गरियाबंद जिले में विगत दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश एवं मौसम विभाग द्वारा जारी रेड अलर्ट को देखते हुए राजिम विधायक रोहित साहू ने जिलेवासियों से विशेष सतर्कता बरतने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। लगातार हो रही वर्षा के कारण जिले के कई नदी-नाले उफान पर हैं तथा अनेक स्थानों पर जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी जान-माल की हानि का कारण बन सकती है।
कलेक्टर से बाढ़ प्रभावित गांवों की स्थिति की ली जानकारी
विधायक रोहित साहू ने बताया कि उन्होंने दूरभाष के माध्यम से गरियाबंद कलेक्टर से चर्चा कर जिले में भारी वर्षा की स्थिति, बाढ़ प्रभावित गांवों, राहत एवं बचाव की तैयारियों तथा आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए जिले के सभी विद्यालयों के संबंध में आवश्यक निर्णय लेने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में आमजन अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचें। विशेषकर नदी-नालों, पुल-पुलियों, डूबान क्षेत्रों एवं जलभराव वाले स्थानों से पूरी तरह दूरी बनाए रखें। किसी भी स्थिति में उफनते नदी-नालों या पुल-पुलियों को पार करने का प्रयास न करें, क्योंकि तेज बहाव के कारण गंभीर दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपने बच्चों पर विशेष ध्यान रखने तथा उन्हें जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास जाने से रोकने की अपील की।
विधायक रोहित साहू ने कहा कि लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिरने एवं विद्युत तार क्षतिग्रस्त होने से विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा विषम परिस्थितियों में लगातार विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बारिश के बीच भी कर्मचारी पूरी निष्ठा और तत्परता के साथ मरम्मत कार्य में जुटे हुए हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि टूटे हुए विद्युत तारों, झुके हुए बिजली के खंभों अथवा विद्युत लाइन के संपर्क में आने का प्रयास न करें तथा ऐसी किसी भी स्थिति की तत्काल विद्युत विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन को सूचना दें, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके।
जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। राहत एवं बचाव दलों को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किए जाएंगे।
अंत में विधायक रोहित साहू ने जिलेवासियों से संयम एवं सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। सभी नागरिक सतर्क रहें, सुरक्षित रहें तथा किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें। सभी के सहयोग और जागरूकता से संभावित जन-धन की हानि को रोका जा सकता है।



जब काफी समय तक दोनों बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिवार और ग्रामीणों ने आसपास उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान दोनों बच्चों का पता घर से सटे घुरवा गड्ढे में चला। ग्रामीणों ने तत्काल उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
क्षेत्र के किसान कई दिनों से मानसून की राह देख रहे थे। बारिश नहीं होने से खेतों की तैयारी और बुआई का काम पिछड़ रहा था। शनिवार को आखिरकार मानसून ने जोरदार दस्तक दी, लेकिन एक ही रात की तेज बारिश ने जनजीवन को भी अस्त-व्यस्त कर दिया। खेतों में पानी भरने से किसानों को राहत मिली, लेकिन सड़क मार्ग से छोटे पुलिया बहने जैसी घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है।
रात में अंधेरा और तेज बहाव के कारण बचाव अभियान शुरू नहीं किया जा सका। सुबह होते ही गरियाबंद और महासमुंद जिला प्रशासन की संयुक्त रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद सभी मजदूरों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। समय रहते चलाए गए इस अभियान से एक बड़ा हादसा टल गया। प्रशासन ने लगातार हो रही बारिश को देखते हुए नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों और निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

सूचना मिलते ही राजिम पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस ने मामले में चार संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल की बारीकी से जांच के लिए रवाना हो चुकी है।
प्रदर्शन से पहले कांग्रेस के नेतृत्व में आमसभा आयोजित की गई, जिसमें स्थानीय नेताओं ने नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। सभा के बाद सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, महिलाएं और ग्रामीण रैली निकालते हुए नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे और कार्यालय का घेराव कर धरना-प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर के नाम नगर पंचायत प्रशासन को 20 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना की लंबित किस्तों का भुगतान, विकास कार्यों में अनियमितताओं की जांच, पेयजल व्यवस्था में सुधार, नियमित सफाई, टैक्स वसूली में पारदर्शिता, प्लेसमेंट कर्मचारियों की नियुक्ति सहित विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की मांग की गई।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत में आम जनता की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है और विकास कार्यों में भारी अनियमितताएं हो रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही, स्थानीय ग्रामीण, महिला कार्यकर्ता और कांग्रेस पदाधिकारी शामिल रहे, जिससे नगर पंचायत परिसर लंबे समय तक आंदोलन का केंद्र बना रहा।

हादसे में मेहंदी (जांजगीर-चांपा) निवासी राहुल साहू की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना भयावह था कि युवक के शरीर के चिथड़े उड़ गए और सिर बुरी तरह कुचल गया। बाइक पर पीछे बैठे बिट्टू और आशीष गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को तत्काल फिंगेश्वर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद एक युवक की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है, जबकि दूसरे का उपचार जारी है।




