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रुद्र अग्रवाल ने विद्यालय में किया प्रथम स्थान प्राप्त, विद्यालय परिवार व नगरवासियों में हर्ष

(सीजी टॉकीज) अभनपुर :  द ग्रेसियस स्कूल, अभनपुर में कक्षा पांचवी का वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया गया है। इस वर्ष भी विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया।

परीक्षा परिणाम में रॉयल रेजिडेंशियल कॉलोनी निवासी छात्र रुद्र अग्रवाल ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय में अव्वल स्थान हासिल किया। रुद्र की इस उपलब्धि से उनके परिवार, शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन में हर्ष का माहौल है।

आपको बता दें कि रुद्र अग्रवाल अभनपुर के पत्रकार व राजिम प्रेस क्लब के कोषाध्यक्ष कुलदीप अग्रवाल के बड़े बेटे है, रुद्र अग्रवाल की मम्मी नीलू अग्रवाल पेशे से गृहणी है, रुद्र अग्रवाल की इस उपलब्धि पर पूरे परिवार सहित राजिम प्रेस क्लब के अध्यक्ष नीरज शर्मा ने भी उन्हें बधाई दी है।

विद्यालय के प्राचार्य ने रुद्र अग्रवाल को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही अन्य विद्यार्थियों को भी निरंतर मेहनत करने और सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर शिक्षकों ने बताया कि विद्यार्थियों की मेहनत और अभिभावकों के सहयोग से ही इस प्रकार के शानदार परिणाम संभव हो पाते हैं। विद्यालय परिवार ने सभी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।

सब्सिडी खत्म, नया दौर शुरू—कर्मचारी संघ की मांग पर बदली मंत्रालय कैंटीन व्यवस्था”26 साल बदला सिस्टम

सब्सिडी खत्म, नया दौर शुरू—कर्मचारी संघ की मांग पर बदली मंत्रालय कैंटीन व्यवस्था”26 साल बदला सिस्टम

(सीजी टॉकीज ब्यूरो) अभनपुर/नवा रायपुर: नवा रायपुर मंत्रालय महानदी भवन में कैंटीन व्यवस्था में हालिया बदलाव व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। विस्तृत पड़ताल से यह स्पष्ट हुआ है कि यह परिवर्तन मंत्रालय कर्मचारी संघ के चुनावी वादे और औपचारिक मांग के अनुरूप लिया गया कदम है। लंबे समय से कैंटीन संचालन इंडियन कॉफी हाउस (ICH) के माध्यम से बिना निविदा के किया जा रहा था, जिसमें राज्य शासन द्वारा लगभग ₹12 लाख प्रतिमाह की सब्सिडी प्रदान की जाती थी, वह भी बिक्री आय के अतिरिक्त। इसी कारण खाद्य पदार्थों की दरें बाजार दरों की तुलना में काफी कम बनी रहती थीं।

नए कर्मचारी संघ ने चुनाव के दौरान इस व्यवस्था को समाप्त कर टेंडर आधारित, पारदर्शी प्रणाली लागू करने का मुद्दा चुनावी घोषणा पत्र में था। चुनाव उपरांत संघ ने अपनी घोषणा को अमल में लाते हुए शासन के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की, जिसमें कैंटीन की गुणवत्ता, सेवा में देरी और सब्सिडी के औचित्य पर गंभीर सवाल उठाए गए। शासन ने इन बिंदुओं को संजीदगी से लेते हुए प्रकरण की समीक्षा प्रारंभ की।

प्रशासनिक स्तर पर फाइल को परीक्षण हेतु वित्त विभाग को भेजा गया, जहां कर्मचारी संघ द्वारा उठाई गई आपत्तियों के आधार पर सब्सिडी पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया। सेवा निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से ICH को सीमित अवधि के लिए विस्तार दिया गया, परंतु यह स्पष्ट कर दिया गया कि आगे सब्सिडी जारी नहीं रहेगी।

सब्सिडी समाप्त होने के बाद ICH ने बिना वित्तीय समर्थन के संचालन जारी रखने में असमर्थता जताई, जिसके परिणामस्वरूप खुली निविदा प्रक्रिया प्रारंभ की गई। प्रारंभिक चरणों में अपेक्षित प्रतिस्पर्धा नहीं मिली, परंतु पुनः प्रयासों के बाद अंततः एक एजेंसी का चयन कर नई व्यवस्था लागू की जा रही है।

अब कैंटीन पूर्णतः लागत-आधारित मॉडल पर संचालित होगी, जहां दरों का निर्धारण वास्तविक लागत के अनुरूप किया जाएगा। यह परिवर्तन उसी मांग का प्रत्यक्ष परिणाम है जिसे कर्मचारी संघ ने अपने चुनावी एजेंडे में प्रमुखता से रखा था।

आगामी समय में यह देखा जाना शेष है कि नई व्यवस्था कर्मचारियों की अपेक्षाओं पर कितनी खरी उतरती है।

अभनपुर में पानी पर कथित ठेकेदार का कब्जा? नगर पालिका की मेन लाइन काटकर भरे जा रहे टैंकर, जनता में भारी आक्रोश

अभनपुर में पानी पर कथित ठेकेदार का कब्जा? नगर पालिका की मेन लाइन काटकर भरे जा रहे टैंकर, जनता में भारी आक्रोश

(सीजी टॉकीज)रायपुर/अभनपुर : अभनपुर नगर पालिका क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि नगर पालिका के कथित पानी टैंकर ठेकेदार द्वारा नगर के नल जलापूर्ति की मेन पाइप लाइन को काटकर टैंकर भरे जा रहे हैं, जिसके कारण कई वार्डों में घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इस कथित मनमानी से नगरवासियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका की नियमित जल आपूर्ति बाधित होने के कारण उन्हें पीने के पानी के लिए निजी टैंकर खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत ने आम नागरिकों की परेशानी और बढ़ा दी है। लोगों का आरोप है कि जहां एक ओर नगर पालिका पानी सप्लाई देने में असफल है, वहीं दूसरी ओर उसी पानी को टैंकरों के माध्यम से बेचा जा रहा है।

मामले ने लिया राजनीतिक रंग

मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है, क्योंकि बताया जा रहा है कि टैंकर ठेकेदार वार्ड क्रमांक 3 के कांग्रेस पार्षद का पुत्र है। इस कारण विपक्षी भाजपा पार्षदों ने नगर पालिका प्रशासन पर संरक्षण देने का आरोप लगाया है। भाजपा पार्षदों ने इस पूरे मामले की शिकायत मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) से की है, लेकिन आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

भाजपा पार्षदों का कहना है कि मेन लाइन काटकर टैंकरों में पानी भरने से कई वार्डों की जलापूर्ति पूरी तरह बंद हो गई है, जिससे लोगों को भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है। नगर के नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए और जल व्यवस्था को जल्द बहाल किया जाए।

नगरवासियों में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए यह मामला अब गंभीर होता जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब सबकी निगाहें नगर पालिका प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हैं कि वे जनता की इस समस्या का समाधान कब तक कर पाते हैं।