कार्यालय परिसर में मिलीं खाली शराब की बोतलें, कचरे के ढेर में फेंके गए इंसुलेटर
(सीजी टॉकिज) :- भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती से जहां नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के लोग परेशान हैं, वहीं कोपरा स्थित विद्युत वितरण कार्यालय की बदहाल व्यवस्था ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कार्यालय परिसर में शराब की खाली बोतलें, डिस्पोजल, प्लास्टिक कचरा और टूटे-फूटे इंसुलेटर पड़े मिलने से लोगों में भारी नाराजगी है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग के कर्मचारी शाम होते ही शराबखोरी में मस्त हो जाते हैं, जिसका सीधा असर विद्युत व्यवस्था पर पड़ रहा है। रात के समय यदि किसी इलाके की बिजली बंद हो जाए तो शिकायत के बाद भी घंटों तक सप्लाई बहाल नहीं हो पाती। कई बार तो पूरी रात अंधेरे में गुजर जाती है और सुबह तक भी सुधार कार्य पूरा नहीं हो पाता।
भीषण गर्मी में बार-बार बिजली गुल होने से छोटे बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं। लगातार कटौती के कारण इन्वर्टर भी जवाब देने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दिनों लगातार बाधित बिजली आपूर्ति के चलते किसानों की फसलें भी प्रभावित हुई हैं।
कार्यालय परिसर की तस्वीरें विभाग की लापरवाही की पोल खोल रही हैं। परिसर में जगह-जगह शराब की खाली शीशियां, प्लास्टिक बोतलें, सूखे पत्तों का ढेर और बिजली उपकरण बिखरे पड़े दिखाई दे रहे हैं। सरकारी कार्यालय की ऐसी स्थिति को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कार्यालय को “श्मशान और शराबखाना” बना दिया गया है।
सख्त कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कर दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही कार्यालय परिसर की नियमित साफ-सफाई, निर्बाध विद्युत आपूर्ति और कर्मचारियों की ड्यूटी के दौरान निगरानी सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।
आंधी-तूफान के दौरान ही होती बिजली प्रभावित-JE
इस मामले में कोपरा के जेई रविशंकर पटेल ने कहा कि “आंधी-तूफान के दौरान ही बिजली प्रभावित होती है, बाकी समय सप्लाई सामान्य रहती है।” वहीं कार्यालय परिसर में मिली खाली शराब की बोतलों के संबंध में उन्होंने जानकारी नहीं होने की बात कही।














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