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गरियाबंद में पेट्रोल-डीजल वितरण को लेकर कलेक्टर का बड़ा आदेश

(सीजी टॉकीज) गरियाबंद : गरियाबंद सहित पूरे जिले में पेट्रोल-डीजल की कमी और पेट्रोल पंपों में लग रही लंबी कतारों को देखते हुए भगवान सिंह उइके ने आवश्यक आदेश जारी किया है। आदेश के तहत अब दोपहिया वाहनों में अधिकतम 300 रुपये तथा चारपहिया वाहनों में 1000 रुपये तक ही पेट्रोल देने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में पेट्रोल पंप संचालकों को ड्रम, जेरीकेन और बोतलों में पेट्रोल-डीजल देने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन कर ड्रम, जेरीकेन या बोतलों में ईंधन देने वाले पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के अनुसार जिले में पेट्रोल-डीजल की आंशिक जमाखोरी और कालाबाजारी की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि आम लोगों को आसानी से ईंधन उपलब्ध हो सके और अनावश्यक संग्रहण पर रोक लगाई जा सके।
वहीं आदेश जारी होने के बाद पेट्रोल पंपों में निगरानी भी बढ़ा दी गई है और प्रशासनिक अमला लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

(सीजी टॉकिज) :- अभनपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब शराब दुकान और अभनपुर के बीच स्थित नाले में एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ। शव के पास बाइक भी मिली है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि बाइक का बैलेंस बिगड़ने से व्यक्ति नाले में जा गिरा और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
मृतक की पहचान गिरोला गांव निवासी गंगादीन साहू (57 वर्ष) पिता स्वर्गीय सुखाऊ साहू के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि गंगादीन गुरुवार रात से घर नहीं लौटे थे, जिसके बाद परिजन और ग्रामीण उनकी तलाश कर रहे थे। शुक्रवार सुबह लोगों ने नाले के भीतर एक बाइक और शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही अभनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नाले से बाहर निकलवाया। घटनास्थल का मुआयना करने के बाद पुलिस ने प्रारंभिक जांच में बाइक अनियंत्रित होकर नाले में गिरने की आशंका जताई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह महज हादसा है या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी है। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मर्ग कामय कर मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

(सीजी टॉकीज) :- पश्चिम एशिया में बढ़ते ईरान-इजरायल तनाव और संभावित ईंधन संकट की अफवाहों का असर अब छत्तीसगढ़ में भी दिखाई देने लगा है। राजधानी रायपुर के अलावा जिले से लगे अभनपुर, गोबरा नवापारा और गरियाबंद सहित कई जिलों में पेट्रोल-डीजल को लेकर लोगों में अचानक घबराहट बढ़ गई। गुरुवार को पेट्रोल पंपों पर सुबह से देर रात तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। हालात ऐसे बन गए कि कई जगह पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
अभनपुर क्षेत्र में स्थिति सबसे अधिक तनावपूर्ण नजर आई। यहां अम्बे फ्यूल्स पेट्रोल पंप सहित कई पंपों पर सैकड़ों वाहन चालक लाइन में खड़े दिखाई दिए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मी स्वयं पंपों पर पहुंचकर व्यवस्था संभालते नजर आए। वाहन चालकों को लाइन में लगाकर क्रमवार पेट्रोल दिलाया गया।

वहीं ग्राम गोतीयारडीह स्थित पेट्रोल पंप में पेट्रोल भरवाने को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश देकर मामला शांत कराया। बढ़ती भीड़ को देखते हुए कई पेट्रोल पंप संचालकों ने दो लीटर से अधिक पेट्रोल देने पर अस्थायी रोक लगा दी है।
वाहन चालकों का आरोप है कि कुछ पेट्रोल पंपों में ईंधन उपलब्ध होने के बावजूद “स्टॉक खत्म” होने की बात कहकर पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जा रहा है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कई लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के साथ अतिरिक्त ईंधन भी जमा करने की कोशिश करते नजर आए। स्थिति को देखते हुए कई पंप संचालकों ने सुरक्षा कारणों से केन, डिब्बों और ड्रम में पेट्रोल-डीजल देने पर रोक लगा दी है।
गोबरा नवापारा के भी पेट्रोल पंपों में भीड़ नजर आई। यहां दो पेट्रोल पंप बंद होने के कारण बस स्टैण्ड स्थिति छल्लानी पेट्रोल पंप में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ को देखते हुए पंप संचालक द्वारा प्रत्येक बाइक पर सिर्फ 100 रुपए का पेट्रोल दिया गया।
राजधानी रायपुर में भी पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों को देखते हुए कलेक्टर ने पेट्रोल पंप एसोसिएशन और तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों की बैठक ली। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और किसी भी प्रकार की घबराहट की जरूरत नहीं है।
अधिकारियों के अनुसार, अफवाहों के चलते लोग सामान्य से अधिक ईंधन भरवा रहे हैं। जहां पहले लोग 1-2 लीटर पेट्रोल डलवाते थे, वहीं अब वाहन चालक फुल टैंक करा रहे हैं, जिससे पंपों पर असामान्य भीड़ बढ़ गई है।
प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए डिपो से 24 घंटे पेट्रोल सप्लाई की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले टैंकरों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक ही एंट्री की अनुमति थी।
गरियाबंद, बिलासपुर, बालोद, धमतरी, गुरुर और बस्तर संभाग के जगदलपुर सहित कई जिलों में भी यही स्थिति देखने को मिली। जगदलपुर में सामान्य दिनों की तुलना में पेट्रोल-डीजल की बिक्री दोगुनी से अधिक दर्ज की गई। कई पंपों पर एक ही दिन में साढ़े चार हजार लीटर से ज्यादा ईंधन बिकने की जानकारी सामने आई है।
कई स्थानों पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की कतारें मुख्य सड़क तक पहुंच गईं। घंटों इंतजार के बावजूद लोग लाइन छोड़ने को तैयार नहीं थे। भीड़ को संभालने में पंप कर्मचारियों और पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी।

(सीजी टॉकिज) जांजगीर-चांपा:- छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में एक ही परिवार के चार लोगों की बेरहमी से हत्या किए जाने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के ग्राम भवंतरा में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात धारदार हथियार से हमला कर बुजुर्ग दंपती और उनके नाती-नातिन को मौत के घाट उतार दिया गया। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और मातम का माहौल है।
मिली जानकारी के अनुसार, भवंतरा गांव निवासी 70 वर्षीय मेदनी प्रसाद कश्यप अपनी पत्नी शांति बाई, नाती पीताम्बर कश्यप और नातिन कुमारी मोगरा के साथ निर्माणाधीन मकान में खाट पर सो रहे थे। देर रात अज्ञात हमलावरों ने सोते समय चारों पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में चारों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
घटना का खुलासा गुरुवार सुबह उस समय हुआ, जब निर्माण कार्य के लिए पहुंचे एक मिस्त्री ने चारों को खून से लथपथ हालत में खाट पर पड़ा देखा। इसके बाद गांव में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही सरपंच राजाराम कश्यप ने पुलिस को खबर दी, जिसके बाद पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे।

प्रारंभिक जांच में पैतृक संपत्ति और जमीन विवाद को हत्या की बड़ी वजह माना जा रहा है। पुलिस को शक है कि वारदात को अंजाम परिवार से जुड़े लोगों ने ही दिया है। मामले में पड़ोस के एक संदेही रिश्तेदार को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) और डॉग स्क्वायड की टीम को मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हत्या के हर एंगल से जांच शुरू कर दी है।
एएसपी निवेदिता दास और एएसपी उमेश कश्यप ने बताया कि हत्या सोते समय धारदार हथियार से की गई है। पुलिस को जल्द आरोपियों तक पहुंचने की उम्मीद है।
एक ही परिवार के चार लोगों की सामूहिक हत्या से पूरे भवंतरा गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है। लोग इस घटना को जिले की सबसे भयावह वारदातों में से एक बता रहे हैं।

(सीजी टॉकिज) :- नवापारा में मंगलवार दोपहर एक ट्रैक्टर चालक की लापरवाही देखने को मिला। बताया जा रहा है कि शहर के सबसे व्यस्त गंज रोड स्थित पंजवानी चौक के पास खुद को बचाने की कोशिश में चालक ने ट्रैक्टर रोकने की बजाय चलती गाड़ी से ही छलांग लगा दी। चालक के कूदते ही रेत से भरा ट्रैक्टर बेकाबू हो गया और सीधे सड़क किनारे दो दुकानों के बीच जा फंसा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रैक्टर क्रमांक सीजी 05 एएस 1920 इंदिरा मार्केट की ओर जा रहा था। इसी दौरान पंजवानी चौक के पास किसी युवक ने चालक को मारने के लिए दौड़ाया। मार खाने से बचने के लिए चालक ने चलती ट्रैक्टर ही छलांग लगा दी, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
चालक के कूदते ही रेत से भरा ट्रैक्टर बेकाबू हो गया और सीधे सड़क किनारे स्थित बुक डिपो और कपड़े की दुकानों के बीच जा फंसा। ट्रैक्टर के दुकानों की ओर बढ़ते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए दौड़ पड़े। हादसे में दुकानों के सामने लगा लोहे का शेड बुरी तरह टूट गया। घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया। बाद में दूसरे इंजन की मदद से रेत भरी ट्रॉली को हटाया गया और काफी मशक्कत के बाद लोहे के एंगल में फंसे ट्रैक्टर इंजन को बाहर निकाला गया।
घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों और लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना है कि चालक की लापरवाही ने कई जिंदगियों को खतरे में डाल दिया। उनका कहना है कि ट्रैक्टर को नियंत्रित करने की बजाय चलती गाड़ी से कूद जाना बेहद गैरजिम्मेदाराना हरकत थी। फिलहाल घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है।

(सीजी टॉकिज) :- धमतरी जिले में शादी के महज पांच महीने बाद नवविवाहिता की संदिग्ध मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। फांसी पर झूलता शव मिलने के बाद मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। न्याय की मांग को लेकर सोमवार को परिजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। मामला अर्जुनी थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के अनुसार मृतका कामेश्वरी साहू की शादी करीब पांच महीने पहले परसतराई निवासी मुनेश के साथ हुई थी। मृतका के चाचा भोजराम साहू ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही दामाद उनकी भतीजी के साथ मारपीट करता था और उसे प्रताड़ित किया जाता था।
परिजनों के मुताबिक 9 मई को मृतका के ससुर ने फोन कर जानकारी दी कि कामेश्वरी ने आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलने पर जब परिवार के लोग ससुराल पहुंचे और कमरे का दरवाजा तोड़ा, तब उन्हें पूरा घटनाक्रम संदिग्ध लगा। परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी हत्या कर शव को फांसी पर लटका दिया गया।
मृतका के परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस ने पहले कहा था कि पोस्टमार्टम अगले दिन यानी 10 मई को कराया जाएगा, जिसके बाद उन्हें घर भेज दिया गया। लेकिन बाद में बिना सूचना दिए पोस्टमार्टम करा लिया गया और शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। इससे परिजनों में नाराजगी और बढ़ गई है।
सोमवार को परिजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इधर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि मामला अर्जुनी थाना क्षेत्र का है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। वहीं दूसरी ओर ससुराल पक्ष ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खुद को निर्दाेष बताया है। फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की जांच में जुटी हुई है।

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले के पाण्डुका क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत पोंड में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट ने विकराल रूप ले लिया है। वर्षों से पानी की समस्या झेल रहे ग्रामीणों का सब्र आखिरकार टूट गया और डोंगरीपारा की सैकड़ों महिलाएं सड़क पर उतर आईं। महिलाओं ने घरों से बाल्टी, घड़े और बर्तन लेकर नेशनल हाईवे पर करीब एक घंटे तक चक्काजाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि ग्राम पंचायत पोंड और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग हर साल पानी संकट का स्थायी समाधान करने के दावे करते हैं, लेकिन स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। लोगों का कहना है कि “आज-कल समस्या हल होगी” कहकर केवल आश्वासन दिया जाता रहा, जबकि गांव में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र किया जाएगा। महिलाओं ने बताया कि डोंगरीपारा में दर्जनों बोर खनन कराए गए, लेकिन एक भी सफल नहीं हुआ। वहीं लाखों रुपए की लागत से बनी पानी टंकी भी सूखी पड़ी है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को सुझाव देते हुए कहा कि कुकदा डैम से पाइपलाइन के जरिए पानी की व्यवस्था की जाए, तभी क्षेत्र की गंभीर जल समस्या का समाधान संभव है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि जल संसाधन विभाग द्वारा कुछ समय पहले निस्तारी के लिए पानी छोड़ा गया था, लेकिन वह कई गांवों के तालाबों तक पहुंच ही नहीं पाया और हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह गया।
चक्काजाम की सूचना मिलते ही जिला पंचायत सीईओ और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि गांव में तत्काल तीन नए बोर खनन की अनुमति दी गई है। इसके बाद करीब एक घंटे बाद महिलाओं ने आंदोलन समाप्त कर सड़क से जाम हटाया।
इधर, छुरा जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष कुलेश्वर सोनवानी ने भी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि “मैं खुद सत्ताधारी दल का जनप्रतिनिधि हूं, लेकिन अधिकारी हमारी तक नहीं सुन रहे हैं। कई बार जल संसाधन विभाग से पानी छोड़ने की मांग की गई, लेकिन आज तक कई गांवों के तालाबों तक पानी नहीं पहुंचा। जब जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुनी जा रही, तो आम जनता की समस्या कौन सुनेगा?” उन्होंने लापरवाह अधिकारियों को हटाकर संवेदनशील अधिकारियों की नियुक्ति की मांग की।

(सीजी टॉकिज) :- रायगढ़ जिले के पुसौर थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को कुचल दिया। हादसे में दोनों युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आगे की कार्रवाई में जुट गई।
मिली जानकारी के अनुसार चंद्रपुर की ओर से आ रहे ट्रक क्रमांक सीजी 13 एलए 1157 के चालक ने लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए सामने से आ रही बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार महेश निषाद और सोनू माली ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रक की रफ्तार काफी तेज थी और बाइक सवार युवकों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। बताया जा रहा है कि दोनों युवक रायगढ़ से अपने गांव लौट रहे थे। जैसे ही वे ग्राम तेतला के पास पहुंचे, सामने से आ रहे ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद कुछ देर तक मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा।
घटना की सूचना मिलते ही पुसौर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने ट्रक जब्त कर लिया है तथा दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर आगे की जांच की जा रही है।

(सीजी टॉकिज) :- बिलासपुर जिले के बेलगहना चौकी क्षेत्र में एक विवाहिता की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उनकी बेटी को प्रताड़ित किया जाता था और उसकी मौत सामान्य नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या हो सकती है। परिजनों ने पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी और न्यायिक अधिकारियों की मौजूदगी में जांच कराने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार मृतका दीक्षा कुशवाहा उर्फ पुनीता की शादी दिलीप कुशवाहा के साथ हुई थी। दोनों बेलगहना चौकी क्षेत्र के अंतर्गत खोंगसरा में रहते थे। बताया जा रहा है कि 9 मई 2026 को अचानक दीक्षा की मौत की खबर उसके मायके पक्ष को दी गई। सूचना मिलते ही मृतका के भाई राजेश पटेल समेत परिजन ससुराल पहुंचे, जहां उन्हें बताया गया कि दीक्षा की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी और उसे सिम्स अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
हालांकि परिजनों ने ससुराल पक्ष की इस कहानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि दीक्षा के शरीर की स्थिति और घटनास्थल की परिस्थितियां सामान्य मौत की ओर इशारा नहीं करतीं। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही दीक्षा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। उन्होंने दावा किया कि मौत से पहले दीक्षा ने अपने भाई को फोन कर अपनी परेशानी बताई थी। इतना ही नहीं, पिछले दो दिनों से उसका मोबाइल भी बंद आ रहा था, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ गई थी।
मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि ससुराल पक्ष ने पहले बातचीत कराने से इनकार किया और कुछ देर बाद अचानक “पलंग से गिरकर मौत” होने की जानकारी दी। इसी वजह से परिवार को पूरे घटनाक्रम में गहरी साजिश की आशंका है। परिजनों का कहना है कि दीक्षा को जहर देकर या अन्य किसी तरीके से मौत के घाट उतारा गया हो सकता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मृतका के परिजनों ने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और स्वास्थ्य विभाग से शिकायत की है। उन्होंने मांग की है कि पोस्टमार्टम डॉक्टरों की टीम द्वारा न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कराया जाए तथा पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की जाए, ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी या तथ्य छिपाने की संभावना न रहे।
इधर, पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस मायके पक्ष और ससुराल पक्ष से पूछताछ कर रही है।

(सीजी टॉकीज) गरियाबंद : सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘सुशासन तिहार’ में ही व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले के ग्राम पोखरा में आयोजित समाधान शिविर के दौरान मुख्य मंच के सामने नाबालिग बच्चे नाश्ता और शरबत परोसते नजर आए।
कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री, विधायक, कलेक्टर सहित कई अधिकारी मौजूद थे, लेकिन बच्चों से कराए जा रहे काम पर किसी का ध्यान नहीं गया।
सुशासन तिहार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का समाधान करना और शासन की योजनाओं को जनता तक पहुंचाना बताया जाता है। लेकिन जिस आयोजन में समस्याओं के समाधान का दावा किया जा रहा था, वहीं बच्चों से काम कराए जाने की तस्वीरें सामने आने के बाद व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन बच्चों के हाथों में पढ़ाई और भविष्य की जिम्मेदारी होनी चाहिए, उन्हें आयोजन की व्यवस्थाओं में लगा दिया गया। मंच के सामने बच्चे लगातार अतिथियों और लोगों को शरबत व नाश्ता परोसते दिखाई दिए। इससे कार्यक्रम की तैयारियों और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
लोगों का कहना है कि प्रशासन अक्सर नियमों और जिम्मेदारियों की बात करता है, लेकिन सरकारी आयोजन में ही बच्चों से काम कराया जाना सुशासन के दावों की पोल खोलता नजर आया। अब चर्चा इस बात की है कि क्या इस मामले में जिम्मेदार अधिकारी कोई संज्ञान लेते हैं या मामला केवल चर्चा तक सीमित रह जाएगा।