आकाशीय बिजली गिरने से युवक की मौत, पेड़ के नीचे बैठा था युवक, गांव में पसरा मातम; घर लौटते वक्त गिरी गाज

(सीजी टॉकिज) :-  गरियाबंद जिले के देवभोग थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम माहुलकोट में गुरुवार शाम अचानक बदले मौसम ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। तेज आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और हल्की बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने से 34 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

साइकिल से घर लौट रहा था

जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान चितानंद भोई (34 वर्ष) निवासी ग्राम माहुलकोट के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि गुरुवार शाम युवक गांव के पास एक पेड़ के नीचे बैठा हुआ था। इसी दौरान अचानक मौसम ने करवट बदल ली और तेज आंधी-तूफान के साथ लगातार बिजली कड़कने लगी।

ग्रामीणों के मुताबिक मौसम बिगड़ता देख चितानंद भोई अपनी साइकिल लेकर घर लौटने के लिए निकला ही था कि अचानक उसके ऊपर आकाशीय बिजली गिर गई। गाज की चपेट में आते ही युवक गंभीर रूप से झुलसकर सड़क किनारे गिर पड़ा। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और युवक को 108 एम्बुलेंस की मदद से देवभोग अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की खबर मिलते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। गांव में भी शोक का माहौल है।

बताया जा रहा है कि घटना के समय पूरे क्षेत्र में अचानक मौसम खराब हो गया था। तेज आंधी चलने के साथ लगातार बिजली कड़क रही थी और हल्की बारिश भी हो रही थी। इसी दौरान यह दर्दनाक हादसा हो गया। बता दें कि बारिश के मौसम की शुरुआत के साथ ही लगातार आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान पेड़ों और खुले स्थानों से दूर रहने की अपील की है।

घटना की सूचना मिलने के बाद देवभोग पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिए हैं और आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

फिंगेश्वर में कांग्रेस का हल्लाबोल: खाद-बीज संकट, बिजली कटौती और आवास योजना को लेकर किसान सहकारी समिति का घेराव

(सीजी टॉकिज) :-  गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर में बुधवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में किसानों और आम जनता की विभिन्न समस्याओं को लेकर जोरदार जनआंदोलन देखने को मिला। खाद-बीज की कमी, लगातार बिजली कटौती, पेंशन एवं आवास योजना सहित 9 सूत्रीय मांगों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किसान सहकारी समिति का घेराव कर चक्का जाम किया।

कांग्रेस के इस आंदोलन में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता, किसान, महिला कांग्रेस, नगर कांग्रेस, मंडल अध्यक्ष, सेक्टर अध्यक्ष एवं बूथ अध्यक्ष मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए किसानों और गरीबों की अनदेखी का आरोप लगाया।

खाद-बीज संकट से नाराज किसान

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि खरीफ सीजन शुरू होने के बावजूद किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। सहकारी समितियों में लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज नहीं मिल रहा। इससे खेती-किसानी प्रभावित हो रही है और किसान परेशान हैं।

बिजली कटौती और योजनाओं में लापरवाही पर आक्रोश

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बिजली कटौती से आम जनता त्रस्त है। वहीं वृद्धावस्था पेंशन, आवास योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। गरीब परिवार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

पेट्रोल-डीजल संकट और बढ़ती कीमतों पर सरकार को घेरा

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की किल्लत और बढ़ती कीमतों को लेकर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। नेताओं का कहना था कि महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है, लेकिन सरकार जनता की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है।

अवैध रेत उत्खनन रोकने की मांग

गरियाबंद जिले में लगातार हो रहे अवैध रेत उत्खनन को लेकर भी कांग्रेस नेताओं ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि रेत माफिया खुलेआम सक्रिय हैं और प्रशासन कार्रवाई करने में विफल साबित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने तत्काल अवैध उत्खनन पर रोक लगाने की मांग की।

“गरीबों और किसानों का हक छीना जा रहा”

आंदोलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश में गरीबों और किसानों का हक छीना जा रहा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो कांग्रेस आने वाले दिनों में और उग्र आंदोलन करेगी।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अमला भी मौके पर मौजूद रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की है।

कुकदा डैम में बड़ा हादसा: पिकनिक मनाने पहुंचे युवक-युवती की डूबने से मौत

कुकदा डैम में बड़ा हादसा: पिकनिक मनाने पहुंचे युवक-युवती की डूबने से मौत

(सीजी टॉकीज गरियाबंद) :  गरियाबंद जिले के पाण्डुका थाना क्षेत्र अंतर्गत कुकदा पिकअप वियर (डैम) में आज दर्दनाक हादसा हो गया। रायपुर से पिकनिक मनाने पहुंचे एक युवक और युवती की डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों नहाने के दौरान गहरे पानी में चले गए, जिससे यह हादसा हुआ। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

मिली जानकारी के अनुसार, रायपुर के शंकर नगर इलाके से चार लोग कार में सवार होकर कुकदा डैम घूमने और पिकनिक मनाने पहुंचे थे। इसी दौरान युवक और युवती डैम में नहाने उतरे, लेकिन पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगने के कारण दोनों डूब गए। मौके पर मौजूद उनके दो अन्य सहयोगियों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।

हादसे में मृत युवती की पहचान 22 वर्षीय सिंपी सक्सेना के रूप में हुई है, जबकि युवक की पहचान 30 वर्षीय पीयूष मंडल के रूप में की गई है। घटना की सूचना मिलते ही पाण्डुका पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों के शवों को बाहर निकाला गया।

एसडीओपी निशा सिन्हा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में नहाने के दौरान गहराई में चले जाने से डूबने की बात सामने आई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कुकदा डैम में पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। हर साल यहां पिकनिक मनाने आने वाले लोग थोड़ी सी लापरवाही के कारण अपनी जान गंवा बैठते हैं। इसके बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से लगातार हादसे सामने आ रहे हैं।

घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि डैम और पिकनिक स्पॉट पर नहाने के दौरान विशेष सावधानी बरतें और गहरे पानी में जाने से बचें।

गरियाबंद भाजपा सोशल मीडिया की नई कार्यकारिणी घोषित, जिला एवं मंडल स्तर पर मिली नई जिम्मेदारियां

भारतीय जनता पार्टी गरियाबंद सोशल मीडिया की नई कार्यकारिणी, जिला एवं मंडल टोली के संयोजक, सहसंयोजक एवं सदस्यों की घोषणा की गई। यह घोषणा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, संगठन मंत्री पवन साय, प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक मितुल कोठारी, संगठन प्रभारी अमित चिमनानी, भाजपा जिला अध्यक्ष अनिल चंद्राकर एवं सोशल मीडिया जिला संयोजक अमित वखारिया के मार्गदर्शन में की गई।

नई टीम के गठन के साथ संगठन को डिजिटल माध्यमों में और अधिक मजबूती प्रदान करने, सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं संगठन की विचारधारा को जन-जन तक प्रभावी रूप से पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नवगठित कार्यकारिणी में जिले एवं मंडलों के सक्रिय, ऊर्जावान एवं समर्पित कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

भाजपा नेतृत्व ने विश्वास जताया है कि नई सोशल मीडिया टीम संगठन की नीतियों, उपलब्धियों एवं जनहित के कार्यों को सोशल मीडिया के माध्यम से मजबूती के साथ जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही संगठन विस्तार, जनसंपर्क एवं डिजिटल अभियान को नई गति मिलेगी।

नई नियुक्तियों के बाद कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है तथा सभी ने संगठन हित में पूरी निष्ठा एवं सक्रियता के साथ कार्य करने का संकल्प लिया है।

गरियाबंद में बड़ा हादसा: सुशासन तिहार शिविर में गिरा विशाल पीपल का पेड़, कार्यक्रम स्थल पर मची चीख-पुकार, 7 लोग दबे; कलेक्टर ने तत्काल शिविर किया स्थगित

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले के खरहरी में आयोजित सुशासन तिहार शिविर के दौरान बुधवार को बड़ा हादसा हो गया। कार्यक्रम स्थल के पास मौजूद एक विशालकाय पीपल का पेड़ अचानक भरभराकर गिर पड़ा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। हादसे में 2 बच्चों समेत कुल 7 लोग घायल हो गए, जबकि एक छोटा हाथी वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

जानकारी के मुताबिक, सुशासन तिहार शिविर की तैयारियां चल रही थीं। कुछ लोग कार्यक्रम देखने और टेंट व्यवस्था के दौरान पेड़ पर चढ़े हुए थे, वहीं नीचे खाना बनाने और अन्य इंतजाम का काम जारी था। इसी दौरान अचानक वर्षों पुराना विशाल पीपल का पेड़ जड़ समेत गिर पड़ा और कई लोग उसकी चपेट में आ गए।

टेंट कर्मी और बच्चे दबे

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पेड़ गिरते ही कार्यक्रम स्थल पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। टेंट लगाने वाले कर्मचारी, खाना बना रहे लोग और आसपास मौजूद बच्चे इसकी चपेट में आ गए। हादसे में कई लोगों के हाथ-पैर में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि कुछ को फ्रैक्चर बताया जा रहा है। घटना के समय जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थे। हादसे के तुरंत बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।

बड़ा हादसा टला

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पेड़ एक घंटे बाद गिरता, तब तक कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट चुकी होती और हादसा भयावह रूप ले सकता था। इस बात को लेकर मौके पर मौजूद लोग भी सहम गए।

कलेक्टर ने दिखाई संवेदनशीलता, तुरंत स्थगित किया कार्यक्रम

घटना के बाद जिला कलेक्टर ने तत्काल सुशासन तिहार शिविर कार्यक्रम को स्थगित करने के निर्देश दिए। प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों का रेस्क्यू कर उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की टीम घायलों के इलाज में जुटी हुई है। चिकित्सक डॉ. हरीश चौहान ने बताया कि कुछ घायलों के हाथ और पैर में फ्रैक्चर है, जबकि दो घायलों की हालत ज्यादा गंभीर होने पर उन्हें कलेक्टर की मौजूदगी में रेफर किया गया।

मैनपुर दौरा रद्द कर अस्पताल पहुंचे कलेक्टर-एसपी

हादसे की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर और एसपी ने अपना मैनपुर दौरा रद्द कर दिया और सीधे जिला अस्पताल पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। काफी देर तक अधिकारी डॉक्टरों से इलाज की स्थिति पर चर्चा करते रहे। हादसे के बाद प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है। पेड़ गिरने के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पड़ताल की जा रही है।

होटल में घुसकर महिला की गर्दन पर ब्लेड से हमला, मौके पर मौत… पति और बेटे भी घायल

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले के देवभोग थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक आरोपी ने होटल में घुसकर महिला समेत पूरे परिवार पर धारदार ब्लेड से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। खौफनाक वारदात में महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पति और बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और मातम का माहौल है।

मृतका की पहचान ग्राम दीवानमुड़ा निवासी 45 वर्षीय छबिता यादव के रूप में हुई है, जो गांव में चाय-नाश्ते की टपरी संचालित करती थी। बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह आरोपी देवी सिंह यादव नाश्ता करने होटल पहुंचा था। इसी दौरान नाश्ते के पैसे मांगने को लेकर विवाद शुरू हुआ और देखते ही देखते मामला खूनी संघर्ष में बदल गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपी ने अचानक ब्लेड निकालकर छबिता यादव की गर्दन पकड़ ली और ताबड़तोड़ वार कर दिया। महिला खून से लथपथ होकर मौके पर गिर पड़ी। घटना इतनी तेजी से हुई कि वहां मौजूद पति पूरित राम यादव और दोनों बेटे कुछ समझ ही नहीं पाए। जब परिवार ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो आरोपी ने उन पर भी हमला कर दिया। हमले में पति पूरित राम यादव के पेट और बेटे हेमंत यादव की गर्दन पर चोट आई। होटल के भीतर चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। आरोपी वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गया।

घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल परिवार को तत्काल देवभोग अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर प्रकाश साहू ने जांच के बाद छबिता यादव को मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल पिता-पुत्र का उपचार जारी है।

उड़ीसा भागने की फिराक में था आरोपी

घटना की सूचना मिलते ही देवभोग पुलिस सक्रिय हो गई। थाना प्रभारी फैजुल शाह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी देवी सिंह यादव (35 वर्ष), पिता गुणधर यादव निवासी दीवानमुड़ा को हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी वारदात के बाद उड़ीसा भागने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में मर्ग कायम कर हत्या सहित अन्य धाराओं में अपराध दर्ज कर आगे की विवेचना की जा रही है।

चौबेबांधा स्थित पैरी नदी में अवैध रेत उत्खनन: खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग ने मारा छापा, चैन माउंटेन मशीन जब्त

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। कलेक्टर बीएस उइके के निर्देश पर राजिम तहसील अंतर्गत ग्राम चौबेबांधा स्थित पैरी नदी क्षेत्र में खनिज विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध उत्खनन में लगी एक चैन माउंटेन मशीन जब्त की है।

जानकारी के अनुसार, पैरी नदी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायत के बाद 20 मई 2026 को संयुक्त टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर जांच की गई। जांच के दौरान नदी क्षेत्र में अवैध उत्खनन करते हुए एक चैन माउंटेन मशीन पाई गई। संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मशीन को जब्त कर लिया। जब्त वाहन को सुरक्षा की दृष्टि से थाना पांडुका की अभिरक्षा में रखा गया है।

प्रशासन ने बताया कि अवैध उत्खनन में शामिल वाहन संचालकों के खिलाफ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 तथा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए टास्क फोर्स समिति लगातार निगरानी रख रही है और आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

जंगली सुअर का शिकार, 2 शिकारी गिरफ्तार, 4 फरार; मौके से पिकअप वाहन और हथियार जब्त

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले के आरक्षित वन क्षेत्र में वन्यप्राणी के अवैध शिकार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वन विभाग की टीम ने वनगश्त के दौरान 6 शिकारीयों को जंगली सुअर का शिकार करते रंगे हाथों पकड़ लिया। हालांकि मौके का फायदा उठाकर 4 आरोपी फरार हो गए, जबकि 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्य वन संरक्षक मणिवासगण एस. के नेतृत्व तथा विकास कुमार चंद्राकर एवं वनमंडलाधिकारी गरियाबंद के निर्देशानुसार 22 मई 2026 को सुबह लगभग 9 बजे परिसर रक्षी बासीन की टीम आरक्षित वन टेका क्रमांक 468 एवं 694 में नियमित गश्त पर निकली थी। इसी दौरान सुरक्षा श्रमिकों के साथ पहुंची टीम ने देखा कि 6 आरोपी अपने पालतू कुत्तों की मदद से एक नर जंगली सुअर को घेरकर उसका शिकार कर रहे थे।

बताया जा रहा है कि शिकारी कुत्तों ने जंगली सुअर पर बुरी तरह हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वन अमले ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को दबोच लिया, जबकि चार आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए।

मौके से वन विभाग ने मृत जंगली सुअर का शव, शिकार में प्रयुक्त लाठियां तथा छोटा हाथी पिकअप वाहन क्रमांक सीजी 04 एनएच 0150 जब्त किया। घटनास्थल पर पंचनामा एवं जप्तीनामा तैयार कर पी.ओ.आर. क्रमांक 19346/20 दिनांक 22/05/2026 दर्ज किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

1. भुनेश्वर देवार पिता रमेश देवार, निवासी तर्रा, तहसील राजिम, थाना पाण्डुका, जिला गरियाबंद
2. कृष्णा देवार पिता भूपेन्द्र देवार, निवासी तर्रा, तहसील राजिम, थाना पाण्डुका, जिला गरियाबंद

दोनों आरोपियों को भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39, 50, 51 एवं 52 के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर गरियाबंद जेल भेज दिया गया है। फरार 4 आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। इस पूरी कार्रवाई में वनक्षेत्रपाल फिंगेश्वर बद्रीनाथ ध्रुव, उपवनक्षेत्रपाल नरोत्तम साहू, मनीष कुमार वर्मा, वनरक्षक टोमन लाल साहू तथा सुरक्षा श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

भीषण गर्मी में बिजली कटौती से जनता बेहाल, रात में घंटों गुल रहती है बिजली, ग्रामीणों में भारी आक्रोश, कोपरा विद्युत कार्यालय में शराबखोरी के आरोप

कार्यालय परिसर में मिलीं खाली शराब की बोतलें, कचरे के ढेर में फेंके गए इंसुलेटर

(सीजी टॉकिज) :- भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती से जहां नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के लोग परेशान हैं, वहीं कोपरा स्थित विद्युत वितरण कार्यालय की बदहाल व्यवस्था ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कार्यालय परिसर में शराब की खाली बोतलें, डिस्पोजल, प्लास्टिक कचरा और टूटे-फूटे इंसुलेटर पड़े मिलने से लोगों में भारी नाराजगी है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग के कर्मचारी शाम होते ही शराबखोरी में मस्त हो जाते हैं, जिसका सीधा असर विद्युत व्यवस्था पर पड़ रहा है। रात के समय यदि किसी इलाके की बिजली बंद हो जाए तो शिकायत के बाद भी घंटों तक सप्लाई बहाल नहीं हो पाती। कई बार तो पूरी रात अंधेरे में गुजर जाती है और सुबह तक भी सुधार कार्य पूरा नहीं हो पाता।

भीषण गर्मी में बार-बार बिजली गुल होने से छोटे बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं। लगातार कटौती के कारण इन्वर्टर भी जवाब देने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दिनों लगातार बाधित बिजली आपूर्ति के चलते किसानों की फसलें भी प्रभावित हुई हैं।

कार्यालय परिसर की तस्वीरें विभाग की लापरवाही की पोल खोल रही हैं। परिसर में जगह-जगह शराब की खाली शीशियां, प्लास्टिक बोतलें, सूखे पत्तों का ढेर और बिजली उपकरण बिखरे पड़े दिखाई दे रहे हैं। सरकारी कार्यालय की ऐसी स्थिति को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कार्यालय को “श्मशान और शराबखाना” बना दिया गया है।

सख्त कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कर दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही कार्यालय परिसर की नियमित साफ-सफाई, निर्बाध विद्युत आपूर्ति और कर्मचारियों की ड्यूटी के दौरान निगरानी सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।

आंधी-तूफान के दौरान ही होती बिजली प्रभावित-JE

इस मामले में कोपरा के जेई रविशंकर पटेल ने कहा कि “आंधी-तूफान के दौरान ही बिजली प्रभावित होती है, बाकी समय सप्लाई सामान्य रहती है।” वहीं कार्यालय परिसर में मिली खाली शराब की बोतलों के संबंध में उन्होंने जानकारी नहीं होने की बात कही।

श्री संकल्प मिशन हॉस्पिटल का लाइसेंस निलंबित, जांच में मिली गंभीर अनियमितताएं, गरियाबंद कलेक्टर ने जारी किया आदेश

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले के छुरा स्थित श्री संकल्प छत्तीसगढ़ मिशन हॉस्पिटल पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल का लाइसेंस 30 दिनों के लिए निलंबित कर दिया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेश के बाद स्वास्थ्य महकमे और निजी अस्पतालों में हड़कंप मच गया है। जांच में अस्पताल संचालन में गंभीर अनियमितताएं, बिना अनुमति सेवाओं का संचालन और मरीजों के उपचार रिकॉर्ड में भारी विसंगतियां सामने आने की बात कही गई है।

जानकारी के अनुसार हरदी रोड छुरा स्थित श्री संकल्प छत्तीसगढ़ मिशन हॉस्पिटल को लेकर पूर्व में लगातार शिकायतें और समाचार प्रकाशित हुए थे। एक समाचार में “आदिवासी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा सवाल, नौ दिनों तक चलता रहा झूठा इलाज” शीर्षक से मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया था। इसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय द्वारा जांच टीम गठित कर अस्पताल की जांच कराई गई।

जांच टीम की रिपोर्ट में अस्पताल प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगे।

आदेश में सामने आए ये बड़े बिंदु

  • जांच में पाया गया कि अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन का संचालन बिना आवश्यक पंजीयन एवं बिना अधिकृत डॉक्टर की अनुमति के किया जा रहा था।
  • अस्पताल में बिना स्त्री रोग विशेषज्ञ की वैधानिक अनुमति के 24×7 सामान्य एवं सिजेरियन डिलीवरी कराई जा रही थी।
  • मरीजों के उपचार संबंधी रिकॉर्ड और अस्पताल प्रबंधन द्वारा दिए गए जवाब में गंभीर विसंगतियां मिलीं।
  • जांच टीम ने अस्पताल प्रबंधन का जवाब असंतोषजनक माना।
  • प्रशासन ने माना कि अस्पताल संचालन में नियमों का गंभीर उल्लंघन हुआ है, जिससे मरीजों की जान को खतरा उत्पन्न हो सकता था।
  • छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापना अनुज्ञापन अधिनियम 2010 एवं नियम 2013 के तहत कार्रवाई की गई।
  • जारी आदेश के अनुसार अस्पताल का अनुज्ञा पत्र तत्काल प्रभाव से 30 दिनों के लिए निलंबित किया गया है।

आदेश में कहा गया है कि अस्पताल में संचालित सेवाओं में नियमों का गंभीर उल्लंघन पाया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

गौरतलब है कि श्री संकल्प मिशन हॉस्पिटल को लेकर पहले भी कई बार विवाद और शिकायतें सामने आ चुकी हैं। अब लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।