खेत, तालाब और मंदिर में छिपाई गई थी लाखों की लकड़ी! स्निफर डॉग की मदद से वन विभाग का बड़ा खुलासा

(सीजी टॉकिज) :- गरियाबंद जिले में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई करते हुए लाखों रुपये मूल्य की लकड़ियां और तैयार फर्नीचर बरामद किए हैं। हैरानी की बात यह रही कि तस्करों ने वन विभाग की कार्रवाई से बचने के लिए लकड़ियों को खेतों, तालाब किनारे और यहां तक कि मंदिर परिसर के आसपास अलग-अलग स्थानों पर छिपा रखा था। लेकिन वन विभाग की संयुक्त टीम और स्निफर डॉग की सूझबूझ के आगे उनकी सारी चालाकी नाकाम साबित हुई।

एक-एक ठिकाना खंगाला, खुलता गया राज

उपनिदेशक वरुण जैन के नेतृत्व में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीम ने साहेबिन कछार क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान लगभग 4 से 5 घन मीटर अवैध लकड़ियां तथा कई तैयार फर्नीचर जब्त किए गए। बरामद सामग्री में सागौन, साल और बीजा जैसी बहुमूल्य प्रजातियों की लकड़ियां शामिल हैं।

वन विभाग को आशंका थी कि क्षेत्र में अवैध लकड़ी का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। इसी आधार पर टीम ने स्निफर डॉग की मदद से कई संदिग्ध स्थानों की तलाशी ली। जांच के दौरान खेतों, तालाब किनारे और मंदिर के आसपास छिपाकर रखी गई लकड़ियों का पता चला, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हो गया।

गिरफ्तार आरोपी से मिला था सुराग

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 5 जून को की गई एक कार्रवाई में करीब ढाई घन मीटर अवैध लकड़ी जब्त की गई थी और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान आरोपी से मिली महत्वपूर्ण जानकारी के आधार पर साहेबिन कछार क्षेत्र में यह बड़ी कार्रवाई की गई।

सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई की भनक लगते ही अवैध कारोबार से जुड़े लोगों ने लकड़ियों और फर्नीचर को अलग-अलग स्थानों पर छिपा दिया था, ताकि वन विभाग को कोई सुराग न मिल सके। लेकिन तकनीकी जांच और स्निफर डॉग की मदद से पूरा खेल उजागर हो गया।

वन माफियाओं पर कसता शिकंजा

वन विभाग ने जब्त की गई समस्त सामग्री को अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है तथा जल्द ही और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

लगातार कार्रवाई से मचा हड़कंप

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वन विभाग की लगातार कार्रवाई से अवैध लकड़ी कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग का दावा है कि वन संपदा की तस्करी करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा।

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