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पैरी नदी में 4 दिन से लापता युवक का शव मिला, झाड़ियों और मलबे के बीच फंसा था शव; पानी उतरते ही खुला राज

(सीजी टॉकिज) :- कोपरा एनीकट में बाढ़ के दौरान पैरी नदी के तेज बहाव में बहकर लापता हुए व्यक्ति का शव आखिरकार चार दिन बाद मंगलवार को नदी के बीच झाड़ियों और मलबे के बीच फंसा मिला। पानी का जलस्तर कम होने के बाद नदी के बीच टीलेनुमा हिस्से में शव दिखाई दिया, जिसके बाद ग्राम तर्रा के ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई। शव मिलने की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।

जानकारी के अनुसार, बीते शुक्रवार को एक व्यक्ति कोपरा स्थित पैरी नदी पर बने एनीकट को पार करने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान अचानक वह नदी की तेज धार की चपेट में आ गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि देखते ही देखते वह नदी में बह गया और फिर दिखाई नहीं दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नदी में बहने से पहले युवक ने आसपास मौजूद लोगों से मदद की गुहार भी लगाई थी, लेकिन तेज बहाव के कारण उसे बचाया नहीं जा सका।

झाड़ियों में मिला शव

घटना के बाद पुलिस और SDRF की टीम ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया था। नदी में लगातार तेज बहाव और बढ़े हुए जलस्तर के कारण तलाश अभियान में काफी दिक्कतें आ रही थीं। पिछले कई दिनों से नदी और उसके आसपास के इलाकों में लापता व्यक्ति की तलाश की जा रही थी। मंगलवार को पानी का स्तर कुछ कम हुआ तो ग्राम तर्रा के पास नदी के बीच झाड़ियों और मलबे में एक शव फंसा हुआ दिखाई दिया। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई।

बताया जा रहा है कि शव नदी के बीच टीलेनुमा हिस्से में घास-झाड़ियों और मलबे के बीच फंसा हुआ है। मौके तक पहुंचने के लिए अभी भी करीब कमर तक पानी पार करना पड़ रहा है। शव काफी समय से पानी में पड़े होने के कारण उसकी हालत खराब हो गई है और उसमें काला और कीड़े पड़ चुके हैं।

पुलिस टीम मौके के लिए रवाना

शव मिलने की सूचना के बाद पांडुका पुलिस की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है। पुलिस का कहना है कि शव को बाहर निकालने के साथ ही संबंधित व्यक्ति की शिनाख्त और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद शव उसी व्यक्ति का है जो शुक्रवार को पैरी नदी में बहा था या किसी अन्य व्यक्ति का। शिनाख्त और जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

सप्ताहभर से अंधेरे में राजिम का लक्ष्मण झूला! मोबाइल की टॉर्च के सहारे चलने मजबूर श्रद्धालु-सैलानी; जिम्मेदारों की अनदेखी पर उठे सवाल

(सीजी टॉकिज) राजिम:- छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल राजिम के त्रिवेणी संगम में बना लक्ष्मण झूला इन दिनों बदइंतजामी का शिकार नजर आ रहा है। झूले पर लगी लाइटें पिछले करीब एक सप्ताह से बंद पड़ी हैं। शाम होते ही यहां अंधेरा छा जाता है और श्रद्धालुओं व सैलानियों को मोबाइल की टॉर्च जलाकर लक्ष्मण झूला पार करना पड़ रहा है।

राजिम को छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहा जाता है। महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के त्रिवेणी संगम पर स्थित यह क्षेत्र धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। यहां भगवान राजीव लोचन, भगवान कुलेश्वरनाथ के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। वहीं लक्ष्मण झूला भी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।

बाढ़ के बीच अंधेरा, बढ़ी परेशानी

इन दिनों महानदी में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए संगम क्षेत्र में लोगों को अधिक सतर्कता के साथ आवाजाही करने की जरूरत है। ऐसे समय में लक्ष्मण झूला की लाइटों का बंद होना सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। अंधेरे में झूले से गुजरने वाले लोगों को डर और असहजता का सामना करना पड़ रहा है। लाइट व्यवस्था बंद होने के कारण कई लोग मोबाइल की टॉर्च के सहारे रास्ता तलाशते हुए नजर आ रहे हैं। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं के लिए अंधेरे में झूला पार करना परेशानी का कारण बन रहा है।

आकर्षण का केंद्र था लक्ष्मण झूला, अब पसरा अंधेरा

लक्ष्मण झूला पर लगी आकर्षक लाइटें रात के समय दूर से ही लोगों का ध्यान खींचती थीं। शाम ढलते ही रोशनी से जगमगाता झूला राजिम की खूबसूरती में चार चांद लगाता था। सैलानी यहां पहुंचकर फोटो, वीडियो और सोशल मीडिया के लिए रील भी बनाते हैं। लेकिन पिछले एक सप्ताह से लाइटें बंद होने के कारण रात में लक्ष्मण झूला की रौनक गायब है। त्योहारी मौसम में जब राजिम में बड़ी संख्या में पर्यटकों और श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है, तब इस तरह की अव्यवस्था चिंता का विषय बनी हुई है।

जिम्मेदारों को नहीं दिख रहा अंधेरा?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पिछले करीब सप्ताहभर से लाइटें बंद हैं तो अब तक इन्हें दुरुस्त क्यों नहीं कराया गया? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है या फिर शिकायत के बावजूद इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा? राजिम जैसे प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल के प्रमुख आकर्षण लक्ष्मण झूला पर सप्ताहभर से अंधेरा पसरा होना व्यवस्था पर सीधा सवाल खड़ा करता है। यहां 24 घंटे बिजली और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी तरह की परेशानी न हो।

तुरंत सुधार की मांग

स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और सैलानियों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि लक्ष्मण झूला की बंद पड़ी सभी लाइटों को तत्काल दुरुस्त कराया जाए। साथ ही नियमित रूप से लाइटिंग और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जाए, ताकि आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अंधेरे में मोबाइल टॉर्च के सहारे चलने की मजबूरी न हो।

प्रश्न यही है कि जब राजिम को पर्यटन और धार्मिक नक्शे पर चमकाने की बात होती है, तो फिर उसके सबसे बड़े आकर्षणों में से एक लक्ष्मण झूला सप्ताहभर तक अंधेरे में क्यों पड़ा है?

छुरा में पुलिया पार करते तेज बहाव में बहा युवक, 24 घंटे बाद झाड़ियों में मिला शव

(सीजी टॉकिज) गरियाबंद :- जिले के छुरा थाना क्षेत्र के मुड़ागांव-भैरा-नवापारा मार्ग पर शनिवार सुबह पुलिया पार करते समय तेज पानी के बहाव में बहकर लापता हुए 32 वर्षीय दिगेश्वर यादव का शव करीब 24 घंटे बाद रविवार सुबह घटनास्थल से 3 से 4 किलोमीटर दूर झाड़ीदार स्थान पर बरामद किया गया। शव मिलने की सूचना के बाद छुरा पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

पुलिया पार करते समय हुआ हादसा

दो युवक साइकिल समेत बहेजानकारी के अनुसार शनिवार सुबह करीब 8 बजे दिगेश्वर यादव पिता संत राम यादव, अपने चचेरे भाई पीतांबर यादव के साथ ग्राम भैरा से साइकिल से नवापारा की ओर लौट रहे थे। दोनों गांव में चरवाही का काम करते हैं। इसी दौरान मुड़ागांव-भैरा-नवापारा मार्ग पर स्थित जर्जर पुलिया पार करते समय पुलिया में बने गड्ढे में दिगेश्वर फंस गए और अचानक तेज पानी के बहाव की चपेट में आकर साइकिल समेत बह गए।

हादसे के दौरान पीतांबर यादव किसी तरह पानी से बाहर निकलने में सफल रहा। वहीं दिगेश्वर तेज बहाव में बह गए। घटनास्थल से उनकी साइकिल बरामद की गई थी।

दिनभर चला रेस्क्यू, नहीं मिला सुराग

दो युवक साइकिल समेत बहेघटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर जुट गए और छुरा पुलिस को जानकारी दी गई। इसके बाद पुलिस तथा गरियाबंद से पहुंची SDRF टीम ने लापता युवक की तलाश शुरू की। शनिवार को देर शाम तक पुलिया से लेकर आसपास के नाले, झाड़ियों और गड्ढों में सघन खोजबीन की गई, लेकिन दिगेश्वर का कोई सुराग नहीं मिला। अंधेरा होने के बाद रेस्क्यू अभियान रोक दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने रात में बैठक कर रविवार सुबह दोबारा व्यापक स्तर पर तलाश करने का निर्णय लिया।

3 से 4 किलोमीटर दूर झाड़ियों में मिला शव

दो युवक साइकिल समेत बहेरविवार सुबह ग्रामीण अलग-अलग समूहों में संभावित स्थानों पर तलाश करने निकले। इसी दौरान घटनास्थल से करीब 3 से 4 किलोमीटर दूर एक छोटे से झाड़ीदार स्थान पर पानी के बहाव में फंसा दिगेश्वर का शव दिखाई दिया। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना छुरा पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू की।

पत्नी और दो बच्चों के सिर से उठा साया

ग्रामीणों ने बताया कि दिगेश्वर यादव गांव में चरवाही का काम कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। पत्नी, बच्चों और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। तीज पर्व की खुशियां मातम में बदल गई है।

पुलिया के स्थायी निर्माण की मांग

दो युवक साइकिल समेत बहेग्रामीणों के अनुसार मुड़ागांव-भैरा-नवापारा मार्ग की उक्त पुलिया लंबे समय से जर्जर स्थिति में है। ग्राम पंचायत द्वारा समय-समय पर मरम्मत कराई जाती रही है, लेकिन स्थायी निर्माण नहीं होने के कारण बारिश के मौसम में यहां पानी का तेज बहाव होने पर स्थिति बेहद खतरनाक हो जाती है।

ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया के नव निर्माण की मांग कई बार शासन-प्रशासन के समक्ष रखी जा चुकी है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका। दिगेश्वर की मौत के बाद ग्रामीणों ने एक बार फिर पुलिया का स्थायी निर्माण कराने के साथ ही ऐसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।

पत्रकार की कार में आधी रात आगजनी, जलकर खाक हुआ वाहन; मचा हड़कंप

(सीजी टॉकिज) पाण्डुका :- गरियाबंद जिले के पाण्डुका थाना क्षेत्र में एक पत्रकार की घर के सामने खड़ी कार में मध्य रात्रि आग लगने से हड़कंप मच गया। घटना 7 सितंबर की देर रात की बताई जा रही है। आग इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह जलकर क्षतिग्रस्त हो गई।

जानकारी के अनुसार, पत्रकार हेमंत कुमार तिवारी की कार रोज की तरह उनके घर के सामने टीन शेड के नीचे खड़ी थी। रात करीब 12 बजे अचानक कार के सेंसर से सायरन जैसी आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर हेमंत तिवारी उठे और बाहर आकर देखा तो कार धधक रही थी। उन्होंने तत्काल घटना की जानकारी पाण्डुका थाना प्रभारी चिंताराम देशमुख को दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ने पुलिस टीम को मौके पर भेजा। पुलिस जवानों और आसपास के लोगों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया।

फायर ब्रिगेड को भी दी गई सूचना

आग की गंभीर स्थिति को देखते हुए गरियाबंद फायर ब्रिगेड को भी सूचना दी गई। फायर ब्रिगेड की टीम मौके के लिए रवाना हो गई और मालगांव तक पहुंच चुकी थी। इसी दौरान स्थानीय स्तर पर आग पर काबू पाने की सूचना मिलने के बाद दमकल वाहन को वापस भेज दिया गया। घर में मौजूद बोर मशीन के पानी और पड़ोसियों की मदद से आग पर काबू पाया गया। हालांकि तब तक कार काफी हद तक जल चुकी थी।

आग लगने का कारण अज्ञात

फिलहाल कार में आग कैसे लगी, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। घटना के बाद पाण्डुका पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आग दुर्घटनावश लगी या किसी ने जानबूझकर वाहन को निशाना बनाया, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

लंबे समय से पत्रकारिता कर रहे हैं हेमंत तिवारी

हेमंत कुमार तिवारी ग्राम पंचायत तौरेंगा के मौलीपारा में रहते हैं और पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। स्थानीय स्तर पर वे विभिन्न जनसमस्याओं, कथित गड़बड़ियों और ज्वलंत मुद्दों से जुड़ी खबरें प्रकाशित करते रहे हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों में चर्चा का माहौल है। ग्रामीण क्षेत्र में घर के सामने खड़े वाहन में इस तरह आग लगने की घटना को लेकर लोग चिंतित हैं।

पुलिस अब घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आगजनी के वास्तविक कारण और इसके पीछे किसी व्यक्ति की भूमिका का खुलासा हो सकेगा।

शासन-प्रशासन से गुहार लगाकर थक चुके ग्रामीणों ने खुद संभाली कमान, नाले में बनाया वैकल्पिक पुलिया

(सीजी टॉकिज) छुरा:- शासन-प्रशासन से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जब वर्षों से चली आ रही समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो ग्रामीणों ने आखिरकार खुद जिम्मेदारी उठाने का फैसला किया। छुरा विकासखंड मुख्यालय से महज 4 से 5 किलोमीटर दूर कोगालबाहरा नाला पर धर्मपुर और राजपुर के ग्रामीणों ने मिलकर वैकल्पिक पुलिया का निर्माण कर दिया।

टेंगनाबासा से सिवनी रोड को जोड़ने वाले इस मार्ग पर नाले में पुल नहीं होने के कारण बारिश के दिनों में ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से चंदा जुटाकर, मानव श्रम के साथ ट्रैक्टर और जेसीबी की मदद से वैकल्पिक पुलिया तैयार की है।

ग्रामीणों के मुताबिक कोगालबाहरा नाला पार कर छुरा ब्लॉक मुख्यालय की दूरी करीब 4 से 5 किलोमीटर ही है। लेकिन नाले पर स्थायी पुल नहीं होने के कारण वैकल्पिक मार्ग से जाने पर लोगों को लगभग 15 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, किसानों, बुजुर्गों और रोजमर्रा के काम से ब्लॉक मुख्यालय आने-जाने वाले ग्रामीणों को होती थी। बारिश के दौरान नाले में पानी बढ़ने पर समस्या और गंभीर हो जाती थी।

बारिश में नाला पार करना बन जाता था मुसीबत

नाले पर पुल नहीं होने से बरसात के दिनों में दोपहिया और चारपहिया वाहनों को यहां से गुजरना बेहद मुश्किल हो जाता था। कई बार वाहन किसी तरह नाला पार कर भी लेते थे, तो रास्ते की खराब स्थिति और पानी के कारण वाहनों में तकनीकी खराबी आने की शिकायतें सामने आती थीं। कई मौकों पर ग्रामीणों को वाहन लेकर वापस लौटना पड़ता था और लंबा चक्कर काटकर मुख्यालय पहुंचना पड़ता था।

ग्रामीणों ने खुद उठाया फावड़ा

ग्रामीणों का कहना है कि कोगालबाहरा नाला पर पुलिया निर्माण के लिए वे कई बार शासन और प्रशासन से मांग कर चुके हैं। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने समस्या रखी गई, लेकिन मांग पूरी नहीं होने पर ग्रामीणों ने अब इंतजार करने के बजाय खुद ही पहल करने का निर्णय लिया। धर्मपुर और राजपुर के ग्रामीण एकजुट हुए। गांव के लोगों ने आपस में चंदा एकत्रित किया और निर्माण कार्य के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की। ग्रामीणों ने जहां अपने स्तर पर श्रमदान किया, वहीं ट्रैक्टर और जेसीबी के खर्च का भी आपसी सहयोग से इंतजाम किया गया।

सरकारी व्यवस्था का इंतजार करने के बजाय ग्रामीणों द्वारा स्वयं संसाधन जुटाकर रास्ते की समस्या दूर करने की कोशिश क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पुलिया उनकी सुविधा के लिए बेहद जरूरी है। इससे न केवल दूरी कम होगी, बल्कि स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों, किसानों और आम नागरिकों को बारिश के दिनों में बड़ी राहत मिलेगी।

हालांकि ग्रामीणों की यह पहल तत्काल राहत देने वाली है, लेकिन उनका कहना है कि स्थायी समाधान के लिए शासन-प्रशासन को यहां पक्का पुल बनाना चाहिए।

ग्रामीणों की मेहनत के बाद क्या जागेगा प्रशासन?

जिस रास्ते के लिए ग्रामीण वर्षों से मांग करते रहे, उसी रास्ते पर आखिरकार उन्हें अपने संसाधनों से वैकल्पिक पुलिया बनानी पड़ी। ग्रामीणों की यह पहल जहां उनकी मजबूरी और एकजुटता दोनों को दिखाती है, वहीं यह सवाल भी खड़ा करती है कि जब ब्लॉक मुख्यालय महज 5 किलोमीटर दूर है, तो इतनी महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी के लिए स्थायी पुलिया अब तक क्यों नहीं बन सकी?

अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी मेहनत को देखते हुए शासन-प्रशासन इस समस्या का स्थायी समाधान करेगा और कोगालबाहरा नाला पर पक्का पुल निर्माण की दिशा में जल्द कदम उठाएगा।

गरियाबंद ब्रेकिंग: गजपल्ला वॉटरफॉल में फिर डूबा युवक, स्टंटबाजी का वीडियो वायरल; पिछले साल भी गई थी युवती की जान

(सीजी टॉकिज) गरियाबंद :- जिले के गजपल्ला वॉटरफॉल में एक बार फिर दर्दनाक हादसा सामने आया है। पिकनिक मनाने रायपुर से पहुंचे युवाओं के समूह में शामिल एक युवक की जलप्रपात में नहाने के दौरान डूबने से मौत होने की खबर है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंचकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है।

जानकारी के मुताबिक रायपुर निवासी 17 वर्षीय आदित्य चौधरी अपने 5 दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने गजपल्ला वॉटरफॉल पहुंचे थे। इसी दौरान आदित्य नहाने के लिए पानी में उतरा और गहरे पानी में चला गया। देखते ही देखते वह पानी में डूब गया। साथियों ने घटना की सूचना प्रशासन को दी, जिसके बाद संबंधित टीम मौके के लिए रवाना हुई। हालांकि समाचार लिखे जाने तक नाम और अन्य विवरण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। रेस्क्यू टीम द्वारा शव को बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की गई।

स्टंटबाजी का वीडियो वायरल

गजपल्ला वॉटरफॉल में युवक के डूबने की घटना के बीच यहां सैलानियों की कथित स्टंटबाजी का वीडियो भी चर्चा में आ गया है। वायरल वीडियो में कुछ लोग पानी और चट्टानों के बीच बेहद खतरनाक अंदाज में स्टंट करते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि गजपल्ला वॉटरफॉल को पर्यटकों के लिए प्रतिबंधित किया जा चुका है, लेकिन लोग यहां तक पहुंच कैसे रहे हैं? यह बड़ा सवाल है।

एक साल पहले भी गई थी युवती की जान

गजपल्ला वॉटरफॉल में यह पहली घटना नहीं है। 15 जुलाई 2025 को भी यहां एक युवती की डूबने से मौत हो गई थी। उस समय रायपुर से 5 लड़कियां और 2 लड़के पिकनिक मनाने गजपल्ला जलप्रपात पहुंचे थे। इसी दौरान 18 वर्षीय महविश खान पानी में डूब गई थीं। घटना के बाद करीब 24 घंटे तक तलाश अभियान चलाया गया और युवती का शव जलप्रपात के नीचे बने खोल में फंसा मिला था।

प्रशासन ने किया था बैन

घटना के बाद जिला प्रशासन द्वारा गजपल्ला जलप्रपात को पर्यटकों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था। साथ ही आसपास के गांवों में मुनादी भी कराई गई थी। बताया गया कि यहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार गजपल्ला जलप्रपात का पानी कई जगह 20 फीट से अधिक गहरा है। जलप्रपात के भीतर चट्टानों के खोल और सुरंगनुमा हिस्से भी हैं, जिससे पानी में उतरने वालों के लिए खतरा और बढ़ जाता है।

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पोड़ स्कूल में वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल, प्राचार्य पर तानाशाही का आरोप, SMC ने कलेक्टर से की जांच की मांग

(सीजी टॉकिज) गरियाबंद :- जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल ग्राम पोड़ की व्यवस्था को लेकर अब सवाल स्कूल की चारदीवारी से निकलकर कलेक्टर कार्यालय तक पहुंच गए हैं। शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के अध्यक्ष गोपाल साहू ने जिला कलेक्टर गरियाबंद को लिखित शिकायत सौंपकर विद्यालय की वित्तीय और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

शिकायत में विद्यार्थियों से प्राप्त शुल्क की राशि का पूरा हिसाब नहीं देने से लेकर स्कूल का कबाड़ बिना समिति के प्रस्ताव/अनुमोदन के बेचने तक के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्कूल में आने वाली राशि, उसके खर्च और संसाधनों की बिक्री का रिकॉर्ड आखिर कितना पारदर्शी है? हालांकि, इन सभी आरोपों की पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी।

दो साल में करीब ढाई लाख की फीस, हिसाब गायब

कलेक्टर को दिए आवेदन में समिति अध्यक्ष ने दावा किया है कि शैक्षणिक सत्र 2024-25 एवं 2025-26 में विद्यार्थियों से विभिन्न मदों में करीब 2.50 लाख शुल्क प्राप्त हुआ। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस राशि का पूर्ण एवं स्पष्ट आय-व्यय विवरण शाला प्रबंधन समिति के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया।

समिति द्वारा राशि का हिसाब और संबंधित दस्तावेज मांगे जाने के बावजूद लंबे समय से पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। समिति ने शुल्क राशि के संबंध में बैंक स्टेटमेंट, रसीद एवं संबंधित अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है।

हिसाब मांगने पर बढ़ा विवाद

पोड़ स्कूलसमिति अध्यक्ष के अनुसार जब स्कूल की आय-व्यय संबंधी जानकारी मांगी गई तोयह कहा गया कि समिति को हिसाब मांगने का अधिकार नहीं है। यही बात अब विवाद का वजह बन गई है। यदि समिति विद्यालय के वित्तीय एवं विकास संबंधी मामलों की निगरानी में सहभागी है, तो उसके द्वारा मांगी गई जानकारी क्यों नहीं दी गई।

बैठक में फैसला हुआ, फिर भी स्टेटमेंट नहीं मिला

शिकायत में बताया गया है कि शाला प्रबंधन समिति की बैठक में एक सप्ताह के भीतर स्टेटमेंट प्रस्तुत करने संबंधी प्रस्ताव/निर्णय लिया गया था। आरोप है कि निर्णय के बावजूद निर्धारित समय में स्टेटमेंट प्रस्तुत नहीं किया गया। अब समिति ने जांच के जरिए यह पता लगाने की मांग की है कि बैठक में लिए गए निर्णय का पालन क्यों नहीं हुआ और वित्तीय दस्तावेज उपलब्ध कराने में देरी क्यों की गई।

साइकिल वितरण कार्यक्रम से समिति अध्यक्ष ‘आउट’

शिकायत में विद्यार्थियों के साइकिल वितरण कार्यक्रम को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। समिति अध्यक्ष का आरोप है कि स्कूल में होने वाले अधिकांश कार्यक्रमों की जानकारी उन्हें नहीं दी जाती और न ही उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया। शिकायतकर्ता ने इसे विद्यालय के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शाला प्रबंधन समिति की भूमिका की अनदेखी का आरोप लगाया है।

कबाड़ की बिक्री पर सवाल

समिति अध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि स्कूल का कबाड़ बिना शाला प्रबंधन समिति के प्रस्ताव एवं आवश्यक जानकारी/अनुमोदन के बेचा गया। बताया गया कि वर्ष 2023 से 2026 के बीच दो से तीन बार कबाड़ बेचे जाने की जानकारी सामने आने का उल्लेख करते हुए जांच की मांग की गई है।

समिति ने प्रशासन से मांग की है कि कबाड़ में कौन-कौन सी सामग्री शामिल थी? उसे किस प्रक्रिया के तहत बेचा गया? कबाड़ किसे और कितनी राशि में बेचा गया? बिक्री से प्राप्त राशि कहां जमा हुई? उस राशि का कहां और किस मद में उपयोग किया गया?

शाला प्रवेशोत्सव आयोजन नहीं करने का आरोप

पोड़ स्कूलशिकायत में शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन नहीं किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। समिति अध्यक्ष ने प्रशासन से यह जांच कराने की मांग की है कि संबंधित कार्यक्रम को लेकर विभागीय निर्देशों का पालन हुआ था या नहीं।

कलेक्टर से दस्तावेजों की जांच की मांग

समिति अध्यक्ष गोपाल साहू सहित समिति के अन्य सदस्यों ने कलेक्टर से शिकायत की जांच कर विद्यालय के वित्तीय और प्रशासनिक रिकॉर्ड की पड़ताल कराने की मांग की है। इसमें विद्यार्थियों से प्राप्त शुल्क राशि, बैंक स्टेटमेंट, रसीद, आय-व्यय विवरण, समिति की बैठकों के प्रस्ताव तथा कबाड़ बिक्री से संबंधित दस्तावेजों की जांच शामिल है।

साथ ही स्कूल में साइकिल वितरण कार्यक्रम की जानकारी समिति अध्यक्ष को नहीं दिए जाने और शाला प्रवेशोत्सव के आयोजन एवं विभागीय निर्देशों के पालन की भी जांच की मांग की गई है।

अब जांच पर टिकी निगाहें

शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाना नहीं, बल्कि विद्यालय की वित्तीय एवं प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता करना है।

गरियाबंद जिला पंचायत अध्यक्ष की इनोवा को पिकअप ने मारी जोरदार टक्कर, गाड़ी के उड़े परखच्चे

(सीजी टॉकिज) गरियाबंद :- जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-130 सी पर गुरुवार सुबह बड़ा सड़क हादसा हो गया। जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप की इनोवा वाहन को सामने से आ रही तेज रफ्तार मालवाहक पिकअप ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि इनोवा का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि जिला पंचायत अध्यक्ष इस हादसे में बाल-बाल बच गए।

जानकारी के अनुसार जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप अपने निजी निवास से राजधानी रायपुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान जुगाड़ और मैनपुर थाना क्षेत्र के बीच राजापड़ाव से पहले राष्ट्रीय राजमार्ग के एक मोड़ पर सामने से आ रही मालवाहक पिकअप उनकी इनोवा से जा भिड़ी।

हादसा इतना जोरदार था कि दोनों वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा। इनोवा का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहगीरों और आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पिकअप चालक और हादसे के संबंध में जांच की जा रही है।

हादसों का हॉटस्पॉट

स्थानीय लोगों के मुताबिक राष्ट्रीय राजमार्ग-130 सी पर झरियाबाहरा से धूर्वागुड़ी तक करीब 40 किलोमीटर का मार्ग अभ्यारण्य क्षेत्र से होकर गुजरता है। इस हिस्से में सड़क चौड़ीकरण नहीं होने के कारण वाहन चालकों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में यह मार्ग और भी खतरनाक हो जाता है। संकरी सड़क, तीखे मोड़ और बारिश के कारण फिसलन से दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। बताया जा रहा है कि पूरे बारिश सीजन में इस मार्ग पर लगातार सड़क हादसे सामने आ रहे हैं।

महीनेभर पहले रेंजर की भी हुई थी मौत

करीब एक माह पहले भी इसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में देवभोग के एक रेंजर और उनके चालक की मौत हो गई थी। क्षेत्रवासियों का कहना है कि जल्द ही इस संवेदनशील सड़क हिस्से की स्थिति में सुधार और आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाएं।

गरियाबंद में 2 करोड़ के गांजे के साथ 5 अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार, 400 किलो गांजा और 6.50 लाख नकद जब्त

(सीजी टॉकिज) गरियाबंद:- “ऑपरेशन निश्चय” के तहत गरियाबंद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 400 किलोग्राम अवैध गांजा के साथ पांच अंतर्राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपये है। कार्रवाई के दौरान गांजा तस्करी में प्रयुक्त आयशर वाहन, मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और 6 लाख 50 हजार रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं।

देवभोग चेकपोस्ट पर पकड़ाया संदिग्ध वाहन

पुलिस के अनुसार, पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज के निर्देश एवं पुलिस अधीक्षक गरियाबंद के मार्गदर्शन में जिले में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध परिवहन और बिक्री के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 24 अगस्त 2026 की रात देवभोग थाना क्षेत्र के ग्राम खुटगांव स्थित चेकपोस्ट नाका, एनएच-130सी पर पुलिस टीम द्वारा सघन जांच की जा रही थी।

इसी दौरान ओडिशा की ओर से एक नारंगी रंग का आयशर वाहन क्रमांक MH 06 BW 4144 आता दिखाई दिया। पुलिस टीम ने वाहन को रोककर जांच की तो उसके ऊपर काले रंग के तिरपाल से ढके संदिग्ध पैकेट दिखाई दिए। तिरपाल हटाकर तलाशी लेने पर पैकेटों में गांजा बरामद हुआ। वाहन में मौजूद दो लोगों ने अपनी पहचान संतोष अनंता मोहिते और सुमित सुभाष थोड़वे के रूप में बताई।

आगे चल रही बाइक बताती थी रास्ता, दो और आरोपी गिरफ्तार

2 करोड़ के गांजे के साथ 5 अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तारपूछताछ के दौरान पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उनके आगे एक नीले रंग की ग्लैमर मोटरसाइकिल क्रमांक OD 08 W 5814 चल रही है, जिसमें दो लोग सवार हैं और वे उन्हें रास्ता बता रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मोटरसाइकिल की तलाश शुरू की और उसमें सवार पंकज अनंता मोहिते तथा जलंधर खम्हारी को पकड़ लिया। इसके बाद आयशर वाहन की विस्तृत तलाशी लेने पर उसमें से कुल 400 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। आरोपी गांजे के परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।

ओडिशा से सप्लायर गिरफ्तार

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर गांजा ओडिशा के कालाहांडी जिले के आमपानी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डेंगागुड़ा निवासी विनोद दिसारी से प्राप्त करने की जानकारी दी। इसके बाद गरियाबंद पुलिस ने मामले में एंड-टू-एंड कार्रवाई करते हुए ओडिशा पहुंचकर विनोद दिसारी को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से गांजा के कथित क्रय-विक्रय से संबंधित 5 लाख रुपये नकद भी जब्त किए हैं।

6.50 लाख नकद समेत वाहन और मोबाइल जब्त

2 करोड़ के गांजे के साथ 5 अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तारपुलिस ने कार्रवाई के दौरान 400 किलो अवैध गांजा, आयशर वाहन, ग्लैमर बाइक, मोबाइल फोन, 1 लाख 50 हजार रुपये नकद तथा ओडिशा से गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से 5 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं। इस तरह नकद राशि कुल 6 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है।

NDPS एक्ट में मामला दर्ज

पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर NDPS एक्ट की धारा 20(B)(ii)(C) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि गांजे की यह खेप कहां पहुंचाई जा रही थी और इसके पीछे कितने अन्य लोग जुड़े हुए हैं।

फिंगेश्वर से राजिम तक भव्य कांवड़ यात्रा का हुआ आयोजन, विधायक रोहित साहू ने सभी श्रद्धालुओं, क्षेत्रवासियों और सहयोगियों का जताया आभार

(सीजी टॉकिज) राजिम:- सावन की भक्ति और आस्था से सराबोर सोमवार को फिंगेश्वर से राजिम तक करीब 17 किलोमीटर लंबी भव्य कांवड़ यात्रा का आयोजन उत्साह और उमंग के साथ संपन्न हुआ। पंचकोशी धाम भगवान फणीकेश्वर नाथ महादेव, फिंगेश्वर से त्रिवेणी संगम स्थित भगवान कुलेश्वर नाथ महादेव, राजिम तक निकली इस विशाल पदयात्रा में हजारों की संख्या में कांवड़ियों, जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों, धर्मप्रेमी नागरिकों, युवाओं और महिलाओं ने भाग लिया।

पूरे यात्रा मार्ग में “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष गूंजते रहे। भगवा ध्वजों और कांवड़ के साथ शिवभक्तों का कारवां जहां से गुजरा, वहां माहौल पूरी तरह शिवमय नजर आया। यात्रा के दौरान जगह-जगह ग्रामीणों और नगरवासियों ने कांवड़ियों का स्वागत किया। श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न स्थानों पर पेयजल, स्वल्पाहार और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई थी।

राजिम पहुंचते ही गूंजा हर-हर महादेव

कांवड़ यात्रा के राजिम पहुंचने पर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। त्रिवेणी संगम स्थित भगवान कुलेश्वर नाथ महादेव मंदिर पहुंचकर कांवड़ियों ने विधि-विधान से जलाभिषेक किया। जलाभिषेक के साथ ही यात्रा का भव्य समापन हुआ। इस दौरान पूरा राजिम क्षेत्र हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गूंज उठा।

विधायक रोहित साहू ने जताया आभार

समापन अवसर पर विधायक रोहित साहू ने कांवड़ यात्रा में शामिल सभी शिवभक्तों, वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों, पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। विधायक रोहित साहू ने कहा कि “यह कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति, सामाजिक एकता और अटूट आस्था का प्रतीक है। फणीकेश्वर नाथ महादेव से लेकर कुलेश्वर नाथ महादेव तक आज पूरा क्षेत्र शिवमय हो गया। हजारों श्रद्धालुओं ने जिस अनुशासन, उत्साह और श्रद्धा के साथ यात्रा पूरी की, वह वास्तव में सराहनीय है।”

उन्होंने यात्रा में शामिल प्रत्येक शिवभक्त की भक्ति और समर्पण की प्रशंसा करते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से यात्रा पूरी करना सभी के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।

विधायक ने यात्रा के दौरान स्वल्पाहार, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं में जुटी आयोजन समिति के सदस्यों का विशेष धन्यवाद किया। उन्होंने यात्रा मार्ग में जगह-जगह कांवड़ियों का स्वागत करने वाले ग्रामवासियों और नगरवासियों के प्रति भी आभार जताया। साथ ही यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने में जुटे पुलिसकर्मियों, प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों, स्वयंसेवकों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न समाज के सहयोगियों की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने छात्र-छात्राओं सहित उन सभी लोगों का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कांवड़ यात्रा को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।

हर परिवार की खुशहाली के लिए की प्रार्थना

कांवड़ यात्रा के समापन पर विधायक रोहित साहू ने भगवान कुलेश्वर नाथ महादेव का जलाभिषेक किया। उन्होंने भगवान भोलेनाथ से राजिम विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक परिवार और प्रत्येक नागरिक के सुख, शांति, समृद्धि, स्वस्थ जीवन और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की कृपा से क्षेत्र में आपसी भाईचारा, सामाजिक सद्भाव और एकता हमेशा बनी रहे।