(सीजी टॉकिज) राजिम:- धर्मनगरी राजिम के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले महानदी पुल की बदहाली आम लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है। रायपुर और गरियाबंद को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण पुल पर पिछले करीब 15 दिनों से स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। रात होते ही पुल अंधेरे में डूब जाता है, जबकि दिन में दर्जनों जगहों पर गड्ढे और उखड़ी सड़क वाहन चालकों के लिए मुसीबत बनी हुई है।
राजिम पुल के अलावा बेलाही पुल और चौबेबांधा पुल की स्ट्रीट लाइटों की स्थिति भी खराब बताई जा रही है। रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने से दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। अंधेरे में गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पाता और कई जगह सड़क से सरिया तक बाहर दिखाई देने की शिकायत है। बारिश में गड्ढों में पानी भरने से खतरा और बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात में पुल पर मवेशी भी बैठे रहते हैं। अंधेरे में अचानक मवेशी सामने आने से कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है। सवाल यह है कि इतने महत्वपूर्ण मार्ग पर लगातार बढ़ रहे खतरे के बावजूद जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि आखिर कब जागेंगे?
सबसे हैरानी की बात यह है कि इसी पुल से रोजाना नेताओं, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का भी आना-जाना होता है, लेकिन 15 दिनों से बंद स्ट्रीट लाइटों और सड़क की बदहाली की सुध लेने वाला कोई नजर नहीं आ रहा। लोगों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद ही कार्रवाई करेगा?
बताया जा रहा है कि बिजली बिल का भुगतान नहीं होने के कारण विद्युत आपूर्ति रोकी गई है। लेकिन लोगों का सवाल है कि बिल और विभागीय प्रक्रिया के बीच यदि कोई बड़ा हादसा हो गया तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? स्थानीय नागरिकों ने राजिम पुल सहित बेलाही और चौबेबांधा पुल की स्ट्रीट लाइटें तत्काल चालू कराने तथा गड्ढों और क्षतिग्रस्त सड़क की जल्द मरम्मत की मांग की है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार हादसे से पहले जागते हैं या फिर किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार करते हैं।












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