घड़े-बाल्टी लेकर हाईवे जाम: पानी संकट पर महिलाओं का फूटा गुस्सा, प्रशासन के आश्वासन के बाद खुला जाम

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले के पाण्डुका क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत पोंड में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट ने विकराल रूप ले लिया है। वर्षों से पानी की समस्या झेल रहे ग्रामीणों का सब्र आखिरकार टूट गया और डोंगरीपारा की सैकड़ों महिलाएं सड़क पर उतर आईं। महिलाओं ने घरों से बाल्टी, घड़े और बर्तन लेकर नेशनल हाईवे पर करीब एक घंटे तक चक्काजाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि ग्राम पंचायत पोंड और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग हर साल पानी संकट का स्थायी समाधान करने के दावे करते हैं, लेकिन स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। लोगों का कहना है कि “आज-कल समस्या हल होगी” कहकर केवल आश्वासन दिया जाता रहा, जबकि गांव में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है।

प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र किया जाएगा। महिलाओं ने बताया कि डोंगरीपारा में दर्जनों बोर खनन कराए गए, लेकिन एक भी सफल नहीं हुआ। वहीं लाखों रुपए की लागत से बनी पानी टंकी भी सूखी पड़ी है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को सुझाव देते हुए कहा कि कुकदा डैम से पाइपलाइन के जरिए पानी की व्यवस्था की जाए, तभी क्षेत्र की गंभीर जल समस्या का समाधान संभव है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि जल संसाधन विभाग द्वारा कुछ समय पहले निस्तारी के लिए पानी छोड़ा गया था, लेकिन वह कई गांवों के तालाबों तक पहुंच ही नहीं पाया और हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह गया।

चक्काजाम की सूचना मिलते ही जिला पंचायत सीईओ और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि गांव में तत्काल तीन नए बोर खनन की अनुमति दी गई है। इसके बाद करीब एक घंटे बाद महिलाओं ने आंदोलन समाप्त कर सड़क से जाम हटाया।

इधर, छुरा जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष कुलेश्वर सोनवानी ने भी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि “मैं खुद सत्ताधारी दल का जनप्रतिनिधि हूं, लेकिन अधिकारी हमारी तक नहीं सुन रहे हैं। कई बार जल संसाधन विभाग से पानी छोड़ने की मांग की गई, लेकिन आज तक कई गांवों के तालाबों तक पानी नहीं पहुंचा। जब जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुनी जा रही, तो आम जनता की समस्या कौन सुनेगा?” उन्होंने लापरवाह अधिकारियों को हटाकर संवेदनशील अधिकारियों की नियुक्ति की मांग की।

सुशासन तिहार में बच्चों से कराई गई व्यवस्था, आयोजन पर उठे सवाल

(सीजी टॉकीज) गरियाबंद : सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘सुशासन तिहार’ में ही व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले के ग्राम पोखरा में आयोजित समाधान शिविर के दौरान मुख्य मंच के सामने नाबालिग बच्चे नाश्ता और शरबत परोसते नजर आए।

कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री, विधायक, कलेक्टर सहित कई अधिकारी मौजूद थे, लेकिन बच्चों से कराए जा रहे काम पर किसी का ध्यान नहीं गया।

सुशासन तिहार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का समाधान करना और शासन की योजनाओं को जनता तक पहुंचाना बताया जाता है। लेकिन जिस आयोजन में समस्याओं के समाधान का दावा किया जा रहा था, वहीं बच्चों से काम कराए जाने की तस्वीरें सामने आने के बाद व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन बच्चों के हाथों में पढ़ाई और भविष्य की जिम्मेदारी होनी चाहिए, उन्हें आयोजन की व्यवस्थाओं में लगा दिया गया। मंच के सामने बच्चे लगातार अतिथियों और लोगों को शरबत व नाश्ता परोसते दिखाई दिए। इससे कार्यक्रम की तैयारियों और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

लोगों का कहना है कि प्रशासन अक्सर नियमों और जिम्मेदारियों की बात करता है, लेकिन सरकारी आयोजन में ही बच्चों से काम कराया जाना सुशासन के दावों की पोल खोलता नजर आया। अब चर्चा इस बात की है कि क्या इस मामले में जिम्मेदार अधिकारी कोई संज्ञान लेते हैं या मामला केवल चर्चा तक सीमित रह जाएगा।

सीएमओ कक्ष में घमासान! अकाउंटेंट-सब इंजीनियर में मारपीट, वेतन विवाद पर जमकर चले लात-घूंसे, VIDEO वायरल

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले के देवभोग नगर पंचायत में वेतन भुगतान को लेकर नगर पंचायत कार्यालय के भीतर जमकर बवाल हो गया। सीएमओ कक्ष में अकाउंटेंट और सब इंजीनियर के बीच हुई मारपीट हुई। जिसका सीसीटीवी वीडियो सामने आया है। वीडियो वायरल होने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। घटना के बाद कर्मचारी यूनियन में भारी आक्रोश है और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की गई है।

जानकारी के मुताबिक वेतन भुगतान में देरी को लेकर नाराज सब इंजीनियर श्याम सुंदर पटनायक ने नगर पंचायत के अकाउंटेंट संदीप चंद्राकर को सीएमओ कक्ष में बुलाया था। आरोप है कि बातचीत के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि इंजीनियर के साथ आए तीन बाहरी सहयोगियों ने अकाउंटेंट के साथ मारपीट शुरू कर दी।

पूरी घटना कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में अकाउंटेंट के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट साफ दिखाई दे रही है। घटना के बाद आरोपी बताए जा रहे तीनों लोग कार में बैठकर मौके से फरार हो गए। इसके बाद दोनों पक्ष देवभोग थाने पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

नगर पंचायत के सीएमओ दुष्यंत कुमार ने भी थाने पहुंचकर बयान दिया है। उन्होंने कार्यालय के भीतर बाहरी लोगों द्वारा मारपीट को गंभीर और अनुचित बताया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वायरल सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएंगी।

इधर घटना को लेकर कर्मचारी यूनियन में भारी नाराजगी है। यूनियन के सदस्य बड़ी संख्या में देवभोग थाने पहुंचे और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और धरना प्रदर्शन किया जाएगा। नगर पंचायत कर्मचारियों ने भी निकाय कार्यालय में इस तरह की घटना को गंभीर बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और बाहरी हस्तक्षेप रोकने की मांग की है।

टेंगनाबासा पंचायत में सचिव पर लगे गंभीर आरोप, एक साल से शिकायतें, फिर भी कार्रवाई नहीं; पंचायत में बढ़ा आक्रोश

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले के छुरा ब्लॉक अंतर्गत टेंगनाबासा ग्राम पंचायत में पंचायत सचिव को लेकर विवाद अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। सचिव सरोज कुमार ठाकुर पर पंचायत निधि में आर्थिक अनियमितता, आय-व्यय की जानकारी छिपाने और पंचायत राशि दूसरे व्यक्तियों के खातों में ट्रांसफर करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। मामले को लेकर उपसरपंच और पंचों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत के उपसरपंच रेखचंद साहू सहित 9 पंचों ने जनपद पंचायत छुरा, जिला पंचायत गरियाबंद, कलेक्टर जनदर्शन और राजिम विधायक तक लिखित शिकायत सौंपकर सचिव को तत्काल हटाने तथा पूरे वित्तीय लेन-देन की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पंचायत बैठकों में सचिव द्वारा कभी भी आय-व्यय का स्पष्ट हिसाब प्रस्तुत नहीं किया जाता। पंचायत प्रतिनिधियों को वित्तीय जानकारी से दूर रखा जा रहा है, जिससे लगातार संदेह और असंतोष की स्थिति बनी हुई है।

मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब पंचायत राशि कथित रूप से अन्य लोगों के खातों में ट्रांसफर किए जाने का आरोप सामने आया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत निधि वास्तव में दूसरे खातों में जमा की गई है तो यह बेहद गंभीर वित्तीय गड़बड़ी है और इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।

सूत्रों के मुताबिक पंचायत प्रतिनिधि पिछले एक वर्ष से लगातार शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। पंचायत के रिकॉर्ड और खर्चों में पारदर्शिता नहीं होने के कारण मामला लगातार गरमाता जा रहा है।

नियमानुसार होगी कार्रवाई-CEO

इस पूरे मामले पर जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर ने कहा है कि शिकायत की जानकारी मिली है। मैं स्वयं आवेदन को देखूंगा। प्रथम दृष्टया तथ्य पाए जाने पर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अब पूरे मामले में प्रशासनिक जांच पर सबकी निगाहें टिकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निष्पक्ष जांच होने पर पंचायत निधि और खर्चों से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

कमार परिवार को तत्काल राहत: राशन कार्ड से लेकर आवास सर्वे तक शुरू, सोशल मीडिया में खबर वायरल होते ही प्रशासन ने लिया संज्ञान

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिला में सोशल मीडिया पर एक विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) कमार परिवार की दयनीय स्थिति की खबर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राहत पहुंचानी शुरू कर दी है। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर परिवार को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

जिला प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार संबंधित कमार परिवार लंबे समय से उड़ीसा राज्य में निवासरत था और हाल ही में मैनपुर ब्लॉक क्षेत्र में वापस लौटा है। इसी कारण परिवार का नाम वर्ष 2011 और 2018 के प्रधानमंत्री आवास योजना सर्वे में शामिल नहीं हो पाया था। वहीं वर्ष 2024 के नवीन सर्वेक्षण के दौरान भी परिवार गांव में मौजूद नहीं मिला था।

प्रशासन ने बताया कि परिवार के वापस लौटने की जानकारी मिलते ही तत्काल कार्रवाई करते हुए उनका राशन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनवाया गया है। साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर अस्थायी रहने की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा परिवार का पीएम-जनमन योजना के तहत सर्वे शुरू कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि पात्रता के आधार पर आगामी तीन माह के भीतर परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

सीईओ ने बताया कि शासन की मंशा है कि कोई भी पात्र परिवार योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। जिले में शेष पात्र हितग्राहियों की सूची तैयार कर भारत सरकार से स्वीकृति की प्रक्रिया भी जारी है।

जानिए पूरा मामला

दरअसल, गरियाबंद जिले के देवभोग जनपद क्षेत्र अंतर्गत माडागांव में 8 मई को सुशासन तिहार शिविर लगाया गया। यहां ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान पवन सिंह और उनकी पत्नी सुकदी बाई भी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। दंपती देवभोग विकासखंड के बरही गांव का रहने वाला है।

अधिकारी के सामने दंडवत हुए

शिविर में पति-पत्नी जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर के सामने दंडवत प्रणाम करते हुए लेट गए और अधिकारी से खुद के लिए प्रधानमंत्री आवास के तहत घर दिलाने और राशन कार्ड की मांग की। दंपती का कहना था कि वे लंबे समय से आवास योजना का लाभ पाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें पक्का मकान नहीं मिला है।

अपनी परेशानी बताते हुए दंपती ने सीईओ के पैरों में गिर पड़े और जल्द से जल्द आवास दिलाने की गुहार लगाने लगे। वहीं कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने परिवार की बात सुनी और जांच के बाद नियम के अनुसार कार्रवाई करने और मदद का भरोसा दिया।

संवाद से सुलझा विवाद: पटवारी संघ ने खत्म किया विरोध, जनता के काम में नहीं आएगी रुकावट

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले में सुशासन तिहार के दौरान उत्पन्न हुए विवाद के बाद राजस्व पटवारी संघ और राजिम विधायक रोहित साहू के बीच सौहार्दपूर्ण चर्चा के बाद मामला शांत हो गया है। पटवारी संघ ने बहिष्कार समाप्त करते हुए भविष्य में बेहतर समन्वय और संवाद के साथ कार्य करने की सहमति जताई है।

जानकारी के अनुसार, शिविर के दौरान हुई एक टिप्पणी को लेकर पटवारी संघ में नाराजगी उत्पन्न हो गई थी, जिसके विरोध स्वरूप संघ ने शिविर का बहिष्कार कर दिया था। मामले को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई थी। विवाद को बढ़ने से रोकने के लिए विधायक रोहित साहू ने मीडिया के माध्यम से खेद व्यक्त करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी अधिकारी या कर्मचारी का अपमान करना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान करना है। विधायक की इस पहल के बाद राजस्व पटवारी संघ जिला गरियाबंद का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलने पहुंचा।

बैठक के दौरान संघ के प्रतिनिधियों ने अतिरिक्त हल्कों का भार, सीमित संसाधनों में कार्य करने की कठिनाइयों और ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व कार्यों के दबाव जैसी समस्याओं को विस्तार से रखा। विधायक ने सभी बातों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि राजस्व विभाग शासन और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी है तथा पटवारियों की भूमिका ग्रामीण क्षेत्रों में अत्यंत अहम है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद सबसे प्रभावी माध्यम है और किसी भी गलतफहमी को बातचीत के जरिए दूर किया जा सकता है। साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों से जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की अपील की। बैठक के बाद पटवारी संघ ने बहिष्कार समाप्त करने की घोषणा की और कहा कि शासन की योजनाओं तथा राजस्व संबंधी कार्यों को आम जनता तक सुचारु रूप से पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

मुलाकात के दौरान राजस्व पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष गुलशन यदु, उपाध्यक्ष आशीष चतुर्वेदी, सचिव लव कुमार साहू, तहसील अध्यक्ष नरेंद्र साहू, अभिषेक चतुर्वेदी, मनीष पारकर, झामन यादव एवं राजेश माण्डले सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद थे।

देवभोग में तंबाकू पर बड़ी कार्रवाई, 68 चालान काटकर वसूला जुर्माना

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले के देवभोग विकासखण्ड में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग तथा पुलिस विभाग की संयुक्त प्रवर्तन टीम ने तंबाकू नियंत्रण को लेकर सघन अभियान चलाया। इस दौरान शैक्षणिक संस्थानों के पास तथा विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर की गई जांच में कोटपा एक्ट-2003 (सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम 2003) के तहत कुल 68 प्रकरणों में चालानी कार्रवाई करते हुए 3 हजार का जुर्माना वसूल किया गया।

कार्यवाही के दौरान औषधि निरीक्षक धरमवीर सिंह धु्रव ने स्कूलों के 100 गज दायरे में तंबाकू उत्पाद की बिक्री पर रोक, नाबालिगों को तंबाकू न बेचने और सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंध के संबंध में संचालकों को निर्देश दिए। दुकानदारों को माचिस, लाइटर, ऐश ट्रे या कोई भी ऐसा सामान जो धूम्रपान को प्रोत्साहित करता है, उसे काउंटर पर उपलब्ध न कराएं। साथ ही धूम्रपान निषेध संबंधी बोर्ड अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने को कहा।

इस दौरान रोशनी राजपूत ने किराना दुकानों, होटलों एवं फल दुकानों का निरीक्षण किया तथा होटलों में खाद्य सामग्री के लिए अखबार का उपयोग बंद करने के निर्देश दिए। इसी दौरान औषधि निरीक्षक धु्रव द्वारा देवमाता निजी अस्पताल की फार्मेसी का औचक निरीक्षण किया गया। जिसमें दवाओं की खरीद-बिक्री, भंडारण एवं दवाओं की जांच की गई।

इस दौरान देवभोग के नागरिकों को नशा मुक्त रहने, नशे से होने वाले नुकसान और तंबाकू से दूरी बनाने के लिए जागरूक किया गया। इसके अलावा नागरिको कोे नशा न करने तथा इसके विरोध करने की शपथ भी दिलाई गई।

गरियाबंद के जंगल में मिली सड़ी-गली लाश, 15-20 दिन पुराना बताया जा रहा शव, पहचान मिटने से उलझा रहस्य

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले में उस वक्त सनसनी फैल गई जब कोड़ोहरदी मोड़ के पास जंगल में एक अज्ञात बुजुर्ग की संदिग्ध हालत में लाश मिली। शव की हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि उसकी पहचान कर पाना मुश्किल हो गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और तरह-तरह की चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।

जानकारी के मुताबिक जिला मुख्यालय से करीब 5 किलोमीटर दूर डोंगरीगांव बीट के कक्ष क्रमांक 563 में मेन रोड 130सी से लगभग 100 मीटर अंदर जंगल में शव पड़ा मिला। सूचना मिलते ही गरियाबंद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

प्रारंभिक जांच में शव करीब 15 से 20 दिन पुराना बताया जा रहा है। शव पूरी तरह सड़-गल चुका है, जिससे मृतक की पहचान अब तक नहीं हो पाई है। मृतक की उम्र लगभग 60 से 65 वर्ष के बीच बताई जा रही है।

मौके से एक टी-शर्ट और लुंगी बरामद हुई है। टी-शर्ट पर “पीपल कॉल ममी पापा” लिखा हुआ बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा टीम आसपास के थानों में गुम इंसानों की रिपोर्ट खंगाली जा रही है और आसपास के लोगों से पूछताछ कर मामले की जांच की जा रही है।

गरियाबंद में दर्दनाक हादसा: 11 केवी तार की चपेट में आने से बाइक समेत जिंदा जला युवक

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले के दशपुर बांध के पास शुक्रवार सुबह दर्दनाक हादसे में एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि युवक और उसकी बाइक दोनों आग की चपेट में आ गए।

मृतक की पहचान यशवंत कुमार ध्रुव (37) निवासी दसपुर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि यशवंत तेंदूपत्ता लेकर जंगल से लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में खंभे से टूटकर नीचे झूल रहा 11 केवी बिजली तार उसकी गर्दन में उलझ गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तार गले में फंसते ही तेज करंट दौड़ गया और कुछ ही सेकेंड में आग की लपटें उठने लगीं। युवक बाइक समेत सड़क पर गिर पड़ा। करंट इतना तेज था कि लोग तुरंत उसके पास नहीं जा सके। देखते ही देखते बाइक जलकर खाक हो गई और युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना पर सिटी कोतवाली पुलिस और बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची। बिजली सप्लाई बंद कर शव को कब्जे में लिया गया। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

देवभोग में हिली धरती, उड़ीसा में दिखा भयावह मंजर, भूकंप से जनजीवन अस्त व्यस्त 

देवभोग में हिली धरती, उड़ीसा में दिखा भयावह मंजर, भूकंप से जनजीवन अस्त व्यस्त 

(सीजी टॉकीज)गरियाबंद:  देवभोग इलाके में तेज आवाज के साथ हुई भूमि कम्पन से सहमें लोग ।7.42 बजे 3 सेकेंड के लिए महसूस किया गया कंपन,पड़ोसी राज्य ओडिसा में भी तीव्रता का असर ज्यादा था।

देवभोग क्षेत्र में देर शाम से मौसम का मिजाज बदला हुआ था।बारिश के बाद बिजली आसमान में चमक रहे थे।लेकिन इसी बीच 7:42 बजे लगभग 3 सेकेंड के लिय इलाके भर में झटका महसूस किया गया।तीव्रता इतनी थी कि जामिन पर रखा हुआ वास्तु का कंपन्न होना देखा गया।किसी धमाके की आवाज के साथ हुई कम्पन से इलाके भर के लोग सहम गए हैं।स्थानीय सोशल मीडिया में संभावित भूगर्भीय घटना की चर्चा ने जोर पकड़ लिया है।देवभोग के अलावा अमलीदर तहसील क्षेत्र में भी इस कंपन को महसूस किया गया है।हालांकि इस घटना से अब तक कोई हताहत या नुकसान की सूचना नहीं आई है।

तहसीलदार अजय चंद्रवंशी ने कहा कि दूरभाष के माध्यम से तहसील भर में कंपन्न की सूचना मिली है।विधिवत इसे उच्च अधिकारियों को अवगत करा कर मामले को भूगर्भ विशेषज्ञों तक पहुंचा कर इसका अध्ययन कराया जायेगा।