तहसीलदार की दो टूक चेतावनी – दोबारा रपटा बनाया तो होगी FIR, नहीं बख्शे जाएंगे कब्जाधारी और रेत तस्कर
(सीजी टॉकिज) :- नवापारा क्षेत्र में अवैध कब्जों और रेत के काले कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने शुक्रवार को बड़ा और सख्त अभियान चलाते हुए दो अलग-अलग स्थानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की। राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने जहां ग्राम सेमरा में करीब 2.5 एकड़ शासकीय भूमि को कब्जामुक्त कराया, वहीं ग्राम दुलना में अवैध रेत परिवहन के लिए बनाए गए रपटे को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध कब्जाधारियों और रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
नवापारा तहसीलदार विक्रांत सिंह राठौर एवं रायपुर सीएसपी तुलसी लेकाम के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई को क्षेत्र में लंबे समय से चल रही अवैध गतिविधियों पर प्रशासनिक शिकंजा कसने की बड़ी पहल माना जा रहा है।
सरकारी जमीन पर कब्जा कर बेचने की थी तैयारी
ग्राम सेमरा में लगभग 2.5 एकड़ शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा किए जाने की शिकायत लंबे समय से मिल रही थी। जांच में सामने आया कि संबंधित व्यक्ति द्वारा सरकारी भूमि को अपने निजी खेत में शामिल कर चारों ओर बाउंड्रीवाल खड़ी कर दी गई थी और उसे बेचने की तैयारी भी चल रही थी।
शिकायत मिलने के बाद राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण को हटाया और पूरी भूमि को कब्जामुक्त कराया। साथ ही संबंधित व्यक्ति पर 5 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया। कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में अवैध निर्माण हटाए गए और सरकारी भूमि को पुनः राजस्व अभिलेखों के अनुसार सुरक्षित किया गया।
रेत माफियाओं के रास्ते पर चला बुलडोजर
दूसरी बड़ी कार्रवाई ग्राम दुलना में की गई, जहां नदी मार्ग से अवैध रेत परिवहन के लिए बनाए गए अस्थायी रपटे को जेसीबी मशीन से तीन अलग-अलग स्थानों पर तोड़ दिया गया। अधिकारियों के अनुसार इस मार्ग का उपयोग लंबे समय से अवैध रेत परिवहन के लिए किया जा रहा था और रात के अंधेरे में ट्रैक्टर एवं भारी वाहनों के जरिए रेत का परिवहन किया जाता था।
स्थानीय लोगों ने भी शिकायत की थी कि अवैध रेत परिवहन के कारण न केवल शासन को राजस्व की हानि हो रही है, बल्कि नदी तंत्र और पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है।
तीसरी बार टूटा रपटा, फिर भी नहीं मान रहे रेत माफिया
गौरतलब है कि दुलना में बनाए गए इस अवैध मार्ग को प्रशासन पहले भी दो बार ध्वस्त कर चुका है। इसके बावजूद रेत माफिया कुछ समय बाद फिर से रपटा तैयार कर अवैध कारोबार शुरू कर देते थे। लगातार हो रही इस गतिविधि को देखते हुए प्रशासन ने इस बार और अधिक सख्ती बरतते हुए स्पष्ट चेतावनी जारी की है।
अब दोबारा बनाया तो सीधे होगी FIR
कार्रवाई के दौरान तहसीलदार विक्रांत सिंह राठौर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन की भूमि और प्राकृतिक संसाधनों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या दोहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में दोबारा रपटा बनाकर अवैध रेत परिवहन करने का प्रयास किया गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ऐसे मामलों में अब शून्य सहनशीलता की नीति पर कार्य कर रहा है।



ज्ञापन में अवैध रेत परिवहन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। नागरिकों ने बताया कि प्रतिबंध के बावजूद दूसरे जिलों से भारी रेत वाहन दिन-रात नगर क्षेत्र से गुजर रहे हैं। इससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है तथा कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। प्रशासन से ऐसे वाहनों पर सख्त कार्रवाई करने और प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की गई।



इस अवसर पर विधायक रोहित साहू ने उपस्थित लोगों को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपने आसपास कम से कम एक पौधा लगाने और उसे गोद लेकर उसकी देखरेख करने का संकल्प लेने की अपील की। विधायक ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति एक पेड़ लगाकर उसकी जिम्मेदारी निभाए, तो आने वाले समय में गांव और शहर हरे-भरे बनेंगे, पर्यावरण संतुलित रहेगा, वर्षा बेहतर होगी और लोगों को बढ़ती गर्मी से राहत मिलेगी।
राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें सुरक्षित रखने का आह्वान करते हुए कहा कि जनभागीदारी से ही पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य सफल हो सकता है।
कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और जनसहभागिता के महत्व पर विशेष जोर दिया गया तथा ग्रामीणों ने भी अधिकाधिक वृक्षारोपण करने का संकल्प लिया।


नगरवासियों और दूर-दराज से आने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए विधायक ने एक बड़ी परियोजना की घोषणा की है। गरियाबंद में जल्द ही एक अत्याधुनिक दो मंजिला और हाईटेक यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण किया जाएगा। इसमें यात्रियों के लिए विशाल प्रतीक्षालय, आरामदायक बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, शुद्ध पेयजल, उत्तम प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होंगे। प्रथम तल पर बाहर से आने वाले यात्रियों, जरूरतमंदों और अस्थायी प्रवासियों के लिए रात्रि विश्राम और सुरक्षित ठहरने के लिए सर्वसुविधायुक्त आश्रय स्थल बनाया जाएगा।



