(सीजी टॉकिज) नवापारा :- रायपुर जिले के गोबरा नवापारा में एक व्यापारी के कथित अपहरण, बंदूक की नोक पर 10 लाख रुपये की उगाही, मारपीट और जान से मारने की धमकी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित व्यापारी ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आवेदन के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता गोबरा नवापारा निवासी मयंक छल्लानी, ने आरोप लगाया है कि 20 जुलाई 2026 की शाम करीब 7 बजे वह अपने कर्मचारी महेश कंसारी के साथ स्कूटी से घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में गुलजार खान और उसके एक साथी ने उनकी स्कूटी रोक ली। आरोप है कि पहले कर्मचारी से विवाद किया गया, फिर बंदूक दिखाकर मयंक को जबरन अपने साथ ले जाया गया।
बेरहमी से की मारपीट का आरोप
पीड़ित के आवेदन के अनुसार, आरोपी उन्हें तर्री कुबेर कैंटीन के बेसमेंट में ले गए, जहां उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। आरोप है कि बंदूक के पिछले हिस्से से कान के पास वार किया गया, 15 से 20 थप्पड़ मारे गए और 10 लाख रुपये की मांग करते हुए घटना का वीडियो भी बनाया गया। पीड़ित का कहना है कि घटना से वहां मौजूद कुछ युवक भी घबराकर भाग गए।
मयंक ने बताया कि डर के कारण पीड़ित ने अपने परिचित से फोन पर संपर्क कर पैसों की व्यवस्था करवाई। आरोप है कि इस दौरान उनके पर्स से करीब 1500 रुपये भी निकाल लिए गए। इतना ही नहीं, साक्ष्य मिटाने की नीयत से खून से सने कपड़े उतरवाकर नाले में फेंक दिए गए और नई शर्ट पहनाई गई।
बच्चों को मारने की धमकी का आरोप
प्रार्थी का आरोप है कि रुपये मिलने के बाद उनसे जबरन एक वीडियो बनवाया गया, जिसमें यह कहलवाया गया कि यह आपसी लेन-देन का मामला है। साथ ही आरोपियों ने पुलिस में शिकायत करने पर उनके बच्चों की हत्या कर शव थाने के सामने फेंकने की धमकी भी दी।
पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया है कि उनकी नाक की हड्डी टूटने, कान का पर्दा फटने और आंखों से देखने में दिक्कत होने जैसी गंभीर चोटें आई हैं। भय और शारीरिक पीड़ा के कारण उन्होंने घटना के दो दिन बाद 22 जुलाई को लिखित शिकायत दर्ज कराई। मयंक छल्लानी ने पुलिस से उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी करने और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत FIRदर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
गोबरा नवापारा थाना प्रभारी जे.के. दुबे ने बताया कि व्यापारी द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ.तेजेंद्र साहू ने कहा कि संजीवनी 108 वाहन में बेसिक लाइफ सपोर्ट ऑक्सीजन, स्ट्रेचर, बेसिक दवाएं,बीपी.मॉनिटर, पल्स ऑक्सीमीटर, ग्लूकोमीटर, नेबुलाइजर, ऑक्सीजन और अन्य जीवनरक्षक उपकरण, तीन नर्सिंग स्टाफ, तीन वाहन चालक है 24 घंटा के लिए उपलब्ध रहेगी। 



जानकारी के अनुसार, इंदिरा मार्केट निवासी प्रदीप कश्यप (लगभग 35 वर्ष) शनिवार दोपहर करीब 2.45 बजे अपनी पत्नी मंगला कश्यप और एक मासूम बच्चे के साथ महानदी के नेहरू घाट के पास नहाने पहुंचे थे। प्रदीप नदी में स्नान कर रहे थे, जबकि उनकी पत्नी घाट पर कपड़े धो रही थीं। इसी दौरान नदी में नहा रहे दो अन्य मासूम बच्चे अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। बच्चों को बचाने के लिए प्रदीप कश्यप और एक अन्य युवक बिना देर किए नदी में कूद पड़े। दोनों ने जान जोखिम में डालकर बच्चों तक पहुंचने का प्रयास किया।
घटना की जानकारी मिलते ही नगर पालिका अध्यक्ष ओम कुमारी साहू भी नेहरू घाट पहुंचीं। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और हरसंभव प्रशासनिक सहायता का भरोसा दिलाया। इस दौरान पुलिस, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में नगरवासी घटनास्थल पर मौजूद रहे।


यहां जीत सिंग के निवास पर दोपहर भोज के पश्चात पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने राज्य सरकार की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े किए। महंगाई, किसानों की बदहाल स्थिति, बढ़ते अपराध और अवैध रेत उत्खनन जैसे मुद्दों पर उन्होंने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रदेश में जनता हर मोर्चे पर परेशान है, लेकिन सरकार सिर्फ दावे और प्रचार में व्यस्त है।
भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा सरकार जनता के मूलभूत मुद्दों से पूरी तरह भटक चुकी है। महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की परेशानियां और कानून-व्यवस्था जैसे गंभीर विषयों पर सरकार की चुप्पी उसकी विफलता को उजागर करती है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता सब देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।



