(सीजी टॉकिज) :- नौतपा की भीषण गर्मी में जहां लोग दोपहर के समय घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं, वहीं नवापारा-अभनपुर मार्ग पर महिला मजदूरों को झुलसाती धूप में काम करने पर मजबूर किया जा रहा है। लगभग 44-45 डिग्री तापमान और तेज लू के बीच महिलाएं सड़क पर पसीना बहाती नजर आ रही हैं, लेकिन निर्माण स्थल पर न पीने के पानी की समुचित व्यवस्था है और न ही छांव या आराम की कोई सुविधा।
निर्माण स्थल की तस्वीरें मजदूरों की बदहाली और ठेकेदार की लापरवाही की कहानी खुद बयां कर रही हैं। दोपहर की तपती धूप में महिलाएं लगाने में जुटी हुई हैं। मजदूरों का कहना है कि उन्हें लगातार घंटों तक काम कराया जा रहा है, लेकिन गर्मी से बचाव के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है।
सवालों के घेरे में ठेकेदार
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार केवल काम जल्द पूरा कराने के दबाव में मजदूरों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को पूरी तरह नजरअंदाज कर रहा है। भीषण गर्मी में यदि किसी मजदूर, खासकर महिला मजदूर की तबीयत बिगड़ती है या कोई बड़ा हादसा हो जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
पहले भी जा चुकी है एक नाबालिग मजदूर की जान
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र में महानदी किनारे चल रहे तटबंध निर्माण कार्य के दौरान एक 16 वर्षीय नाबालिग मजदूर हर्ष साहू की मौत हो गई थी। बताया गया था कि भीषण गर्मी में काम करते समय अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। उस मामले में भी निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, मेडिकल सुविधा और मजदूरों के लिए जरूरी इंतजाम नहीं होने के आरोप लगे थे।
इतना ही नहीं, नाबालिग से मजदूरी कराने को लेकर भी ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।
मजदूरों की जिंदगी से खिलवाड़?
अब अभनपुर क्षेत्र में फिर उसी तरह का लापरवाह रवैया देखने को मिल रहा है। नौतपा की जानलेवा गर्मी में खुले आसमान के नीचे महिलाओं से काम कराया जाना मजदूरों की जिंदगी से सीधा खिलवाड़ माना जा रहा है।




