(सीजी टॉकिज) राजिम :- छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन और सशक्तिकरण का एक बड़ा माध्यम बन चुकी है। इस योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग महिलाएं केवल अपने दैनिक कार्यों तक सीमित न रखकर, समाजहित और रचनात्मक कार्यों में भी कर रही हैं। इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण छुरा विकासखंड के ग्राम कुटेना में देखने को मिला है, जहां शिवशक्ति महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं ने महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि की बचत करके गांव में भव्य मंदिर के निर्माण का बीड़ा उठाया है।
महिलाओं की इस धार्मिक व सामाजिक पहल की गूंज पूरे क्षेत्र में है। जब समूह की महिलाओं ने राजिम क्षेत्र के विधायक रोहित साहू से उनके निवास जाकर इस नेक पहल की जानकारी को साझा किया तो विधायक विधायक रोहित साहू ने महिलाओं के इस जज्बे की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि ग्राम कुटेना की शिवशक्ति महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि जब नारी शक्ति ठान ले, तो वे व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ समाज और गांव की तस्वीर भी बदल सकती हैं।
महतारी वंदन योजना के पैसों को जोड़कर मंदिर का निर्माण करवाना यह दर्शाता है कि हमारी माताओं-बहनों के संस्कार और धार्मिक भावनाएं कितनी उच्च हैं। विधायक रोहित साहू ने विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य महतारी वंदन योजना के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
सरकार की इस योजना की सफलता पर प्रकाश डालते हुए विधायक ने कहा कि आज प्रदेश की लाखों माताएं-बहनें इस योजना के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं और छोटे-छोटे स्तर पर बड़े बदलाव ला रही हैं। शासन की योजनाएं बिना किसी रुकावट के सीधे पात्र हितग्राहियों के खातों में पहुंच रही हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक ताना-बाना मजबूत हो रहा है। कुटेना की महिलाओं ने साबित कर दिया है कि सरकारी सहायता सही हाथों में पड़ने पर किस प्रकार धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक समरसता के कार्यों में तब्दील हो सकती है।
शिवशक्ति महिला स्वसहायता समूह की इस सराहनीय पहल से पूरे ग्राम कुटेना में उत्साह का माहौल है। महिलाओं का कहना है कि सरकार द्वारा दी जाने वाली इस राशि ने उनके सपनों को पंख दिए हैं और वे आगे भी ऐसे सामाजिक व धार्मिक कार्यों में अपना योगदान देती रहेंगी। विधायक से मुलाकात के अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, समूह की महिलाएं और स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।




जानकारी के अनुसार, ग्राम टेका निवासी राजकुमार भारद्वाज का शव 27 सितंबर को उसके घर की खिड़की में फांसी के फंदे पर लटका मिला था। घटना के बाद पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। वहीं, मृतक के परिजनों ने शुरू से ही मौत को आत्महत्या मानने से इनकार किया और हत्या की आशंका जताई।
मृतक के परिजनों ने गांव के पांच लोगों पर राजकुमार के साथ मारपीट करने और उसकी हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। परिजनों का आरोप है कि मारपीट के दौरान राजकुमार की मौत हुई और बाद में घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फांसी पर लटकाया गया।
शुक्रवार को सतनामी समाज के लोग बड़ी संख्या में राजिम थाना पहुंचे और थाना के सामने बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी राजिम के फॉरेस्ट नाका से थाने तक पैदल मार्च निकाला उसके बाद थाने का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राजकुमार की मौत की निष्पक्ष जांच हो और जिन पांच लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनके खिलाफ FIR दर्ज कर तत्काल कार्रवाई की जाए।
वहीं राजिम पुलिस की ओर से पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट और बिसरा रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई का आश्वासन दी गई है। फिलहाल मामले में पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। राज कुमार की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।






जानकारी के अनुसार राजिम-नवागांव एनीकट के पास मंगलवार सुबह एक महिला का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव अर्धनग्न अवस्था में बरामद हुआ है। शव मिलने की सूचना पर राजिम पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को अपने कब्जे में लिया। महिला की पहचान और मौत की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
दूसरी महिला का शव राजिम के मणिकंचन वार्ड क्रमांक 1 के पास मिला है। शव काफी सड़ी-गली हालत में मिला है, जिसके कारण महिला की पहचान करने में परेशानी आ रही है। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थलों का निरीक्षण किया। मौके से जुरूरी साक्ष्य जुटाकर सुरक्षित किए गए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस शवों की पहचान के लिए प्रयास कर रही है और आसपास के क्षेत्रों से लापता महिलाओं के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दोनों महिलाओं की मौत किन परिस्थितियों में हुई, शव नदी के अलग-अलग हिस्सों तक कैसे पहुंचे और क्या दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






