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साय कैबिनेट के 7 बड़े फैसले, किसानों को मिलेगा 15 हजार रु. प्रति एकड़; बैठक में किसानों, परिवहन, खनन, ऊर्जा और PDS से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए

(सीजी टॉकिज) :- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

1. मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ (IPO) के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किए जाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई। इस महत्वपूर्ण निर्णय से आम नागरिकों और निवेशकों को कंपनी की विकास यात्रा में भागीदार बनने का अवसर मिलेगा तथा कंपनी की वित्तीय क्षमता और पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी। मंत्रिपरिषद् ने इस संबंध में आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण करने के लिए कंपनी के संचालक मंडल को अधिकृत किया है।

2. मंत्रिपरिषद् ने खरीफ-2026 से कृषक उन्नति योजना के नवीन स्वरूप को मंजूरी दी है। राज्य सरकार द्वारा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने तथा धान पर अत्यधिक निर्भरता कम करने के उद्देश्य से धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलें लेने वाले किसानों एवं दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी तथा कपास की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15,000 रुपये की आदान सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।

इस योजना का लाभ एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर दिया जाएगा। इस निर्णय से प्रदेश में दलहन-तिलहन एवं अन्य वैकल्पिक फसलों का रकबा बढ़ेगा, किसानों को बेहतर आय प्राप्त होगी साथ ही कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

3. मंत्रिपरिषद् ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में चना वितरण की निरंतरता बनाए रखने के लिए आवश्यक चना उपलब्ध कराने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

निर्णय के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को नेकडेक्स-ई-मार्केट (NeML) के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकतम 0.25 प्रतिशत या उससे कम सर्विस चार्ज पर चना क्रय करने की अनुमति दी गई है। साथ ही, वर्तमान व्यवस्था के तहत अप्रैल से जून 2026 तक तीन माह की अवधि वृद्धि का अनुमोदन भी किया गया है। इस निर्णय से खाद्य एवं पोषण सुरक्षा योजनाओं के तहत पात्र परिवारों को चना वितरण निर्बाध रूप से जारी रहेगा।

4. मंत्रिपरिषद् ने ‘योग’ विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। योग, आयुष प्रणाली का अभिन्न अंग है तथा योग शिक्षा, अनुसंधान और उससे संबंधित गतिविधियां राष्ट्रीय स्तर पर आयुष तंत्र के माध्यम से संचालित होती हैं। विषय की प्रकृति और प्रशासनिक समन्वय को ध्यान में रखते हुए इसे चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन किए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे योग से संबंधित शैक्षणिक, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान गतिविधियों का बेहतर समन्वय और प्रभावी संचालन सुनिश्चित हो सकेगा।

5. मंत्रिपरिषद् ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म (PSM) स्कीम के अंतर्गत डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) की सहमति भारत सरकार को प्रेषित करने की अनुमति प्रदान की है।

इस निर्णय से रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में स्वीकृत कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल, सुरक्षित और किफायती सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण कम करने, ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।

6. मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को आपसी सहमति से भूमि क्रय पर प्रदान की जा रही मुद्रांक शुल्क (स्टाम्प ड्यूटी) छूट की अवधि 31 मार्च 2028 तक बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय से प्राधिकरण को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में गति मिलेगी तथा नवा रायपुर अटल नगर के सुनियोजित विकास और आधारभूत संरचना के विस्तार को और अधिक मजबूती मिलेगी।

7. मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भण्डारण) नियम, 2009 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इस संशोधन के तहत खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में आरएफआईडी टैग एवं वाहन ट्रैकिंग प्रणाली को अनिवार्य किया जाएगा तथा खनिजों के ग्रेड निर्धारण और मात्रा आकलन के लिए आधुनिक तकनीक आधारित व्यवस्था लागू की जाएगी।

भण्डारण अनुज्ञापत्रधारियों से वसूल की जाने वाली भण्डारण शुल्क की राशि तथा सिक्योरिटी डिपॉजिट में वृद्धि की गई। इसके अतिरिक्त ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत लाईसेंस होल्डर को अतिरिक्त जमीन स्वीकृत किए जाने एवं दो भण्डारण लाईसेंसों को समामेलित (एकजाई) संबंधी प्रावधानों को लागू किया गया।

इस निर्णय से अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा, पारदर्शिता बढ़ेगी तथा राज्य के राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित होगी।

 

07 जून को प्रदेशभर में महावृक्षारोपण अभियान, हर परिवार लगाए एक पौधा – डॉ. नीरेन्द्र साहू

(सीजी टॉकिज) :- पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ द्वारा 07 जून को प्रदेशव्यापी महावृक्षारोपण अभियान संचालित किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेन्द्र साहू के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान के तहत समाज की सभी इकाइयों, परिक्षेत्रों, जिला समाजों, प्रकोष्ठों एवं प्रत्येक परिवार से कम से कम एक पौधा लगाने का आह्वान किया गया है।

मीडिया से चर्चा करते हुए डॉ. नीरेन्द्र साहू ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण असंतुलन और बढ़ता जल संकट मानव जीवन के समक्ष गंभीर चुनौती बनकर उभर रहे हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

प्रदेश साहू संघ ने समाजजनों से अपने-अपने क्षेत्रों में अधिकाधिक वृक्षारोपण करने तथा पौधारोपण की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा कर जन-जागरूकता बढ़ाने की अपील की है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस जनहितकारी अभियान से जुड़ सकें।

जल संरक्षण पर भी रहेगा विशेष फोकस

संघ द्वारा वृक्षारोपण के साथ-साथ जल संरक्षण को भी अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाया गया है। वर्षा ऋतु के आगमन से पूर्व घरों एवं आसपास सोख्ता निर्माण, वर्षा जल संचयन तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग को अपनाने का संदेश दिया गया है। संघ का मानना है कि जल संरक्षण केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के प्रति हमारी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है।

डॉ. नीरेन्द्र साहू ने समाज के सभी सदस्यों से अभियान में सक्रिय सहभागिता का आग्रह करते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार यदि कम से कम एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। यह जानकारी प्रदेश साहू संघ के आईटी सेल प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रभारी महामंत्री मनीष साहू ने दी।

गरियाबंद जिले को स्वास्थ्य क्षेत्र में मिली बड़ी सौगात, 26 नए उपस्वास्थ्य केंद्रों के लिए 7.41 करोड़ रुपए स्वीकृत

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले के ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए बड़ी सौगात मिली है। जिले के छुरा और मैनपुर विकासखंड में 26 नए उपस्वास्थ्य केंद्र भवनों के निर्माण हेतु 7 करोड़ 41 लाख 26 हजार रुपए की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस निर्णय से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।

इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए राजिम विधायक रोहित साहू ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल और वित्त मंत्री ओपी चौधरी का गरियाबंद जिले की जनता की ओर से धन्यवाद और आभार व्यक्त किया है। विधायक रोहित साहू ने कहा कि इन नए भवनों के निर्माण से ग्रामीण अंचल के लोगों को उनके घर के पास ही बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी तथा आमजनों को अब स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

इस बजटीय स्वीकृति के तहत गरियाबंद जिले के छुरा और मैनपुर विकासखंडों को समान रूप से बजट आवंटित किया गया है जिसमें छुरा विकासखंड के कुल 13 उपस्वास्थ्य केंद्रों क्रमशः पिपरछेड़ी, गायडबरी, मुड़ागांव, सिवनी, मुढ़ीपानी, सेम्हरा, कुटेना, तौरेंगा, घटकर्रा, अमलोर, द्वारतरा, बोड़राबांधा और कनेसर ग्राम पंचायत के लिए 3 करोड़ 70 लाख 63 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसके तहत प्रत्येक उपस्वास्थ्य केंद्र के भवन निर्माण पर 28.51 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे।

इसी प्रकार आदिवासी बाहुल्य विकासखंड मैनपुर के भी 13 स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 3 करोड़ 70 लाख 63 हजार रुपए की मंजूरी मिली है। यहाँ भी प्रत्येक केंद्र को 28.51 लाख रुपए का बजट मिलेगा। मैनपुर ब्लॉक के बिरीघाट, डेंडुपदर, ढोर्रा, गोलामाल, गुरुजीभाटा (अ), कांडेकेला, मैनपुर खुर्द, छिंदौला, भाठीगढ़, पदमपुर, घूमरापदर, खरीपथरा और सुकलीभाठा ग्राम पंचायत में नवीन उपस्वास्थ्य केंद्र का निर्माण किया जाएगा।

इस प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति के बाद गरियाबंद जिले के वनांचल क्षेत्रों में हर्ष का माहौल है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने इस सौगात के लिए साय सरकार और विधायक रोहित साहू के प्रति प्रसन्नता व्यक्त की है। अब भवनों का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने की भी उम्मीद है।

अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधा पहुँचाना हमारा लक्ष्य – रोहित साहू

इस अवसर पर विधायक रोहित साहू ने कहा कि इस स्वीकृति से वनांचल और दूरदराज के गांवों में रहने वाले गरीब और आदिवासी परिवारों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। प्रत्येक केंद्र को मिलने वाले 28.51 लाख रुपए से स्वास्थ्य सुविधाओं का स्तर सुधरेगा और डॉक्टरों व स्टाफ के लिए बेहतर माहौल तैयार होगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार अंत्योदय के संकल्प के साथ काम कर रही है, जहां समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना प्राथमिकता है। मैं इस संवेदनशीलता के लिए छग प्रदेश की सुशासन वाली सरकार का आभारी हूँ।

खाद-बीज संकट पर फूटा किसानों का गुस्सा, पांडुका चौक में धरने पर बैठे अन्नदाता, शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी

(सीजी टॉकिज) :- खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच खाद और बीज की कमी को लेकर किसानों का आक्रोश सड़कों पर उतर आया है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में किसान पाण्डुका के चारोधाम चौक में धरने पर बैठ गए और शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने आरोप लगाया कि खेती का समय शुरू हो चुका है, लेकिन उन्हें पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, जिससे बोनी प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि सहकारी समितियों और बिक्री केंद्रों में खाद-बीज की उपलब्धता बेहद कम है। कई किसानों को घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। ऐसे में खेती-किसानी पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

खाद-बीज दो, किसान बचाओ के लगे नारे

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध कराने की मांग की। किसानों का कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

मौके पर पहुंची पुलिस

धरने और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पाण्डुका पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति पर नजर बनाए रखी। फिलहाल प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी है, लेकिन किसानों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

खेती के सीजन में संकट से बढ़ी चिंता

खरीफ फसलों की बुवाई का समय नजदीक होने के कारण किसान समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि समय पर व्यवस्था नहीं हुई तो उत्पादन प्रभावित होगा और इसका सीधा असर उनकी आय पर पड़ेगा।

न पानी, न छांव…. 45 डिग्री की आग में झोंके जा रहे मजदूर! नौतपा की भीषण गर्मी में काम करने को मजबूर है महिलाएं…

 (सीजी टॉकिज) :- नौतपा की भीषण गर्मी में जहां लोग दोपहर के समय घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं, वहीं नवापारा-अभनपुर मार्ग पर महिला मजदूरों को झुलसाती धूप में काम करने पर मजबूर किया जा रहा है। लगभग 44-45 डिग्री तापमान और तेज लू के बीच महिलाएं सड़क पर पसीना बहाती नजर आ रही हैं, लेकिन निर्माण स्थल पर न पीने के पानी की समुचित व्यवस्था है और न ही छांव या आराम की कोई सुविधा।

निर्माण स्थल की तस्वीरें मजदूरों की बदहाली और ठेकेदार की लापरवाही की कहानी खुद बयां कर रही हैं। दोपहर की तपती धूप में महिलाएं लगाने में जुटी हुई हैं। मजदूरों का कहना है कि उन्हें लगातार घंटों तक काम कराया जा रहा है, लेकिन गर्मी से बचाव के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है।

सवालों के घेरे में ठेकेदार

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार केवल काम जल्द पूरा कराने के दबाव में मजदूरों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को पूरी तरह नजरअंदाज कर रहा है। भीषण गर्मी में यदि किसी मजदूर, खासकर महिला मजदूर की तबीयत बिगड़ती है या कोई बड़ा हादसा हो जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?

पहले भी जा चुकी है एक नाबालिग मजदूर की जान

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र में महानदी किनारे चल रहे तटबंध निर्माण कार्य के दौरान एक 16 वर्षीय नाबालिग मजदूर हर्ष साहू की मौत हो गई थी। बताया गया था कि भीषण गर्मी में काम करते समय अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। उस मामले में भी निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, मेडिकल सुविधा और मजदूरों के लिए जरूरी इंतजाम नहीं होने के आरोप लगे थे।
इतना ही नहीं, नाबालिग से मजदूरी कराने को लेकर भी ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।

मजदूरों की जिंदगी से खिलवाड़?

अब अभनपुर क्षेत्र में फिर उसी तरह का लापरवाह रवैया देखने को मिल रहा है। नौतपा की जानलेवा गर्मी में खुले आसमान के नीचे महिलाओं से काम कराया जाना मजदूरों की जिंदगी से सीधा खिलवाड़ माना जा रहा है।

कुकदा डैम में बड़ा हादसा: पिकनिक मनाने पहुंचे युवक-युवती की डूबने से मौत

कुकदा डैम में बड़ा हादसा: पिकनिक मनाने पहुंचे युवक-युवती की डूबने से मौत

(सीजी टॉकीज गरियाबंद) :  गरियाबंद जिले के पाण्डुका थाना क्षेत्र अंतर्गत कुकदा पिकअप वियर (डैम) में आज दर्दनाक हादसा हो गया। रायपुर से पिकनिक मनाने पहुंचे एक युवक और युवती की डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों नहाने के दौरान गहरे पानी में चले गए, जिससे यह हादसा हुआ। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

मिली जानकारी के अनुसार, रायपुर के शंकर नगर इलाके से चार लोग कार में सवार होकर कुकदा डैम घूमने और पिकनिक मनाने पहुंचे थे। इसी दौरान युवक और युवती डैम में नहाने उतरे, लेकिन पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगने के कारण दोनों डूब गए। मौके पर मौजूद उनके दो अन्य सहयोगियों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।

हादसे में मृत युवती की पहचान 22 वर्षीय सिंपी सक्सेना के रूप में हुई है, जबकि युवक की पहचान 30 वर्षीय पीयूष मंडल के रूप में की गई है। घटना की सूचना मिलते ही पाण्डुका पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों के शवों को बाहर निकाला गया।

एसडीओपी निशा सिन्हा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में नहाने के दौरान गहराई में चले जाने से डूबने की बात सामने आई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कुकदा डैम में पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। हर साल यहां पिकनिक मनाने आने वाले लोग थोड़ी सी लापरवाही के कारण अपनी जान गंवा बैठते हैं। इसके बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से लगातार हादसे सामने आ रहे हैं।

घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि डैम और पिकनिक स्पॉट पर नहाने के दौरान विशेष सावधानी बरतें और गहरे पानी में जाने से बचें।

छत्तीसगढ़ में आयुर्वेद को मिलेगा नया संबल, अधिकारियों की मांगों पर सरकार सकारात्मक, प्रांतीय प्रतिनिधि सम्मेलन का हुआ आयोजन

स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के साथ शामिल हुए राजिम विधायक रोहित साहू

राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ आयुर्वेद अधिकारी संघ के प्रांतीय प्रतिनिधि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल शामिल हुए। कार्यक्रम में राजिम विधायक रोहित साहू, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा एवं अभनपुर विधायक इंद्रकुमार साहू भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

सम्मेलन के दौरान प्रदेश में आयुर्वेद चिकित्सा प्रणाली को और अधिक सुदृढ़, आधुनिक, प्रभावी एवं व्यापक बनाने को लेकर अतिथियों एवं संघ के पदाधिकारियों के मध्य विस्तृत एवं सकारात्मक चर्चा हुई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजिम विधायक रोहित साहू ने आयुर्वेद के महत्व पर विशेष प्रकाश डालते हुए कहा कि आयुर्वेद विश्व की सबसे प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों में से एक है। यह रोगों के उपचार का माध्यम होने के साथ ही हम भारतीयों की जीवनचर्या में रची बसी एक समृद्ध जीवनपद्धति है। हमारे पूर्वजों द्वारा संरक्षित यह ज्ञान आज वैश्विक स्तर पर नई पहचान प्राप्त कर रहा है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आयुर्वेद की प्रासंगिकता निरंतर बढ़ रही है तथा छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक इस प्राचीन चिकित्सा पद्धति का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। विधायक रोहित साहू ने विशेष रूप से अपने गृह जिले गरियाबंद में कार्यरत आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें विशेष प्रोत्साहन प्रदान करने की बात कही।

उन्होंने कहा कि दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत आयुर्वेद चिकित्सक सीमित संसाधनों के बीच जनसेवा का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं जो अत्यंत प्रशंसनीय है।सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ में आयुर्वेद चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करना एवं आयुर्वेद अधिकारियों की समस्याओं एवं सुझावों पर गंभीरता से विचार करना था।

सम्मेलन में आयुर्वेद चिकित्सा प्रणाली को नई तकनीकों एवं आधुनिक अनुसंधान से जोड़ने, ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में संचालित आयुर्वेद औषधालयों की स्थिति सुधारने तथा दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने संघ की विभिन्न मांगों एवं सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना तथा आश्वस्त किया कि राज्य सरकार आयुर्वेद एवं आयुष विभाग के विकास हेतु हरसंभव कदम उठाएगी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ आयुर्वेद अधिकारी संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ. गदाधर पांडा ने आयुर्वेद संविदा चिकित्सा अधिकारियों के नियमितीकरण एवं वेतन वृद्धि तथा नियमित आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों के लिए 4 स्तरीय वेतनमान की मांग प्रमुखता से रखी।

इस पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं सभी विधायकों ने माननीय मुख्यमंत्री से चर्चा कर समस्याओं के समाधान हेतु सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया। सम्मेलन में प्रदेशभर से आए छत्तीसगढ़ आयुर्वेद अधिकारी संघ के प्रांतीय प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। स्वास्थ्य मंत्री एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति तथा उनके सकारात्मक रुख के लिए संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

आकाशवाणी के 90 वर्षों की गौरवगाथा पर सजा “स्वरोत्सव”, सुरों की महफिल में झूमे संगीत प्रेमी

(सीजी टॉकिज) :- आकाशवाणी के 90 वर्षों की शिक्षा, सूचना और मनोरंजन से जुड़ी गौरवमयी यात्रा के उपलक्ष्य में आकाशवाणी रायपुर द्वारा “स्वरोत्सव” का भव्य आयोजन किया गया। विमतारा ऑडिटोरियम में आयोजित इस संगीतमय कार्यक्रम में उपशास्त्रीय और सुगम संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत ख्यातिप्राप्त कलाकार श्वेता शिवाले की प्रस्तुति से हुई। उन्होंने ठुमरी, दादरा, मिर्जापुरी कजरी, सावनी नग्मा और गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। “आन मिलो सजना” ठुमरी और “सेजिया पर लोटे काला नाग” मिर्जापुरी कजरी की प्रस्तुति पर संगीत रसिक झूम उठे और पूरे सभागार में तालियों की गूंज सुनाई दी।

इसके बाद पद्मश्री मदन चौहान ने सुगम संगीत, कबीर भजन, गजल और सूफियाना कलाम प्रस्तुत कर ऐसा समां बांधा कि दर्शक आत्मविभोर हो गए। उनकी मधुर आवाज और भावपूर्ण प्रस्तुति ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

इस अवसर पर आकाशवाणी रायपुर के उप महानिदेशक एवं क्लस्टर प्रमुख वी. राजेश्वर ने उपस्थित दर्शकों का स्वागत करते हुए कहा कि आकाशवाणी ने स्वतंत्रता पूर्व से लेकर आज तक समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में भी आकाशवाणी “बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय” के सिद्धांत पर अपने प्रसारण को निरंतर आगे बढ़ा रहा है।

वहीं आकाशवाणी रायपुर के कार्यक्रम प्रमुख एवं सहायक निदेशक (कार्यक्रम) पंकज मेश्राम ने श्रोताओं और कलाकारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि श्रोता और कलाकार ही आकाशवाणी की असली ताकत हैं। उन्होंने कहा कि “स्वरोत्सव” जैसे आयोजनों का उद्देश्य श्रोताओं को उनकी पसंद के संगीत से सीधे जोड़ना है। कार्यक्रम के दौरान संगीत प्रेमियों में उत्साह का माहौल बना रहा और “स्वरोत्सव” की यह संगीतमयी शाम लंबे समय तक लोगों की यादों में बनी रहेगी।

नवापारा में तटबंध निर्माण में दर्दनाक हादसा: 16 वर्षीय नाबालिग मौत, ठेकेदार और एजेंसी पर लापरवाही का आरोप

(सीजी टॉकिज) :- रायपुर जिले के नवापारा थाना क्षेत्र में महानदी किनारे चल रहे तटबंध निर्माण कार्य के दौरान एक 16 वर्षीय किशोर मजदूर की मौत हो गई। घटना के बाद निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार और एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला ग्राम कोलियारी और पारागांव के बीच का है। मृतक की पहचान हर्ष साहू (16 वर्ष) निवासी ग्राम खुरसेंगा, थाना कुरूद जिला धमतरी के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार, हर्ष तटबंध निर्माण कार्य में मजदूरी कर रहा था। शुक्रवार सुबह काम के दौरान उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि भीषण गर्मी में काम करते समय उसे चक्कर आया और वह मौके पर ही गिर पड़ा। साथी मजदूर उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर होने पर गोबरा नवापारा रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही किशोर की मौत हो गई। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि करोड़ों रुपये के निर्माण कार्य में आखिर एक नाबालिग मजदूर कैसे काम कर रहा था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर मजदूरों की सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं का भारी अभाव था। ग्रामीणों के मुताबिक, मजदूरों के लिए न तो पर्याप्त पीने के पानी की व्यवस्था थी, न प्राथमिक उपचार की सुविधा और न ही सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे।

आरोप है कि काम जल्दी पूरा करने के दबाव में मजदूरों को भीषण गर्मी में लगातार काम कराया जा रहा था। घटना के बाद क्षेत्र में ठेकेदार और निर्माण एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। फिलहाल गोबरा नवापारा पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

शादीशुदा प्रेमी जोड़े ने खाया जहर, महिला की मौत, युवक की हालत गंभीर; अफेयर खुलासा होने के कारण आत्महत्या की आशंका

(सीजी टॉकिज) :- रायपुर जिले के अभनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पचेड़ा में शादीशुदा प्रेमी जोड़े द्वारा जहर सेवन करने का मामला सामने आया है। घटना में महिला की मौत हो गई, जबकि युवक की हालत गंभीर बनी हुई है। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान शारदा भारती (38 वर्ष) के रूप में हुई है, जबकि गंभीर रूप से घायल युवक की पहचान शिव कुमार कुर्रे (45 वर्ष) के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि दोनों शादीशुदा थे और लंबे समय से उनके बीच प्रेम संबंध चल रहा था। दोनों ने गांव के पास जहरीला पदार्थ सेवन किया। हालत बिगड़ने पर आसपास के लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। वहीं पुरुष की हालत गंभीर बनी हुई है।

घटना के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों के मुताबिक दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। आशंका है कि संबंधों के खुलासे के बाद दोनों मानसिक तनाव में थे। हालांकि आत्मघाती कदम उठाने की असली वजह क्या थी, इसका खुलासा अभी नहीं हो सका है। मौके पर पहुंची अभनपुर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।