राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत 10 वर्ष की आयु में लगाए जाने वाले टीडी (ज्मजंदने – क्पचीजीमतपं) टीके की लगातार अनुपलब्धता को लेकर गोबरा नवापारा निवासी मयूर मनियार ने नवापारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर पूरे मामले की जांच एवं जवाबदेही तय करने की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनकी 11 वर्षीय पुत्री दिव्यल मनियार को निर्धारित आयु में लगाया जाने वाला टीडी टीका अब तक नहीं लग पाया है। परिवार पिछले लगभग एक वर्ष से प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच रहा है, लेकिन हर बार यह कहकर वापस भेज दिया जाता है कि टीडी वैक्सीन उपलब्ध नहीं है तथा टीका लगवाने के लिए राजिम शासकीय अस्पताल जाने की सलाह दी जाती है।
7 जुलाई को भी लौटना पड़ा खाली हाथ
शिकायत के अनुसार, 7 जुलाई 2026 को सुबह लगभग 11.50 बजे शिकायतकर्ता की पत्नी अपनी पुत्री को टीका लगवाने फिर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचीं, लेकिन इस बार भी वही कारण बताते हुए वापस भेज दिया गया कि टीडी वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।
बच्चों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर चिंता
शिकायत में कहा गया है कि टीडी वैक्सीन केवल बच्चों के लिए ही नहीं बल्कि गर्भवती महिलाओं के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण एवं अनिवार्य टीका है। ऐसे में यदि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय तक इसकी उपलब्धता नहीं रहती है तो यह गंभीर चिंता का विषय है और स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करता है।
स्वास्थ्य विभाग से मांगे पांच महत्वपूर्ण जवाब
शिकायतकर्ता ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी से टीडी वैक्सीन उपलब्धा, आपूर्ति और अन्य बिन्दुओं पर जानकारी मांगी है। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा सभी बिंदुओं पर लिखित रूप से जवाब उपलब्ध कराने की मांग की है।
क्या बोले प्रभारी चिकित्सा अधिकारी
इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवापारा के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. तेजेंद्र साहू ने शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में टीडी वैक्सीन उपलब्ध है। यदि कभी स्टॉक समाप्त भी हो जाता है तो तत्काल ब्लॉक कार्यालय अथवा जिला कार्यालय को सूचना देकर वैक्सीन मंगवा ली जाती है। अस्पताल में टीकाकरण व्यवस्था नियमित रूप से संचालित की जा रही है।



यहां जीत सिंग के निवास पर दोपहर भोज के पश्चात पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने राज्य सरकार की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े किए। महंगाई, किसानों की बदहाल स्थिति, बढ़ते अपराध और अवैध रेत उत्खनन जैसे मुद्दों पर उन्होंने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रदेश में जनता हर मोर्चे पर परेशान है, लेकिन सरकार सिर्फ दावे और प्रचार में व्यस्त है।
भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा सरकार जनता के मूलभूत मुद्दों से पूरी तरह भटक चुकी है। महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की परेशानियां और कानून-व्यवस्था जैसे गंभीर विषयों पर सरकार की चुप्पी उसकी विफलता को उजागर करती है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता सब देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।


आयोजन के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने नगर के विभिन्न क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान चलाकर स्थानीय दुकानदारों एवं आम नागरिकों से संवाद किया। इस दौरान मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों, विकास कार्यों और जनहितकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए ‘‘विकास और विश्वास’’ के विषय पर चर्चा की गई। कार्यकर्ताओं ने बताया कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है तथा देश आज विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
कार्यक्रम में क्षेत्र के विधायक इंद्र कुमार साहू, मंडल अध्यक्ष नागेंद्र वर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष ओमकुमारी संजय साहू, महिला मोर्चा अध्यक्ष धनमती साहू, नगर पालिका उपाध्यक्ष भूपेंद्र सोनी, महामंत्री सिंटू जैन, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य योगिता सिन्हा एवं तनु मिश्रा, जिला पदाधिकारी अन्नपूर्णा देवांगन, धीरज साहू, मुकुंद मेश्राम, संजय साहू, इंद्रजीत ठाकुर, देवेंद्र सेन, युवा मोर्चा अध्यक्ष अंकित मेघवानी, उपाध्यक्ष राजू रजक, अनुज राजपूत, साधना सौरज, हर्ष कंसारी, उमा कंसारी, प्रभा बासवार, सरोज साहू, संतोषी कंसारी, नंदनी साहू, गीता राजपूत, सचिन सचदेव, डिगेश साहू, युवराज यादव, राहुल साहू, दुकाल्हिन साहू, तिजिया साहू, जानकी साहू सहित बड़ी संख्या में भाजपा के अनेक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित थे।


ग्राम सेमरा में लगभग 2.5 एकड़ शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा किए जाने की शिकायत लंबे समय से मिल रही थी। जांच में सामने आया कि संबंधित व्यक्ति द्वारा सरकारी भूमि को अपने निजी खेत में शामिल कर चारों ओर बाउंड्रीवाल खड़ी कर दी गई थी और उसे बेचने की तैयारी भी चल रही थी।
ज्ञापन में अवैध रेत परिवहन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। नागरिकों ने बताया कि प्रतिबंध के बावजूद दूसरे जिलों से भारी रेत वाहन दिन-रात नगर क्षेत्र से गुजर रहे हैं। इससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है तथा कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। प्रशासन से ऐसे वाहनों पर सख्त कार्रवाई करने और प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की गई।


