(सीजी टॉकिज) राजिम:- श्रावण मास के दूसरे सोमवार को राजिम क्षेत्र में आस्था, भक्ति और उत्साह का अदभुत संगम देखने को मिला। विधायक रोहित साहू के नेतृत्व में निकली कांवड़ यात्रा में हजारों की संख्या में शिवभक्त, श्रद्धालु, ग्रामवासी, जनप्रतिनिधि और मातृशक्तियां व भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए। पंचकोशी धाम के फिंगेश्वर से प्रारंभ हुई यह कांवड़ यात्रा करीब 17 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए राजिम के त्रिवेणी संगम स्थित प्रसिद्ध श्री कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। ढोल-नगाड़ों की धुन पर शिवभक्त उत्साह के साथ चलते रहे।
विधायक रोहित साहू ने फिंगेश्वर स्थित फणिकेश्वर महादेव मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। इसके बाद उन्होंने कांवड़ यात्रा का शुभारंभ किया और स्वयं पैदल चलकर राजिम की ओर रवाना हुए। विधायक के साथ चल रहे हजारों श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ती गई, कारवां बढ़ता गया और रास्ते में जगह-जगह ग्रामीणों ने कांवड़ यात्रियों का स्वागत किया।
कांवड़ यात्रा के मार्ग में ग्रामीणों ने विधायक रोहित साहू का फूल-मालाओं से स्वागत किया। कई स्थानों पर महिलाओं ने थाल सजाकर विधायक की आरती उतारी और फूलों की पंखुड़ियों की वर्षा कर अभिनंदन किया। महिलाओं और युवाओं ने गुलाल लगाकर अपनी खुशी का इजहार किया। कई जगह ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ कांवड़ यात्रा का स्वागत किया। रास्तेभर श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह दिखाई दिया।
कांवड़ यात्रा दोपहर करीब डेढ़ बजे बोरसी गांव पहुंची। यहां कुछ देर विश्राम करने के बाद विधायक अपने काफिले के साथ किरवई के लिए रवाना हुए। किरवई पहुंचते ही यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। यहां बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं मौजूद रहीं। महिलाओं और युवाओं ने भक्ति गीतों पर नृत्य कर यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाया। इसके बाद कांवड़ यात्रा आगे कोमा की ओर रवाना हुई।
राजिम में ऐतिहासिक स्वागत
कोमा से आगे बढ़ते हुए कांवड़ यात्रा देर शाम राजिम शहर पहुंची। शहर में प्रवेश करते ही शिवभक्तों और आम नागरिकों की भीड़ उमड़ पड़ी। शिवाजी चौक और पंडित सुंदरलाल शर्मा चौक पर विधायक रोहित साहू और कांवड़ यात्रियों का भव्य एवं ऐतिहासिक स्वागत किया गया। आतिशबाजी के बीच विधायक का अभिनंदन किया गया। फूल-मालाओं से स्वागत और जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो गया।
राजिम शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कांवड़ यात्रा लक्ष्मण झूला की ओर बढ़ी। यहां से श्रद्धालु त्रिवेणी संगम स्थित श्री कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पहुंचे। मंदिर पहुंचने के बाद विधायक रोहित साहू ने पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच भगवान कुलेश्वरनाथ महादेव का विधि-विधान से पूजन किया और कांवड़ के पवित्र जल से जलाभिषेक किया। इसी के साथ करीब 17 किलोमीटर लंबी ऐतिहासिक कांवड़ पदयात्रा का समापन हुआ।
17 किलोमीटर तक नजर आया आस्था का कारवां
फिंगेश्वर से राजिम तक निकली इस कांवड़ यात्रा की खास बात यह रही कि विधायक रोहित साहू अपनी धर्म पत्नी भुनेश्वरी देवी के साथ पूरे मार्ग में पैदल ही चलते रहे। उनके साथ हजारों की संख्या में श्रद्धालु कदम से कदम मिलाकर चलते रहे। फिंगेश्वर से निकला कांवड़ यात्रियों का यह विशाल कारवां करीब 17 किलोमीटर तक नजर आया। यात्रा के दौरान जगह-जगह ग्रामीणों के स्वागत ने इसे और भी भव्य बना दिया।
कहीं महिलाएं आरती की थाल लेकर खड़ी थीं तो कहीं ग्रामीण फूल-मालाओं के साथ स्वागत के लिए इंतजार कर रहे थे।
कांवड़ यात्रा में राजिम-फिंगेश्वर जनपद अध्यक्ष इंद्राणी – नेहरू साहू, राजिम नगर पालिका अध्यक्ष महेश यादव, जिला भाजपा महामंत्री चंद्रशेखर साहू, सरपंच संघ के जिला अध्यक्ष हरीश साहू, राजिम भक्तिन माता समिति के अध्यक्ष लाला साहू सहित क्षेत्र के अनेक सरपंच, जनपद सदस्य, पंच, भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। इनके अलावा बड़ी संख्या में शिवभक्त और श्रद्धालु भी यात्रा में शामिल रहे।
कांवड़ यात्रा के समापन के बाद विधायक रोहित साहू ने हरिभूमि से चर्चा करते हुए कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से कांवड़ यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न हुई है। उन्होंने कहा कि श्रावण मास में भगवान शिव का जलाभिषेक कर राजिम क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की मंगल कामना को लेकर यह पदयात्रा निकाली गई थी।
उन्होंने कहा कि यात्रा में जिस तरह से हजारों की संख्या में श्रद्धालु, शिवभक्त, ग्रामवासी और पार्टी कार्यकर्ता उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चले, वह उनके लिए अत्यंत भावुक और गौरवपूर्ण क्षण है। रास्तेभर ग्रामीणों और मातृशक्तियों द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत ने इस यात्रा को यादगार बना दिया।
विधायक ने कांवड़ यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं, ग्रामीणों, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और शिवभक्तों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह यात्रा किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की आस्था और श्रद्धा की यात्रा थी। भगवान भोलेनाथ की कृपा सभी पर बनी रहे और राजिम क्षेत्र निरंतर सुख, समृद्धि और विकास के पथ पर आगे बढ़े, यही उनकी कामना है।
17 किलोमीटर तक दिखाई देने वाला श्रद्धालुओं का विशाल कारवां और रास्तेभर हुए आत्मीय स्वागत ने इस यात्रा को राजिम क्षेत्र की यादगार धार्मिक पदयात्राओं में शामिल कर दिया।












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