(सीजी टॉकिज)रायपुर :- प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ के बैनर तले 1998-99 से नियुक्त एलबी संवर्ग के शिक्षकों ने अपनी एक सूत्रीय मांग को लेकर गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को रायपुर के तूता धरना स्थल में दिनभर सत्याग्रह आंदोलन किया। प्रदेशभर से पहुंचे करीब 5 हजार शिक्षकों ने नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना करते हुए पुरानी पेंशन सहित समस्त देय लाभ प्रदान किए जाने की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। आंदोलन के बाद प्रशासन के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया।
प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजकिशोर तिवारी एवं कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष नारायण सोनी ने कहा कि संगठन लंबे समय से 1998 से नियुक्त एलबी संवर्ग के शिक्षकों को उनकी देय तिथि से सेवा की गणना कर सकल लाभ दिए जाने की मांग कर रहा है। इस संबंध में प्रदेश के मंत्री, विधायक, सांसद तथा शासन-प्रशासन को समय-समय पर ज्ञापन सौंपे गए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
संघ पदाधिकारियों के अनुसार, 1998-99 में शिक्षा विभाग द्वारा आवंटित पेंशन योग्य पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। वर्ष 2001 में उनका नियमितीकरण हुआ तथा वर्ष 2018 में स्कूल शिक्षा विभाग में शासकीयकरण किया गया। संघ का कहना है कि केंद्रीय सिविल सेवा पेंशन नियमावली 1972 के प्रावधानों के तहत उनकी पूर्व सेवा अवधि की गणना करते हुए नियुक्ति तिथि से पुरानी पेंशन सहित सभी सकल लाभ प्रदान किए जाने चाहिए।
संघ ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के बोर्ड स्कूल शिक्षा विभाग एवं सतनाम सिंह व अन्य से संबंधित प्रकरण क्रमांक 6865/2022 में 8 सितंबर 2026 को दिए गए निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि 2004 से पूर्व नियुक्त कर्मचारियों की सेवा अवधि को उनके वास्तविक नियुक्ति काल से गणना किए जाने का रास्ता स्पष्ट हुआ है। संघ का दावा है कि नियुक्ति भले ही एडहॉक आधार पर हुई हो और बीच में सेवा समाप्त कर पुनर्नियुक्ति की गई हो, फिर भी पात्रता के अनुसार पूर्व सेवा अवधि के लाभ दिए जाने चाहिए।
प्रदेश अध्यक्ष राजकिशोर तिवारी ने कहा कि 1998-99 में नियुक्त होकर सेवानिवृत्त हो चुके कई शिक्षकों की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय है। यदि पूर्व सेवा अवधि को शून्य मानकर वर्ष 2018 से ही सेवा की गणना की जाती रही तो आने वाले समय में वर्तमान शिक्षकों के सामने भी ऐसी ही स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में अन्य अधिकारी-कर्मचारियों को पेंशन का लाभ दिया जा रहा है, तो 1998 से 2004 के पूर्व नियुक्त एलबी संवर्ग के शिक्षकों को पेंशन के अधिकार से वंचित क्यों रखा जा रहा है। संघ ने इसे समानता के अधिकार के विपरीत बताते हुए शासन से जल्द निर्णय लेने की मांग की।
सत्याग्रह में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे शिक्षक-शिक्षिकाओं ने एक स्वर में नियुक्ति तिथि से पुरानी पेंशन सहित समस्त लाभ दिए जाने की मांग की। इस दौरान शिक्षकों ने अपनी मांग पूरी होने तक लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने और मांग को अंजाम तक पहुंचाने की शपथ भी ली।
आंदोलन का संचालन उपाध्यक्ष दिनेश सिंह, सचिव नवीन चंद्राकर, महासचिव डेसनाथ पांडे, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष नारायण सोनी सहित विभिन्न संभागीय एवं जिला अध्यक्षों ने किया। कार्यक्रम का संचालन प्रेमचंद डड़सेना ने किया।




