(सीजी टॉकिज) अभनपुर :- अभनपुर में वन विभाग ने अवैध लकड़ी कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक आरा मिल पर छापा मारा है। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में सरई समेत अन्य इमारती लकड़ियां बरामद की गई हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जब्त लकड़ी की कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए रायपुर और कोरबा वन मंडल के अधिकारी पिछले दो दिनों से लगातार जांच में जुटे हैं।
दो दिनों से चल रही कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, अभनपुर स्थित हुकुम चंद शर्मा के आरा मिल में पिछले दो दिनों से वन विभाग की संयुक्त टीम जांच कर रही है। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में लकड़ियों का स्टॉक मिला, जिसकी वैधता और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। वन विभाग की टीम लकड़ियों की नाप-तौल कर जब्ती की प्रक्रिया पूरी कर रही है।
कोरबा से चोरी-छिपे लाई गई लकड़ी!
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि कोरबा जिले में शासकीय भूमि, राजस्व विभाग, एसईसीएल (SECL ) और सीएसईबी (CSEB) क्षेत्र से काटी गई लकड़ियां चोरी-छिपे अभनपुर के इस आरा मिल तक पहुंचाई गई थीं। हालांकि इस संबंध में वन विभाग की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है और जांच जारी है।
जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, एक ही लाइसेंस पर चार अलग-अलग आरा मिलों का संचालन किया जा रहा था। इस मामले में वन विभाग दस्तावेजों की गहन जांच कर रहा है। अनियमितताएं मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
आरा मिल किया गया सील
वन विभाग ने कार्रवाई के दौरान हुकुम चंद शर्मा के आरा मिल को सील कर दिया है। मौके पर जब्त की गई लकड़ियों की गिनती, नाप-तौल और मूल्यांकन का कार्य जारी है।
करोड़ों के अवैध कारोबार की जांच
जब्त लकड़ियों की अनुमानित कीमत लगभग एक करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस पूरे मामले में रायपुर और कोरबा वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर जांच की निगरानी कर रहे हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि लकड़ियों की आपूर्ति में और कौन-कौन लोग शामिल थे।



इसी समस्या से नाराज पालकों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। उन्होंने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला जड़कर जोरदार प्रदर्शन किया और ‘‘नया स्कूल भवन दो’’ के नारे लगाए।
ग्रामीणों का कहना है कि प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय एक ही परिसर में दो पालियों में संचालित हो रहे हैं। दोनों भवन बेहद जर्जर हैं और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लगातार बारिश से भवनों की हालत और खराब हो गई है। वर्तमान में विद्यार्थियों की संख्या के मुकाबले पर्याप्त कक्षाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिससे बच्चे दो अतिरिक्त कमरों में किसी तरह पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्कूल भवन निर्माण की मांग को लेकर कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन आज तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। वर्षों से केवल आश्वासन मिल रहे हैं, जबकि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा दोनों खतरे में हैं।





मामले का खुलासा नवा रायपुर सीएसपी तुलसी राम लेकाम ने किया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों आकाश और संदीप से पूछताछ के दौरान चोरी की पांच मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरोह ने जिले के अन्य थाना क्षेत्रों या आसपास के इलाकों में भी वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं।





