पांडुका–जतमई मुख्य मार्ग पर दिखा जंगली भालू, लोगो में दहशत

(सीजी टॉकीज) पाण्डुका: गरियाबंद जिले के राजिम क्षेत्र अंतर्गत पांडुका–जतमई मुख्य मार्ग पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ग्राम तौरेंगा के पास अचानक एक जंगली भालू सड़क पर दिखाई दिया। भालू को देखते ही मार्ग से गुजर रहे राहगीरों की लंबी कतार लग गई और लोग दहशत में आ गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जंगली भालू कुछ देर तक सड़क के किनारे नजर आया। इस दौरान कई लोग अपने वाहनों को रोककर भालू को देखने लगे। हालांकि, राहगीरों की भीड़ और हलचल को देखकर भालू अचानक सड़क पार करते हुए तेजी से जंगल की ओर भाग गया और देखते ही देखते घने जंगल में ओझल हो गया।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही पांडुका वन परिक्षेत्र की टीम सतर्क हो गई है और क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि जंगली जानवरों से दूरी बनाए रखें, उन्हें उकसाने या पास जाने की कोशिश न करें, और किसी भी प्रकार की सूचना तुरंत विभाग को दें।

फिलहाल इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।

गरियाबंद में अवैध रेत उत्खनन पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, 3 चैन माउंटेन मशीन और 1 हाईवा वाहन जब्त

नीरज शर्मा गरियाबंद : जिले के ग्राम बरोंडा एवं आसपास के क्षेत्रों में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ माइनिंग विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने देर रात दबिश देकर मौके पर पहुंचकर अवैध खनन में लगी मशीनों और वाहनों को जब्त किया।

कार्रवाई के दौरान मौके से 3 चैन माउंटेन मशीन और 1 हाईवा वाहन जब्त किया गया। विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि क्षेत्र में अवैध रेत खनन धड़ल्ले से जारी है।

बताया जा रहा है कि गरियाबंद जिले की रेत को धमतरी मार्ग के जरिए रेत माफिया राजधानी रायपुर और आसपास के इलाकों में खपा रहे थे। इसी के मद्देनजर माइनिंग विभाग ने यह सख्त कार्रवाई की।

जब्त किए गए सभी वाहन और मशीनों को पाण्डुका थाना एवं राजिम थाना के सुपुर्द कर दिया गया है। पूरी कार्रवाई माइनिंग अधिकारी अर्चना ठाकुर के नेतृत्व में की गई।

प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खनन में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है। अब देखना होगा कि आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहती है या फिर अवैध उत्खनन का सिलसिला फिर से शुरू होता है।