(सीजी टॉकिज) राजिम:- राजिम क्षेत्र के ट्रैक्टर मालिकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर ट्रैक्टर मालिक संघ अध्यक्ष मुन्ना कुर्रे के नेतृत्व मे राजिम के पदाधिकारियों ने मंगलवार को राजिम विधायक रोहित साहू जी से मुलाकात कर खनिज विभाग की कार्रवाई से ट्रैक्टर मालिकों को हो रही परेशानियों से अवगत कराया।
संघ अध्यक्ष मुन्ना कुर्रे एवं पदाधिकारियों ने विधायक को बताया कि खनिज विभाग द्वारा कार्रवाई के दौरान ट्रैक्टर जब्त किए जाने के बाद कई मामलों में चालान की राशि जमा करने के बावजूद वाहन कई दिनों तक नहीं छोड़े जा रहे हैं। संघ के अनुसार कुछ ट्रैक्टर करीब एक माह तो कुछ डेढ़ माह से खड़े हैं। चालान जमा होने के बाद भी कभी साइन नहीं होने तो कभी अन्य प्रक्रिया का हवाला देकर वाहन मालिकों को बार-बार जिला खनिज कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
संघ ने विधायक से मांग की कि खनिज विभाग द्वारा वाहन जब्त किए जाने के बाद अधिकतम 15 दिनों के भीतर चालान की प्रक्रिया पूरी कर वाहन छोड़े जाने की व्यवस्था की जाए, ताकि ट्रैक्टर मालिकों को अनावश्यक परेशानी न हो। संघ पदाधिकारियों ने बताया कि रायपुर जिले में चालान जमा होने के बाद सामान्यतः लगभग एक सप्ताह में वाहन छोड़े जाने की प्रक्रिया पूरी हो जाती है, जबकि गरियाबंद जिले में अधिक समय लगने की शिकायत सामने आ रही है।
विधायक ने कलेक्टर से की बात
ट्रैक्टर मालिकों की समस्या सुनने के बाद विधायक रोहित साहू ने गरियाबंद कलेक्टर से फोन पर चर्चा कर, जिन वाहनों का चालान जमा हो चुका है, उन्हें शीघ्र छोड़ने के निर्देश दिलाने की बात कही। संघ के अनुसार विधायक के हस्तक्षेप के बाद चालान जमा हो चुके वाहनों के आगामी एक-दो दिनों में छोड़े जाने की उम्मीद है।
संघ ने कहा कि यदि चालान जमा होने के बावजूद किसी वाहन को नहीं छोड़ा जाता है तो संबंधित वाहन मालिक तत्काल संघ को इसकी जानकारी दें, ताकि मामले को प्रशासन के समक्ष रखा जा सके।
मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
ट्रैक्टर मालिक संघ ने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए पहले संबंधित अधिकारियों को आवेदन देकर चर्चा की जाएगी। इसके बाद भी समस्या का निराकरण नहीं होने पर संघ द्वारा बड़े आंदोलन का निर्णय लिया जा सकता है।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर राजिम से गरियाबंद तक ट्रैक्टर मालिकों को एकजुट कर आंदोलन किया जाएगा। मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में अनिश्चितकालीन हड़ताल का भी निर्णय लिया जा सकता है, जिसके तहत ट्रैक्टरों से रेत एवं अन्य परिवहन कार्य बंद रखने पर विचार किया जाएगा।
संघ ने कहा कि वर्तमान में प्रधानमंत्री आवास सहित विभिन्न निर्माण कार्यों, सरकारी कार्यों और ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में ट्रैक्टरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि ट्रैक्टरों का संचालन बंद होता है तो इसका प्रभाव निर्माण एवं विकास कार्यों पर पड़ सकता है।
दोबारा कार्रवाई पर अधिक जुर्माने का भी मुद्दा
संघ ने यह भी आरोप लगाया कि एक बार कार्रवाई होने के बाद दोबारा वाहन पकड़े जाने पर जुर्माने की राशि काफी बढ़ जाती है। संघ के पदाधिकारियों ने इस संबंध में भी स्पष्ट एवं पारदर्शी प्रक्रिया की मांग विधायक के समक्ष रखी।
विधायक से मुलाकात के दौरान ट्रैक्टर मालिक संघ राजिम के अध्यक्ष मुन्ना कुर्रे, संरक्षक हरीश साहू, उमेंदी कुर्रे, जी. गौतम रात्रे, अमरदास मिरी, अमित मिरी एवं करण बंजारे सहित संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि ट्रैक्टर मालिक नियमों का पालन करने के लिए तैयार हैं, लेकिन कार्रवाई के बाद चालान जमा होने पर वाहन छोड़ने की प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि वाहन मालिकों को अनावश्यक आर्थिक नुकसान और कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी से राहत मिल सके।












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