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राजिम में अब 25 अगस्त को निकलेगी बाबा गरीबनाथ की पालकी यात्रा, मौसम के चलते सोमवार को हुआ स्थगित

(सीजी टॉकिज) राजिम :- राजिम में श्रावण मास के चतुर्थ एवं अंतिम सोमवार को प्रस्तावित बाबा गरीबनाथ जी की भव्य पालकी यात्रा अब 25 अगस्त, मंगलवार को आयोजित की जाएगी। अत्यधिक वर्षा एवं मौसम में अचानक हुए बदलाव को देखते हुए बाबा केदारेश्वर वेलफेयर फाउंडेशन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और जनहित को ध्यान में रखते हुए यात्रा को एक दिन के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया है। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है और तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं।

समिति के सदस्यों ने बताया कि दोपहर 3 बजे कार्यक्रम स्थल से बाबा गरीबनाथ जी की भव्य पालकी यात्रा प्रारंभ होगी। पालकी यात्रा के दौरान राजिम नगर भक्तिमय वातावरण में रंग जाएगा। डमरू वादन, भक्ति संगीत, धार्मिक झांकियों और श्रद्धालुओं के जयघोष से नगर का माहौल शिवमय होने की संभावना है।

आयोजकों द्वारा पालकी यात्रा को भव्य एवं आकर्षक बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। यात्रा में श्री कुलेश्वरनाथ डमरू वादक ग्रुप, विशाल शिवशक्ति प्रतिमा, बाबा गरीबनाथ जी की महाआरती, सुप्रसिद्ध देव ऑडियो, मास्टर लक्की धमाल रायपुर, मां शाकंभरी की झांकी तथा राजनांदगांव की चलित रंगोली विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

इन मार्गों से होकर गुजरेगी पालकी यात्रा

बाबा गरीबनाथ जी की पालकी यात्रा कार्यक्रम स्थल से प्रारंभ होकर भैरव बाबा मंदिर, बाबा गरीबनाथ मंदिर, पं. श्यामाचरण चौक, बस स्टैंड राजिम, शिवाजी चौक, आमापारा, मां महामाया मंदिर, आजाद चौक और ठाकुर पारा होते हुए वापस कार्यक्रम स्थल पहुंचेगी।

यात्रा के दौरान नगर के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा बाबा गरीबनाथ जी का स्वागत, पूजा-अर्चना एवं दर्शन किए जाने की तैयारी है। पालकी यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्तों के शामिल होने की संभावना है।

बस स्टैंड में शाम 7 बजे होगी महाआरती

आयोजन का प्रमुख आकर्षण बाबा गरीबनाथ जी की भव्य महाआरती होगी। आयोजकों के अनुसार शाम 7 बजे बस स्टैंड राजिम में बाबा गरीबनाथ जी की महाआरती आयोजित की जाएगी। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

आयोजक बाबा केदारेश्वर वेलफेयर फाउंडेशन ने कहा कि मौसम ने भले ही आस्था की इस यात्रा को एक दिन के लिए रोक दिया है, लेकिन बाबा गरीबनाथ जी के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास अटूट है। फाउंडेशन ने समस्त श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों से परिवार सहित 25 अगस्त को आयोजित होने वाली भव्य पालकी यात्रा में शामिल होकर बाबा गरीबनाथ जी का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धार्मिक आयोजन को सफल बनाने और आवश्यक व्यवस्थाओं में सहयोग करने का आग्रह किया है।

मंदिर के पास लावारिस मिला 10 दिन का नवजात, डायल-112 की तत्परता से बची जान; सुरक्षित अस्पताल में कराया भर्ती

(सीजी टॉकिज) रायपुर :- रायपुर के मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई। मोनेट रोड स्थित चिरकुतहीन माता मंदिर के पास करीब 10 दिन का एक नवजात शिशु लावारिस हालत में मिला। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा मासूम को वहां छोड़कर चले जाने की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और बिना देर किए नवजात को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया। पुलिस की इस तत्परता और मानवीय पहल से मासूम को समय पर चिकित्सकीय सहायता मिल सकी।

सूचना मिलते ही तुरंत दौड़ी डायल-112 टीम

पुलिस के अनुसार, 24 अगस्त 2026 को सुबह करीब 6.37 बजे डायल-112 पुलिस टीम को सूचना मिली कि थाना मंदिर हसौद क्षेत्र के मोनेट रोड स्थित चिरकुतहीन माता मंदिर के पास एक नवजात शिशु लावारिस अवस्था में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही डायल-112 की पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचने पर पुलिसकर्मियों को लगभग 10 दिन का नवजात शिशु वहां लावारिस हालत में पड़ा मिला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा शिशु को वहां छोड़ दिया गया था।

पुलिस ने तुरंत पहुंचाया अस्पताल

नवजात की गंभीर स्थिति और सुरक्षा को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्काल मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया। मासूम को अपने वाहन में सुरक्षित रखकर तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), मंदिर हसौद पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकीय जांच के बाद नवजात को शिशु वार्ड में भर्ती किया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसकी आवश्यक देखभाल की जा रही है। पुलिस ने नवजात के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संबंधित विभाग को भी आवश्यक सूचना दे दी है।

इन पुलिसकर्मियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका

इस मानवीय कार्यवाही में मंदिर हसौद टाइगर वन के पुलिसकर्मी आर. राजेश यादव एवं चालक टिकेंद्र साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दोनों ने सूचना मिलते ही तत्परता दिखाते हुए मौके पर पहुंचकर नवजात को सुरक्षित अस्पताल तक पहुंचाया।

जांच में जुटी पुलिस

पुलिस अब अज्ञात व्यक्ति की तलाश कर रही है, जिसने नवजात को मंदिर के पास लावारिस अवस्था में छोड़ा। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज के अलावा अन्य जानकारी जुटाई जा रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि नवजात की सुरक्षा और उचित देखभाल के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जा रहे हैं तथा मामले में आगे की जांच जारी है।

अभनपुर में झाड़-फूंक के बहाने दुष्कर्म, सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 44.42 लाख की ठगी का आरोप

(सीजी टॉकिज) अभनपुर :- रायपुर जिले के अभनपुर क्षेत्र में झाड़-फूंक और इलाज के नाम पर महिला का भरोसा जीतकर उसके साथ दुष्कर्म करने तथा सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर अभनपुर पुलिस ने मध्यप्रदेश के सागर जिले निवासी आरोपी आशाराम चौधरी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2019 में वह लगातार सिरदर्द की समस्या से परेशान थी। इसी दौरान उसकी पहचान मध्यप्रदेश के सागर निवासी आशाराम चौधरी से हुई। आरोपी झाड़-फूंक के माध्यम से बीमारी ठीक करने का दावा करता था। महिला का आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने उसकी परिस्थितियों और विश्वास का फायदा उठाया।

सरकारी नौकरी लगवाने का दिया झांसा

पीड़िता के अनुसार, उस समय एक सरकारी पद की परीक्षा देने की तैयारी कर रही थी। आरोप है कि आरोपी ने उसे सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया और दावा किया कि वह संबंधित पद पर नौकरी लगवा सकता है। महिला के अनुसार, आरोपी ने इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके अलावा सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर अलग-अलग समय में उससे कुल 44 लाख 42 हजार रुपये ले लिए।

न नौकरी मिली, न लौटाए रुपये

पीड़िता का आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपी लगातार रुपये वापस करने और नौकरी लगवाने का आश्वासन देता रहा। इसी कारण उसने तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई और लंबे समय तक आरोपी के वादे पर भरोसा करती रही। लेकिन समय बीतने के बाद भी न तो महिला को नौकरी मिली और न ही आरोपी ने रकम वापस की। इसके बाद पीड़िता ने अभनपुर थाना पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई।

आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

पुलिस के अनुसार, आरोपी मध्यप्रदेश के सागर जिले का निवासी है। शिकायत के आधार पर उसके खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपी की तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

IPS अधिकारियों का तबादला, गृह विभाग ने जारी किया आदेश

(सीजी टॉकिज) रायपुर:- छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग ने प्रदेश में पुलिस प्रशासन का बड़ा फेरबदल करते हुए 31 भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के तहत पुलिस मुख्यालय, विभिन्न रेंज, विशेष शाखाओं और महत्वपूर्ण पुलिस इकाइयों में अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं।

तबादला सूची में वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर पुलिस अधीक्षक स्तर तक के IPS अधिकारी शामिल हैं। जिसमें बस्तर, सरगुजा, रायपुर, जगदलपुर, यातायात, CID, CCTNS, SCRB, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, तकनीकी सेवाएं, प्रशिक्षण, कानून-व्यवस्था और वित्त एवं योजना जैसे महत्वपूर्ण विभागों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

 

गरियाबंद में 2 करोड़ के गांजे के साथ 5 अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार, 400 किलो गांजा और 6.50 लाख नकद जब्त

(सीजी टॉकिज) गरियाबंद:- “ऑपरेशन निश्चय” के तहत गरियाबंद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 400 किलोग्राम अवैध गांजा के साथ पांच अंतर्राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपये है। कार्रवाई के दौरान गांजा तस्करी में प्रयुक्त आयशर वाहन, मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और 6 लाख 50 हजार रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं।

देवभोग चेकपोस्ट पर पकड़ाया संदिग्ध वाहन

पुलिस के अनुसार, पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज के निर्देश एवं पुलिस अधीक्षक गरियाबंद के मार्गदर्शन में जिले में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध परिवहन और बिक्री के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 24 अगस्त 2026 की रात देवभोग थाना क्षेत्र के ग्राम खुटगांव स्थित चेकपोस्ट नाका, एनएच-130सी पर पुलिस टीम द्वारा सघन जांच की जा रही थी।

इसी दौरान ओडिशा की ओर से एक नारंगी रंग का आयशर वाहन क्रमांक MH 06 BW 4144 आता दिखाई दिया। पुलिस टीम ने वाहन को रोककर जांच की तो उसके ऊपर काले रंग के तिरपाल से ढके संदिग्ध पैकेट दिखाई दिए। तिरपाल हटाकर तलाशी लेने पर पैकेटों में गांजा बरामद हुआ। वाहन में मौजूद दो लोगों ने अपनी पहचान संतोष अनंता मोहिते और सुमित सुभाष थोड़वे के रूप में बताई।

आगे चल रही बाइक बताती थी रास्ता, दो और आरोपी गिरफ्तार

2 करोड़ के गांजे के साथ 5 अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तारपूछताछ के दौरान पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उनके आगे एक नीले रंग की ग्लैमर मोटरसाइकिल क्रमांक OD 08 W 5814 चल रही है, जिसमें दो लोग सवार हैं और वे उन्हें रास्ता बता रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मोटरसाइकिल की तलाश शुरू की और उसमें सवार पंकज अनंता मोहिते तथा जलंधर खम्हारी को पकड़ लिया। इसके बाद आयशर वाहन की विस्तृत तलाशी लेने पर उसमें से कुल 400 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। आरोपी गांजे के परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।

ओडिशा से सप्लायर गिरफ्तार

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर गांजा ओडिशा के कालाहांडी जिले के आमपानी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डेंगागुड़ा निवासी विनोद दिसारी से प्राप्त करने की जानकारी दी। इसके बाद गरियाबंद पुलिस ने मामले में एंड-टू-एंड कार्रवाई करते हुए ओडिशा पहुंचकर विनोद दिसारी को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से गांजा के कथित क्रय-विक्रय से संबंधित 5 लाख रुपये नकद भी जब्त किए हैं।

6.50 लाख नकद समेत वाहन और मोबाइल जब्त

2 करोड़ के गांजे के साथ 5 अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तारपुलिस ने कार्रवाई के दौरान 400 किलो अवैध गांजा, आयशर वाहन, ग्लैमर बाइक, मोबाइल फोन, 1 लाख 50 हजार रुपये नकद तथा ओडिशा से गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से 5 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं। इस तरह नकद राशि कुल 6 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है।

NDPS एक्ट में मामला दर्ज

पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर NDPS एक्ट की धारा 20(B)(ii)(C) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि गांजे की यह खेप कहां पहुंचाई जा रही थी और इसके पीछे कितने अन्य लोग जुड़े हुए हैं।

पुलिस का साइबर जागृति अभियान: मैत्री डेंटल कॉलेज के विद्यार्थियों को बताया डिजिटल सुरक्षा का मंत्र

(सीजी टॉकिज) दुर्ग:- छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा संचालित साइबर जागृति अभियान एवं संवाद से समाधान के तहत मैत्री दंत चिकित्सा महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, अंजोरा (दुर्ग) में व्यापक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों को वर्तमान में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों, उनसे बचाव के उपायों और साइबर फ्रॉड की स्थिति में तत्काल की जाने वाली कार्रवाई की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल, एएसपी ग्रामीण दुर्ग मणिशंकर चन्द्र, एएसपी श्रीमती ममता देवांगन, एएसपी यातायात कौशलेन्द्र पटेल, सीएसपी दुर्ग हर्षित मेहर, डीएसपी श्रीमती भारती मार्कराम, एसडीओपी चित्रा वर्मा, उप निरीक्षक साइबर संकल्प राय, उप निरीक्षक महिला थाना नीता राजपूत, अंजोरा थाना प्रभारी चन्द्रशेखर सोनी तथा एएसआई गुरविंदर सिंह संधू उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को अपने-अपने अनुभव के अनुरूप साइबर अपराधों के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौती, जागरूकता की आवश्यकता और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार पर प्रकाश डाला, वहीं साइबर विशेषज्ञों एवं थाना स्तर के अधिकारियों ने वर्तमान में प्रचलित साइबर ठगी के तरीकों तथा उनसे बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी।

विद्यार्थियों को यूएसएसडी कोड फ्रॉड एवं अनकंडीशनल कॉल फॉरवर्डिंग, गिफ्ट बॉक्स डिलीवरी फ्रॉड, इंस्टाग्राम पर अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट के माध्यम से मॉर्फिंग, विशेषकर महिलाओं को परेशान करने वाले साइबर अपराध, एपीके फाइल फ्रॉड तथा डिजिटल अरेस्ट जैसे ट्रेंडिंग साइबर अपराधों के संबंध में विस्तार से जागरूक किया गया।

भरोसा, लालच और डर का फायदा उठाते हैं साइबर अपराधी

Cyber ​​Awareness Campaignकार्यक्रम में बताया गया कि साइबर अपराधी अक्सर लोगों के भरोसे, लालच, डर और जल्दबाजी का फायदा उठाकर ठगी को अंजाम देते हैं। ऐसी स्थिति में किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज, लिंक या डिजिटल गतिविधि पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय “स्टॉप, थिंक एंड एक्ट” यानी रुकें, सोचें और फिर कार्रवाई करें, की नीति अपनाना जरूरी है।

विद्यार्थियों को “थ्री यू” अननोन लिंक, अननोन ऐप और अननोन पर्सन’’ से विशेष सावधानी बरतने की समझाइश दी गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक करने, अनजान ऐप डाउनलोड करने या सोशल मीडिया पर अपरिचित व्यक्ति पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें।

साइबर फ्रॉड में ‘गोल्डन ऑवर’ बेहद महत्वपूर्ण

Cyber ​​Awareness Campaignविद्यार्थियों को साइबर फ्रॉड की स्थिति में गोल्डन ऑवर के महत्व से भी अवगत कराया गया। बताया गया कि धोखाधड़ी की घटना के तुरंत बाद की गई कार्रवाई से आर्थिक नुकसान को रोकने या सीमित करने की संभावना बढ़ जाती है। छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल, साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 तथा नजदीकी थाना पुलिस के माध्यम से तत्काल शिकायत एवं सहायता प्राप्त करने की जानकारी दी गई। उन्हें समझाइश दी गई कि साइबर अपराध की स्थिति में घबराएं नहीं, बल्कि बिना देरी किए संबंधित एजेंसियों को सूचना दें।

कार्यक्रम में उपस्थित महिला पुलिस अधिकारियों ने विशेष रूप से छात्राओं और महिलाओं से संबंधित साइबर अपराधों की जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली मॉर्फिंग, फर्जी प्रोफाइल, अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग, अश्लील संदेशों एवं डिजिटल उत्पीड़न जैसे मामलों से बचाव के उपाय बताए। अधिकारियों ने छात्राओं को समझाइश दी कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन प्रताड़ना या साइबर अपराध की स्थिति में भयभीत होने के बजाय तत्काल साक्ष्य सुरक्षित रखें और पुलिस अथवा साइबर हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत करें।

नशे के दुष्परिणामों के प्रति किया जागरूक

Cyber ​​Awareness Campaignकार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नशा मुक्ति और नशे के दुष्परिणामों के प्रति भी जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार, शिक्षा और भविष्य को गंभीर रूप से प्रभावित करता है तथा कई बार युवाओं को अपराध की ओर भी धकेल देता है। विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहें और अपने मित्रों व परिवार के लोगों को भी नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करें। अधिकारियों ने कहा कि युवा शक्ति यदि स्वस्थ और नशामुक्त रहेगी तो समाज भी सुरक्षित, जागरूक और मजबूत बनेगा।

विद्यार्थी बनेंगे साइबर जागरूकता के दूत

पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे केवल स्वयं ही साइबर अपराधों से सुरक्षित न रहें, बल्कि अपने माता-पिता, परिवार, रिश्तेदारों और आसपास के लोगों को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। खासकर बुजुर्गों और तकनीक से कम परिचित लोगों को साइबर ठगी के तरीकों के बारे में जानकारी देना जरूरी है।

Cyber ​​Awareness Campaignपुलिस ने कहा कि डिजिटल दुनिया में किसी भी लिंक, फाइल, ऐप अथवा व्यक्ति पर आंख बंद कर भरोसा न करें। सतर्कता, सत्यापन और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। अंत में पुलिस अधिकारियों ने सभी को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक होने का शपथ भी दिलाया।

कॉलेज प्रबंधन ने जताया आभार

Cyber ​​Awareness Campaignकार्यक्रम के अंत में मैत्री एजुकेशनल सोसायटी के महासचिव राजेश जैन एवं डीन डॉ. प्रदीप बाबू कोम्मी ने पुलिस अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के साथ-साथ समाज और परिवार को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय भविष्य में भी पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर इस प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रमों में सहयोग करता रहेगा।

इस अवसर पर महाविद्यालय की मैत्री एजुकेशनल सोसायटी के महासचिव राजेश जैन, डीन डॉ. प्रदीप बाबू कोम्मी, डीन (अकादमिक) डॉ. संजीव सिंह, वाइस डीन डॉ. योगेश साहू, वी.के. त्रिपाठी, राजेश भट्टाचार्य, धीरज बंजारी सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, कॉलेज प्रबंधन, चिकित्सक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

गरियाबंद के बांध में मिली महिला की सड़ी-गली लाश, 15 अगस्त से थी लापता

(सीजी टॉकिज) गरियाबंद:- जिले के पाण्डुका थाना क्षेत्र के ग्राम मोहतरा स्थित डेम में एक महिला की सड़ी-गली लाश मिलने से सनसनी फैल गई। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान ग्राम खरखरा निवासी शांति बाई पति स्व. घुरवा कमार उम्र करीब 40 से 45 वर्ष के रूप में की गई है, जो पिछले 15 अगस्त से लापता थी।

जानकारी के अनुसार, शांति बाई 15 अगस्त 2026 से घर से बिना बताए लापता थीं। परिजन उनकी तलाश कर रहे थे। इसी दौरान मोहतरा डेम में एक महिला का शव मिलने की सूचना पुलिस तक पहुंची। शव कई दिनों पुराना होने के कारण काफी सड़-गल गया था। शव मिलने की सूचना पर पांडुका पुलिस की टीम मौके पर पहुंची।

भतीजे ने की शव की पहचान

महिला की शिनाख्त के लिए पाण्डुका पुलिस ने आसपास के गांवों में पूछताछ और पतासाजी शुरू की। इसी दौरान ग्राम खरखरा निवासी अहमद कमार पिता सुकुल राम कमार (40 वर्ष) मौके पर पहुंचा और शव की पहचान अपनी चाची शांति बाई के रूप में की। पुलिस के अनुसार, अहमद ने बताया कि शांति बाई 15 अगस्त से घर से लापता थीं और परिवार के लोग उनकी तलाश कर रहे थे।

फॉरेंसिक जांच से मिलेगा सुराग

बताया जा रहा है कि महिला का शव कई दिनों पुराना है और पानी में रहने के कारण उसकी हालत काफी खराब हो गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा आवश्यक जांच की जा रही है। फॉरेंसिक टीम की मदद से भी मामले की जांच की जा रही है। वहीं, महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस द्वारा शव का पोस्टमार्टम और अन्य आवश्यक जांच कराई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

पांच दिन तक शव पड़े रहने की चर्चा

स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि कुछ लोगों ने करीब पांच दिन पहले डेम में महिला का शव देखे जाने की बात कही थी, लेकिन तत्काल पुलिस को सूचना नहीं दी गई। बाद में मामला चर्चा में आया और पुलिस तक सूचना पहुंची। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल पाण्डुका पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और महिला की मौत से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।

कुर्रा रेलवे अंडरब्रिज में जलभराव: प्रदर्शन के बाद रेलवे ने पंप लगाकर निकाला पानी, स्थायी समाधान की मांग

(सीजी टॉकिज) नवापारा:-कुर्रा रेलवे अंडरब्रिज में बारिश के बाद हुए जलभराव और कीचड़ की समस्या को लेकर ग्रामीणों और कांग्रेसियों के धरना-प्रदर्शन के बाद आखिरकार रेलवे विभाग हरकत में आया। शुक्रवार रात करीब 11 बजे रेलवे कर्मचारियों ने पंप लगाकर अंडरब्रिज में भरे पानी को बाहर निकालने का काम शुरू किया। काफी देर तक पंप चलाकर पानी निकाला गया, जिसके बाद अंडरब्रिज से पानी बाहर निकला और आवागमन फिर से शुरू हो सका।

हालांकि, पानी निकलने के बाद ग्रामीणों की परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि हर बारिश में अंडरब्रिज के जलमग्न होने की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति निर्मित न हो।

जलभराव से परेशान थे हजारों ग्रामीण

पंप हाउस बंद और रेलवे अंडर ब्रिज बना तालाबकुर्रा रेलवे अंडरब्रिज में बारिश के बाद जमा गंदा पानी और कीचड़ के कारण स्कूली बच्चों, महिलाओं, किसानों और आम राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कुर्रा, सोनेसिली, आलेखुटा सहित आसपास के गांवों के लोगों के लिए यह प्रमुख आवागमन मार्ग है। बारिश के दौरान अंडरब्रिज में पानी इतना भर जाता है कि कई बार स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को पानी से होकर गुजरना पड़ता है। वहीं मार्ग बंद होने की स्थिति में लोगों को वैकल्पिक रास्ते का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और दूरी दोनों बढ़ जाते हैं।

समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर जिला पंचायत सदस्य यशवंत साहू और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी नवापारा ग्रामीण के अध्यक्ष गिरधारी साहू के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने अंडरब्रिज में धरना-प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने अंडरब्रिज में भरे पानी के बीच बैठकर शासन-प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और तत्काल जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग की थी।

प्रदर्शन के दौरान ब्लॉक कांग्रेस कमेटी नवापारा ग्रामीण के अध्यक्ष गिरधारी साहू ने प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि दो दिनों के भीतर अंडरब्रिज से पानी निकालकर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो कांग्रेस बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी। प्रदर्शन के बाद रेलवे द्वारा देर रात पंप लगाकर पानी निकाले जाने से फिलहाल आवागमन की समस्या दूर हो गई है।

यशवंत साहू बोले- सिर्फ पानी निकालना समाधान नहीं

जिला पंचायत सदस्य यशवंत साहू ने कहा कि अंडरब्रिज में जलभराव केवल पानी भरने की समस्या नहीं है, बल्कि यह हजारों ग्रामीणों के सुरक्षित आवागमन और स्कूली बच्चों की सुविधा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उन्होंने कहा कि हर बारिश में पानी निकालने की अस्थायी व्यवस्था करने के बजाय स्थायी जल निकासी की व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए।

स्थायी जल निकासी व्यवस्था बने

ग्रामीणों का कहना है कि पंप लगाकर पानी निकालना तत्काल राहत जरूर है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। अंडरब्रिज में बार-बार जलभराव की स्थिति को देखते हुए रेलवे और संबंधित विभागों को तकनीकी स्तर पर समस्या का निरीक्षण कर ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे बारिश के दौरान पानी जमा ही न हो। ग्रामीणों को उम्मीद है कि रेलवे विभाग अब केवल पानी निकालने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जल निकासी की स्थायी व्यवस्था बनाने की दिशा में भी कार्रवाई करेगा।

ग्रामीण रहे मौजूद

प्रदर्शन में सरपंच अजय साहू, जनपद सदस्य लखन साहू, कुंती, साहिल टंडन, धनराज साहू, मुकेश साहू, संजय यादव, तोषण साहू, उमेश यादव, मोहन साहू, भोजराज साहू, रूपेश साहू, नीलू साहू, रुमेंद्र साहू, मानस साहू, चौतन्य साहू, जनी यादव, भूपेश साहू, मीना गेंदें, दिलीप खरे, सनत नगारची, भारत साहू, राम अवतार खरे, ललिता टंडन, प्रेमदास मानिकपुरी, शिवा साहू, किशन साहू, दीपक साहू, संजना साहू और भुनभुन साहू सहित कुर्रा, सोनेसिली एवं आलेखुटा के स्कूली बच्चे और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

पारागांव में स्कूल का शौचालय तोड़कर उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण! बच्चों का फूटा गुस्सा, हाइवे पर चक्काजाम, मौके पर पहुंचा प्रशासन

(सीजी टॉकिज) नवापारा:- नवापारा से पारागांव में स्वास्थ्य सुविधा के लिए बनने वाला उप स्वास्थ्य केंद्र अब विवाद का केंद्र बन गया है। ग्राम पंचायत पारागांव के शासकीय मिडिल स्कूल परिसर में उप स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण को लेकर ग्रामीणों, शिक्षकों और विद्यार्थियों में भारी नाराजगी है। आरोप है कि निर्माण के लिए छात्राओं और महिला शिक्षकों के उपयोग में आने वाले महिला शौचालय को ही तोड़ दिया गया।

विवाद उस समय और बढ़ गया, जब शुक्रवार को स्कूल की 7वीं और 8वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं ने स्कूल में तालाबंदी कर मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलने पर तहसीलदार चंद्रशेखर मंडई और नवापारा थाना प्रभारी जितेंद्र दुबे समेत शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और बच्चों को समझाइश देकर चक्काजाम समाप्त कराया।

स्वास्थ्य केंद्र का स्कूल परिसर में निर्माण पर आपत्ति

पारागांव में बच्चों का फूटा गुस्साग्रामीणों का कहना है कि उन्हें गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र बनने से कोई आपत्ति नहीं है। उनका सवाल केवल इतना है कि जब गांव में दूसरी सरकारी जमीन उपलब्ध है तो स्कूल परिसर में ही निर्माण क्यों कराया जा रहा है। स्कूल परिसर में पहले से ही मिडिल स्कूल, प्राथमिक शाला, आंगनबाड़ी, पंचायत भवन, महिला भवन एवं उप स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग है।

ग्रामीणों के मुताबिक स्कूल परिसर में निर्माण होने से बच्चों की पढ़ाई और अन्य गतिविधियां प्रभावित होंगी। वहीं शौचालय तोड़े जाने से छात्राओं और महिला शिक्षकों के सामने मूलभूत सुविधा का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों और स्कूल समिति की ओर से पहले ही संबंधित अधिकारियों को आवेदन देकर स्कूल परिसर में उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण नहीं कराने की मांग किए जाने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने का आरोप है।

28.51 लाख के निर्माण में जमीन को लेकर पेच

मामले में अब निर्माण की जमीन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण करीब 28.51 लाख रुपए की लागत से प्रस्तावित है। इसके लिए प्रस्तावित जमीन का खसरा नंबर 1181 बताया जा रहा है।

पारागांव में बच्चों का फूटा गुस्साग्रामीणों का दावा है कि खसरा नंबर 1181 की जमीन बस्ती क्षेत्र का है, जबकि वर्तमान में जिस जगह निर्माण कराया जा रहा है, वह खसरा नंबर 1158 बताई जा रही है। इसी जमीन पर शासकीय मिडिल स्कूल एवं अन्य भवन संचालित है। यानी सवाल सीधे तौर पर यह है कि प्रस्ताव 1181 का और निर्माण 1158 में क्यों?

पंचायत के प्रस्ताव और कार्रवाई विवरण में भी अंतर

बताया जा रहा है कि सरपंच सुरेश (भोले) सोनकर की ओर से खसरा नंबर 1158 की जमीन पर उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण के लिए प्रस्ताव पारित होने की बात कही जा रही है। दूसरी ओर पंचायत बैठक की कार्रवाई विवरण में खसरा नंबर 1181 दर्ज होने का दावा किया जा रहा है। इस कथित विरोधाभास ने पूरे मामले को और पेचीदा बना दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को पंचायत के प्रस्ताव, बैठक की कार्रवाई विवरण और निर्माण से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

एसएमसी की आपत्ति के बाद भी निर्माण पर सवाल

स्कूल प्रबंधन समिति यानी एसएमसी की बैठक में भी स्कूल की जमीन पर भविष्य में किसी प्रकार के निर्माण की स्वीकृति नहीं देने की बात कही गई थी। इसके बावजूद स्कूल परिसर में उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण शुरू होने से सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल की जमीन का उपयोग किसी अन्य शासकीय निर्माण के लिए करने से पहले स्कूल प्रबंधन, शिक्षा विभाग और संबंधित प्रशासनिक स्तर पर स्पष्ट अनुमति और सहमति की स्थिति सामने आनी चाहिए।

शौचालय टूटा तो छात्राओं का फूटा गुस्सा

इस पूरे विवाद में सबसे ज्यादा आक्रोश शौचालय तोड़े जाने को लेकर है। स्कूल में छात्राओं और महिला शिक्षकों के लिए बनाए गए शौचालय को निर्माण के लिए तोड़ दिए जाने का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के स्कूल में मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने के बजाय मौजूद सुविधा को ही हटा देना उचित नहीं है। यही वजह है कि छात्र-छात्राओं ने शुक्रवार को स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और फिर सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।

बच्चों की मांग है कि उप स्वास्थ्य केंद्र को स्कूल परिसर से हटाकर दूसरी सरकारी जमीन पर बनाया जाए और तोड़े गए महिला शौचालय का तत्काल पुनर्निर्माण कराया जाए। हालांकि सरपंच ने बताया कि पंचायत भवन के शौचालय को स्कूल के उपयोग के लिए दिया गया है।

बरगद की डालियां काटने पर भी उठे सवाल

आरोप है कि निर्माण के लिए स्कूल परिसर में मौजूद पुराने और छायादार बरगद के पेड़ की डालियां काट दिया गया है, जिसे लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य के लिए बिना आवश्यक अनुमति के पेड़ की डालियां काटी गईं। कटी हुई डंगालियों के निस्तारण को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लकड़ियों को वन विभाग को सौंपने के बजाय उन्हें बेचने या किसी अन्य व्यक्ति को दिए जाने की आशंका है।

हालांकि, सरपंच की ओर से पंच के माध्यम से कटी हुई डंगालियों को फेंकने की बात कही गई है। ऐसे में पेड़ काटने की अनुमति और कटी लकड़ियों के निस्तारण की भी जांच की मांग की जा रही है।

चक्काजाम के बाद प्रशासन पहुंचा मौके पर

पारागांव में बच्चों का फूटा गुस्साशुक्रवार को छात्र-छात्राओं के चक्काजाम की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस सक्रिय हुई। तहसीलदार चंद्रशेखर मंडई तथा नवापारा थाना प्रभारी जितेंद्र दुबे समेत शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बच्चों से चर्चा की और उनकी मांगों को सुना। समझाइश के बाद बच्चों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया, जिसके बाद मार्ग पर यातायात बहाल हो सका।

अब जांच के घेरे में पूरा मामला

पारागांव का यह विवाद अब केवल उप स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण तक सीमित नहीं रह गया है। निर्माण स्थल, खसरा नंबर, पंचायत प्रस्ताव, स्कूल एसएमसी की आपत्ति, महिला शौचालय तोड़े जाने और बरगद की डालियां काटे जाने को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर नियमों की अनदेखी हुई है तो जिम्मेदारी तय की जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव को स्वास्थ्य केंद्र चाहिए, लेकिन स्कूल की सुविधाओं की कीमत पर नहीं। उनकी मांग है कि उप स्वास्थ्य केंद्र को खसरा नंबर 1181 सहित किसी उपयुक्त सरकारी जमीन पर स्थानांतरित किया जाए, महिला शौचालय का पुनर्निर्माण कराया जाए और स्कूल परिसर को सुरक्षित रखा जाए।

कुम्ही में 29 लाख रुपए के विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण और भूमिपूजन

(सीजी टॉकिज) राजिम :-  समीपस्थ ग्राम कुम्ही में अनेक विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम उत्सव के रूप में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं ग्रामीणों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।

इस अवसर पर कुल 29 लाख रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया गया जिसमें विधायक मद से निर्मित सरस्वती शिशु मंदिर सामुदायिक भवन लागत 08 लाख रुपये तथा वार्ड नं. 12 एवं 06 में पक्का नाली निर्माण कार्य लागत 06 लाख रुपये शामिल हैं। इसके अलावा कृषि एवं बीज विकास निगम लिमिटेड छत्तीसगढ़ की स्वीकृति से शीतला तालाब टीना शेड निर्माण कार्य लागत 15 लाख रुपये का भूमिपूजन भी किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में राजिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक रोहित साहू शामिल हुए, कार्यक्रम की अध्यक्षता छग बीज एक कृषि विकास निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर ने की। विशिष्ट अतिथियों में भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल चंद्राकर,जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती इंद्राणी नेहरू साहू,जिला पंचायत सभापति नंदनी ओंकार साहू, भाजपा जिला मंत्री सुरेन्द्र सोनटेके,भाजपा मंडल अध्यक्ष रिकेश साहू, हरीश साहू जिलाअध्यक्ष सरपंच संघ गरियाबंद, पंकज निर्मलकर जनपद सदस्य एवं जिला महामंत्री भाजपा युवा मोर्चा, भाजपा मंडल महामंत्री जितेन्द्र पेंडरिया,श्रीमती रेणुका साहू आदि शामिल हुए।

इस अवसर पर विधायक रोहित साहू ने कहा कि ग्रामीण अंचल का सर्वांगीण विकास हमारी पहली प्राथमिकता है। सामुदायिक भवन और पक्की नालियों के निर्माण से गाँव के बुनियादी सुविधाओं का स्तर बेहतर होगा। आज जिन कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन हुआ है, वे कुम्ही गाँव की प्रगति में मील का पत्थर साबित होंगे। हम क्षेत्र में जन-सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का लाभ लेकर बिजली बिल से हम राहत पा सकते हैं। इसमें मिलने वाली सब्सिडी का अधिक से अधिक लाभ लेकर अपने घरों में सौर पैनल स्थापित करें और ऊर्जा उपभोक्ता के साथ साथ अब हम ऊर्जा उत्पादक व ऊर्जा प्रदाता बनने की ओर अग्रसर हों तभी हम विकसित भारत की परिकल्पना को जल्द ही साकार कर सकेंगे।

छग कृषि एवं बीज विकास निगम लिमिटेड के अध्यक्ष चन्द्रहास चन्द्राकर ने कहा कि विकास कार्यों के निष्पादन से गाँव की आधारभूत संरचना मजबूत होती है। शीतला तालाब परिसर में 15 लाख रुपये की लागत से बनने वाला टीना शेड ग्रामीणों को सार्वजनिक व धार्मिक आयोजनों के लिए बेहतर स्थान प्रदान करेगा। कृषि और ग्रामीण विकास के जरिए हम क्षेत्र के हर नागरिक को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि गाँव का विकास भवनों या सड़कों के साथ-साथ समाज के एकजुट होकर आगे बढ़ने से होता है। आज ग्राम कुम्ही में जो विकास कार्य स्वीकृत और पूर्ण हुए हैं, वे पंचायत प्रतिनिधि और जन-सामान्य के साझा प्रयासों का परिणाम हैं। ऐसे निर्माण कार्यों से आने वाली पीढ़ियों को सीधा लाभ पहुँचेगा।

इस दौरान प्रमुख रूप से वरिष्ठ भाजपा नेता संजीव चंद्राकर, प्रकाश साहू अध्यक्ष परिक्षेत्र साहू समाज राजिम,प्रभु नंद चंद्राकर, सुरेश दिलावर, वीरेंद्र साहू सरपंच, दीनू साहू उपसरपंच, श्याम लाल साहू, जीवराखन साहू, शत्रुहन साहू, मेघनाथ साहू प्राचार्य, बालचंद साहू, समस्त पंचगण व ग्रामवासी शामिल हुए। कार्यक्रम के अंत में सरपंच,उपसरपंच सहित समस्त ग्रामवासियों ने विकास कार्यों की सौगात मिलने पर जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।