आरंग में रेत माफियाओं के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: चक्काजाम के बाद सरपंच परिवार पर हमला, इलाके में सनसनी

अवैध उत्खनन रोकने की मांग पर सड़क जाम, विरोध से बौखलाए आरोपियों ने सरपंच पति से की मारपीट, बीच-बचाव में महिला सरपंच भी घायल

(सीजी टॉकिज) आरंग :- अवैध रेत उत्खनन और भंडारण के खिलाफ आवाज उठाने पर ग्राम पंचायत कुटेला में हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब चक्काजाम खत्म होने के बाद कथित रेत माफियाओं ने सरपंच परिवार पर हमला कर दिया। सरपंच पति के साथ मारपीट की गई, जबकि बीच-बचाव करने पहुंचीं महिला सरपंच कमलेश्वरी संतोष जलक्षत्री भी घायल हो गईं। घटना के बाद क्षेत्र आक्रोश का माहौल है। पीड़ित परिवार सुरक्षा की मांग को लेकर आरंग थाना पहुंचे हुए हैं।

जानकारी के अनुसार अवैध रेत कारोबार के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने आरंग-लवन मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि सीएम हेल्पलाइन सहित विभिन्न स्तरों पर शिकायतें किए जाने के बावजूद अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

निस्तारी तालाब पाटकर रेत का अवैध भंडारण

ग्रामीणों का आरोप है कि रेत माफिया गांव के निस्तारी तालाब को पाटकर वहां बड़े पैमाने पर अवैध रेत का भंडारण कर रहे हैं। ग्राम पंचायत की ओर से लगातार शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन संबंधित विभागों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

घंटों जाम रहा आरंग-लवन मार्ग

चक्काजाम के चलते आरंग-लवन मुख्य मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलते ही आरंग पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि अवैध रेत कारोबार पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

चक्काजाम से बौखलाए आरोपियों का हमला

ग्रामीणों का आरोप है कि चक्काजाम समाप्त होने के कुछ समय बाद अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों ने सरपंच पति को घेरकर मारपीट की। बीच-बचाव करने पहुंचीं महिला सरपंच कमलेश्वरी संतोष जलक्षत्री को भी चोटें आईं। घटना के बाद डरे-सहमे सरपंच अपने पति और परिवार के साथ आरंग थाना पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई है।

खनिज विभाग की उठे सवाल

लगातार शिकायतों और विरोध प्रदर्शन के बावजूद अवैध रेत उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की निष्क्रियता के कारण रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और अब विरोध करने वालों पर भी हमले किए जा रहे हैं।

पुलिस जांच में जुटी

मारपीट की घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज किए जा रहे हैं तथा घटना में शामिल आरोपियों की पहचान कर उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। वहीं अवैध रेत उत्खनन और भंडारण से जुड़े आरोपों की भी जांच की जा रही है।

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