सीएमओ कक्ष में घमासान! अकाउंटेंट-सब इंजीनियर में मारपीट, वेतन विवाद पर जमकर चले लात-घूंसे, VIDEO वायरल

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले के देवभोग नगर पंचायत में वेतन भुगतान को लेकर नगर पंचायत कार्यालय के भीतर जमकर बवाल हो गया। सीएमओ कक्ष में अकाउंटेंट और सब इंजीनियर के बीच हुई मारपीट हुई। जिसका सीसीटीवी वीडियो सामने आया है। वीडियो वायरल होने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। घटना के बाद कर्मचारी यूनियन में भारी आक्रोश है और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की गई है।

जानकारी के मुताबिक वेतन भुगतान में देरी को लेकर नाराज सब इंजीनियर श्याम सुंदर पटनायक ने नगर पंचायत के अकाउंटेंट संदीप चंद्राकर को सीएमओ कक्ष में बुलाया था। आरोप है कि बातचीत के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि इंजीनियर के साथ आए तीन बाहरी सहयोगियों ने अकाउंटेंट के साथ मारपीट शुरू कर दी।

पूरी घटना कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में अकाउंटेंट के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट साफ दिखाई दे रही है। घटना के बाद आरोपी बताए जा रहे तीनों लोग कार में बैठकर मौके से फरार हो गए। इसके बाद दोनों पक्ष देवभोग थाने पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

नगर पंचायत के सीएमओ दुष्यंत कुमार ने भी थाने पहुंचकर बयान दिया है। उन्होंने कार्यालय के भीतर बाहरी लोगों द्वारा मारपीट को गंभीर और अनुचित बताया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वायरल सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएंगी।

इधर घटना को लेकर कर्मचारी यूनियन में भारी नाराजगी है। यूनियन के सदस्य बड़ी संख्या में देवभोग थाने पहुंचे और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और धरना प्रदर्शन किया जाएगा। नगर पंचायत कर्मचारियों ने भी निकाय कार्यालय में इस तरह की घटना को गंभीर बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और बाहरी हस्तक्षेप रोकने की मांग की है।

टेंगनाबासा पंचायत में सचिव पर लगे गंभीर आरोप, एक साल से शिकायतें, फिर भी कार्रवाई नहीं; पंचायत में बढ़ा आक्रोश

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले के छुरा ब्लॉक अंतर्गत टेंगनाबासा ग्राम पंचायत में पंचायत सचिव को लेकर विवाद अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। सचिव सरोज कुमार ठाकुर पर पंचायत निधि में आर्थिक अनियमितता, आय-व्यय की जानकारी छिपाने और पंचायत राशि दूसरे व्यक्तियों के खातों में ट्रांसफर करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। मामले को लेकर उपसरपंच और पंचों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत के उपसरपंच रेखचंद साहू सहित 9 पंचों ने जनपद पंचायत छुरा, जिला पंचायत गरियाबंद, कलेक्टर जनदर्शन और राजिम विधायक तक लिखित शिकायत सौंपकर सचिव को तत्काल हटाने तथा पूरे वित्तीय लेन-देन की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पंचायत बैठकों में सचिव द्वारा कभी भी आय-व्यय का स्पष्ट हिसाब प्रस्तुत नहीं किया जाता। पंचायत प्रतिनिधियों को वित्तीय जानकारी से दूर रखा जा रहा है, जिससे लगातार संदेह और असंतोष की स्थिति बनी हुई है।

मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब पंचायत राशि कथित रूप से अन्य लोगों के खातों में ट्रांसफर किए जाने का आरोप सामने आया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत निधि वास्तव में दूसरे खातों में जमा की गई है तो यह बेहद गंभीर वित्तीय गड़बड़ी है और इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।

सूत्रों के मुताबिक पंचायत प्रतिनिधि पिछले एक वर्ष से लगातार शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। पंचायत के रिकॉर्ड और खर्चों में पारदर्शिता नहीं होने के कारण मामला लगातार गरमाता जा रहा है।

नियमानुसार होगी कार्रवाई-CEO

इस पूरे मामले पर जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर ने कहा है कि शिकायत की जानकारी मिली है। मैं स्वयं आवेदन को देखूंगा। प्रथम दृष्टया तथ्य पाए जाने पर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अब पूरे मामले में प्रशासनिक जांच पर सबकी निगाहें टिकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निष्पक्ष जांच होने पर पंचायत निधि और खर्चों से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

कमार परिवार को तत्काल राहत: राशन कार्ड से लेकर आवास सर्वे तक शुरू, सोशल मीडिया में खबर वायरल होते ही प्रशासन ने लिया संज्ञान

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिला में सोशल मीडिया पर एक विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) कमार परिवार की दयनीय स्थिति की खबर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राहत पहुंचानी शुरू कर दी है। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर परिवार को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

जिला प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार संबंधित कमार परिवार लंबे समय से उड़ीसा राज्य में निवासरत था और हाल ही में मैनपुर ब्लॉक क्षेत्र में वापस लौटा है। इसी कारण परिवार का नाम वर्ष 2011 और 2018 के प्रधानमंत्री आवास योजना सर्वे में शामिल नहीं हो पाया था। वहीं वर्ष 2024 के नवीन सर्वेक्षण के दौरान भी परिवार गांव में मौजूद नहीं मिला था।

प्रशासन ने बताया कि परिवार के वापस लौटने की जानकारी मिलते ही तत्काल कार्रवाई करते हुए उनका राशन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनवाया गया है। साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर अस्थायी रहने की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा परिवार का पीएम-जनमन योजना के तहत सर्वे शुरू कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि पात्रता के आधार पर आगामी तीन माह के भीतर परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

सीईओ ने बताया कि शासन की मंशा है कि कोई भी पात्र परिवार योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। जिले में शेष पात्र हितग्राहियों की सूची तैयार कर भारत सरकार से स्वीकृति की प्रक्रिया भी जारी है।

जानिए पूरा मामला

दरअसल, गरियाबंद जिले के देवभोग जनपद क्षेत्र अंतर्गत माडागांव में 8 मई को सुशासन तिहार शिविर लगाया गया। यहां ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान पवन सिंह और उनकी पत्नी सुकदी बाई भी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। दंपती देवभोग विकासखंड के बरही गांव का रहने वाला है।

अधिकारी के सामने दंडवत हुए

शिविर में पति-पत्नी जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर के सामने दंडवत प्रणाम करते हुए लेट गए और अधिकारी से खुद के लिए प्रधानमंत्री आवास के तहत घर दिलाने और राशन कार्ड की मांग की। दंपती का कहना था कि वे लंबे समय से आवास योजना का लाभ पाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें पक्का मकान नहीं मिला है।

अपनी परेशानी बताते हुए दंपती ने सीईओ के पैरों में गिर पड़े और जल्द से जल्द आवास दिलाने की गुहार लगाने लगे। वहीं कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने परिवार की बात सुनी और जांच के बाद नियम के अनुसार कार्रवाई करने और मदद का भरोसा दिया।

खड़े ट्रैक्टर में लगी भीषण आग, शॉर्ट सर्किट से धूं-धूं कर जला इंजन

(सीजी टॉकिज) राजिम:- कौंदकेरा-भैसतरा मार्ग पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सड़क किनारे खड़े एक ट्रैक्टर में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते ट्रैक्टर आग का गोला बन गया और कुछ ही मिनटों में पूरा वाहन जलकर खाक हो गया।

जानकारी के अनुसार ट्रैक्टर की बैटरी में शॉर्ट सर्किट होने से इंजन में आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि चालक को संभलने तक का मौका नहीं मिला। हालांकि चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत ट्रैक्टर से कूदकर अपनी जान बचा ली।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहले इंजन से धुआं उठता दिखाई दिया, फिर अचानक तेज लपटें निकलने लगीं। आग की ऊंची लपटें और काला धुआं देखकर आसपास के लोग घबरा गए। कुछ ही देर में मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक ट्रैक्टर पूरी तरह जल चुका था।

बताया जा रहा है कि इन दिनों क्षेत्र में रबी सीजन की धान कटाई का कार्य चल रहा है। इसी दौरान ट्रैक्टर सड़क किनारे खड़ा था, तभी अचानक बैटरी शॉर्ट होने से हादसा हो गया। गनीमत रही कि इस भीषण आगजनी में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन ट्रैक्टर मालिक को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। घटना के बाद इलाके में काफी देर तक दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

संवाद से सुलझा विवाद: पटवारी संघ ने खत्म किया विरोध, जनता के काम में नहीं आएगी रुकावट

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले में सुशासन तिहार के दौरान उत्पन्न हुए विवाद के बाद राजस्व पटवारी संघ और राजिम विधायक रोहित साहू के बीच सौहार्दपूर्ण चर्चा के बाद मामला शांत हो गया है। पटवारी संघ ने बहिष्कार समाप्त करते हुए भविष्य में बेहतर समन्वय और संवाद के साथ कार्य करने की सहमति जताई है।

जानकारी के अनुसार, शिविर के दौरान हुई एक टिप्पणी को लेकर पटवारी संघ में नाराजगी उत्पन्न हो गई थी, जिसके विरोध स्वरूप संघ ने शिविर का बहिष्कार कर दिया था। मामले को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई थी। विवाद को बढ़ने से रोकने के लिए विधायक रोहित साहू ने मीडिया के माध्यम से खेद व्यक्त करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी अधिकारी या कर्मचारी का अपमान करना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान करना है। विधायक की इस पहल के बाद राजस्व पटवारी संघ जिला गरियाबंद का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलने पहुंचा।

बैठक के दौरान संघ के प्रतिनिधियों ने अतिरिक्त हल्कों का भार, सीमित संसाधनों में कार्य करने की कठिनाइयों और ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व कार्यों के दबाव जैसी समस्याओं को विस्तार से रखा। विधायक ने सभी बातों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि राजस्व विभाग शासन और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी है तथा पटवारियों की भूमिका ग्रामीण क्षेत्रों में अत्यंत अहम है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद सबसे प्रभावी माध्यम है और किसी भी गलतफहमी को बातचीत के जरिए दूर किया जा सकता है। साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों से जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की अपील की। बैठक के बाद पटवारी संघ ने बहिष्कार समाप्त करने की घोषणा की और कहा कि शासन की योजनाओं तथा राजस्व संबंधी कार्यों को आम जनता तक सुचारु रूप से पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

मुलाकात के दौरान राजस्व पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष गुलशन यदु, उपाध्यक्ष आशीष चतुर्वेदी, सचिव लव कुमार साहू, तहसील अध्यक्ष नरेंद्र साहू, अभिषेक चतुर्वेदी, मनीष पारकर, झामन यादव एवं राजेश माण्डले सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद थे।

जंगल में मिला प्रेमी जोड़े का कंकाल, छह साल से थे लापता, हत्या की आशंका, जांच में जुटी पुलिस

(सीजी टॉकिज) :- सरगुजा जिले अंतर्गत धौरपुर थाना क्षेत्र के जंगल में दो कंकाल मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। कंकाल युवक-युवती के होने की आशंका जताई जा रही है, जो वर्ष 2020 से लापता थे। प्रेमी जोड़े की पहचान विनोद कोरवा और ज्योति कुमारी के रूप में होने की आशंका हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

जानकारी के मुताबिक, ग्रामीण शनिवार को जंगल में चूहा मारने गए थे। इसी दौरान झाड़ियों और मिट्टी के बीच उन्हें मानव कंकाल दिखाई दिए। ग्रामीणों ने तत्काल गांव लौटकर पुलिस को सूचना दी। घटनास्थल से युवती की फ्रॉक, युवक का हाफ पैंट, चप्पल और अन्य सामान बरामद हुआ। कपड़ों के आधार पर परिजनों ने दोनों की पहचान ग्राम जमोनी निवासी 19 वर्षीय विनोद कोरवा और 17 वर्षीय ज्योति गोंड़ के रूप में की।

परिजनों के अनुसार दोनों के बीच प्रेम संबंध था, लेकिन अलग-अलग जाति होने के कारण परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। दोनों फरवरी 2020 में अचानक लापता हो गए थे। पुलिस के अनुसार दोनों कंकाल जंगल के नाले के पास मिट्टी में दबे मिले हैं। आशंका है कि शवों को दफनाया गया था। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इलाके में जंगली सूअरों के शिकार के लिए करंट वाले तार लगाए जाते हैं। संभावना जताई जा रही है कि दोनों उसकी चपेट में आए हों। 

धौरपुर थाना प्रभारी आरसी चंद्रा ने बताया कि मामले में डीएनए टेस्ट और फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। हत्या, हादसा और ऑनर किलिंग समेत सभी पहलुओं पर जांच जारी है।

देवभोग में तंबाकू पर बड़ी कार्रवाई, 68 चालान काटकर वसूला जुर्माना

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले के देवभोग विकासखण्ड में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग तथा पुलिस विभाग की संयुक्त प्रवर्तन टीम ने तंबाकू नियंत्रण को लेकर सघन अभियान चलाया। इस दौरान शैक्षणिक संस्थानों के पास तथा विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर की गई जांच में कोटपा एक्ट-2003 (सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम 2003) के तहत कुल 68 प्रकरणों में चालानी कार्रवाई करते हुए 3 हजार का जुर्माना वसूल किया गया।

कार्यवाही के दौरान औषधि निरीक्षक धरमवीर सिंह धु्रव ने स्कूलों के 100 गज दायरे में तंबाकू उत्पाद की बिक्री पर रोक, नाबालिगों को तंबाकू न बेचने और सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंध के संबंध में संचालकों को निर्देश दिए। दुकानदारों को माचिस, लाइटर, ऐश ट्रे या कोई भी ऐसा सामान जो धूम्रपान को प्रोत्साहित करता है, उसे काउंटर पर उपलब्ध न कराएं। साथ ही धूम्रपान निषेध संबंधी बोर्ड अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने को कहा।

इस दौरान रोशनी राजपूत ने किराना दुकानों, होटलों एवं फल दुकानों का निरीक्षण किया तथा होटलों में खाद्य सामग्री के लिए अखबार का उपयोग बंद करने के निर्देश दिए। इसी दौरान औषधि निरीक्षक धु्रव द्वारा देवमाता निजी अस्पताल की फार्मेसी का औचक निरीक्षण किया गया। जिसमें दवाओं की खरीद-बिक्री, भंडारण एवं दवाओं की जांच की गई।

इस दौरान देवभोग के नागरिकों को नशा मुक्त रहने, नशे से होने वाले नुकसान और तंबाकू से दूरी बनाने के लिए जागरूक किया गया। इसके अलावा नागरिको कोे नशा न करने तथा इसके विरोध करने की शपथ भी दिलाई गई।

कोयले से भरा ट्रेलर पलटा, दबने से भाई-बहन की दर्दनाक मौत; घंटों बाद निकाले गए क्षत-विक्षत शव, गुस्साए ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

(सीजी टॉकिज) :- जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा क्षेत्र में कोयले से लदा तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। हादसे में बाइक सवार भाई-बहन ट्रेलर और कोयले के मलबे के नीचे दब गए, जिससे दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार बिरगहनी निवासी संजय कुर्रे (18) और उसकी बहन अंजुलता कुर्रे (25) महतारी वंदन योजना के लिए KYC कराने बाइक से बलौदा जा रहे थे। इसी दौरान दीपका-हरदी बाजार मार्ग पर कुसमुंडा खदान से कोयला लेकर आ रहा तेज रफ्तार ट्रेलर ग्राम बिरगहनी और ठड़गाबहरा मोड़ के पास अचानक अनियंत्रित होकर बाइक के ऊपर पलट गया।

हादसा इतना भयावह था कि दोनों भाई-बहन कोयले के ढेर के नीचे दब गए। घटना की सूचना मिलते ही बलौदा पुलिस मौके पर पहुंची। जेसीबी की मदद से घंटों मशक्कत के बाद दोनों शवों को बाहर निकाला गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शव पूरी तरह क्षत-विक्षत हो चुके थे। हादसे के बाद ट्रेलर चालक फरार हो गया।

बताया जा रहा है कि अंजुलता की शादी एक साल पहले हुई थी और वह बीमार पिता से मिलने मायके आई थी। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया। बाद में मुआवजे के आश्वासन पर प्रदर्शन समाप्त हुआ। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

गरियाबंद के जंगल में मिली सड़ी-गली लाश, 15-20 दिन पुराना बताया जा रहा शव, पहचान मिटने से उलझा रहस्य

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले में उस वक्त सनसनी फैल गई जब कोड़ोहरदी मोड़ के पास जंगल में एक अज्ञात बुजुर्ग की संदिग्ध हालत में लाश मिली। शव की हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि उसकी पहचान कर पाना मुश्किल हो गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और तरह-तरह की चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।

जानकारी के मुताबिक जिला मुख्यालय से करीब 5 किलोमीटर दूर डोंगरीगांव बीट के कक्ष क्रमांक 563 में मेन रोड 130सी से लगभग 100 मीटर अंदर जंगल में शव पड़ा मिला। सूचना मिलते ही गरियाबंद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

प्रारंभिक जांच में शव करीब 15 से 20 दिन पुराना बताया जा रहा है। शव पूरी तरह सड़-गल चुका है, जिससे मृतक की पहचान अब तक नहीं हो पाई है। मृतक की उम्र लगभग 60 से 65 वर्ष के बीच बताई जा रही है।

मौके से एक टी-शर्ट और लुंगी बरामद हुई है। टी-शर्ट पर “पीपल कॉल ममी पापा” लिखा हुआ बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा टीम आसपास के थानों में गुम इंसानों की रिपोर्ट खंगाली जा रही है और आसपास के लोगों से पूछताछ कर मामले की जांच की जा रही है।

विकसित कृषि संकल्प अभियान: कृषि विभाग ने किसानों को बताए उन्नत खेती और सरकारी योजनाओं के फायदे

(सीजी टॉकिज) :- राजिम से लगे ग्राम पंचायत कोमा में विकसित कृषि संकल्प अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती की जानकारी देकर कृषि को अधिक लाभकारी, टिकाऊ एवं जल संरक्षण आधारित बनाना है।

कार्यक्रम में खरीफ फसलों में संतुलित उर्वरक उपयोग, बीजोपचार, हरी खाद, नील हरित शैवाल, नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग, फसलों में कीट एवं बीमारियों के नियंत्रण के उपायों सहित विभिन्न कृषि तकनीकों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

कृषि अधिकारियों द्वारा किसानों को फसल चक्र अपनाने के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि लगातार एक ही फसल लेने से भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है, जबकि फसल चक्र अपनाने से मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहती है तथा उत्पादन लागत में कमी आती है। किसानों को धान की पारंपरिक खेती के साथ-साथ कम पानी में तैयार होने वाली वैकल्पिक फसलों जैसे रागी, सरसों एवं गेहूं की खेती को अपनाने हेतु प्रेरित किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि बदलते मौसम एवं जल संरक्षण की आवश्यकता को देखते हुए अल्प पानी वाली फसलें भविष्य की खेती के लिए अधिक उपयोगी सिद्ध होंगी। कार्यक्रम में एग्रीस्टेक एवं पीएम किसान योजना में नवीन पंजीयन की प्रक्रिया की भी जानकारी किसानों को प्रदान की गई। साथ ही कृषि, उद्यानिकी एवं मत्स्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों से योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने का आग्रह किया गया। समसामयिक कृषि विषयों पर किसानों एवं विभागीय अधिकारियों के बीच चर्चा भी हुई।

कार्यक्रम में सहायक संचालक कृषि एच.एस. तिग्गा, सहायक संचालक कृषि अनिल कौशिक, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के.आर. वर्मा, कृषि विकास अधिकारी एन.के. कश्यप, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी हरिशंकर सुमेर, हरीश कुमार पाण्डेय, सुश्री श्वेता साहू सहित विभागीय कर्मचारीगण, जनप्रतिनिधिगण एवं ग्राम पंचायत कोमा के कृषक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।