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IAS Transfer : गरियाबंद सहित कई जिलों के कलेक्टर बदले, रणीबीर सिंह होंगे गरियाबंद के नए कलेक्टर

(सीजी टॉकिज) रायपुर:- छत्तीसगढ़ शासन ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 23 अधिकारियों की नवीन पदस्थापना आदेश जारी किया है। आदेश में कई जिलों के कलेक्टर भी बदले गए हैं, वहीं मंत्रालय और विभिन्न विभागों में भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

छह जिलों में बदले कलेक्टर

सामान्य प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार गरियाबंद, कांकेर, मुंगेली, सक्ती, कबीरधाम और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों के कलेक्टर बदले गए है। रणबीर शर्मा को गरियाबंद का नया कलेक्टर बनाया गया है। इसी प्रकार कुंदन कुमार को कांकेर कलेक्टर, अमृत विकास तोपनो को मुंगेली कलेक्टर, जयश्री जैन को सक्ती कलेक्टर, तुलिका प्रजापति को कबीरधाम कलेक्टर, तनुजा सलाम को मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी का कलेक्टर बनाया गया है।

गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उइके को सामान्य प्रशासन विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया है। कबीरधाम कलेक्टर गोपाल वर्मा को वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया है।

वरिष्ठ अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारी

आदेश में सोनमणि बोरा को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं आर. संगीता को सचिव, मंत्रालय के पद पर पदस्थ किया गया है। नीलेशकुमार महादेव क्षीरसागर को संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास बनाया गया है।

23 IAS अधिकारियों के तबादले 23 IAS अधिकारियों के तबादले 23 IAS अधिकारियों के तबादले

अभनपुर के सोनेसिली में स्कूल भवन नहीं, जर्जर कमरों में पढ़ने को मजबूर बच्चे; पालकों और ग्रामीणों ने की तालाबंदी, मूकदर्शक बने शिक्षक

(सीजी टॉकिज) अभनपुर :- एक ओर सरकार सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर रायपुर जिले के अभनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनेसिली की तस्वीर इन दावों पर खोखला साबित कर रही है। गांव में वर्षों बाद भी स्थायी स्कूल भवन का निर्माण नहीं हो सका है। जर्जर भवन और कक्षाओं की भारी कमी के बीच बच्चों को जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।

इसी समस्या से नाराज पालकों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। उन्होंने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला जड़कर जोरदार प्रदर्शन किया और ‘‘नया स्कूल भवन दो’’ के नारे लगाए।

बरसात में खतरा, गर्मी में परेशानी

ग्रामीणों का कहना है कि प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय एक ही परिसर में दो पालियों में संचालित हो रहे हैं। दोनों भवन बेहद जर्जर हैं और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लगातार बारिश से भवनों की हालत और खराब हो गई है। वर्तमान में विद्यार्थियों की संख्या के मुकाबले पर्याप्त कक्षाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिससे बच्चे दो अतिरिक्त कमरों में किसी तरह पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

कई बार ज्ञापन, लेकिन नहीं मिली राहत

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्कूल भवन निर्माण की मांग को लेकर कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन आज तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। वर्षों से केवल आश्वासन मिल रहे हैं, जबकि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा दोनों खतरे में हैं।

प्रदर्शन के दौरान शिक्षक स्कूल परिसर के बाहर मूकदर्शक बने रहे। हाथों में तख्तियां लिए ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि जब तक नए भवन की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

ग्रामीणों की दो टूक चेतावनी

ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की जान जोखिम में डालकर पढ़ाई नहीं कराई जा सकती। यदि जल्द नया स्कूल भवन स्वीकृत नहीं हुआ और निर्माण शुरू नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।