(सीजी टॉकिज) :- राजिम से लगे ग्राम पंचायत कोमा में विकसित कृषि संकल्प अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती की जानकारी देकर कृषि को अधिक लाभकारी, टिकाऊ एवं जल संरक्षण आधारित बनाना है।
कार्यक्रम में खरीफ फसलों में संतुलित उर्वरक उपयोग, बीजोपचार, हरी खाद, नील हरित शैवाल, नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग, फसलों में कीट एवं बीमारियों के नियंत्रण के उपायों सहित विभिन्न कृषि तकनीकों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
कृषि अधिकारियों द्वारा किसानों को फसल चक्र अपनाने के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि लगातार एक ही फसल लेने से भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है, जबकि फसल चक्र अपनाने से मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहती है तथा उत्पादन लागत में कमी आती है। किसानों को धान की पारंपरिक खेती के साथ-साथ कम पानी में तैयार होने वाली वैकल्पिक फसलों जैसे रागी, सरसों एवं गेहूं की खेती को अपनाने हेतु प्रेरित किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि बदलते मौसम एवं जल संरक्षण की आवश्यकता को देखते हुए अल्प पानी वाली फसलें भविष्य की खेती के लिए अधिक उपयोगी सिद्ध होंगी। कार्यक्रम में एग्रीस्टेक एवं पीएम किसान योजना में नवीन पंजीयन की प्रक्रिया की भी जानकारी किसानों को प्रदान की गई। साथ ही कृषि, उद्यानिकी एवं मत्स्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों से योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने का आग्रह किया गया। समसामयिक कृषि विषयों पर किसानों एवं विभागीय अधिकारियों के बीच चर्चा भी हुई।
कार्यक्रम में सहायक संचालक कृषि एच.एस. तिग्गा, सहायक संचालक कृषि अनिल कौशिक, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के.आर. वर्मा, कृषि विकास अधिकारी एन.के. कश्यप, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी हरिशंकर सुमेर, हरीश कुमार पाण्डेय, सुश्री श्वेता साहू सहित विभागीय कर्मचारीगण, जनप्रतिनिधिगण एवं ग्राम पंचायत कोमा के कृषक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।












Leave a Reply