अतिक्रमण हटाने पहुंचे प्रशासन के सामने बवाल, सरपंच सहित परिवार पर जानलेवा हमला, 13 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

(सीजी टॉकिज) राजिम:- राजिम क्षेत्र में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया और देखते ही देखते स्थिति हिंसक झड़प में बदल गई। सरपंच ने गांव के एक व्यक्ति पर भीड़ उकसाने और सरकारी कार्रवाई में बाधा पहुंचाने की शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है। पूरा मामला राजिम थाना अंतर्गत ग्राम सुरसाबांधा का है।

मिली जानकारी के अनुसार राजस्व विभाग की टीम उच्च न्यायालय बिलासपुर एवं तहसीलदार न्यायालय राजिम के आदेश के अनुपालन में शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने सुरसाबांधा गांव पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया, जिसके बाद माहौल गरमा गया और मौके पर बलवे जैसी स्थिति निर्मित हो गई।

कार्रवाई के दौरान विवाद

घटना के बाद ग्राम पंचायत के सरपंच घनश्याम साहू ने गरियाबंद पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि पूर्व नियोजित साजिश के तहत भीड़ को भड़काकर उन पर और उनके परिजनों पर जानलेवा हमला कराया गया। सरपंच घनश्याम साहू ने आरोप लगाया है कि गांव के एक व्यक्ति ने पुरानी रंजिश के चलते लोगों को उकसाया और सरकारी कार्रवाई को मुद्दा बनाकर भीड़ को भड़काया।

शिकायत के अनुसार पहले अफवाहें फैलाई गईं और फिर सुनियोजित तरीके से लोगों को एकत्रित कर हमला कराया गया। सरपंच का कहना है कि उग्र भीड़ ने उन पर, उनके भाई जागेश्वर साहू तथा दुखीन बाई साहू पर हमला कर दिया, जिससे तीनों घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

13 नामजदों पर एफआईआर की मांग

गरियाबंद पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए आवेदन में मुख्य साजिशकर्ता सहित 13 नामजद व्यक्तियों के खिलाफ बलवा, शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट, जान से मारने की धमकी और जानलेवा हमले जैसी गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। साथ ही घायलों का मेडिकल परीक्षण कराने, आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और सरपंच परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई है।

गांव में तनाव, पुलिस जांच शुरू

घटना के बाद पूरे गांव में तनावपूर्ण माहौल बताया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने शिकायत प्राप्त कर जांच शुरू कर दी है।
बताया गया कि संबंधित भूमि पर अतिक्रमण को लेकर मामला न्यायालय में विचाराधीन था। उच्च न्यायालय बिलासपुर और तहसीलदार न्यायालय राजिम के आदेश के पालन में राजस्व अमला अतिक्रमण हटाने पहुंचा था। लेकिन कार्रवाई के दौरान हुए विवाद ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।