(सीजी टॉकिज) राजिम :- खाद-बीज की किल्लत और लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर बुधवार को राजिम क्षेत्र में कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने गरियाबंद जा रहे विधायक रोहित साहू को काले झंडे दिखाने निकले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने पाण्डुका के चारों धाम चौक पर रोकते हुए बड़ी संख्या में गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान क्षेत्र कुछ समय के लिए गरियाबंद-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम की स्थिति निर्मित हो गई।
जानकारी के अनुसार, कांग्रेस कार्यकर्ता काले कपड़े और काले झंडे लेकर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों ने रोहित साहू वापस जाओ और मुख्यमंत्री वापस जाओ के नारे लगाते हुए सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि प्रदेश में खाद-बीज संकट और बढ़ती महंगाई से किसान एवं आम जनता परेशान है, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है।
ब्लॉक अध्यक्ष सहित सैकड़ों कार्यकर्ता गिरफ्तार
पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए चारों धाम चौक पर बैरिकेडिंग कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रुपेश साहू सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद भी कार्यकर्ता सड़क पर बैठकर नारेबाजी करते रहे।
विरोध के चलते विधायक का काफिला रुका
कांग्रेस के उग्र प्रदर्शन के कारण विधायक रोहित साहू के काफिले को भी कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। इस दौरान सड़क पर भारी गहमागहमी का माहौल बना रहा। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और यातायात व्यवस्था बहाल कराई।
भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने
विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को बिगड़ने से रोक लिया।
मुख्यमंत्री के गरियाबंद दौरे और कार्यक्रम को लेकर जिले में पहले से ही राजनीतिक सरगर्मी बनी हुई थी। कांग्रेस ने इसे जनहित के मुद्दों को उठाने का अवसर बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया, जबकि प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की।



ग्राम बिरोदा निवासी पोषण साहू खोरपा स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में बैंक मित्र के पद पर कार्यरत हैं। 1 जून की शाम करीब 4.40 बजे पोषण बैंक से छुट्टी होने के बाद अपने निजी खाते से 2 लाख रुपये निकाले और रकम को अपने पिट्ठू बैग में रखकर मोटरसाइकिल से गांव लौट रहे थे।

शिकायत के अनुसार पहले अफवाहें फैलाई गईं और फिर सुनियोजित तरीके से लोगों को एकत्रित कर हमला कराया गया। सरपंच का कहना है कि उग्र भीड़ ने उन पर, उनके भाई जागेश्वर साहू तथा दुखीन बाई साहू पर हमला कर दिया, जिससे तीनों घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

अभनपुर पुलिस ने अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति बेल्ट के आधार पर मृतक की पहचान कर सके या उसके संबंध में कोई जानकारी रखता हो, तो तत्काल थाना अभनपुर से संपर्क करे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिला मुख्यालय होने के कारण गरियाबंद में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा रोजगार और व्यवसाय के सिलसिले में बड़ी संख्या में बाहरी लोग निवास करते हैं। ऐसे में उनकी पृष्ठभूमि और गतिविधियों की जानकारी रखना सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक है। अभियान के दौरान पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी जुटाई और उनके मूल निवास क्षेत्र के थानों से आपराधिक रिकॉर्ड मंगाने की प्रक्रिया भी शुरू की है। आदतन अपराधियों और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
सत्यापन अभियान के दौरान मकान मालिकों को किराएदारों की जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराने संबंधी दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही उन्हें समाधान ऐप के बारे में जानकारी देकर ऑनलाइन माध्यम से किराएदार सत्यापन कराने के लिए प्रेरित किया गया।






