CGTalkies

CGTalkies News

ज्ञानोवा हाइट्स स्कूल बासीन में कृष्ण जन्माष्टमी और शिक्षक दिवस का भव्य समारोह, दही-हांडी और रंगारंग प्रस्तुतियों ने बांधा समां

(सीजी टॉकिज) राजिम :- स्थानीय ज्ञानोवा हाइट्स स्कूल बासीन के प्रांगण में 5 सितंबर को कृष्ण जन्माष्टमी एवं शिक्षक दिवस का संयुक्त समारोह हर्षाेल्लास और धूमधाम के साथ आयोजित किया गया। भक्ति, संस्कृति और गुरु-शिष्य परंपरा से सराबोर इस आयोजन में विद्यार्थियों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन तथा महान शिक्षाविद एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण के साथ किया गया। इसके बाद विद्यार्थियों ने कृष्ण जन्माष्टमी और शिक्षक दिवस की थीम पर विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

नन्हे राधा-कृष्ण ने जीता सबका दिल

जन्माष्टमी के अवसर पर विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चे राधा, कृष्ण, गोपियों और ग्वालों की आकर्षक वेशभूषा में नजर आए। विद्यालय परिसर को फूलों, मोरपंखों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था, जिससे पूरा वातावरण मानो गोकुल की छटा बिखेर रहा था। बच्चों ने कृष्ण लीला, भजनों पर आधारित नृत्य-नाटिका सहित विभिन्न प्रस्तुतियां दीं। वहीं दही-हांडी एवं मटकी फोड़ कार्यक्रम ने समारोह में विशेष उत्साह भर दिया। नन्हे कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों पर पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

समारोह के दूसरे चरण में शिक्षक दिवस को समर्पित विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। सीनियर विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों के सम्मान में भाषण, कविता पाठ और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने शिक्षकों को तिलक लगाकर उनका सम्मान किया तथा अपने हाथों से बनाए गए ग्रीटिंग कार्ड भेंट किए। इस दौरान बच्चों ने गुरुजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

प्रधानाचार्य ने बताया गुरु और ईश्वर का महत्व

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को कृष्ण जन्माष्टमी और शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन और ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते’ के संदेश के माध्यम से विद्यार्थियों को कर्म के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि समाज के निर्माण में शिक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। गुरु और ईश्वर दोनों ही मनुष्य को सही मार्ग दिखाने का कार्य करते हैं। विद्यार्थियों को अपने जीवन में अनुशासन, कर्म और संस्कारों को अपनाने की प्रेरणा दी गई।

राष्ट्रगान और प्रसाद वितरण के साथ हुआ समापन

कार्यक्रम का समापन शिक्षकों के सम्मान समारोह, राष्ट्रगान एवं बच्चों तथा उपस्थित अतिथियों के बीच प्रसाद वितरण के साथ हुआ। पूरे आयोजन के दौरान विद्यालय परिसर भक्ति, उत्साह, सकारात्मक ऊर्जा और गुरु-शिष्य परंपरा से सराबोर नजर आया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *