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मार खाने से बचने चलती ट्रैक्टर से कूदा चालक, नवापारा के गंज रोड में मचा हड़कंप, कई लोगों की सांसे अटकी

(सीजी टॉकिज) :- नवापारा में मंगलवार दोपहर एक ट्रैक्टर चालक की लापरवाही देखने को मिला। बताया जा रहा है कि शहर के सबसे व्यस्त गंज रोड स्थित पंजवानी चौक के पास खुद को बचाने की कोशिश में चालक ने ट्रैक्टर रोकने की बजाय चलती गाड़ी से ही छलांग लगा दी। चालक के कूदते ही रेत से भरा ट्रैक्टर बेकाबू हो गया और सीधे सड़क किनारे दो दुकानों के बीच जा फंसा।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रैक्टर क्रमांक सीजी 05 एएस 1920 इंदिरा मार्केट की ओर जा रहा था। इसी दौरान पंजवानी चौक के पास किसी युवक ने चालक को मारने के लिए दौड़ाया। मार खाने से बचने के लिए चालक ने चलती ट्रैक्टर ही छलांग लगा दी, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

चालक के कूदते ही रेत से भरा ट्रैक्टर बेकाबू हो गया और सीधे सड़क किनारे स्थित बुक डिपो और कपड़े की दुकानों के बीच जा फंसा। ट्रैक्टर के दुकानों की ओर बढ़ते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए दौड़ पड़े। हादसे में दुकानों के सामने लगा लोहे का शेड बुरी तरह टूट गया। घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया। बाद में दूसरे इंजन की मदद से रेत भरी ट्रॉली को हटाया गया और काफी मशक्कत के बाद लोहे के एंगल में फंसे ट्रैक्टर इंजन को बाहर निकाला गया।

घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों और लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना है कि चालक की लापरवाही ने कई जिंदगियों को खतरे में डाल दिया। उनका कहना है कि ट्रैक्टर को नियंत्रित करने की बजाय चलती गाड़ी से कूद जाना बेहद गैरजिम्मेदाराना हरकत थी। फिलहाल घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है।

शादी के 5 महीने बाद नवविवाहिता की मौत, कमरे में फंदे पर लटका मिला शव, मायके पक्ष बोला- “बेटी की हत्या कर लटकाया गया”

(सीजी टॉकिज) :- धमतरी जिले में शादी के महज पांच महीने बाद नवविवाहिता की संदिग्ध मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। फांसी पर झूलता शव मिलने के बाद मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। न्याय की मांग को लेकर सोमवार को परिजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। मामला अर्जुनी थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के अनुसार मृतका कामेश्वरी साहू की शादी करीब पांच महीने पहले परसतराई निवासी मुनेश के साथ हुई थी। मृतका के चाचा भोजराम साहू ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही दामाद उनकी भतीजी के साथ मारपीट करता था और उसे प्रताड़ित किया जाता था।

परिजनों के मुताबिक 9 मई को मृतका के ससुर ने फोन कर जानकारी दी कि कामेश्वरी ने आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलने पर जब परिवार के लोग ससुराल पहुंचे और कमरे का दरवाजा तोड़ा, तब उन्हें पूरा घटनाक्रम संदिग्ध लगा। परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी हत्या कर शव को फांसी पर लटका दिया गया।

मृतका के परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस ने पहले कहा था कि पोस्टमार्टम अगले दिन यानी 10 मई को कराया जाएगा, जिसके बाद उन्हें घर भेज दिया गया। लेकिन बाद में बिना सूचना दिए पोस्टमार्टम करा लिया गया और शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। इससे परिजनों में नाराजगी और बढ़ गई है।

सोमवार को परिजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इधर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि मामला अर्जुनी थाना क्षेत्र का है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। वहीं दूसरी ओर ससुराल पक्ष ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खुद को निर्दाेष बताया है। फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की जांच में जुटी हुई है।

घड़े-बाल्टी लेकर हाईवे जाम: पानी संकट पर महिलाओं का फूटा गुस्सा, प्रशासन के आश्वासन के बाद खुला जाम

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले के पाण्डुका क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत पोंड में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट ने विकराल रूप ले लिया है। वर्षों से पानी की समस्या झेल रहे ग्रामीणों का सब्र आखिरकार टूट गया और डोंगरीपारा की सैकड़ों महिलाएं सड़क पर उतर आईं। महिलाओं ने घरों से बाल्टी, घड़े और बर्तन लेकर नेशनल हाईवे पर करीब एक घंटे तक चक्काजाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि ग्राम पंचायत पोंड और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग हर साल पानी संकट का स्थायी समाधान करने के दावे करते हैं, लेकिन स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। लोगों का कहना है कि “आज-कल समस्या हल होगी” कहकर केवल आश्वासन दिया जाता रहा, जबकि गांव में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है।

प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र किया जाएगा। महिलाओं ने बताया कि डोंगरीपारा में दर्जनों बोर खनन कराए गए, लेकिन एक भी सफल नहीं हुआ। वहीं लाखों रुपए की लागत से बनी पानी टंकी भी सूखी पड़ी है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को सुझाव देते हुए कहा कि कुकदा डैम से पाइपलाइन के जरिए पानी की व्यवस्था की जाए, तभी क्षेत्र की गंभीर जल समस्या का समाधान संभव है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि जल संसाधन विभाग द्वारा कुछ समय पहले निस्तारी के लिए पानी छोड़ा गया था, लेकिन वह कई गांवों के तालाबों तक पहुंच ही नहीं पाया और हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह गया।

चक्काजाम की सूचना मिलते ही जिला पंचायत सीईओ और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि गांव में तत्काल तीन नए बोर खनन की अनुमति दी गई है। इसके बाद करीब एक घंटे बाद महिलाओं ने आंदोलन समाप्त कर सड़क से जाम हटाया।

इधर, छुरा जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष कुलेश्वर सोनवानी ने भी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि “मैं खुद सत्ताधारी दल का जनप्रतिनिधि हूं, लेकिन अधिकारी हमारी तक नहीं सुन रहे हैं। कई बार जल संसाधन विभाग से पानी छोड़ने की मांग की गई, लेकिन आज तक कई गांवों के तालाबों तक पानी नहीं पहुंचा। जब जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुनी जा रही, तो आम जनता की समस्या कौन सुनेगा?” उन्होंने लापरवाह अधिकारियों को हटाकर संवेदनशील अधिकारियों की नियुक्ति की मांग की।

ट्रक ने बाइक सवार को कुचला, दो दोस्तों की दर्दनाक मौत

(सीजी टॉकिज) :- रायगढ़ जिले के पुसौर थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को कुचल दिया। हादसे में दोनों युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आगे की कार्रवाई में जुट गई।

मिली जानकारी के अनुसार चंद्रपुर की ओर से आ रहे ट्रक क्रमांक सीजी 13 एलए 1157 के चालक ने लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए सामने से आ रही बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार महेश निषाद और सोनू माली ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रक की रफ्तार काफी तेज थी और बाइक सवार युवकों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। बताया जा रहा है कि दोनों युवक रायगढ़ से अपने गांव लौट रहे थे। जैसे ही वे ग्राम तेतला के पास पहुंचे, सामने से आ रहे ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद कुछ देर तक मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा।

घटना की सूचना मिलते ही पुसौर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने ट्रक जब्त कर लिया है तथा दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर आगे की जांच की जा रही है।

विवाहिता की संदिग्ध मौत: मायके पक्ष ने जताई हत्या की आशंका

(सीजी टॉकिज) :- बिलासपुर जिले के बेलगहना चौकी क्षेत्र में एक विवाहिता की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उनकी बेटी को प्रताड़ित किया जाता था और उसकी मौत सामान्य नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या हो सकती है। परिजनों ने पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी और न्यायिक अधिकारियों की मौजूदगी में जांच कराने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार मृतका दीक्षा कुशवाहा उर्फ पुनीता की शादी दिलीप कुशवाहा के साथ हुई थी। दोनों बेलगहना चौकी क्षेत्र के अंतर्गत खोंगसरा में रहते थे। बताया जा रहा है कि 9 मई 2026 को अचानक दीक्षा की मौत की खबर उसके मायके पक्ष को दी गई। सूचना मिलते ही मृतका के भाई राजेश पटेल समेत परिजन ससुराल पहुंचे, जहां उन्हें बताया गया कि दीक्षा की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी और उसे सिम्स अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

हालांकि परिजनों ने ससुराल पक्ष की इस कहानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि दीक्षा के शरीर की स्थिति और घटनास्थल की परिस्थितियां सामान्य मौत की ओर इशारा नहीं करतीं। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही दीक्षा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। उन्होंने दावा किया कि मौत से पहले दीक्षा ने अपने भाई को फोन कर अपनी परेशानी बताई थी। इतना ही नहीं, पिछले दो दिनों से उसका मोबाइल भी बंद आ रहा था, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ गई थी।

मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि ससुराल पक्ष ने पहले बातचीत कराने से इनकार किया और कुछ देर बाद अचानक “पलंग से गिरकर मौत” होने की जानकारी दी। इसी वजह से परिवार को पूरे घटनाक्रम में गहरी साजिश की आशंका है। परिजनों का कहना है कि दीक्षा को जहर देकर या अन्य किसी तरीके से मौत के घाट उतारा गया हो सकता है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मृतका के परिजनों ने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और स्वास्थ्य विभाग से शिकायत की है। उन्होंने मांग की है कि पोस्टमार्टम डॉक्टरों की टीम द्वारा न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कराया जाए तथा पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की जाए, ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी या तथ्य छिपाने की संभावना न रहे।

इधर, पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस मायके पक्ष और ससुराल पक्ष से पूछताछ कर रही है।

सुशासन तिहार में बच्चों से कराई गई व्यवस्था, आयोजन पर उठे सवाल

(सीजी टॉकीज) गरियाबंद : सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘सुशासन तिहार’ में ही व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले के ग्राम पोखरा में आयोजित समाधान शिविर के दौरान मुख्य मंच के सामने नाबालिग बच्चे नाश्ता और शरबत परोसते नजर आए।

कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री, विधायक, कलेक्टर सहित कई अधिकारी मौजूद थे, लेकिन बच्चों से कराए जा रहे काम पर किसी का ध्यान नहीं गया।

सुशासन तिहार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का समाधान करना और शासन की योजनाओं को जनता तक पहुंचाना बताया जाता है। लेकिन जिस आयोजन में समस्याओं के समाधान का दावा किया जा रहा था, वहीं बच्चों से काम कराए जाने की तस्वीरें सामने आने के बाद व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन बच्चों के हाथों में पढ़ाई और भविष्य की जिम्मेदारी होनी चाहिए, उन्हें आयोजन की व्यवस्थाओं में लगा दिया गया। मंच के सामने बच्चे लगातार अतिथियों और लोगों को शरबत व नाश्ता परोसते दिखाई दिए। इससे कार्यक्रम की तैयारियों और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

लोगों का कहना है कि प्रशासन अक्सर नियमों और जिम्मेदारियों की बात करता है, लेकिन सरकारी आयोजन में ही बच्चों से काम कराया जाना सुशासन के दावों की पोल खोलता नजर आया। अब चर्चा इस बात की है कि क्या इस मामले में जिम्मेदार अधिकारी कोई संज्ञान लेते हैं या मामला केवल चर्चा तक सीमित रह जाएगा।

सीएमओ कक्ष में घमासान! अकाउंटेंट-सब इंजीनियर में मारपीट, वेतन विवाद पर जमकर चले लात-घूंसे, VIDEO वायरल

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले के देवभोग नगर पंचायत में वेतन भुगतान को लेकर नगर पंचायत कार्यालय के भीतर जमकर बवाल हो गया। सीएमओ कक्ष में अकाउंटेंट और सब इंजीनियर के बीच हुई मारपीट हुई। जिसका सीसीटीवी वीडियो सामने आया है। वीडियो वायरल होने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। घटना के बाद कर्मचारी यूनियन में भारी आक्रोश है और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की गई है।

जानकारी के मुताबिक वेतन भुगतान में देरी को लेकर नाराज सब इंजीनियर श्याम सुंदर पटनायक ने नगर पंचायत के अकाउंटेंट संदीप चंद्राकर को सीएमओ कक्ष में बुलाया था। आरोप है कि बातचीत के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि इंजीनियर के साथ आए तीन बाहरी सहयोगियों ने अकाउंटेंट के साथ मारपीट शुरू कर दी।

पूरी घटना कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में अकाउंटेंट के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट साफ दिखाई दे रही है। घटना के बाद आरोपी बताए जा रहे तीनों लोग कार में बैठकर मौके से फरार हो गए। इसके बाद दोनों पक्ष देवभोग थाने पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

नगर पंचायत के सीएमओ दुष्यंत कुमार ने भी थाने पहुंचकर बयान दिया है। उन्होंने कार्यालय के भीतर बाहरी लोगों द्वारा मारपीट को गंभीर और अनुचित बताया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वायरल सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएंगी।

इधर घटना को लेकर कर्मचारी यूनियन में भारी नाराजगी है। यूनियन के सदस्य बड़ी संख्या में देवभोग थाने पहुंचे और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और धरना प्रदर्शन किया जाएगा। नगर पंचायत कर्मचारियों ने भी निकाय कार्यालय में इस तरह की घटना को गंभीर बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और बाहरी हस्तक्षेप रोकने की मांग की है।

टेंगनाबासा पंचायत में सचिव पर लगे गंभीर आरोप, एक साल से शिकायतें, फिर भी कार्रवाई नहीं; पंचायत में बढ़ा आक्रोश

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले के छुरा ब्लॉक अंतर्गत टेंगनाबासा ग्राम पंचायत में पंचायत सचिव को लेकर विवाद अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। सचिव सरोज कुमार ठाकुर पर पंचायत निधि में आर्थिक अनियमितता, आय-व्यय की जानकारी छिपाने और पंचायत राशि दूसरे व्यक्तियों के खातों में ट्रांसफर करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। मामले को लेकर उपसरपंच और पंचों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत के उपसरपंच रेखचंद साहू सहित 9 पंचों ने जनपद पंचायत छुरा, जिला पंचायत गरियाबंद, कलेक्टर जनदर्शन और राजिम विधायक तक लिखित शिकायत सौंपकर सचिव को तत्काल हटाने तथा पूरे वित्तीय लेन-देन की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पंचायत बैठकों में सचिव द्वारा कभी भी आय-व्यय का स्पष्ट हिसाब प्रस्तुत नहीं किया जाता। पंचायत प्रतिनिधियों को वित्तीय जानकारी से दूर रखा जा रहा है, जिससे लगातार संदेह और असंतोष की स्थिति बनी हुई है।

मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब पंचायत राशि कथित रूप से अन्य लोगों के खातों में ट्रांसफर किए जाने का आरोप सामने आया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत निधि वास्तव में दूसरे खातों में जमा की गई है तो यह बेहद गंभीर वित्तीय गड़बड़ी है और इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।

सूत्रों के मुताबिक पंचायत प्रतिनिधि पिछले एक वर्ष से लगातार शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। पंचायत के रिकॉर्ड और खर्चों में पारदर्शिता नहीं होने के कारण मामला लगातार गरमाता जा रहा है।

नियमानुसार होगी कार्रवाई-CEO

इस पूरे मामले पर जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर ने कहा है कि शिकायत की जानकारी मिली है। मैं स्वयं आवेदन को देखूंगा। प्रथम दृष्टया तथ्य पाए जाने पर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अब पूरे मामले में प्रशासनिक जांच पर सबकी निगाहें टिकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निष्पक्ष जांच होने पर पंचायत निधि और खर्चों से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

कमार परिवार को तत्काल राहत: राशन कार्ड से लेकर आवास सर्वे तक शुरू, सोशल मीडिया में खबर वायरल होते ही प्रशासन ने लिया संज्ञान

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिला में सोशल मीडिया पर एक विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) कमार परिवार की दयनीय स्थिति की खबर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राहत पहुंचानी शुरू कर दी है। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर परिवार को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

जिला प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार संबंधित कमार परिवार लंबे समय से उड़ीसा राज्य में निवासरत था और हाल ही में मैनपुर ब्लॉक क्षेत्र में वापस लौटा है। इसी कारण परिवार का नाम वर्ष 2011 और 2018 के प्रधानमंत्री आवास योजना सर्वे में शामिल नहीं हो पाया था। वहीं वर्ष 2024 के नवीन सर्वेक्षण के दौरान भी परिवार गांव में मौजूद नहीं मिला था।

प्रशासन ने बताया कि परिवार के वापस लौटने की जानकारी मिलते ही तत्काल कार्रवाई करते हुए उनका राशन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनवाया गया है। साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर अस्थायी रहने की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा परिवार का पीएम-जनमन योजना के तहत सर्वे शुरू कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि पात्रता के आधार पर आगामी तीन माह के भीतर परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

सीईओ ने बताया कि शासन की मंशा है कि कोई भी पात्र परिवार योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। जिले में शेष पात्र हितग्राहियों की सूची तैयार कर भारत सरकार से स्वीकृति की प्रक्रिया भी जारी है।

जानिए पूरा मामला

दरअसल, गरियाबंद जिले के देवभोग जनपद क्षेत्र अंतर्गत माडागांव में 8 मई को सुशासन तिहार शिविर लगाया गया। यहां ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान पवन सिंह और उनकी पत्नी सुकदी बाई भी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। दंपती देवभोग विकासखंड के बरही गांव का रहने वाला है।

अधिकारी के सामने दंडवत हुए

शिविर में पति-पत्नी जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर के सामने दंडवत प्रणाम करते हुए लेट गए और अधिकारी से खुद के लिए प्रधानमंत्री आवास के तहत घर दिलाने और राशन कार्ड की मांग की। दंपती का कहना था कि वे लंबे समय से आवास योजना का लाभ पाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें पक्का मकान नहीं मिला है।

अपनी परेशानी बताते हुए दंपती ने सीईओ के पैरों में गिर पड़े और जल्द से जल्द आवास दिलाने की गुहार लगाने लगे। वहीं कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने परिवार की बात सुनी और जांच के बाद नियम के अनुसार कार्रवाई करने और मदद का भरोसा दिया।

खड़े ट्रैक्टर में लगी भीषण आग, शॉर्ट सर्किट से धूं-धूं कर जला इंजन

(सीजी टॉकिज) राजिम:- कौंदकेरा-भैसतरा मार्ग पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सड़क किनारे खड़े एक ट्रैक्टर में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते ट्रैक्टर आग का गोला बन गया और कुछ ही मिनटों में पूरा वाहन जलकर खाक हो गया।

जानकारी के अनुसार ट्रैक्टर की बैटरी में शॉर्ट सर्किट होने से इंजन में आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि चालक को संभलने तक का मौका नहीं मिला। हालांकि चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत ट्रैक्टर से कूदकर अपनी जान बचा ली।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहले इंजन से धुआं उठता दिखाई दिया, फिर अचानक तेज लपटें निकलने लगीं। आग की ऊंची लपटें और काला धुआं देखकर आसपास के लोग घबरा गए। कुछ ही देर में मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक ट्रैक्टर पूरी तरह जल चुका था।

बताया जा रहा है कि इन दिनों क्षेत्र में रबी सीजन की धान कटाई का कार्य चल रहा है। इसी दौरान ट्रैक्टर सड़क किनारे खड़ा था, तभी अचानक बैटरी शॉर्ट होने से हादसा हो गया। गनीमत रही कि इस भीषण आगजनी में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन ट्रैक्टर मालिक को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। घटना के बाद इलाके में काफी देर तक दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।