(सीजी टॉकिज) नवापारा :- रक्षाबंधन के पावन पर्व पर नवापारा विप्र कुल महिला मंडल ने एक सराहनीय और भावनात्मक पहल करते हुए थनौद स्थित 211 बटालियन सीआरपीएफ कैंप में जवानों को राखी बांधी। बड़ी संख्या में उत्साह और उमंग के साथ पहुंचीं विप्र कुल की बहनों ने जवानों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनके सुखी और सुरक्षित जीवन की कामना की।
बहनों का इतना अपनापन और स्नेह पाकर जवान भी भावुक हो गए। जवानों ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में बहनों का प्यार पाकर वे अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि देश और परिवार की सुरक्षा के लिए अक्सर घर-परिवार से दूर रहना पड़ता है, लेकिन इस तरह के आयोजनों से उन्हें अपनेपन का अहसास होता है और घर से दूर होने की कमी महसूस नहीं होती।
जवानों ने विप्र कुल महिला मंडल की बहनों को हर परिस्थिति में उनकी सुरक्षा का वचन भी दिया और कहा कि बहनों की मौजूदगी ने उनके त्योहार को यादगार बना दिया।
हर त्योहार पर जवान भाइयों के साथ रहने का संकल्प
नवापारा विप्र कुल महिला मंडल की अध्यक्ष रेखा तिवारी ने कहा कि यह संगठन की एक नई और प्रेरणादायक पहल है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान हों या क्षेत्र के पुलिसकर्मी, सभी अपने घर-परिवार से दूर रहकर हमारी सुरक्षा में तैनात रहते हैं, ताकि आम नागरिक अपने त्योहार सुरक्षित और खुशी से मना सकें। उन्होंने कहा कि ऐसे में समाज का भी दायित्व है कि त्योहारों के अवसर पर इन जवान भाइयों को घर-परिवार की कमी महसूस न होने दी जाए।
राखी बांधने के बाद पूजा-अर्चना और स्वल्पाहार का आयोजन किया गया। इस दौरान संरक्षक विद्या तिवारी ने “बहना ने भाई की कलाई से राखी बांधा है” गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को और भी भावनात्मक और सुंदर बना दिया। जवानों ने भी गीत की धुन में लय मिलाकर माहौल को खुशनुमा बना दिया। कार्यक्रम के बाद विप्र कुल महिला मंडल की बहनों ने भविष्य में भी हर त्योहार जवान भाइयों के साथ मिलकर मनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर अध्यक्ष रेखा तिवारी, उपाध्यक्ष तनु मिश्रा, कोषाध्यक्ष सुभाषिनी शर्मा, सचिव सोमा शर्मा, संरक्षक डॉ. मधु रानी शुक्ला, विद्या तिवारी, रेखा शुक्ला, नंदिनी शर्मा, रमा शर्मा, शकुन शर्मा, सविता दुबे, संगीता शर्मा, पूनम दिवान, पुष्पांजलि तिवारी, भावना शर्मा, मुक्ति शर्मा, स्वाति शुक्ला, सुषमा शर्मा, स्मृति शर्मा, कुमुद पुराणिक, कुशाली दीवान और बेबी प्रज्ञा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं विशेष रूप से उपस्थित थीं।




