चौबेबांधा स्थित पैरी नदी में अवैध रेत उत्खनन: खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग ने मारा छापा, चैन माउंटेन मशीन जब्त

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। कलेक्टर बीएस उइके के निर्देश पर राजिम तहसील अंतर्गत ग्राम चौबेबांधा स्थित पैरी नदी क्षेत्र में खनिज विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध उत्खनन में लगी एक चैन माउंटेन मशीन जब्त की है।

जानकारी के अनुसार, पैरी नदी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायत के बाद 20 मई 2026 को संयुक्त टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर जांच की गई। जांच के दौरान नदी क्षेत्र में अवैध उत्खनन करते हुए एक चैन माउंटेन मशीन पाई गई। संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मशीन को जब्त कर लिया। जब्त वाहन को सुरक्षा की दृष्टि से थाना पांडुका की अभिरक्षा में रखा गया है।

प्रशासन ने बताया कि अवैध उत्खनन में शामिल वाहन संचालकों के खिलाफ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 तथा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए टास्क फोर्स समिति लगातार निगरानी रख रही है और आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

जंगली सुअर का शिकार, 2 शिकारी गिरफ्तार, 4 फरार; मौके से पिकअप वाहन और हथियार जब्त

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले के आरक्षित वन क्षेत्र में वन्यप्राणी के अवैध शिकार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वन विभाग की टीम ने वनगश्त के दौरान 6 शिकारीयों को जंगली सुअर का शिकार करते रंगे हाथों पकड़ लिया। हालांकि मौके का फायदा उठाकर 4 आरोपी फरार हो गए, जबकि 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्य वन संरक्षक मणिवासगण एस. के नेतृत्व तथा विकास कुमार चंद्राकर एवं वनमंडलाधिकारी गरियाबंद के निर्देशानुसार 22 मई 2026 को सुबह लगभग 9 बजे परिसर रक्षी बासीन की टीम आरक्षित वन टेका क्रमांक 468 एवं 694 में नियमित गश्त पर निकली थी। इसी दौरान सुरक्षा श्रमिकों के साथ पहुंची टीम ने देखा कि 6 आरोपी अपने पालतू कुत्तों की मदद से एक नर जंगली सुअर को घेरकर उसका शिकार कर रहे थे।

बताया जा रहा है कि शिकारी कुत्तों ने जंगली सुअर पर बुरी तरह हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वन अमले ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को दबोच लिया, जबकि चार आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए।

मौके से वन विभाग ने मृत जंगली सुअर का शव, शिकार में प्रयुक्त लाठियां तथा छोटा हाथी पिकअप वाहन क्रमांक सीजी 04 एनएच 0150 जब्त किया। घटनास्थल पर पंचनामा एवं जप्तीनामा तैयार कर पी.ओ.आर. क्रमांक 19346/20 दिनांक 22/05/2026 दर्ज किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

1. भुनेश्वर देवार पिता रमेश देवार, निवासी तर्रा, तहसील राजिम, थाना पाण्डुका, जिला गरियाबंद
2. कृष्णा देवार पिता भूपेन्द्र देवार, निवासी तर्रा, तहसील राजिम, थाना पाण्डुका, जिला गरियाबंद

दोनों आरोपियों को भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39, 50, 51 एवं 52 के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर गरियाबंद जेल भेज दिया गया है। फरार 4 आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। इस पूरी कार्रवाई में वनक्षेत्रपाल फिंगेश्वर बद्रीनाथ ध्रुव, उपवनक्षेत्रपाल नरोत्तम साहू, मनीष कुमार वर्मा, वनरक्षक टोमन लाल साहू तथा सुरक्षा श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

भीषण गर्मी में बिजली कटौती से जनता बेहाल, रात में घंटों गुल रहती है बिजली, ग्रामीणों में भारी आक्रोश, कोपरा विद्युत कार्यालय में शराबखोरी के आरोप

कार्यालय परिसर में मिलीं खाली शराब की बोतलें, कचरे के ढेर में फेंके गए इंसुलेटर

(सीजी टॉकिज) :- भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती से जहां नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के लोग परेशान हैं, वहीं कोपरा स्थित विद्युत वितरण कार्यालय की बदहाल व्यवस्था ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कार्यालय परिसर में शराब की खाली बोतलें, डिस्पोजल, प्लास्टिक कचरा और टूटे-फूटे इंसुलेटर पड़े मिलने से लोगों में भारी नाराजगी है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग के कर्मचारी शाम होते ही शराबखोरी में मस्त हो जाते हैं, जिसका सीधा असर विद्युत व्यवस्था पर पड़ रहा है। रात के समय यदि किसी इलाके की बिजली बंद हो जाए तो शिकायत के बाद भी घंटों तक सप्लाई बहाल नहीं हो पाती। कई बार तो पूरी रात अंधेरे में गुजर जाती है और सुबह तक भी सुधार कार्य पूरा नहीं हो पाता।

भीषण गर्मी में बार-बार बिजली गुल होने से छोटे बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं। लगातार कटौती के कारण इन्वर्टर भी जवाब देने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दिनों लगातार बाधित बिजली आपूर्ति के चलते किसानों की फसलें भी प्रभावित हुई हैं।

कार्यालय परिसर की तस्वीरें विभाग की लापरवाही की पोल खोल रही हैं। परिसर में जगह-जगह शराब की खाली शीशियां, प्लास्टिक बोतलें, सूखे पत्तों का ढेर और बिजली उपकरण बिखरे पड़े दिखाई दे रहे हैं। सरकारी कार्यालय की ऐसी स्थिति को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कार्यालय को “श्मशान और शराबखाना” बना दिया गया है।

सख्त कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कर दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही कार्यालय परिसर की नियमित साफ-सफाई, निर्बाध विद्युत आपूर्ति और कर्मचारियों की ड्यूटी के दौरान निगरानी सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।

आंधी-तूफान के दौरान ही होती बिजली प्रभावित-JE

इस मामले में कोपरा के जेई रविशंकर पटेल ने कहा कि “आंधी-तूफान के दौरान ही बिजली प्रभावित होती है, बाकी समय सप्लाई सामान्य रहती है।” वहीं कार्यालय परिसर में मिली खाली शराब की बोतलों के संबंध में उन्होंने जानकारी नहीं होने की बात कही।

श्री संकल्प मिशन हॉस्पिटल का लाइसेंस निलंबित, जांच में मिली गंभीर अनियमितताएं, गरियाबंद कलेक्टर ने जारी किया आदेश

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले के छुरा स्थित श्री संकल्प छत्तीसगढ़ मिशन हॉस्पिटल पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल का लाइसेंस 30 दिनों के लिए निलंबित कर दिया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेश के बाद स्वास्थ्य महकमे और निजी अस्पतालों में हड़कंप मच गया है। जांच में अस्पताल संचालन में गंभीर अनियमितताएं, बिना अनुमति सेवाओं का संचालन और मरीजों के उपचार रिकॉर्ड में भारी विसंगतियां सामने आने की बात कही गई है।

जानकारी के अनुसार हरदी रोड छुरा स्थित श्री संकल्प छत्तीसगढ़ मिशन हॉस्पिटल को लेकर पूर्व में लगातार शिकायतें और समाचार प्रकाशित हुए थे। एक समाचार में “आदिवासी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा सवाल, नौ दिनों तक चलता रहा झूठा इलाज” शीर्षक से मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया था। इसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय द्वारा जांच टीम गठित कर अस्पताल की जांच कराई गई।

जांच टीम की रिपोर्ट में अस्पताल प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगे।

आदेश में सामने आए ये बड़े बिंदु

  • जांच में पाया गया कि अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन का संचालन बिना आवश्यक पंजीयन एवं बिना अधिकृत डॉक्टर की अनुमति के किया जा रहा था।
  • अस्पताल में बिना स्त्री रोग विशेषज्ञ की वैधानिक अनुमति के 24×7 सामान्य एवं सिजेरियन डिलीवरी कराई जा रही थी।
  • मरीजों के उपचार संबंधी रिकॉर्ड और अस्पताल प्रबंधन द्वारा दिए गए जवाब में गंभीर विसंगतियां मिलीं।
  • जांच टीम ने अस्पताल प्रबंधन का जवाब असंतोषजनक माना।
  • प्रशासन ने माना कि अस्पताल संचालन में नियमों का गंभीर उल्लंघन हुआ है, जिससे मरीजों की जान को खतरा उत्पन्न हो सकता था।
  • छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापना अनुज्ञापन अधिनियम 2010 एवं नियम 2013 के तहत कार्रवाई की गई।
  • जारी आदेश के अनुसार अस्पताल का अनुज्ञा पत्र तत्काल प्रभाव से 30 दिनों के लिए निलंबित किया गया है।

आदेश में कहा गया है कि अस्पताल में संचालित सेवाओं में नियमों का गंभीर उल्लंघन पाया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

गौरतलब है कि श्री संकल्प मिशन हॉस्पिटल को लेकर पहले भी कई बार विवाद और शिकायतें सामने आ चुकी हैं। अब लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

गरियाबंद पुलिस हुई हाईटेक: राजिम से रवाना हुईं डायल-112 की 8 नई गाड़ियां, अब मिनटों में पहुंचेगी पुलिस

विधायक रोहित साहू ने दिखाई हरी झंडी, बोले- “जनता की सुरक्षा अब और मजबूत”

(सीजी टॉकिज) :- विधायक रोहित साहू ने मंगलवार को गरियाबंद जिले की सुरक्षा व्यवस्था को नई ताकत देते हुए डायल-112 की 8 आधुनिक पुलिस वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। राजिम बस स्टैंड में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी के बीच इन हाईटेक वाहनों को जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के लिए रवाना किया गया।

कार्यक्रम में पूर्व सांसद चंदू लाल साहू, पूर्व राजिम विधायक संतोष उपाध्याय, राजिम पालिका अध्यक्ष महेश यादव, गरियाबंद कलेक्टर बी.एस. उइके, पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरेन्द्र पटेल तथा एसडीओपी निशा सिन्हा सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

नई डायल-112 गाड़ियों को थाना गरियाबंद, पाण्डुका, राजिम, फिंगेश्वर, छुरा, मैनपुर, अमलीपदर और देवभोग क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा। पुलिस विभाग के अनुसार इन वाहनों के जुड़ने से आपातकालीन सेवा “इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम” पहले से अधिक तेज और प्रभावी होगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक रोहित साहू ने कहा कि आधुनिक डायल-112 वाहनों के शामिल होने से जिले की कानून व्यवस्था और मजबूत होगी। अब किसी भी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच सकेगी। उन्होंने कहा कि जिले के आठ थाना क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी और पुलिस पेट्रोलिंग और अधिक सक्रिय रहेगी।

बताया गया कि सभी वाहन जीपीएस सिस्टम और आधुनिक संचार उपकरणों से लैस हैं। कंट्रोल रूम से सीधे सबसे नजदीकी वाहन को लोकेशन भेजी जाएगी, जिससे पीड़ितों को तत्काल सहायता मिल सकेगी। इससे सड़क दुर्घटना, अपराध, घरेलू हिंसा, आगजनी और अन्य आपात स्थितियों में पुलिस की प्रतिक्रिया समय में बड़ा सुधार आएगा।

कलेक्टर बी.एस. उइके और एसपी नीरज चंद्राकर ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी आपात स्थिति में बिना घबराए तुरंत 112 नंबर डायल करें। गरियाबंद पुलिस हर परिस्थिति में जनता की सुरक्षा और सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

नई डायल-112 गाड़ियों के सड़क पर उतरते ही जिले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों में भरोसा और उत्साह बढ़ गया है। अब शहर से लेकर दूरस्थ ग्रामीण इलाकों तक पुलिस की पहुंच और भी तेज हो जाएगी।

गरियाबंद में बड़ा बवाल : टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक पर हमला, ग्रामीणों ने वन अमले से की धक्का-मुक्की

गरियाबंद में बड़ा बवाल : टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक पर हमला, ग्रामीणों ने वन अमले से की धक्का-मुक्की

(सीजी टॉकीज)गरियाबंद: जिले में उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने और कार्रवाई करने पहुंची वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों की भीड़ ने हमला कर दिया। घटना में टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक सहित कई वनकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की गई और कर्मचारियों की वर्दी तक फाड़ दी गई।

मिली जानकारी के अनुसार, वन विभाग की टीम जैतपुरी गांव में करीब 250 एकड़ भूमि पर हुए अतिक्रमण के मामले में कार्रवाई करने पहुंची थी। इस दौरान अतिक्रमणकारियों की गिरफ्तारी के लिए गई टीम ने 4 से 5 लोगों को हिरासत में भी लिया। कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और वन विभाग की टीम को घेर लिया।

बताया जा रहा है कि विवाद इतना बढ़ गया कि ग्रामीणों ने उपनिदेशक के कपड़े तक फाड़ दिए और वन अमले के साथ जमकर धक्का-मुक्की की। घटना में कई कर्मचारियों की वर्दी भी फट गई।

घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक ने कहा है कि पूरे मामले में जल्द ही एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

वन विभाग की टीम पर हमले की इस घटना के बाद प्रशासन और पुलिस विभाग भी सतर्क हो गया है। इलाके में स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

जतमई मंदिर मोड़ पर दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार बाइक सरकारी भवन से टकराई, एक युवक की मौके पर मौत, दो गंभीर

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले के प्रसिद्ध जतमई मंदिर मार्ग पर रविवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। तेज रफ्तार मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने एक सरकारी भवन से जा टकराई। हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना पांडुका क्षेत्र का है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तीनों युवक गायडबरी की ओर से मोटरसाइकिल पर सवार होकर आ रहे थे। बताया जा रहा है कि बाइक काफी तेज रफ्तार में थी। आशंका जताई जा रही है कि चालक मोड़ को समझ नहीं पाया, जिसके चलते बाइक सीधे सरकारी भवन से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के बीच में बैठे युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

वहीं बाइक चला रहा युवक और पीछे बैठा युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना शाम करीब 5 बजे की बताई जा रही है। मृतक और घायलों में एक युवक पंक्तियां ग्राम का तथा दो युवक तुमगांव क्षेत्र के बताए जा रहे हैं।

घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए छुरा अस्पताल भेजा गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जतमई मंदिर जाने वाला यह मोड़ लंबे समय से बेहद खतरनाक बना हुआ है। यहां पहले भी कई गंभीर सड़क हादसे हो चुके हैं और कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क किनारे लगाए जाने वाले बैरिकेड और संकेतक गायब हैं, जिसके कारण वाहन चालकों को मोड़ का अंदाजा नहीं लग पाता। सड़क चौड़ीकरण के बाद वाहन चालक तेज रफ्तार में गुजरते हैं और अचानक आने वाले इस अंधे मोड़ पर हादसे का शिकार हो जाते हैं।

लोगों ने सड़क निर्माण एजेंसी और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिकायत के बावजूद इस खतरनाक मोड़ को सुरक्षित बनाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

फिंगेश्वर इलाके के जंगल में मिली युवक की लाश, हत्या या आत्महत्या? पुलिस जांच में जुटी

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्राम रक्सा-बासीन के जंगल में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। शव के पास युवक की बाइक और जहर का डिब्बा मिलने के बाद मामला और भी रहस्यमयी बन गया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह ग्रामीणों ने जंगल के भीतर एक युवक का शव पड़ा देखा। देखते ही देखते इलाके में खबर आग की तरह फैल गई और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर फिंगेश्वर थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस को घटनास्थल से युवक की मोटरसाइकिल और दस्तावेज मिले, जिसके आधार पर मृतक की पहचान खेमप्रकाश दीवान निवासी ग्राम नागझर, थाना पाण्डुका, जिला गरियाबंद के रूप में हुई।

घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर युवक जंगल के सुनसान इलाके तक कैसे पहुंचा? क्या वह किसी से मिलने गया था, दोस्तों के साथ निकला था या किसी निजी काम से वहां पहुंचा था? इन तमाम पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस जांच कर रही है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शव के पास से जहर का डिब्बा भी बरामद हुआ है। ऐसे में मामला आत्महत्या, हादसा या फिर सुनियोजित हत्या का है, इसे लेकर संशय बना हुआ है। पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी हुई है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

फिंगेश्वर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस आसपास के ग्रामीणों और मृतक के परिचितों से पूछताछ कर उसकी अंतिम गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

गरियाबंद पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 4.50 लाख के हीरे के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले में अवैध हीरे कारोबार के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मैनपुर पुलिस और स्पेशल टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 9 नग हीरे के साथ महिला समेत तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। हीरे की कीमत करीब 4 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है। आरोपी ग्राहकों की तलाश में हीरे की बिक्री करने की फिराक में खड़े थे, तभी पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें धर दबोच लिया।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार 15 फरवरी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग अवैध रूप से बहुमूल्य हीरे लेकर ग्राहक की तलाश कर रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी मैनपुर और स्पेशल टीम सक्रिय हुई और बताए गए स्थान जीरो पॉइंट सीकासार मार्ग पर पहुंचकर घेराबंदी की कार्रवाई की।

पुलिस टीम ने मौके पर एक महिला और दो पुरुषों को संदिग्ध हालत में खड़े पाया। तलाशी लेने पर महिला आरोपी भानुमति यादव के कब्जे से 5 नग, आरोपी कुशल नेताम के पास से 2 नग और आरोपी अर्जुन पांडे के कब्जे से 2 नग कुल 9 नग छोटे-बड़े चमकीले बहुमूल्य खनिज पदार्थ बरामद किए गए। जब्त हीरे की अनुमानित कीमत करीब 4.50 लाख रुपये बताई जा रही है।

पूछताछ में आरोपी हीरे के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने विधिवत कार्रवाई करते हुए सभी हीरे को जब्त कर लिया और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 303(2), 3(5) बीएनएस तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21(4) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी यह हीरे कहां से लाए थे और इनके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है या नहीं।

गिरफ्तार आरोपी

  • भानुमति यादव (38 वर्ष) निवासी ग्राम मोहंदा थाना मैनपुर,
  • कुशल नेताम (25 वर्ष) निवासी पीपल कन्हार थाना पीपरछेड़ी,
  • अर्जुन पांडे (51 वर्ष) निवासी बेगरपारा थाना मैनपुर शामिल हैं।

राजिम विधायक रोहित साहू ने पेश की मानवता की मिसाल, बिंद्रानवागढ़ विधानसभा बेहराडीह मैनपुर के कमार जनजाति के मासूम के इलाज की ली जिम्मेदारी, डीकेएस अस्पताल में होगा सफल ऑपरेशन

राजिम विधायक रोहित साहू ने पेश की मानवता की मिसाल, बिंद्रानवागढ़ विधानसभा बेहराडीह मैनपुर के कमार जनजाति के मासूम के इलाज की ली जिम्मेदारी, डीकेएस अस्पताल में होगा सफल ऑपरेशन

 (सीजी टॉकीज)गरियाबंद/राजिम :- राजनीति जब सेवा का माध्यम बनती है तो वह समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में उजियारा लेकर आती है। कुछ ऐसी ही संवेदनशीलता राजिम विधायक रोहित साहू ने पेश की है। गरियाबंद जिले के बिंद्रानवागढ़ विधानसभा विकासखण्ड मैनपुर के ग्राम पंचायत बोईरगांव के आश्रित ग्राम बेहराडीह के रहने वाले विशेष पिछड़ी कमार जनजाति के तीन वर्षीय मासूम युवराज नेताम के उपचार हेतु विधायक रोहित साहू सामने आए हैं। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले कमार जनजाति का यह मासूम जन्म से ही एनोरेक्टल मालफॉर्मेशन अर्थात मलद्वार न होने की गंभीर और जटिल बीमारी से ग्रसित हैं। पिछले तीन वर्षों से उसके गरीब माता-पिता इलाज के लिए दर-दर भटक रहे थे। आर्थिक तंगी और जानकारी के अभाव में बच्चे की तकलीफ बढ़ती जा रही थी। विभिन्न समाचार पत्रों एवं भाजपा कार्यकर्त्ता व जनप्रतिनिधि के माध्यम से जैसे ही यह मामला राजिम विधायक रोहित साहू के संज्ञान में आया उन्होंने तत्काल सक्रियता दिखाई।जिला कलेक्टर एवं स्वास्थ अधिकारी से चार्चा कर बच्चे को तत्काल रायपुर लाने के लिएनिर्देशित किया।विधायक के विशेष प्रयासों से बच्चे को तत्काल राजधानी रायपुर के प्रतिष्ठित डीकेएस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। विधायक ने स्वयं अस्पताल पहुंचकर बच्चे का हालचाल जाना और डॉक्टरों की टीम से चर्चा कर उपचार की बारीकियों के विषय में चर्चा की। अस्पताल प्रबंधन और विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार युवराज का कल एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन किया जाएगा। विधायक ने डॉक्टरों को त्वरित उपचार के निर्देश दिए हैं ताकि इलाज में किसी भी प्रकार का विलंब न हो और बच्चे को समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

इस दौरान विधायक रोहित साहू ने कहा कि सेवा ही मेरे जीवन का मूलमंत्र रहा है। राजिम विधानसभा क्षेत्र के साथ ही गरियाबंद जिले का हर नागरिक मेरा परिवार है। जब मुझे नन्हे युवराज की बीमारी और उसके परिवार के संघर्ष के बारे में पता चला तो मेरा मन द्रवित हो उठा। विशेष पिछड़ी कमार जनजाति के लोग हमारे प्रदेश की धरोहर हैं और यदि उनके बच्चों को इलाज के लिए भटकना पड़े तो यह हमारे लिए चिंता का विषय है। हमारी सुशासन की सरकार अंत्योदय के सिद्धांत पर काम कर रही है जिसके तहत समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और सुविधा पहुँचाना हमारा प्रथम दायित्व है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने विशेष पिछड़ी जनजाति समाज के लिए पीएम जनमन योजना के तहत अनेकों सौगातें दी है उन्हीं की प्रेरणा से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि धन के अभाव में किसी भी गरीब का इलाज न रुके। युवराज नेताम इस प्रदेश का भविष्य है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि कल उसका ऑपरेशन पूरी तरह सफल हो और वह जल्द ही अपनी मुस्कान बिखेर सके। मैं उसके माता-पिता को विश्वास दिलाता हूँ कि इस लड़ाई में वे अकेले नहीं हैं, हम और यह सरकार उनके साथ खड़ी है।”