स्मार्ट मीटर जनता से भी अधिक स्मार्ट, कांग्रेस की सरकार आयी तो स्मार्ट मीटर हटा देंगे–अमितेश शुक्ला
(सीजी टॉकिज) गरियाबंद :- बढ़ते बिजली बिल, महंगाई और स्मार्ट मीटर के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी गरियाबंद ने गुरुवार को एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता बिजली विभाग कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विभाग का घेराव किया और विरोध स्वरूप पुतला दहन किया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच कुछ देर के लिए झूमाझटकी भी हुई। हालांकि स्थिति को पुलिस ने नियंत्रित कर लिया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि लगातार बढ़ रहे बिजली बिलों से आम जनता और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई और बढ़ती बिजली दरों ने लोगों का जीवन प्रभावित कर दिया है। यदि सरकार बिजली दरों में राहत नहीं देती और आम उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान नहीं करती, तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में आंदोलन को और तेज करेगी।
धरना-प्रदर्शन के बाद आयोजित प्रेसवार्ता में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, छत्तीसगढ़ के प्रथम पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री एवं पूर्व विधायक अमितेश शुक्ल ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि “स्मार्ट मीटर जनता से ज्यादा स्मार्ट साबित हो रहे हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है।
अमितेश शुक्ल ने कहा कि यदि भविष्य में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है, तो स्मार्ट मीटरों को हटाने का निर्णय लिया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। कांग्रेस ने सरकार से बिजली दरों में राहत देने और बढ़ते बिजली बिलों की समीक्षा करने की मांग की है।






पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए चारों धाम चौक पर बैरिकेडिंग कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रुपेश साहू सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद भी कार्यकर्ता सड़क पर बैठकर नारेबाजी करते रहे।
ग्राम बिरोदा निवासी पोषण साहू खोरपा स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में बैंक मित्र के पद पर कार्यरत हैं। 1 जून की शाम करीब 4.40 बजे पोषण बैंक से छुट्टी होने के बाद अपने निजी खाते से 2 लाख रुपये निकाले और रकम को अपने पिट्ठू बैग में रखकर मोटरसाइकिल से गांव लौट रहे थे।

शिकायत के अनुसार पहले अफवाहें फैलाई गईं और फिर सुनियोजित तरीके से लोगों को एकत्रित कर हमला कराया गया। सरपंच का कहना है कि उग्र भीड़ ने उन पर, उनके भाई जागेश्वर साहू तथा दुखीन बाई साहू पर हमला कर दिया, जिससे तीनों घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

अभनपुर पुलिस ने अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति बेल्ट के आधार पर मृतक की पहचान कर सके या उसके संबंध में कोई जानकारी रखता हो, तो तत्काल थाना अभनपुर से संपर्क करे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिला मुख्यालय होने के कारण गरियाबंद में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा रोजगार और व्यवसाय के सिलसिले में बड़ी संख्या में बाहरी लोग निवास करते हैं। ऐसे में उनकी पृष्ठभूमि और गतिविधियों की जानकारी रखना सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक है। अभियान के दौरान पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी जुटाई और उनके मूल निवास क्षेत्र के थानों से आपराधिक रिकॉर्ड मंगाने की प्रक्रिया भी शुरू की है। आदतन अपराधियों और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
सत्यापन अभियान के दौरान मकान मालिकों को किराएदारों की जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराने संबंधी दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही उन्हें समाधान ऐप के बारे में जानकारी देकर ऑनलाइन माध्यम से किराएदार सत्यापन कराने के लिए प्रेरित किया गया।


