(सीजी टॉकिज) फिंगेश्वर :- गरियाबंद जिले के नगर पंचायत फिंगेश्वर के वार्ड क्रमांक 15 में निर्माणाधीन हमर क्लिनिक भवन का निरीक्षण जनप्रतिनिधियों एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान भवन निर्माण कार्य में गुणवत्ता संबंधी कमियां तथा कई आवश्यक कार्य अधूरे पाए जाने पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने नाराजगी व्यक्त की।
निरीक्षण में विधायक प्रतिनिधि राजू साहू, नगर पंचायत अध्यक्ष धनराज सूर्यवंशी, उपाध्यक्ष दीपक श्रीवास, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. ह्यूमने, योगेश पराना सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
गुणवत्ता पर उठे सवाल
निरीक्षण के दौरान भवन के विभिन्न हिस्सों में निर्माण कार्य अधूरा पाया गया। साथ ही कुछ स्थानों पर निर्माण गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए गए। इस पर विधायक प्रतिनिधि राजू साहू ने संबंधित निर्माण एजेंसी को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शासन द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से हमर क्लिनिक का निर्माण कराया जा रहा है, इसलिए भवन को निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार करना आवश्यक है।
जल्द पूरा करें शेष कार्य
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को भवन में शेष बचे कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति एवं गुणवत्ता संबंधी शिकायतों से सीजीएमएससी (ब्ळडैब्) के कार्यपालन अभियंता और क्षेत्रीय विधायक रोहित साहू को पत्र लिखकर अवगत कराया गया है।
जनता को मिले बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं
राजू साहू ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। उन्होंने संबंधित विभाग से सभी कमियों को जल्द दूर कर भवन को पूर्ण रूप से तैयार करने की मांग की, ताकि क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
ग्रामीणों ने उठाई मांग
निरीक्षण के दौरान उपस्थित ग्रामीणों ने भी गुणवत्तापूर्ण निर्माण एवं अधूरे कार्यों को जल्द पूरा कराने की मांग की। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों द्वारा मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करने और समस्याओं को गंभीरता से उठाने पर आभार व्यक्त किया।



इमरजेंसी लगाने के तुरंत बाद अख़बारों के दफ्तरों की बिजली काट दी गई ताकि ज़्यादातर अख़बार अगले दिन आपातकाल का समाचार ना छाप सकें। आपातकाल के दौरान 3801 अख़बारों को ज़ब्त किया गया। 327 पत्रकारों को मीसा कानून के तहत जेल में बंद कर दिया गया । 290 अख़बारों में सरकारी विज्ञापन बंद कर दिए गए। रॉयटर्स सहित कई विदेशी न्यूज़ एजेंसियों के टेलीफोन और दूसरी सुविधाएं काट दी गई। 51 विदेशी पत्रकारों की मान्यता छीन ली गई। 29 विदेशी पत्रकारों को भारत में एंट्री देने से मना कर दिया गया ।
भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल चंद्राकार ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा एवं संविधान के मूल्यों को बनाए रखने के लिए आपातकाल की घटनाओं को याद रखना आवश्यक है। मशाल रैली के माध्यम से लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को नमन करते हुए युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया।





धरना-प्रदर्शन के बाद आयोजित प्रेसवार्ता में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, छत्तीसगढ़ के प्रथम पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री एवं पूर्व विधायक अमितेश शुक्ल ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि “स्मार्ट मीटर जनता से ज्यादा स्मार्ट साबित हो रहे हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है।



