांव में बाढ़ का पानी घुस गया, जिससे गांव के कई हिस्से जलमग्न हो गए। इसी दौरान एक ही परिवार के 6 सदस्य अपने मकान में चारों ओर से पानी से घिरकर फंस गए। सूचना मिलते ही प्रशासन और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी को सकुशल बाहर निकाल लिया।
महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका को देखते हुए गांव के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक ने सुबह ही सतर्कता बरतते हुए बाढ़ प्रभावित होने वाले 12 मकानों से 42 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया था।
हालांकि सियाराम साहू और उनके परिवार को भी घर खाली करने की सलाह दी गई थी, लेकिन परिवार ने स्थिति को सामान्य समझते हुए घर छोड़ने से इनकार कर दिया। कुछ ही घंटों बाद जलस्तर तेजी से बढ़ा और उनका मकान पूरी तरह बाढ़ के पानी से घिर गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि परिवार के सदस्य घर से बाहर नहीं निकल सके।
SDRF ने चलाया रेस्क्यू अभियान
घटना की सूचना मिलते ही आरंग एसडीएम अभिलाषा पैकरा, तहसीलदार बाबूलाल कुर्रे और थाना प्रभारी हरीश साहू टीम के साथ मौके पर पहुंचे। हालात की गंभीरता को देखते हुए तत्काल SDRF की विशेष रेस्क्यू टीम को बुलाया गया।
रेस्क्यू टीम ने तेज बहाव के बीच बोर्ट की मदद से साहसिक अभियान चलाया और भारी मशक्कत के बाद सियाराम साहू के परिवार के सभी 6 सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और रेस्क्यू टीम की सराहना की।
बचाव अभियान पूरा होने के बाद सभी छह लोगों को एहतियातन एम्बुलेंस के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आरंग भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉक्टरों के अनुसार सभी सदस्य पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी
रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भी प्रशासन और SDRF की टीमें नाव के जरिए निसदा सहित आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण कर रही हैं। प्रशासन ने महानदी के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे जलस्तर बढ़ने की स्थिति में किसी भी प्रकार का जोखिम न लें, प्रशासन की चेतावनी का पालन करें और समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।



जानकारी के अनुसार 13 जुलाई 2026 को महानदी तट पर रूकमणी सोनवानी का शव बरामद हुआ था। शव के जांघ, कूल्हे, हाथ और पैरों पर गंभीर चोटों के निशान मिले थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की गई। जांच में पता चला कि मृतका का पिछले छह-सात वर्षों से पंजाब निवासी एवं वर्तमान में महासमुंद जिले के पिथौरा थाना क्षेत्र के ग्राम मुढीपार में रहने वाले सोनू सरदार उर्फ अवतार सिंह के साथ प्रेम संबंध था।



ग्रामीणों का आरोप है कि रेत माफिया गांव के निस्तारी तालाब को पाटकर वहां बड़े पैमाने पर अवैध रेत का भंडारण कर रहे हैं। ग्राम पंचायत की ओर से लगातार शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन संबंधित विभागों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि चक्काजाम समाप्त होने के कुछ समय बाद अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों ने सरपंच पति को घेरकर मारपीट की। बीच-बचाव करने पहुंचीं महिला सरपंच कमलेश्वरी संतोष जलक्षत्री को भी चोटें आईं। घटना के बाद डरे-सहमे सरपंच अपने पति और परिवार के साथ आरंग थाना पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई है।
मारपीट की घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज किए जा रहे हैं तथा घटना में शामिल आरोपियों की पहचान कर उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। वहीं अवैध रेत उत्खनन और भंडारण से जुड़े आरोपों की भी जांच की जा रही है।







